30-04-2026, 12:55 PM
नेहा तुरंत बीच में आ गई।
“अरे प्लीज़ छोड़ो! छोड़ो! ये मेरे हसबैंड हैं! प्लीज़ छोड़ो!”
जैसे ही वेणु ने ये सुना, उसने तुरंत मेरा कॉलर छोड़ दिया।
उसके मुँह से निकला — “सॉरी...”
वो पूरी तरह कन्फ्यूज हो गया। उसकी नज़र पहले मेरे चेहरे पर, फिर नेहा पर, फिर दोबारा मेरे पर घूमने लगी।
नेहा बहुत ज़्यादा डर गई थी। उसने तुरंत मेरे पास आकर मेरा कॉलर ठीक किया और घबराए हुए स्वर में पूछा —
“सैम... तुम ठीक हो?”
मैंने सिर हिलाते हुए कहा, “हाँ... मैं ठीक हूँ।”
मैंने अपना कॉलर ठीक करते हुए गहरी साँस ली। सच में एक पल के लिए डर गया था।
हम तीनों एक दूसरे को देख रहे थे।
सिचुएशन थोड़ी अजीब थी, लेकिन अब थोड़ी नॉर्मल हो रही थी।
मैंने अपना हाथ वेणु की तरफ बढ़ाया और कहा,
“हेलो... आई एम सैम।”
वेणु ने भी अपना हाथ बढ़ाया और थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा,
“वेल... आई एम वेणु।”
हम दोनों ने हाथ मिलाया।
दोनों मुस्कुराए।
वेणु ने थोड़ा शर्माते हुए कहा,
“सॉरी भाई... सच में सॉरी। मैंने सोचा कोई और है।”
मैंने हल्के से सिर हिलाया और बोला,
“कोई बात नहीं यार। तुमने वही किया जो कोई भी करना चाहिए था।”
हम तीनों वहीं खड़े थे।
वेणु ने मेरी तरफ देखा, फिर नेहा की तरफ देखा, फिर नेहा को बोला,
“आह... आई थिंक मुझे अब जाना चाहिए।”
दोनों मुस्कुराए।
मैंने वेणु की तरफ देखकर कहा,
“तुम्हें जल्दी है क्या? तुम्हें कहीं जाना है?”
वेणु ने थोड़ा शर्माते हुए कहा,
“नहीं... मुझे लगता है मैं आपको दोनों को अकेला छोड़ देना चाहिए। मैंने जो किया उसके लिए सॉरी हूँ।”
मैंने मुस्कुराकर कहा,
“इट्स ओके यार। तुम्हें नहीं पता था और तुमने वही किया जो तुम्हें करना चाहिए था — एक लड़की को प्रोटेक्ट किया जो दिन भर से तुम्हारे साथ थी। कम ऑन, जॉइन अस फॉर अ ड्रिंक।”
मैंने वेटर को इशारा किया और तीन ड्रिंक्स मँगवा लिए। हमने तीन तकीला शॉट्स ऑर्डर किए।
शॉट्स आ गए। हमने ग्लास उठाए, टकराए और बोला,
“चीयर्स..."
थोड़ी देर बाद हम तीनों अच्छे से घुल-मिल गए थे। नशा भी चढ़ने लगा था।
वेणु अपनी बातें करने लगा।
“मेरे पापा का ज्वेलरी का बिजनेस है मंगलौर में। मेरी शादी अगले महीने होने वाली है।”
उसने मोबाइल निकाला और अपनी वाइफ की फोटो दिखाई। लड़की देखने में अच्छी थी।
फिर वेणु ने कहा,
“सच में... मैं आज से पहले मंगलौर से बाहर कहीं नहीं गया था। ये मेरा पहला सोलो ट्रिप है। मुझे तो लगा था पूरा टाइम बोर होऊंगा। लेकिन आज पहली बार ऐसा लगा कि ट्रिप एंजॉय हो रही है।”
थोड़ी देर बाद वेणु धीरे-धीरे हमारे बारे में पूछने लगा।
वो नेहा की तरफ देखते हुए बोला,
“तुम लोग... जब तुम दोनों पूरी बोट पर साथ में थे, तो फिर ऐसा क्यों बोला कि ये तुम्हारे हसबैंड नहीं हैं?”
नेहा की तरफ देखे बिना, नेहा थोड़ा मुस्कुराई।
उसने जवाब नहीं दिया, शायद वो शर्मा रही थी।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
मैंने हल्के से मुस्कुराकर कहा,
“अरे कुछ नहीं यार... ये सिर्फ हमारा एक छोटा सा गेम था। हम देखना चाहते थे कि नेहा क्या अभी भी इतनी ही अट्रैक्टिव है जैसे वो शादी से पहले थी।”
नेहा मुस्कुरा दी।
फिर नेहा ने वेणु से पूछा,
“तो क्या लगता है तुम्हें?”
वेणु ने नेहा को देखकर कहा,
“अरे तुम... अगर मैं तुम्हारे बिंदी और मंगलसूत्र नहीं देखता तो मुझे लगता कि तुम शादीशुदा नहीं हो।”
नेहा हँस पड़ी।
वेणु भी हँसा और बोला,
“सच में... तुम बहुत यंग और खूबसूरत लग रही हो।”
वेणु ने शॉट का ग्लास रखा और थोड़ा झुककर बोला,
“अह... क्या तुम लोग उस तरीके के कपल हो?”
मैंने सीधे पूछा, “किस तरीके के कपल?”
वेणु ने शर्माते हुए गर्दन खुजाई और बोला,
“अरे... लो... तुमने कहानियों में नहीं पढ़ा?
