30-04-2026, 04:41 PM
मम्मी- बेटा, तू फिर से शुरू हो गया। मैंने एक बार आपने दूध छूने के लिए हा बोल दिया। तो अब क्या तू बार-बार यहीं छूटेगा।
मैं- तो क्या हुआ मम्मी? बचपन में भी तो मैं ऐसे ही लेट कर खेलता था।
मम्मी – तब तू बच्चा था बेटा. अब तू इतना बड़ा धींगदा हो गया है। और अब भी तू इनसे खेलना चाहता है।
मैं- मम्मी, मैं चाहे जितना बड़ा हो जाऊं। रहूंगा तो आपका बेटा हाय। वैसे आज दोपहर में आपके दूध के चू के मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। इसलिए फिर से चुनने का मन कर रहा है।
आपनी बात पूरी करते ही मैंने मम्मी के दूध मैक्सी के ऊपर से पकड़ ली। मैं बड़े प्यार से उनके दूध को दबाने लगा। मम्मी मुझे देख रही थी. मैं उनके दूध को मसलने जा रहा था। मैं बार-बार मम्मी के दूध की घुंडियों को छेड़ रहा था।
![[Image: aqjmrw.gif]](https://i.ibb.co/Kpq3WMhJ/aqjmrw.gif)
मम्मी अपना मुँह दूसरी साइड करके अपने होठों को अपने मुँह में दबा रही थी। अभी 2-3 मिनट हाय ह्यू थे कि तभी मम्मी बोल पड़ी।
मम्मी- अब बस भी कर बेटा कितना मेरा दूध के साथ खेलेगा।
मैं- मम्मी, इन्हें चू के बहुत अच्छा लगता है. इसलिए मेरे दोस्त कहते हैं कि औरत के दूध से खेलना बहुत किस्मत वाले मर्दों को मिलता है।
मम्मी- बेटा, मैं तेरी माँ हूँ। और तू अपनी बीवी के नहीं, बल्कि अपनी माँ के दूध से खेल रहा है। मैं जल्दी ही तेरी शादी कर दूंगी। तब अपनी बीवी के दूध से खेलना.
मैं- मम्मी, एक बात काहू.
मम्मी- हम्म हम्म.
मैं- मम्मी, आप ने मुझे 3 लड़कियां दिखाईं। सच कहूँ तो मुझे तीनो में से एक भी लड़की अच्छी नहीं लगी।
मम्मी- ऐसा क्यों कह रहा बेटा? तीनो लडकिया सही थी. गोरी भी थी.
मैं- मम्मी, मुझे काले गोरे से ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता है।
मम्मी- बेटा, तो तुझे कैसी लड़की पसंद है।
मैं- मम्मी, अब जो लड़की आप देखना. वो भले गोरी ना हो. मगर वो थोड़े भरे बदन वाली हो। बिल्कुल आप के जैसा. मुझे पतली लड़की बिल्कुल पसंद नहीं है।
मम्मी अपनी तारीफ सुनके शरमाने लगी। मैंने फिर से उनको दूध दबा दिया। मेरी इस हरकत पर मम्मी ने अपने माथे पर हाथ मारा। और बोली.
मम्मी- अरे बागवान, क्या करू मैं तेरा? मेरा बेटा बिल्कुल पागल हो गया है।
मम्मी की बात सुनके मैं मुस्कुराने लगा। और फिर 2-4 बार मम्मी के दूध दबाने के बाद मम्मी बोली।
मम्मी- चल बेटा अब मैं चलती हूं. तू भी तो जा. सुबह दुकान पर भी जाना है.
मैं- ठीक है मम्मी. मगर आप पैंटी तो दे जाओ.
मम्मी- बेटा, अगर तू रोज-रोज ऐसा करेगा। तो तुझे कामजोरी आ जायेगी.
