30-04-2026, 09:38 PM
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मम्मी बिस्तर पर बैठ कर मेरे लंड को ही देख रही थी। फिर मैंने अपने कमरे की लाइट बंद कर दी। मम्मी अभी भी बिस्तर पर बैठी थी। फिर मैं जल्दी से बिस्तर पर आ गया।
और मैंने अपना हाथ फिर से मम्मी की मैक्सी में डाल दिया। और बड़े प्यार से मम्मी की जांघें सहलाते हुए मैं फिर से उनकी चूत पर पहुंच गया। और मैं फिर से उनकी चूत को सहलाने लगा। कमरे में अब अँधेरा हो चुका था।
मगर थोड़ी थोड़ी सी रोशनी बहार से आ रही थी। मम्मी की चूत को सहलाते हुए मैं उन्हें बिस्तर पर लिटाने लगा। तभी मम्मी बोली.
मम्मी- ये क्या कर रहा है बेटा?
मैं- मम्मी, आप आराम से लेट जाओ। ताकि आपको भी सही से आराम मिले। क्या आपको अच्छा नहीं लग रहा है मम्मी?
मेरी बात सुनके मम्मी चुप हो गई। और मैं उनकी चूत सहलाते हुए फिर से बोला।
मैं- मम्मी, आपने मेरी बात का जवाब नहीं दिया। अब तो मैंने लाइट भी बंद कर दी है। ताकि आपको शर्म ना लगे. क्या अब भी आपको अच्छा नहीं लग रहा है।
मम्मी- लग रहा है बेटा. मगर मैंने कभी नहीं सोचा था कि हम दोनों का रिश्ता यहां तक पहुंच जाएगा।
मैं- मम्मी, सिर्फ आपने ही मेरी परेशानी को समझा था। बस आज मैं आपकी वैसी ही मदद कर रहा हूँ। जैसे आप हर रोज मेरी मदद करते हो। अब आप आराम से चलो. और इस दोस्त का मजा लो.
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ये बात बोलते ही मैंने मम्मी के खांडे पकड़ के उन्हें लिटा दिया। फिर मैंने मम्मी की मैक्सी पकड़ के उनको घुटनो तक कर दी। मम्मी अब आराम से लेती हुई थी। मैक्सी को ऊपर करते ही मैंने उनकी जांघ को पकड़ के फेला दिया।
और जंघो को फेलाते ही मैंने अपना हाथ मम्मी की चूत पर रख दिया। मम्मी आराम से लेती हुई थी. अब मैं उनकी चूत पर अपनी चार उंगली रख कर उसे गोल गोल घुमा रहा था। जिसकी मम्मी को भी अच्छा लग रहा था।
तांगे फेलाने से मम्मी की चूत सामने से खुल गई थी। फ़िर मम्मी की चूत पर हाथ घुमाते घुमाते मैंने अपनी 2 उंगली उनकी चूत के अंदर डाल दी।
जैसी ही मेरी 2 उंगली मम्मी की चूत के अंदर घुसी। मम्मी ने मेरा हाथ कस के पकड़ लिया। और मुझे मेरी 2 उंगली पर ऐसा लग रहा था। जैसे मैंने मेरी उंगली किसी गरम भट्टी में डाल दी हो। मम्मी की चूत बहुत गरम हो रही थी.
और मैं बड़े प्यार से अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा। और इधर मम्मी मेरे हाथ को कासे के पकड़े हुए थे। फिर मैंने मम्मी का हाथ अपने हाथ से उठा के अपने लंड पर रख दिया। और लंड पर हाथ लगते ही मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया।
अब मैं मम्मी की चूत के दाने को अपने अंघुते से रगड़े जा रहा था। और साथ के साथ अपनी 2 उंगलियां उनकी चूत में चलाये जा रहा था। मम्मी मेरा लंड पकड़ा अपनी टांग फेलाए मेरी अंदर बाहर होती उंगलियों का मजा ले रही थी


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