मैं एक छोटी जगह मंगलौर में एक छोटी सी कम्युनिटी से बिलॉन्ग करता हूँ। मैं वहाँ से कभी बाहर नहीं निकला।
तो मैंने... मगर मैंने बहुत सारी ऐसी स्टोरीज पढ़ी हैं जिसमें हसबैंड-वाइफ होते हैं और कोई तीसरा लड़का होता है... अह... क्या कहते हैं उन स्टोरीज को, मुझे नहीं पता.... हॉटवाइफ स्टोरीज़? हसबैंड अपनी वाइफ को किसी और के साथ...”।”
उसने वाक्य अधूरा छोड़ दिया, लेकिन उसकी नजर साफ़ थी।
वेणु ने ये कहते हुए नेहा की तरफ देखा, फिर मेरी तरफ।
उसकी आँखों में शर्म और उत्सुकता दोनों थी।
नेहा ने हँसकर पूछा,
“अच्छा लगता है... तुमने बहुत सारी ऐसी स्टोरीज पढ़ी हैं...”
वेणु शर्माता हुआ मुस्कुराया और बोला,
“हाँ... मुझे ऐसी स्टोरीज अच्छी लगती हैं... पता नहीं क्यों।”
नेहा ने फिर हँसते हुए, मजाक में पूछा,
“अच्छा... और हॉट वाइफ्स कैसे लगती हैं?”
वेणु कुछ नहीं बोला।
वो बस चुप हो गया।
फिर उसने मेरी तरफ देखा।
उसकी आँखों में उम्मीद थी — जैसे वो जवाब चाह रहा हो, इस उम्मीद में कि हम वो वाला कपल निकलें।
मैंने वेणु की तरफ देखा और धीरे से कहा,
“नहीं... हमने ये... ये सब हमारे लिए भी नया है।
हमने भी आज तक ऐसा कभी कुछ नहीं सोचा था। बस एक थॉट था।”
मैंने नेहा की तरफ देखा और आगे बोला,
“जब तुम बोट पर चढ़े तो मैंने देखा था कि तुम बार-बार नेहा की तरफ देख रहे हो।
तो मैंने नेहा से कहा कि चलो... थोड़ी मस्ती करते हैं।”
वेणु ने एक पल चुप रहकर हमें दोनों को देखा।
णु हम दोनों को देख रहा था।
उसने एक शॉट ऑफ वोडका लिया, ग्लास को टेबल पर रखा और थोड़ी देर चुप रहा। फिर धीरे-धीरे बोला,
“सच बताऊँ... मैं घर से पहली बार अकेला बाहर निकला हूँ।
“मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि ये मेरी किस्मत है... या कुछ और।”
फिर वो थोड़ा गंभीर हो गया और बोला,
“हमारा परिवार मंगलौर में काफी जाना-पहचाना है। पुराना धनी परिवार। सोने का बिजनेस। बचपन से मुझे बहुत सावधानी से रखा गया।
मम्मी-पापा हमेशा कहते थे — किसी को भी आसानी से मत अपना दोस्त बनाना।
कोई पैसे के लिए दोस्ती कर रहा होगा, कोई फायदा उठाने के लिए।
ज्यादातर मामलों में वो सही निकलते थे।”
नेहा ने वेणु की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए कहा,
“डोंट वरी... हम यहाँ किसी का फायदा उठाने के लिए नहीं आए हैं।
इन फैक्ट, हम दोनों जॉब करते हैं। ये हमारा पहला टाइम है कि हम कुछ ऐसा खेल खेल रहे हैं।
ये बस मस्ती है... और मैं तुम्हारी कंपनी एंजॉय कर रही हूँ।”
ये कहते हुए नेहा ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और वेणु के हाथ को हल्के से छू लिया।
उसका स्पर्श बहुत नरम और जानबूझकर था।
वेणु ने नेहा की आँखों में देखा। उसके चेहरे पर एक अलग सी चमक आ गई।
नेहा ने ये कहते हुए मेरी तरफ भी एक नज़र डाली — जैसे मुझे बता रही हो कि “देखो, मैं क्या कर रही हूँ”।
वेणु ने हम दोनों को देखा और शॉट का ग्लास रखते हुए पूछा,
“तो अब... next क्या है?”
नेहा ने मेरे जवाब देने से पहले ही तेज़ी से जवाब दे दिया।
“नथिंग...”
उसने वेणु के कंधे पर हल्का-सा थप्पड़ मारा और खिलखिलाकर हँस पड़ी।
“तुम लोग बहुत समझदार कपल लगते हो। मुझे भी ऐसी समझदारी वाली शादी मिले तो अच्छा रहेगा।”
हम दोनों मुस्कुरा दिए।
फिर हम तीनों वहाँ घंटों तक बातें करते रहे।
धीरे-धीरे शाम हो गई, फिर रात हो गई।
कोई भी वहाँ से उठने का नाम नहीं ले रहा था।
वेणु हमारी बातों में पूरी तरह खो गया था। वो बार-बार हँस रहा था और अपनी कहानियाँ सुना रहा था।
मैं चुपचाप बैठा दोनों को देख रहा था।
नेहा और वेणु के बीच छोटी-छोटी चीजें हो रही थीं —
हल्का-हल्का फ्लर्ट, हाथ का स्पर्श, कंधे से कंधा लगना, आँखों में आँखें डालकर हँसना।
ये सब देखकर मुझे अजीब सा मजा आ रहा था।
वो दोनों एक-दूसरे को छू रहे थे, लेकिन बहुत naturally, बहुत cute तरीके से।
हम तीनों बैठे थे... बातें कर रहे थे।
लेकिन असल में कोई भी नहीं जानता था कि आगे क्या करना है। कोई अगला कदम तय नहीं हो पा रहा था।
मैं नेहा से कम्युनिकेट करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वो पूरी तरह व्यस्त थी।
जब वेणु वॉशरूम गया, तो मैंने तुरंत नेहा से धीरे से पूछा,
“अब क्या करें?”
