29-04-2026, 01:06 AM
(26-04-2026, 07:06 PM)maitripatel Wrote: सब से पहले तो आपका शुक्रिया की आप मेरी कहानिया पढ़ते है......................जी, हां, आपकी कहानियां भिन्न तो होती है लेकिन कथानक मुझे एक जैसे लगते है हालांकि संवादों में आप चार चांद लगा देती है अगर आप चाहे तो मैं आपको कुछ plots भेज सकता हूं, जो मैंने लिखे है अपने व्यस्तम समय से थोड़ा समय निकालकर, शायद आपको पसंद आए तो उस पर आप कहानी भी लिख सकती है और इसे लेकर हम कहानी के हर पहलू पर चर्चा भी कर सकते है !
अच्छा लगा
अब आती हूँ आपके मुद्दे पे जब समय मिलेगा कोई कहानी लिख दूंगी वैसे आपकी जानकारी के लिए मैंने "प्रगति की प्रगति" लिखी है लेकिन पोस्ट कही नहीं की है
वैसे देखा जाए तो वह भी किसी ना किसी कहाँ का प्लाट ही है......यहाँ चलता क्या है?
incest cuckold cheating wife और आपने देखा होगा की सभी कहानियों में कुछ ना कुछ same होता है
खेर वैसे अब आती हूँ की मैं ऐसा क्यों करती हूँ
जब मैं कोई कहानी पढ़ती हूँ तब मुझे ऐसा लगता है की कहानी ऐसे होनी चाहिए थी या फिर उसका अंत ऐसा होना चाहिए था तब मैं अपनी सोच उसमे डालने की कोशिश करती हूँ.
मेरी कहानिया copy paste नहीं होती पर मेरे विचार उस प्रसंग या एपिसोड में सम्मिलित होते है.
उदाहरन तौर पर मैंने अभी अभी एक कहानी पढ़ना शुरू की थी "Ajab si pyas" अब यह कहानी मुझे पढने ही नहीं आई तो समजू क्या??????????????
मैं समज ही नहीं पाती क्यों की वह कहानी एक पेरेग्राफ की तरह लिखा गया है और दूसरा उसकी Hinglish भाषा भी समज से पर है....फिर भी कोशिश करती हूँ.
अब किस्सा यह है की मैं वह पढ़ती हूँ और साथ साथ में लिख भी रही हूँ...जैसा मेरी समज में आयेगा वैसा जरूरी नहीं की वही हो.....लेकिन मुद्दा समज में आता है तो मैं लिखती हूँ. अब यह कहानी English में लिख रही हूँ बाद में हिंदी और हिंगलिश में पेश करने की कोशिश करुँगी................लेकिन समज में तो आये.............
अब मुझे जो प्रॉब्लम हो रहा है हो सकता है बाकी पाठको को भी हो सकता है तो उनके लिए सरल बनाने की कोशिश कर रही हूँ
बाकि आप जो समजे...............
आशा है की आप मेरे थ्रेड पर मुलाकात लेते रहेंगे और कोमेंट भी करते रहेंगे...............
अब करते है इस कहानी का आपने कही भी पढ़ा होगा ना पदः हो तो पढ़ लीजिये और यह कहानी के कुछ अपडेट्स के बाद देखिये की कितनी अलग है.....उस कहानी में पंडित और पूजा ही है लेकिन पंडित यहाँ क्यों है उसका इतिहास क्या है यह सब मेरी इस कहानी में मिलेगा............
पढ़ते रहना.................
शुक्रिया दोस्त आपने अपना समय निकाला मेरा यस रिप्लाय पढ़ने के लिए..............जो की बेकार ही है..............
मैत्री.


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