29-04-2026, 08:57 AM
नेहा ने मेरी आँखों में देखकर पूछा —
“क्या तुम्हें पसंद है... या नहीं?”
मैंने सिर हिला दिया।
मैंने उसके बाल पकड़े... खींचकर अपने पास किया... और गहरा किस किया।
अपना लंड उसकी चूत में जोर से धकेल दिया।
जब किस खत्म हुआ... नेहा ने अंडरवियर को फिर से सूँघना शुरू कर दिया...
यहाँ तक कि उसके इंटीमेट हिस्से को चाटने लगी।
फिर बोली —
“तुम भी ट्राई करना चाहते हो?”
मैं कन्फ्यूज और उत्तेजित दोनों था।
वो मेरे लंड पर सवार थी... ऊपर-नीचे हो रही थी...
मुझे पता नहीं था क्या कहूँ।
रात... मेरे झड़ने के बाद खत्म हुई।
मैंने उसे तब तक चाटा... जब तक वो झड़ नहीं गई।
फिर हम सो गए।
लेकिन उस दिन के बाद... हमारे रोलप्ले... और गंदे हो गए।
नेहा अब... मेरे परिवार को... हमारे खेल में शामिल करना चाहती थी।
XXXXXXXXXXXXX
अगर हमारी स्टोरी एडवेंचर है तो उसमें ये सबसे ज़रूरी पड़ाव है।
अभी तक जो हमने किया — एक-दूसरे के साथ गंदी फैंटेसी, रोल प्ले — वो सब तो घर के अंदर, बंद कमरे में था।
लेकिन गोवा ट्रिप ने हमें कुछ नया एहसास करवाया।
हम सब फ्रेंड्स और फैमिली के साथ वेकेशन मनाने गोवा आए हुए थे। ज्यादातर दोस्त ऑफिस के थे। नेहा सबको अच्छे से जानती थी — उनकी फैमिली, उनकी वाइफ्स, सबको। वो उनके साथ भी अच्छी दोस्त बन चुकी थी। सब थोड़े खुले-मिले थे, साथ घूम रहे थे, बहुत
अच्छा टाइम चल रहा था।
डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए बातें हो रही थीं।
नेहा ने अचानक कहा,
“हम एक दिन और रुकना चाहते हैं। क्या आप में से कोई और रुकना चाहता है?”
सबने एक साथ पूछा, “क्यों?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“मुझे स्कूबा डाइविंग करनी है गोवा के अंदर।”
सब एकदम से हँस पड़े।
विक्रम ने हँसते हुए कहा,
“अरे ये फालतू स्कूबा डाइविंग है यार! यहाँ कुछ नहीं होता। बस थोड़ा पानी में ले जाकर घुमाकर ला देते हैं। पैसे वेस्ट हैं।”
बाकी लोग भी हँस रहे थे और सहमत हो रहे थे।
नेहा ने मेरी तरफ देखा और फिर सबकी तरफ मुस्कुराकर बोली,
“मुझे तो करना है... तुम लोग मत आओ, कोई बात नहीं।”
विक्रम हँसते हुए बोला,
“अरे सब पागल बनाते हैं यार... बस थोड़े से पानी के अंदर ले जाकर घुमा देते हैं और बोलते हैं स्कूबा डाइविंग हो गई!”