नेहा ने बहुत casual तरीके से, बिना कोई घबराहट दिखाए जवाब दिया,
“जो तुम चाहो बेबी... मैं तो मस्ती कर रही हूँ।
ये मजा मेरे लिए काफी है... लेकिन जैसा तुम कहोगे वैसा ही होगा।”
उसने ये बात इतनी सहजता से कही कि मुझे और भी कन्फ्यूजन हो गया।
कभी-कभी नेहा को समझना बहुत मुश्किल हो जाता है।
कभी वो बहुत क्लियर होती है, कभी वो सिर्फ मेरे दिमाग के साथ खेलना चाहती है।
अब फैसला मेरे ऊपर था।
बोट पर जो अचानक “चलो थोड़ी मस्ती करते हैं” कह दिया था, वो तो बस एक पल की बात थी। नेहा ने भी तुरंत साथ दे दिया था।
लेकिन अब जब सोचने का समय मिला है, तो मैं कुछ भी डिसाइड नहीं कर पा रहा था।
दिमाग में सब कुछ घूम रहा था —
अनिश्चितता, लस्ट, डर, शर्म... और जितनी शराब पी थी, वो सब और बिगाड़ रही थी।
लेकिन मैं पूरी तरह नेहा को दोष नहीं दे सकता कि वो मुझे कुछ सजेस्ट नहीं कर रही।
क्योंकि मैं खुद भी किसी और जवाब के लिए तैयार नहीं था सिवाय “जैसा तुम चाहो” के।
मेरे दिमाग में सब कुछ घूम रहा था।
अगर नेहा अचानक कह दे — “चलो आज रात थ्रीसम करते हैं”... तो मैं क्या करूँगा?
सच में तैयार हूँ क्या मैं इसके लिए?
मुझे यकीन नहीं है।
टेबल पर जो हो रहा है, वो मुझे अच्छा लग रहा है।
पूरे दिन की अच्छी यादें, हँसी-मजाक, फ्लर्ट... सब कुछ।
लेकिन मेरा चूतिया दिमाग बार-बार और माँग रहा है।
अगर मैं खुद नेहा से कह दूँ — “चलो थ्रीसम करते हैं”... तो वो क्या रिएक्ट करेगी?
क्या वो सिर्फ मुझे टेस्ट कर रही है?
मुझे पता है वो कितनी मैनिपुलेटिव हो सकती है।
मैं नेहा को देख रहा था।
वो वेणु के आने का इंतज़ार कर रही थी, उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी।
थोड़ी देर बाद वेणु वापस आ गया। उसके हाथ में एक कार्ड था।
मुझे लगा कि उसने रात का पूरा बिल सेटल कर दिया है।
वो थोड़ा लड़खड़ा रहा था — शायद शराब का असर, या फिर शैक्स की रेत।
उसने मुस्कुराते हुए कहा,
“बहुत मज़ा आया ...”
मैंने बिल की तरफ देखा और तुरंत बोला,
“भाई... तुम्हें ये करने की ज़रूरत नहीं थी। हम बिल पे करते।”
वेणु ने हम दोनों को देखा, एक पल सोचा, फिर बोला,
“नहीं यार... ये मेरी तरफ से ट्रीट है।
आज तुम लोगों ने मेरा दिन बना दिया।
शादी के बाद मैं इस दिन को हमेशा याद रखूँगा... अपनी आखिरी आज़ादी के दिन के रूप में।”
उसने नेहा की तरफ देखकर wink मारा — जैसे कोई अंदर का जोक हो।
नेहा हँस पड़ी।
दोनों एक साथ हँसने लगे।
वेणु ने अपना सामान समेटना शुरू किया, जैसे वो जाने की तैयारी कर रहा हो।
लेकिन अचानक रुक गया।
कुछ सोच रहा था।
वेणु ने हम दोनों को देखा।
उसका चेहरा थोड़ा गंभीर हो गया। वो थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन फिर बोला,
“प्लीज़... मैं तुमसे एक बात पूछना चाहता हूँ।
अगर तुम्हें बुरा लगे तो प्लीज़ माइंड मत करना... मैं माफ़ी माँगता हूँ पहले से।
प्लीज़...”
नेहा ने हल्के से हँसते हुए कहा,
“अरे dude... वेणु बोल ना।
इतनी भारी-भरकम भूमिका क्यों बना रहा है?”
“मैं तुम लोगों को एक और कहानी सुनाता हूँ...”
“मेरा एक दोस्त गोवा गया था। वहाँ उसे एक लड़की मिली, ठीक इसी तरह की सेटिंग में। बहुत सेक्सी लड़की थी। दिन भर एडवेंचर स्पोर्ट्स किए, क्लब में डांस किया, हँसी-मजाक किया...”
उसने मोबाइल निकाला और हमें कुछ फोटोज़ दिखाईं — लड़की एडवेंचर स्पोर्ट्स में, क्लब में डांस करते हुए, दोनों साथ में हँसते हुए।
वेणु आगे बोला,
“मेरा दोस्त सोच रहा था कि आज उसकी किस्मत खुल गई। रात को उसने लड़की से पूछा कि क्या वो बेडरूम तक फन एक्सटेंड करना चाहेगी।
लड़की ने सीधे कहा — ‘फन तो कर सकते हो, लेकिन वो 20 हज़ार का पड़ेगा।’
दोस्त तैयार हो गया।
पूरी रात उसने उसे चोदा।
सुबह जब उसने पूछा कि ‘तुमने पूरे दिन कोई संकेत तक नहीं दिया कि ये पैसे वाला खेल है’, तो लड़की हँसकर बोली —
‘पूरे दिन तुमने लंच, ड्रिंक्स, राइड्स... सब पे पैसे खर्च किए। मैंने सोचा दिन का बिल तुम दे रहे हो, तो रात का मजा मैं दे दूँ। रात का फन तो बस बोनस था।’”
वेणु ने गहरी साँस ली और बोला,
“मैं 100 प्रतिशत यकीन रखता हूँ कि तुम दोनों ऐसे नहीं हो...