मैं- मम्मी, रोज-रोज कहा करता हूं. 2-3 दिन में एक बार करता हूं. और अगर आज नहीं करा. तो ये रात में खुद निकल जाएगा. मम्मी ये देखो कच्चे में कितना टाइट हो गया है।
मम्मी मेरे कच्चे को देखने लगी. और फिर उन्हें अपनी मैक्सी उठानी पड़ी. मैं मम्मी की मसल जंघो को देखने लगा। मुझे मम्मी की पहचान हुई पैंटी का थोड़ा सा हिस्सा दिखा। मगर क्या बताउ दोस्तो. मम्मी के ऊपर वी शेप पैंटी बहुत अच्छी लग रही थी।
मम्मी ने एक झटके में अपनी पैंटी उतार के मुझे दे दी। मैने तुरंट मम्मी की पैंटी उनके सामने ही उनकी चूत वाले को देखने लगा। मम्मी मुझे ऐसा करता देख रही थी। मगर अब हमारे बीच काफी कुछ बदल चुका था।
इसलिए वो मुझे कुछ कह नहीं रही थी। और जैसा ही मैंने मम्मी की पैंटी का चूत वाला हिस्सा देखा। तो वो आज पहले के मुकाबले ज्यादा गीला था। मम्मी की पैंटी देखते ही मैं मम्मी को देखकर मुस्कुराने लगा।
मैं- तो क्या हुआ मम्मी? बचपन में भी तो मैं ऐसे ही लेट कर खेलता था।
मम्मी – तब तू बच्चा था बेटा. अब तू इतना बड़ा धींगदा हो गया है। और अब भी तू इनसे खेलना चाहता है।
मैं- मम्मी, मैं चाहे जितना बड़ा हो जाऊं। रहूंगा तो आपका बेटा हाय। वैसे आज दोपहर में आपके दूध के चू के मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। इसलिए फिर से चुनने का मन कर रहा है।
आपनी बात पूरी करते ही मैंने मम्मी के दूध मैक्सी के ऊपर से पकड़ ली। मैं बड़े प्यार से उनके दूध को दबाने लगा। मम्मी मुझे देख रही थी. मैं उनके दूध को मसलने जा रहा था। मैं बार-बार मम्मी के दूध की घुंडियों को छेड़ रहा था।
![[Image: aqjmrw.gif]](https://i.ibb.co/Kpq3WMhJ/aqjmrw.gif)
मम्मी अपना मुँह दूसरी साइड करके अपने होठों को अपने मुँह में दबा रही थी। अभी 2-3 मिनट हाय ह्यू थे कि तभी मम्मी बोल पड़ी।
मम्मी- अब बस भी कर बेटा कितना मेरा दूध के साथ खेलेगा।
मैं- मम्मी, इन्हें चू के बहुत अच्छा लगता है. इसलिए मेरे दोस्त कहते हैं कि औरत के दूध से खेलना बहुत किस्मत वाले मर्दों को मिलता है।
मम्मी- बेटा, मैं तेरी माँ हूँ। और तू अपनी बीवी के नहीं, बल्कि अपनी माँ के दूध से खेल रहा है। मैं जल्दी ही तेरी शादी कर दूंगी। तब अपनी बीवी के दूध से खेलना.
मैं- मम्मी, एक बात काहू.
मम्मी- हम्म हम्म.
मैं- मम्मी, आप ने मुझे 3 लड़कियां दिखाईं। सच कहूँ तो मुझे तीनो में से एक भी लड़की अच्छी नहीं लगी।
मम्मी- ऐसा क्यों कह रहा बेटा? तीनो लडकिया सही थी. गोरी भी थी.
मैं- मम्मी, मुझे काले गोरे से ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता है।
मम्मी- बेटा, तो तुझे कैसी लड़की पसंद है।
मैं- मम्मी, अब जो लड़की आप देखना. वो भले गोरी ना हो. मगर वो थोड़े भरे बदन वाली हो। बिल्कुल आप के जैसा. मुझे पतली लड़की बिल्कुल पसंद नहीं है।
मम्मी अपनी तारीफ सुनके शरमाने लगी। मैंने फिर से उनको दूध दबा दिया। मेरी इस हरकत पर मम्मी ने अपने माथे पर हाथ मारा। और बोली.
मम्मी- अरे बागवान, क्या करू मैं तेरा? मेरा बेटा बिल्कुल पागल हो गया है।
मम्मी की बात सुनके मैं मुस्कुराने लगा। और फिर 2-4 बार मम्मी के दूध दबाने के बाद मम्मी बोली।
मम्मी- चल बेटा अब मैं चलती हूं. तू भी तो जा. सुबह दुकान पर भी जाना है.
मैं- ठीक है मम्मी. मगर आप पैंटी तो दे जाओ.
मम्मी- बेटा, अगर तू रोज-रोज ऐसा करेगा। तो तुझे कामजोरी आ जायेगी.
मैं- मम्मी, रोज-रोज कहा करता हूं. 2-3 दिन में एक बार करता हूं. और अगर आज नहीं करा. तो ये रात में खुद निकल जाएगा. मम्मी ये देखो कच्चे में कितना टाइट हो गया है।
मम्मी मेरे कच्चे को देखने लगी. और फिर उन्हें अपनी मैक्सी उठानी पड़ी. मैं मम्मी की मसल जंघो को देखने लगा। मुझे मम्मी की पहचान हुई पैंटी का थोड़ा सा हिस्सा दिखा। मगर क्या बताउ दोस्तो. मम्मी के ऊपर वी शेप पैंटी बहुत अच्छी लग रही थी।
मम्मी ने एक झटके में अपनी पैंटी उतार के मुझे दे दी। मैने तुरंट मम्मी की पैंटी उनके सामने ही उनकी चूत वाले को देखने लगा। मम्मी मुझे ऐसा करता देख रही थी। मगर अब हमारे बीच काफी कुछ बदल चुका था।
इसलिए वो मुझे कुछ कह नहीं रही थी। और जैसा ही मैंने मम्मी की पैंटी का चूत वाला हिस्सा देखा। तो वो आज पहले के मुकाबले ज्यादा गीला था। मम्मी की पैंटी देखते ही मैं मम्मी को देखकर मुस्कुराने लगा।


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