बाकी लोग भी हँस रहे थे और सहमत हो रहे थे।
कोई भी इस स्कूबा डाइविंग वाले प्लान में शामिल नहीं होना चाहता था।
ऑलमोस्ट सबने एक-एक बार वो कर रखा था। सबको लगता था कि ये पैसे और टाइम दोनों का वेस्ट है।
नेहा भी अंदर से यही चाहती थी।
नेहा ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,
“ठीक है... कोई बात नहीं। तुम लोग मत आओ। मैं और सैम अकेले ही चले जाएँगे।”
नेहा ने मूवीज में कई बार स्कूबा डाइविंग देखी थी। उसको देखकर उसका बहुत मन था कि वो खुद भी स्कूबा डाइविंग करे।
वो बार-बार मुझे कहती थी, “सैम, मुझे स्कूबा डाइविंग करनी है... बहुत मजा आएगा।”
मुझे पानी से डर लगता था, लेकिन मैं नेहा को बहुत चाहता था।
उसकी ये छोटी-सी इच्छा पूरी करना चाहता था। इसलिए मैंने हाँ कर दी।
नेहा भी अंदर से यही चाहती थी कि बाकी सब लोग इस प्लान में शामिल न हों।
क्योंकि स्कूबा डाइविंग के लिए जो टाइट वेटसूट पहनना पड़ता है, वो उसके शरीर पर बहुत क्लोज़ फिट होता है।
उसके कर्व्स — कमर, बूब्स, जाँघें — सब कुछ साफ़ दिख जाते हैं।
नेहा नहीं चाहती थी कि मेरे दोस्त या उनकी वाइफ्स उसे उस सूट में देखें और कोई कमेंट करें।
वो हमारी प्राइवेट लाइफ को बहुत सीक्रेट रखना चाहती थी।
इसलिए जब विक्रम और बाकी लोग हँसकर मना कर रहे थे, नेहा अंदर से बहुत खुश थी।
मैंने एक ट्रैवल एजेंसी से स्कूबा डाइविंग का पैकेज बुक कर लिया।
उसमें स्कूबा डाइविंग के साथ-साथ चार-पाँच और वॉटर-बेस्ड एडवेंचर स्पोर्ट्स भी थे। गोवा में ये बहुत कॉमन था।
अगले दिन सुबह सात बजे एजेंसी की बस हमें लेने आ गई।
हम तीनों — मैं, नेहा और आर्यन — बस में चढ़ गए।
बस हमें बोट वाली जगह पर ले गई।
वहाँ से हम बोट में बैठे। बोट हमें 15-20 किलोमीटर अंदर समंदर में ले जाने वाली थी।
रास्ते में सीगल्स उड़ते दिख रहे थे, कभी-कभी डॉल्फिन्स भी पानी से बाहर कूदती दिख जाती थीं।
जब हम बोट पर चढ़े तो वहाँ पहले से ही काफी भीड़ थी।
कई कपल्स थे, कुछ कॉलेज के लड़कों का ग्रुप था, और कुछ अकेले लड़के भी थे।
एक लड़का — करीब 25-26 साल का, फेयर स्किन, अच्छी बॉडी — नेहा को बहुत घूर रहा था।
जैसे ही हम चढ़े, उसकी नज़र नेहा पर अटक गई। वो लगातार नेहा को देखे जा रहा था, नज़र हट ही नहीं रही थी।
बोट में सब सीटें टू-सीटर थीं।
मैंने अचानक फैसला किया कि मैं नेहा के साथ नहीं बैठूँगा।
मैंने नेहा को इशारा किया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर बैठ गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
मैंने उसे चुप रहने का इशारा किया और पीछे से बहुत धीरे से उसके कान में फुसफुसाया,
“क्या... ये खेल खेलना चाहती हो?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए पीछे मेरी तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“क्या?”
मैंने और करीब आकर फुसफुसाया,
“आज तुम शादीशुदा नहीं हो... देखते हैं क्या होता है।”
नेहा ने अचंभे से मेरी तरफ देखा और बोली,
“लेकिन... ये बिंदी और मंगलसूत्र... सबको पता चल जाएगा ना कि मैं शादीशुदा हूँ?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा,
“तो क्या हुआ? आज हम खेल रहे हैं ना...”
नेहा ने एक पल मेरी तरफ देखा, फिर आगे मुड़ गई।
उसके होंठों पर हल्की शरारती मुस्कान थी।
जब हम बोट पर चढ़े तो वहाँ पहले से ही काफी भीड़ थी।
कई कपल्स थे, कुछ कॉलेज के लड़कों का ग्रुप था, और कुछ अकेले लड़के भी थे।
एक लड़का — करीब 24 - 25 साल का, डार्क स्किन, साउथ इंडियन लुक, अच्छी हाइट और मजबूत बॉडी वाला — नेहा को बहुत घूर रहा था।
जैसे ही हम चढ़े, उसकी नज़र नेहा पर अटक गई। वो लगातार नेहा को देखे जा रहा था, नज़र हट ही नहीं रही थी।
बोट में सब सीटें टू-सीटर थीं।
मैंने अचानक फैसला किया कि मैं नेहा के साथ नहीं बैठूँगा।
मैंने नेहा को इशारा किया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर बैठ गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
मैंने उसे चुप रहने का इशारा किया और पीछे से बहुत धीरे से उसके कान में फुसफुसाया,
“क्या... ये खेल खेलना चाहती हो?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए पीछे मेरी तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“क्या?”