लेकिन मेरे दिमाग में ये सवाल बार-बार घूम रहा है।
अगर मैंने ये नहीं पूछा तो मुझे हमेशा अफसोस रहेगा।
मैं जानता हूँ ये पूछना बिल्कुल भी उचित नहीं है...
फिर भी... अगर मेरे पास कोई चांस है तो मैं लेना चाहता हूँ।”
उसने नेहा को सीधे देखते हुए कहा,
“बट इफ आई हैव एनी चांस टू प्ले विद योर ब्यूटीफुल वाइफ...
तो मैं वो चांस लेना चाहता हूँ।”
वेणु ने ये बात इतनी बोल्ड तरीके से कही कि टेबल पर सन्नाटा छा गया।
उसने आगे कहा,
“तुम सोच सकते हो कि क्या सस्ता आदमी है...
लेकिन सच बोल रहा हूँ — नेहा इतनी हॉट है कि मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा।
अगर तुम लोग पेड फन में हो... तो मैं तैयार हूँ।
जितना भी चार्ज करो... मैं देने को तैयार हूँ।”
नेहा के चेहरे पर कोई भाव नहीं था। बिल्कुल blank।
मेरा पहला इंस्टिंक्ट गुस्सा था।
ये लड़का हमसे पैसे देकर रात बिताना चाहता है?
मेरी खूबसूरत बीवी को प्रॉस्टिट्यूट समझ रहा है?
और मुझे पिंप?
जो नये लड़कों के सामने पति बनकर प्रेटेंड करता है?
मेरे दिमाग में तस्वीर घूम गई —
ये सोच रहा होगा कि “किसी भाभी को वेकेशन पर पटाना, उसके साथ रात बिताना, उसे चोदना, फिर वो बताए कि तू उसके पति से कहीं बेहतर है।”
ये typical boys वाली फैंटसी है।
मेरा खून खौल रहा था, लेकिन मैं चुप रहा।
नेहा अभी भी कुछ नहीं बोल रही थी।
वेणु हम दोनों को देख रहा था।
उसकी आँखों में उम्मीद, डर और शर्म तीनों थे। वो हमारे जवाब और रिएक्शन का इंतज़ार कर रहा था।
मैं अंदर से उबल रहा था।
मेरा दिमाग बार-बार एक ही बात दोहरा रहा था — “इसके सिर पर मुक्का मार दूँ?”
लेकिन फिर मुझे उसकी शुरुआती बात याद आई —
“मैं 100 प्रतिशत यकीन रखता हूँ कि तुम दोनों ऐसे नहीं हो... लेकिन मेरे दिमाग में ये सवाल बार-बार घूम रहा है।”
अगर मैं उसकी जगह होता... तो शायद मैं भी यही पूछता।
ये किसी के लिए भी लाइफटाइम की स्टोरी बन सकती है।
अचानक नेहा ज़ोर से हँस पड़ी।
“नो नो नो... हम किसी भी तरह के पेड फन में नहीं हैं।”
उसने बहुत casually कहा, जैसे कोई मामूली बात हो।
वेणु ने राहत की साँस ली।
उसका चेहरा तुरंत ढीला पड़ गया। वो शर्म से बोला
“सॉरी सॉरी... प्लीज़ भूल जाओ कि मैंने ऐसा कुछ पूछा भी था।”
वेणु ने हम दोनों को आखिरी बार देखा और धीरे से बोला,
“ये रात मैं अपनी ज़िंदगी भर याद रखूँगा।”
फिर वो मुड़ा और जाने लगा।
मैं सोच रहा था — बस... रात खत्म हो गई।
लेकिन मेरा चूतिया दिमाग कुछ और ही चाह रहा था।
मैं नहीं जानता था कि वो क्या चाहता है, लेकिन ये खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था।
जब वेणु कुछ कदम आगे बढ़ गया, तो अचानक मेरे मुँह से निकल गया —
“हे... वेणु!”
वो रुक गया और मुड़कर देखा।
नेहा भी मेरी तरफ़ देख रही थी, उसकी आँखों में सवाल था — “अब क्या?”
मैं खुद नहीं जानता था कि मैंने उसे क्यों रोका।
बोट पर जब लोग उन्हें कपल समझ रहे थे, तब मुझे जलन हो रही थी।
लेकिन अब... जब वो जा रहा था, तो मुझे अचानक लगा कि मैं और कुछ पल उसके साथ नेहा को देखना चाहता हूँ।
वेणु वापस आया और थोड़ा confused होकर बोला,
“हाँ भाई... क्या हुआ?”
मैंने हिचकिचाते हुए कहा,
“थके हुए हो क्या?”
वेणु ने तुरंत उत्साह से सिर हिलाया,
“नहीं यार, बिल्कुल नहीं! अभी तो बहुत एनर्जी है।”
मैं सोच रहा था... और बोल रहा था।
दिमाग में सब कुछ एक साथ घूम रहा था।
क्या मैं तैयार हूँ?
तैयार किसके लिए?
कितनी दूर तक?
नेहा क्या सोचेगी अगर मैं हाँ कह दूँ?
या मैं खुद तैयार हूँ?
रोलप्ले में या जब मैं अकेला हाथ चलाता हूँ तब तो सब आसान लगता है...
लेकिन असल में, अपनी बीवी को किसी और के साथ देखने के लिए... क्या मैं सच में तैयार हूँ?
सब कुछ दिमाग में कैलकुलेट हो रहा था — जलन, लस्ट, डर, उत्तेजना... सब मिला हुआ।
और फिर मेरे मुँह से निकल गया,
“तुम जानते हो... हमारा होटल पास ही है।
अगर तुम्हें मर्ज़ी हो तो... हम रूम में कुछ बीयर पी सकते हैं।”
“अरे प्लीज़ छोड़ो! छोड़ो! ये मेरे हसबैंड हैं! प्लीज़ छोड़ो!”
