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Adultery EK ADHURI LOVE STORY-(with a twist)
#12
कौशिक ने बिना समय गंवाए ब्रा के हुक खोले और उसे भी उतार फेंका। मौशुमी के भरे हुए, सांवले बोब्बे अब पूरी तरह से खुले हुए थे, उनके भूरे चॉकलेट रंग के निप्पल कड़े हो चुके थे, हवा में उत्तेजित होकर खड़े थे। कौशिक की आँखें उन पर टिक गईं, उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने अपने हाथों से मौशुमी के बोब्बे को पकड़ा, उन्हें दबाया, उनकी नरम त्वचा को महसूस किया। मौशुमी के मुँह से एक तीव्र आह निकली, उसके शरीर में एक आग सी लग गई।

कौशिक ने मौशुमी को पीछे धकेला, वह सीधे सोफे पर बैठ गया। उसने मौशुमी को अपने घुटनों पर बैठने का इशारा किया। मौशुमी ने एक पल के लिए हिचकिचाया, फिर धीरे से घुटनों के बल कालीन पर बैठ गई, उसके नंगे बूब्स कौशिक के सामने उछल रहे थे।

कौशिक ने अपनी पैंट की ज़िप खोली, और अपना कठोर, उत्तेजित लण्ड बाहर निकाला। उसका लण्ड सीधा और मोटा था, उसकी नोक से हल्की सी पूर्व-स्खलन की बूंद टपक रही थी। मौशुमी की आँखें उस पर टिक गईं, उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने अपना मुँह खोला और धीरे से कौशिक के लण्ड को अपने मुँह में ले लिया।

उसने पहले उसकी नोक को अपनी जीभ से चाटा, फिर धीरे-धीरे पूरे लण्ड को अपने मुँह में भर लिया। कौशिक के मुँह से एक आह निकली। मौशुमी ने अपने मुँह को ऊपर-नीचे करना शुरू किया, उसके होंठ कौशिक के लण्ड पर कसकर बंद थे, उसकी जीभ उसके शाफ्ट को चाट रही थी।

कौशिक ने अपनी आँखें बंद कर लीं, उसके मुँह से हल्की-हल्की सिसकियाँ निकल रही थीं। उसने अपना हाथ मौशुमी के गले में पड़े मंगलसूत्र पर रखा, और उसे धीरे से सहलाने लगा। मंगलसूत्र उसके धर्म और उसके वैवाहिक स्थिति का प्रतीक था, लेकिन इस समय वह सिर्फ एक खिलौना था, कौशिक की उंगलियों के बीच। मौशुमी अपने मुँह से कौशिक के लण्ड को चूस रही थी, उसकी साँसों की आवाज़, उसके होंठों की ‘’श्लिक-श्लिक’’ की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी।

कौशिक का लण्ड मौशुमी के मुँह में कसकर फिट था, उसकी जीभ उसके अंडकोष को भी छू रही थी। मौशुमी ने अपनी गति बढ़ाई, उसके सिर की हर हरकत के साथ कौशिक का लण्ड उसके मुँह में गहरा उतर रहा था। कौशिक के शरीर में एक तीव्र उत्तेजना फैल रही थी, उसे लग रहा था जैसे वह स्वर्ग में है। उसकी आँखें बंद थीं, उसके मुँह से हल्की-हल्की आहें निकल रही थीं।

उसने अपने हाथों से मौशुमी के बालों को पकड़ा, उसे और गहरा खींच रहा था, उसकी गति को नियंत्रित कर रहा था। मौशुमी के गाल उसके लण्ड के सिरे पर कसकर चिपके हुए थे, उसकी आँखें बंद थीं, उसके होंठ पूरी तरह से कौशिक के लण्ड को घेरे हुए थे। उसका मुँह अब पूरी तरह से कौशिक के लण्ड से भरा हुआ था, और वह उसे पूरी शिद्दत से चूस रही थी। कौशिक के अंडकोष मौशुमी के गालों पर हल्के से थप-थप कर रहे थे, और वह हर धक्के के साथ एक तीव्र आनंद महसूस कर रहा था।

कौशिक का शरीर अकड़ गया, उसके मुँह से एक गहरी गुर्राहट निकली। "बस... बस आने वाला है..." उसने काँपते हुए कहा।

मौशुमी ने अपनी गति और तेज़ कर दी, उसकी जीभ कौशिक के लण्ड के सिरे पर नाच रही थी, उसे और उत्तेजित कर रही थी। कौशिक की साँसें तेज़ी से चल रही थीं, उसकी नसें तन चुकी थीं। वह अपने चरम पर पहुँचने ही वाला था, जब अचानक, एक तीव्र, कर्कश आवाज़ ने उन्हें झकझोर दिया।

दरवाज़े की घंटी बज उठी।
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RE: EK ANOKHI LOVE STORY-(with a twist) - by Pramod_Bhasin - 24-04-2026, 10:50 PM



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