मैंने और करीब आकर फुसफुसाया,
“आज तुम शादीशुदा नहीं हो... देखते हैं क्या होता है।”
नेहा ने अचंभे से मेरी तरफ देखा और बोली,
“लेकिन... ये बिंदी और मंगलसूत्र... सबको पता चल जाएगा ना कि मैं शादीशुदा हूँ?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा,
“तो क्या हुआ? आज हम खेल रहे हैं ना...”
नेहा सीट पर बैठी हुई थी, और मैं उसके ठीक पीछे वाली सीट पर।
नेहा के पास वाली सीट खाली थी।
मैं मन ही मन सोच रहा था और दुआ कर रहा था कि वो डार्क स्किन वाला साउथ इंडियन लड़का, जो नेहा को घूर रहा था, शायद नेहा के पास आकर बैठ जाए।
और मेरी दुआ कबूल हो गई।
वो लड़का धीरे से आया और नेहा के पास वाली खाली सीट पर बैठ गया।
थोड़ी देर तो चुप रहा, फिर उसने हल्के से बात शुरू की।
मुझे पीछे से सब सुनाई दे रहा था।
लड़का: “आप कहाँ से हो?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “मैं पुणे से हूँ।”
फिर नेहा ने पूछा, “तुम कहाँ से हो?”
लड़का: “मैं मैंगलोर से हूँ। मेरा नाम वेणु है। और आपका?”
नेहा: “नेहा।”
वेणु ने मुस्कुराते हुए कहा, “नेहा... बहुत सुंदर नाम है।”
नेहा ने हल्के से हँसकर कहा, “थैंक यू।”
नकी बातें धीरे-धीरे और खुलने लगीं।
नेहा ने मुस्कुराते हुए पूछा, “क्या तुम इस ग्रुप के साथ हो?”
उसने उन लड़कों का ग्रुप की तरफ इशारा किया
वेणु ने तुरंत सिर हिलाया, “नहीं-नहीं, मैं उस ग्रुप के साथ नहीं हूँ। मैं सोलो ट्रैवलर हूँ।”
नेहा ने हल्के से हँसकर कहा, “अच्छा... सोलो ट्रैवल? वेरी गुड। क्या तुम बहुत ज्यादा सोलो ट्रैवल करते हो?”
वेणु ने शर्माते हुए जवाब दिया, “नहीं... ये मेरा पहला सोलो ट्रैवल है।”
फिर उसने मुस्कुराकर आगे कहा,
“ट्रैवलिंग मेरी हॉबी नहीं है। मैं तो बस अपने पापा का बिजनेस देखता हूँ। अगले महीने मेरी शादी है, उसके बाद ये ट्रिप कहाँ हो पाएगी? तो सोचा, जिंदगी में एक बार अकेले घूमकर देख लूँ। इसलिए आ गया।”
उसने अपनी उँगली में चमकती एंगेजमेंट रिंग दिखाते हुए कहा, “मेरी सगाई हो चुकी है।”
नेहा ने हँसते हुए पूछा, “तो क्या तुम शादी से घबरा रहे हो?”
वेणु ने हल्के से सिर हिलाया और बोला,
“थोड़ा बहुत... डर तो लग रहा है।”
फिर उस लड़के (वेणु) ने नेहा की तरफ देखा और पूछा,
“आपके पति कहाँ हैं?”
उसने ये कहते हुए नेहा के गले में लटक रहे मंगलसूत्र को देखा, जो उसके बूब्स के ऊपर हल्के से झूल रहा था।
उसकी नज़र एक पल के लिए नेहा के सीने पर अटक गई।
वेणु ने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “मैं देख रहा हूँ कि आप नई-नई शादीशुदा लग रही हैं।”
नेहा ने हल्के से मुस्कुराकर जवाब दिया,
“मेरे पति... उन्हें पानी से बहुत डर लगता है। वो इतना अंदर पानी में नहीं आना चाहते थे। स्कूबा डाइविंग तो उन्होंने सोची भी नहीं।
मैंने ट्रैवल वालों से कहा था कि कम से कम उन्हें साथ आने दें, लेकिन उन्होंने मना कर दिया... सीट्स लिमिटेड थीं।”
बोट का सफर करीब एक-डेढ़ घंटे का था।
“क्या तुम्हें पसंद है... या नहीं?”