जैसे ही वेणु ने ये सुना, उसने तुरंत मेरा कॉलर छोड़ दिया।
उसके मुँह से निकला — “सॉरी...”
वो पूरी तरह कन्फ्यूज हो गया। उसकी नज़र पहले मेरे चेहरे पर, फिर नेहा पर, फिर दोबारा मेरे पर घूमने लगी।
नेहा बहुत ज़्यादा डर गई थी। उसने तुरंत मेरे पास आकर मेरा कॉलर ठीक किया और घबराए हुए स्वर में पूछा —
“सैम... तुम ठीक हो?”
मैंने सिर हिलाते हुए कहा, “हाँ... मैं ठीक हूँ।”
मैंने अपना कॉलर ठीक करते हुए गहरी साँस ली। सच में एक पल के लिए डर गया था।
हम तीनों एक दूसरे को देख रहे थे।
सिचुएशन थोड़ी अजीब थी, लेकिन अब थोड़ी नॉर्मल हो रही थी।
मैंने अपना हाथ वेणु की तरफ बढ़ाया और कहा,
“हेलो... आई एम सैम।”
वेणु ने भी अपना हाथ बढ़ाया और थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा,
“वेल... आई एम वेणु।”
हम दोनों ने हाथ मिलाया।
दोनों मुस्कुराए।
वेणु ने थोड़ा शर्माते हुए कहा,
“सॉरी भाई... सच में सॉरी। मैंने सोचा कोई और है।”
मैंने हल्के से सिर हिलाया और बोला,
“कोई बात नहीं यार। तुमने वही किया जो कोई भी करना चाहिए था।”
हम तीनों वहीं खड़े थे।
वेणु ने मेरी तरफ देखा, फिर नेहा की तरफ देखा, फिर नेहा को बोला,
“आह... आई थिंक मुझे अब जाना चाहिए।”
दोनों मुस्कुराए।
मैंने वेणु की तरफ देखकर कहा,
“तुम्हें जल्दी है क्या? तुम्हें कहीं जाना है?”
वेणु ने थोड़ा शर्माते हुए कहा,
“नहीं... मुझे लगता है मैं आपको दोनों को अकेला छोड़ देना चाहिए। मैंने जो किया उसके लिए सॉरी हूँ।”
मैंने मुस्कुराकर कहा,
“इट्स ओके यार। तुम्हें नहीं पता था और तुमने वही किया जो तुम्हें करना चाहिए था — एक लड़की को प्रोटेक्ट किया जो दिन भर से तुम्हारे साथ थी। कम ऑन, जॉइन अस फॉर अ ड्रिंक।”
मैंने वेटर को इशारा किया और तीन ड्रिंक्स मँगवा लिए। हमने तीन तकीला शॉट्स ऑर्डर किए।
शॉट्स आ गए। हमने ग्लास उठाए, टकराए और बोला,
“चीयर्स..."
थोड़ी देर बाद हम तीनों अच्छे से घुल-मिल गए थे। नशा भी चढ़ने लगा था।
वेणु अपनी बातें करने लगा।
“मेरे पापा का ज्वेलरी का बिजनेस है मंगलौर में। मेरी शादी अगले महीने होने वाली है।”
उसने मोबाइल निकाला और अपनी वाइफ की फोटो दिखाई। लड़की देखने में अच्छी थी।
फिर वेणु ने कहा,
“सच में... मैं आज से पहले मंगलौर से बाहर कहीं नहीं गया था। ये मेरा पहला सोलो ट्रिप है। मुझे तो लगा था पूरा टाइम बोर होऊंगा। लेकिन आज पहली बार ऐसा लगा कि ट्रिप एंजॉय हो रही है।”
थोड़ी देर बाद वेणु धीरे-धीरे हमारे बारे में पूछने लगा।
वो नेहा की तरफ देखते हुए बोला,
“तुम लोग... जब तुम दोनों पूरी बोट पर साथ में थे, तो फिर ऐसा क्यों बोला कि ये तुम्हारे हसबैंड नहीं हैं?”
नेहा की तरफ देखे बिना, नेहा थोड़ा मुस्कुराई।
उसने जवाब नहीं दिया, शायद वो शर्मा रही थी।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
मैंने हल्के से मुस्कुराकर कहा,
“अरे कुछ नहीं यार... ये सिर्फ हमारा एक छोटा सा गेम था। हम देखना चाहते थे कि नेहा क्या अभी भी इतनी ही अट्रैक्टिव है जैसे वो शादी से पहले थी।”
नेहा मुस्कुरा दी।
फिर नेहा ने वेणु से पूछा,
“तो क्या लगता है तुम्हें?”
वेणु ने नेहा को देखकर कहा,
“अरे तुम... अगर मैं तुम्हारे बिंदी और मंगलसूत्र नहीं देखता तो मुझे लगता कि तुम शादीशुदा नहीं हो।”
नेहा हँस पड़ी।
वेणु भी हँसा और बोला,
“सच में... तुम बहुत यंग और खूबसूरत लग रही हो।”
वेणु ने शॉट का ग्लास रखा और थोड़ा झुककर बोला,
“अह... क्या तुम लोग उस तरीके के कपल हो?”
मैंने सीधे पूछा, “किस तरीके के कपल?”
वेणु ने शर्माते हुए गर्दन खुजाई और बोला,
“अरे... लो... तुमने कहानियों में नहीं पढ़ा?
मैं एक छोटी जगह मंगलौर में एक छोटी सी कम्युनिटी से बिलॉन्ग करता हूँ। मैं वहाँ से कभी बाहर नहीं निकला।
तो मैंने... मगर मैंने बहुत सारी ऐसी स्टोरीज पढ़ी हैं जिसमें हसबैंड-वाइफ होते हैं और कोई तीसरा लड़का होता है... अह... क्या कहते हैं उन स्टोरीज को, मुझे नहीं पता.... हॉटवाइफ स्टोरीज़? हसबैंड अपनी वाइफ को किसी और के साथ...”।”
उसने वाक्य अधूरा छोड़ दिया, लेकिन उसकी नजर साफ़ थी।
वेणु ने ये कहते हुए नेहा की तरफ देखा, फिर मेरी तरफ।
उसकी आँखों में शर्म और उत्सुकता दोनों थी।
नेहा ने हँसकर पूछा,
“अच्छा लगता है... तुमने बहुत सारी ऐसी स्टोरीज पढ़ी हैं...”
वेणु शर्माता हुआ मुस्कुराया और बोला,
“हाँ... मुझे ऐसी स्टोरीज अच्छी लगती हैं... पता नहीं क्यों।”
नेहा ने फिर हँसते हुए, मजाक में पूछा,
“अच्छा... और हॉट वाइफ्स कैसे लगती हैं?”
वेणु कुछ नहीं बोला।
वो बस चुप हो गया।
फिर उसने मेरी तरफ देखा।
उसकी आँखों में उम्मीद थी — जैसे वो जवाब चाह रहा हो, इस उम्मीद में कि हम वो वाला कपल निकलें।
मैंने वेणु की तरफ देखा और धीरे से कहा,
“नहीं... हमने ये... ये सब हमारे लिए भी नया है।
हमने भी आज तक ऐसा कभी कुछ नहीं सोचा था। बस एक थॉट था।”
मैंने नेहा की तरफ देखा और आगे बोला,
“जब तुम बोट पर चढ़े तो मैंने देखा था कि तुम बार-बार नेहा की तरफ देख रहे हो।
तो मैंने नेहा से कहा कि चलो... थोड़ी मस्ती करते हैं।”
वेणु ने एक पल चुप रहकर हमें दोनों को देखा।
णु हम दोनों को देख रहा था।
उसने एक शॉट ऑफ वोडका लिया, ग्लास को टेबल पर रखा और थोड़ी देर चुप रहा। फिर धीरे-धीरे बोला,
“सच बताऊँ... मैं घर से पहली बार अकेला बाहर निकला हूँ।
“मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि ये मेरी किस्मत है... या कुछ और।”
फिर वो थोड़ा गंभीर हो गया और बोला,
“हमारा परिवार मंगलौर में काफी जाना-पहचाना है। पुराना धनी परिवार। सोने का बिजनेस। बचपन से मुझे बहुत सावधानी से रखा गया।
मम्मी-पापा हमेशा कहते थे — किसी को भी आसानी से मत अपना दोस्त बनाना।
कोई पैसे के लिए दोस्ती कर रहा होगा, कोई फायदा उठाने के लिए।
ज्यादातर मामलों में वो सही निकलते थे।”
नेहा ने वेणु की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए कहा,
“डोंट वरी... हम यहाँ किसी का फायदा उठाने के लिए नहीं आए हैं।
इन फैक्ट, हम दोनों जॉब करते हैं। ये हमारा पहला टाइम है कि हम कुछ ऐसा खेल खेल रहे हैं।
ये बस मस्ती है... और मैं तुम्हारी कंपनी एंजॉय कर रही हूँ।”
ये कहते हुए नेहा ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और वेणु के हाथ को हल्के से छू लिया।
उसका स्पर्श बहुत नरम और जानबूझकर था।
वेणु ने नेहा की आँखों में देखा। उसके चेहरे पर एक अलग सी चमक आ गई।
नेहा ने ये कहते हुए मेरी तरफ भी एक नज़र डाली — जैसे मुझे बता रही हो कि “देखो, मैं क्या कर रही हूँ”।
वेणु ने हम दोनों को देखा और शॉट का ग्लास रखते हुए पूछा,
“तो अब... next क्या है?”
नेहा ने मेरे जवाब देने से पहले ही तेज़ी से जवाब दे दिया।
“नथिंग...”
उसने वेणु के कंधे पर हल्का-सा थप्पड़ मारा और खिलखिलाकर हँस पड़ी।
“तुम लोग बहुत समझदार कपल लगते हो। मुझे भी ऐसी समझदारी वाली शादी मिले तो अच्छा रहेगा।”
हम दोनों मुस्कुरा दिए।
फिर हम तीनों वहाँ घंटों तक बातें करते रहे।
धीरे-धीरे शाम हो गई, फिर रात हो गई।
कोई भी वहाँ से उठने का नाम नहीं ले रहा था।
वेणु हमारी बातों में पूरी तरह खो गया था। वो बार-बार हँस रहा था और अपनी कहानियाँ सुना रहा था।
मैं चुपचाप बैठा दोनों को देख रहा था।
नेहा और वेणु के बीच छोटी-छोटी चीजें हो रही थीं —
हल्का-हल्का फ्लर्ट, हाथ का स्पर्श, कंधे से कंधा लगना, आँखों में आँखें डालकर हँसना।
ये सब देखकर मुझे अजीब सा मजा आ रहा था।
वो दोनों एक-दूसरे को छू रहे थे, लेकिन बहुत naturally, बहुत cute तरीके से।
हम तीनों बैठे थे... बातें कर रहे थे।
लेकिन असल में कोई भी नहीं जानता था कि आगे क्या करना है। कोई अगला कदम तय नहीं हो पा रहा था।
मैं नेहा से कम्युनिकेट करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वो पूरी तरह व्यस्त थी।
जब वेणु वॉशरूम गया, तो मैंने तुरंत नेहा से धीरे से पूछा,
“अब क्या करें?”