मैंने सिर हिला दिया।
मैंने उसके बाल पकड़े... खींचकर अपने पास किया... और गहरा किस किया।
अपना लंड उसकी चूत में जोर से धकेल दिया।
जब किस खत्म हुआ... नेहा ने अंडरवियर को फिर से सूँघना शुरू कर दिया...
यहाँ तक कि उसके इंटीमेट हिस्से को चाटने लगी।
फिर बोली —
“तुम भी ट्राई करना चाहते हो?”
मैं कन्फ्यूज और उत्तेजित दोनों था।
वो मेरे लंड पर सवार थी... ऊपर-नीचे हो रही थी...
मुझे पता नहीं था क्या कहूँ।
रात... मेरे झड़ने के बाद खत्म हुई।
मैंने उसे तब तक चाटा... जब तक वो झड़ नहीं गई।
फिर हम सो गए।
लेकिन उस दिन के बाद... हमारे रोलप्ले... और गंदे हो गए।
नेहा अब... मेरे परिवार को... हमारे खेल में शामिल करना चाहती थी।
XXXXXXXXXXXXX
अगर हमारी स्टोरी एडवेंचर है तो उसमें ये सबसे ज़रूरी पड़ाव है।
अभी तक जो हमने किया — एक-दूसरे के साथ गंदी फैंटेसी, रोल प्ले — वो सब तो घर के अंदर, बंद कमरे में था।
लेकिन गोवा ट्रिप ने हमें कुछ नया एहसास करवाया।
हम सब फ्रेंड्स और फैमिली के साथ वेकेशन मनाने गोवा आए हुए थे। ज्यादातर दोस्त ऑफिस के थे। नेहा सबको अच्छे से जानती थी — उनकी फैमिली, उनकी वाइफ्स, सबको। वो उनके साथ भी अच्छी दोस्त बन चुकी थी। सब थोड़े खुले-मिले थे, साथ घूम रहे थे, बहुत
अच्छा टाइम चल रहा था।
डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए बातें हो रही थीं।
नेहा ने अचानक कहा,
“हम एक दिन और रुकना चाहते हैं। क्या आप में से कोई और रुकना चाहता है?”
सबने एक साथ पूछा, “क्यों?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“मुझे स्कूबा डाइविंग करनी है गोवा के अंदर।”
सब एकदम से हँस पड़े।
विक्रम ने हँसते हुए कहा,
“अरे ये फालतू स्कूबा डाइविंग है यार! यहाँ कुछ नहीं होता। बस थोड़ा पानी में ले जाकर घुमाकर ला देते हैं। पैसे वेस्ट हैं।”
बाकी लोग भी हँस रहे थे और सहमत हो रहे थे।
नेहा ने मेरी तरफ देखा और फिर सबकी तरफ मुस्कुराकर बोली,
“मुझे तो करना है... तुम लोग मत आओ, कोई बात नहीं।”
विक्रम हँसते हुए बोला,
“अरे सब पागल बनाते हैं यार... बस थोड़े से पानी के अंदर ले जाकर घुमा देते हैं और बोलते हैं स्कूबा डाइविंग हो गई!”