नेहा ने बहुत casual तरीके से, बिना कोई घबराहट दिखाए जवाब दिया,
“जो तुम चाहो बेबी... मैं तो मस्ती कर रही हूँ।
ये मजा मेरे लिए काफी है... लेकिन जैसा तुम कहोगे वैसा ही होगा।”
उसने ये बात इतनी सहजता से कही कि मुझे और भी कन्फ्यूजन हो गया।
कभी-कभी नेहा को समझना बहुत मुश्किल हो जाता है।
कभी वो बहुत क्लियर होती है, कभी वो सिर्फ मेरे दिमाग के साथ खेलना चाहती है।
अब फैसला मेरे ऊपर था।
बोट पर जो अचानक “चलो थोड़ी मस्ती करते हैं” कह दिया था, वो तो बस एक पल की बात थी। नेहा ने भी तुरंत साथ दे दिया था।
लेकिन अब जब सोचने का समय मिला है, तो मैं कुछ भी डिसाइड नहीं कर पा रहा था।
दिमाग में सब कुछ घूम रहा था —
अनिश्चितता, लस्ट, डर, शर्म... और जितनी शराब पी थी, वो सब और बिगाड़ रही थी।
लेकिन मैं पूरी तरह नेहा को दोष नहीं दे सकता कि वो मुझे कुछ सजेस्ट नहीं कर रही।
क्योंकि मैं खुद भी किसी और जवाब के लिए तैयार नहीं था सिवाय “जैसा तुम चाहो” के।
मेरे दिमाग में सब कुछ घूम रहा था।
अगर नेहा अचानक कह दे — “चलो आज रात थ्रीसम करते हैं”... तो मैं क्या करूँगा?
सच में तैयार हूँ क्या मैं इसके लिए?
मुझे यकीन नहीं है।
टेबल पर जो हो रहा है, वो मुझे अच्छा लग रहा है।
पूरे दिन की अच्छी यादें, हँसी-मजाक, फ्लर्ट... सब कुछ।
लेकिन मेरा चूतिया दिमाग बार-बार और माँग रहा है।
अगर मैं खुद नेहा से कह दूँ — “चलो थ्रीसम करते हैं”... तो वो क्या रिएक्ट करेगी?
क्या वो सिर्फ मुझे टेस्ट कर रही है?
मुझे पता है वो कितनी मैनिपुलेटिव हो सकती है।
मैं नेहा को देख रहा था।
वो वेणु के आने का इंतज़ार कर रही थी, उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी।
थोड़ी देर बाद वेणु वापस आ गया। उसके हाथ में एक कार्ड था।
मुझे लगा कि उसने रात का पूरा बिल सेटल कर दिया है।
वो थोड़ा लड़खड़ा रहा था — शायद शराब का असर, या फिर शैक्स की रेत।
उसने मुस्कुराते हुए कहा,
“बहुत मज़ा आया ...”
मैंने बिल की तरफ देखा और तुरंत बोला,
“भाई... तुम्हें ये करने की ज़रूरत नहीं थी। हम बिल पे करते।”
वेणु ने हम दोनों को देखा, एक पल सोचा, फिर बोला,
“नहीं यार... ये मेरी तरफ से ट्रीट है।
आज तुम लोगों ने मेरा दिन बना दिया।
शादी के बाद मैं इस दिन को हमेशा याद रखूँगा... अपनी आखिरी आज़ादी के दिन के रूप में।”
उसने नेहा की तरफ देखकर wink मारा — जैसे कोई अंदर का जोक हो।
नेहा हँस पड़ी।
दोनों एक साथ हँसने लगे।
वेणु ने अपना सामान समेटना शुरू किया, जैसे वो जाने की तैयारी कर रहा हो।
लेकिन अचानक रुक गया।
कुछ सोच रहा था।
वेणु ने हम दोनों को देखा।
उसका चेहरा थोड़ा गंभीर हो गया। वो थोड़ा झिझक रहा था, लेकिन फिर बोला,
“प्लीज़... मैं तुमसे एक बात पूछना चाहता हूँ।
अगर तुम्हें बुरा लगे तो प्लीज़ माइंड मत करना... मैं माफ़ी माँगता हूँ पहले से।
प्लीज़...”
नेहा ने हल्के से हँसते हुए कहा,
“अरे dude... वेणु बोल ना।
इतनी भारी-भरकम भूमिका क्यों बना रहा है?”
“मैं तुम लोगों को एक और कहानी सुनाता हूँ...”
“मेरा एक दोस्त गोवा गया था। वहाँ उसे एक लड़की मिली, ठीक इसी तरह की सेटिंग में। बहुत सेक्सी लड़की थी। दिन भर एडवेंचर स्पोर्ट्स किए, क्लब में डांस किया, हँसी-मजाक किया...”
उसने मोबाइल निकाला और हमें कुछ फोटोज़ दिखाईं — लड़की एडवेंचर स्पोर्ट्स में, क्लब में डांस करते हुए, दोनों साथ में हँसते हुए।
वेणु आगे बोला,
“मेरा दोस्त सोच रहा था कि आज उसकी किस्मत खुल गई। रात को उसने लड़की से पूछा कि क्या वो बेडरूम तक फन एक्सटेंड करना चाहेगी।
लड़की ने सीधे कहा — ‘फन तो कर सकते हो, लेकिन वो 20 हज़ार का पड़ेगा।’
दोस्त तैयार हो गया।
पूरी रात उसने उसे चोदा।
सुबह जब उसने पूछा कि ‘तुमने पूरे दिन कोई संकेत तक नहीं दिया कि ये पैसे वाला खेल है’, तो लड़की हँसकर बोली —
‘पूरे दिन तुमने लंच, ड्रिंक्स, राइड्स... सब पे पैसे खर्च किए। मैंने सोचा दिन का बिल तुम दे रहे हो, तो रात का मजा मैं दे दूँ। रात का फन तो बस बोनस था।’”
वेणु ने गहरी साँस ली और बोला,
“मैं 100 प्रतिशत यकीन रखता हूँ कि तुम दोनों ऐसे नहीं हो...