बाकी लोग भी हँस रहे थे और सहमत हो रहे थे।
कोई भी इस स्कूबा डाइविंग वाले प्लान में शामिल नहीं होना चाहता था।
ऑलमोस्ट सबने एक-एक बार वो कर रखा था। सबको लगता था कि ये पैसे और टाइम दोनों का वेस्ट है।
नेहा भी अंदर से यही चाहती थी।
नेहा ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा,
“ठीक है... कोई बात नहीं। तुम लोग मत आओ। मैं और सैम अकेले ही चले जाएँगे।”
नेहा ने मूवीज में कई बार स्कूबा डाइविंग देखी थी। उसको देखकर उसका बहुत मन था कि वो खुद भी स्कूबा डाइविंग करे।
वो बार-बार मुझे कहती थी, “सैम, मुझे स्कूबा डाइविंग करनी है... बहुत मजा आएगा।”
मुझे पानी से डर लगता था, लेकिन मैं नेहा को बहुत चाहता था।
उसकी ये छोटी-सी इच्छा पूरी करना चाहता था। इसलिए मैंने हाँ कर दी।
नेहा भी अंदर से यही चाहती थी कि बाकी सब लोग इस प्लान में शामिल न हों।
क्योंकि स्कूबा डाइविंग के लिए जो टाइट वेटसूट पहनना पड़ता है, वो उसके शरीर पर बहुत क्लोज़ फिट होता है।
उसके कर्व्स — कमर, बूब्स, जाँघें — सब कुछ साफ़ दिख जाते हैं।
नेहा नहीं चाहती थी कि मेरे दोस्त या उनकी वाइफ्स उसे उस सूट में देखें और कोई कमेंट करें।
वो हमारी प्राइवेट लाइफ को बहुत सीक्रेट रखना चाहती थी।
इसलिए जब विक्रम और बाकी लोग हँसकर मना कर रहे थे, नेहा अंदर से बहुत खुश थी।
मैंने एक ट्रैवल एजेंसी से स्कूबा डाइविंग का पैकेज बुक कर लिया।
उसमें स्कूबा डाइविंग के साथ-साथ चार-पाँच और वॉटर-बेस्ड एडवेंचर स्पोर्ट्स भी थे। गोवा में ये बहुत कॉमन था।
अगले दिन सुबह सात बजे एजेंसी की बस हमें लेने आ गई।
हम तीनों — मैं, नेहा और आर्यन — बस में चढ़ गए।
बस हमें बोट वाली जगह पर ले गई।
वहाँ से हम बोट में बैठे। बोट हमें 15-20 किलोमीटर अंदर समंदर में ले जाने वाली थी।
रास्ते में सीगल्स उड़ते दिख रहे थे, कभी-कभी डॉल्फिन्स भी पानी से बाहर कूदती दिख जाती थीं।
जब हम बोट पर चढ़े तो वहाँ पहले से ही काफी भीड़ थी।
कई कपल्स थे, कुछ कॉलेज के लड़कों का ग्रुप था, और कुछ अकेले लड़के भी थे।
एक लड़का — करीब 25-26 साल का, फेयर स्किन, अच्छी बॉडी — नेहा को बहुत घूर रहा था।
जैसे ही हम चढ़े, उसकी नज़र नेहा पर अटक गई। वो लगातार नेहा को देखे जा रहा था, नज़र हट ही नहीं रही थी।
बोट में सब सीटें टू-सीटर थीं।
मैंने अचानक फैसला किया कि मैं नेहा के साथ नहीं बैठूँगा।
मैंने नेहा को इशारा किया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर बैठ गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
मैंने उसे चुप रहने का इशारा किया और पीछे से बहुत धीरे से उसके कान में फुसफुसाया,
“क्या... ये खेल खेलना चाहती हो?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए पीछे मेरी तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“क्या?”
मैंने और करीब आकर फुसफुसाया,
“आज तुम शादीशुदा नहीं हो... देखते हैं क्या होता है।”
नेहा ने अचंभे से मेरी तरफ देखा और बोली,
“लेकिन... ये बिंदी और मंगलसूत्र... सबको पता चल जाएगा ना कि मैं शादीशुदा हूँ?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा,
“तो क्या हुआ? आज हम खेल रहे हैं ना...”
नेहा ने एक पल मेरी तरफ देखा, फिर आगे मुड़ गई।
उसके होंठों पर हल्की शरारती मुस्कान थी।
जब हम बोट पर चढ़े तो वहाँ पहले से ही काफी भीड़ थी।
कई कपल्स थे, कुछ कॉलेज के लड़कों का ग्रुप था, और कुछ अकेले लड़के भी थे।
एक लड़का — करीब 24 - 25 साल का, डार्क स्किन, साउथ इंडियन लुक, अच्छी हाइट और मजबूत बॉडी वाला — नेहा को बहुत घूर रहा था।
जैसे ही हम चढ़े, उसकी नज़र नेहा पर अटक गई। वो लगातार नेहा को देखे जा रहा था, नज़र हट ही नहीं रही थी।
बोट में सब सीटें टू-सीटर थीं।
मैंने अचानक फैसला किया कि मैं नेहा के साथ नहीं बैठूँगा।
मैंने नेहा को इशारा किया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर बैठ गया।
नेहा ने मेरी तरफ देखा।
मैंने उसे चुप रहने का इशारा किया और पीछे से बहुत धीरे से उसके कान में फुसफुसाया,
“क्या... ये खेल खेलना चाहती हो?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए पीछे मेरी तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“क्या?”
मैंने और करीब आकर फुसफुसाया,
“आज तुम शादीशुदा नहीं हो... देखते हैं क्या होता है।”
नेहा ने अचंभे से मेरी तरफ देखा और बोली,
“लेकिन... ये बिंदी और मंगलसूत्र... सबको पता चल जाएगा ना कि मैं शादीशुदा हूँ?”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा,
“तो क्या हुआ? आज हम खेल रहे हैं ना...”
नेहा सीट पर बैठी हुई थी, और मैं उसके ठीक पीछे वाली सीट पर।
नेहा के पास वाली सीट खाली थी।
मैं मन ही मन सोच रहा था और दुआ कर रहा था कि वो डार्क स्किन वाला साउथ इंडियन लड़का, जो नेहा को घूर रहा था, शायद नेहा के पास आकर बैठ जाए।
और मेरी दुआ कबूल हो गई।
वो लड़का धीरे से आया और नेहा के पास वाली खाली सीट पर बैठ गया।
थोड़ी देर तो चुप रहा, फिर उसने हल्के से बात शुरू की।
मुझे पीछे से सब सुनाई दे रहा था।
लड़का: “आप कहाँ से हो?”
नेहा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “मैं पुणे से हूँ।”
फिर नेहा ने पूछा, “तुम कहाँ से हो?”
लड़का: “मैं मैंगलोर से हूँ। मेरा नाम वेणु है। और आपका?”
नेहा: “नेहा।”
वेणु ने मुस्कुराते हुए कहा, “नेहा... बहुत सुंदर नाम है।”
नेहा ने हल्के से हँसकर कहा, “थैंक यू।”
नकी बातें धीरे-धीरे और खुलने लगीं।
नेहा ने मुस्कुराते हुए पूछा, “क्या तुम इस ग्रुप के साथ हो?”
उसने उन लड़कों का ग्रुप की तरफ इशारा किया
वेणु ने तुरंत सिर हिलाया, “नहीं-नहीं, मैं उस ग्रुप के साथ नहीं हूँ। मैं सोलो ट्रैवलर हूँ।”
नेहा ने हल्के से हँसकर कहा, “अच्छा... सोलो ट्रैवल? वेरी गुड। क्या तुम बहुत ज्यादा सोलो ट्रैवल करते हो?”
वेणु ने शर्माते हुए जवाब दिया, “नहीं... ये मेरा पहला सोलो ट्रैवल है।”
फिर उसने मुस्कुराकर आगे कहा,
“ट्रैवलिंग मेरी हॉबी नहीं है। मैं तो बस अपने पापा का बिजनेस देखता हूँ। अगले महीने मेरी शादी है, उसके बाद ये ट्रिप कहाँ हो पाएगी? तो सोचा, जिंदगी में एक बार अकेले घूमकर देख लूँ। इसलिए आ गया।”
उसने अपनी उँगली में चमकती एंगेजमेंट रिंग दिखाते हुए कहा, “मेरी सगाई हो चुकी है।”
नेहा ने हँसते हुए पूछा, “तो क्या तुम शादी से घबरा रहे हो?”
वेणु ने हल्के से सिर हिलाया और बोला,
“थोड़ा बहुत... डर तो लग रहा है।”
फिर उस लड़के (वेणु) ने नेहा की तरफ देखा और पूछा,
“आपके पति कहाँ हैं?”
उसने ये कहते हुए नेहा के गले में लटक रहे मंगलसूत्र को देखा, जो उसके बूब्स के ऊपर हल्के से झूल रहा था।
उसकी नज़र एक पल के लिए नेहा के सीने पर अटक गई।
वेणु ने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “मैं देख रहा हूँ कि आप नई-नई शादीशुदा लग रही हैं।”
नेहा ने हल्के से मुस्कुराकर जवाब दिया,
“मेरे पति... उन्हें पानी से बहुत डर लगता है। वो इतना अंदर पानी में नहीं आना चाहते थे। स्कूबा डाइविंग तो उन्होंने सोची भी नहीं।
मैंने ट्रैवल वालों से कहा था कि कम से कम उन्हें साथ आने दें, लेकिन उन्होंने मना कर दिया... सीट्स लिमिटेड थीं।”
बोट का सफर करीब एक-डेढ़ घंटे का था।


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