लेकिन मेरे दिमाग में ये सवाल बार-बार घूम रहा है।
अगर मैंने ये नहीं पूछा तो मुझे हमेशा अफसोस रहेगा।
मैं जानता हूँ ये पूछना बिल्कुल भी उचित नहीं है...
फिर भी... अगर मेरे पास कोई चांस है तो मैं लेना चाहता हूँ।”
उसने नेहा को सीधे देखते हुए कहा,
“बट इफ आई हैव एनी चांस टू प्ले विद योर ब्यूटीफुल वाइफ...
तो मैं वो चांस लेना चाहता हूँ।”
वेणु ने ये बात इतनी बोल्ड तरीके से कही कि टेबल पर सन्नाटा छा गया।
उसने आगे कहा,
“तुम सोच सकते हो कि क्या सस्ता आदमी है...
लेकिन सच बोल रहा हूँ — नेहा इतनी हॉट है कि मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा।
अगर तुम लोग पेड फन में हो... तो मैं तैयार हूँ।
जितना भी चार्ज करो... मैं देने को तैयार हूँ।”
नेहा के चेहरे पर कोई भाव नहीं था। बिल्कुल blank।
मेरा पहला इंस्टिंक्ट गुस्सा था।
ये लड़का हमसे पैसे देकर रात बिताना चाहता है?
मेरी खूबसूरत बीवी को प्रॉस्टिट्यूट समझ रहा है?
और मुझे पिंप?
जो नये लड़कों के सामने पति बनकर प्रेटेंड करता है?
मेरे दिमाग में तस्वीर घूम गई —
ये सोच रहा होगा कि “किसी भाभी को वेकेशन पर पटाना, उसके साथ रात बिताना, उसे चोदना, फिर वो बताए कि तू उसके पति से कहीं बेहतर है।”
ये typical boys वाली फैंटसी है।
मेरा खून खौल रहा था, लेकिन मैं चुप रहा।
नेहा अभी भी कुछ नहीं बोल रही थी।
वेणु हम दोनों को देख रहा था।
उसकी आँखों में उम्मीद, डर और शर्म तीनों थे। वो हमारे जवाब और रिएक्शन का इंतज़ार कर रहा था।
मैं अंदर से उबल रहा था।
मेरा दिमाग बार-बार एक ही बात दोहरा रहा था — “इसके सिर पर मुक्का मार दूँ?”
लेकिन फिर मुझे उसकी शुरुआती बात याद आई —
“मैं 100 प्रतिशत यकीन रखता हूँ कि तुम दोनों ऐसे नहीं हो... लेकिन मेरे दिमाग में ये सवाल बार-बार घूम रहा है।”
अगर मैं उसकी जगह होता... तो शायद मैं भी यही पूछता।
ये किसी के लिए भी लाइफटाइम की स्टोरी बन सकती है।
अचानक नेहा ज़ोर से हँस पड़ी।
“नो नो नो... हम किसी भी तरह के पेड फन में नहीं हैं।”
उसने बहुत casually कहा, जैसे कोई मामूली बात हो।
वेणु ने राहत की साँस ली।
उसका चेहरा तुरंत ढीला पड़ गया। वो शर्म से बोला
“सॉरी सॉरी... प्लीज़ भूल जाओ कि मैंने ऐसा कुछ पूछा भी था।”
वेणु ने हम दोनों को आखिरी बार देखा और धीरे से बोला,
“ये रात मैं अपनी ज़िंदगी भर याद रखूँगा।”
फिर वो मुड़ा और जाने लगा।
मैं सोच रहा था — बस... रात खत्म हो गई।
लेकिन मेरा चूतिया दिमाग कुछ और ही चाह रहा था।
मैं नहीं जानता था कि वो क्या चाहता है, लेकिन ये खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था।
जब वेणु कुछ कदम आगे बढ़ गया, तो अचानक मेरे मुँह से निकल गया —
“हे... वेणु!”
वो रुक गया और मुड़कर देखा।
नेहा भी मेरी तरफ़ देख रही थी, उसकी आँखों में सवाल था — “अब क्या?”
मैं खुद नहीं जानता था कि मैंने उसे क्यों रोका।
बोट पर जब लोग उन्हें कपल समझ रहे थे, तब मुझे जलन हो रही थी।
लेकिन अब... जब वो जा रहा था, तो मुझे अचानक लगा कि मैं और कुछ पल उसके साथ नेहा को देखना चाहता हूँ।
वेणु वापस आया और थोड़ा confused होकर बोला,
“हाँ भाई... क्या हुआ?”
मैंने हिचकिचाते हुए कहा,
“थके हुए हो क्या?”
वेणु ने तुरंत उत्साह से सिर हिलाया,
“नहीं यार, बिल्कुल नहीं! अभी तो बहुत एनर्जी है।”
मैं सोच रहा था... और बोल रहा था।
दिमाग में सब कुछ एक साथ घूम रहा था।
क्या मैं तैयार हूँ?
तैयार किसके लिए?
कितनी दूर तक?
नेहा क्या सोचेगी अगर मैं हाँ कह दूँ?
या मैं खुद तैयार हूँ?
रोलप्ले में या जब मैं अकेला हाथ चलाता हूँ तब तो सब आसान लगता है...
लेकिन असल में, अपनी बीवी को किसी और के साथ देखने के लिए... क्या मैं सच में तैयार हूँ?
सब कुछ दिमाग में कैलकुलेट हो रहा था — जलन, लस्ट, डर, उत्तेजना... सब मिला हुआ।
और फिर मेरे मुँह से निकल गया,
“तुम जानते हो... हमारा होटल पास ही है।
अगर तुम्हें मर्ज़ी हो तो... हम रूम में कुछ बीयर पी सकते हैं।”


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