18-04-2026, 02:35 PM
मौशुमी ने तुरंत कौशिक को धक्का दिया। "जल्दी!" उसने फुसफुसाया, और तेजी से अपने बूब्स को ब्रा के भीतर धकेला, और साड़ी के पल्लू को ठीक किया। यह सब एक झटके में हुआ। सिक्युरिटीकर्मी ने शीशे पर फिर से दस्तक दी।
मौशुमी ने शीशा नीचे किया। "जी?" उसकी आवाज़ काँप रही थी।
"मैडम, आप यहाँ ट्रैफिक रोक रही हैं। थोड़ा आगे बढ़ाएँ," सिक्युरिटीकर्मी ने कहा, उसकी नज़रें कार के भीतर एक पल के लिए घूमीं, लेकिन उसने कुछ खास देखा नहीं।
"ओह, हाँ, हाँ, सॉरी," मौशुमी ने कहा, और तुरंत कार को आगे बढ़ाया। उसके हाथ अभी भी काँप रहे थे, और उसका दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। कौशिक बगल में बैठा हुआ था, उसका चेहरा लाल था, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी संतुष्टि और बेचैनी दोनों थीं।
वे दोनों चुपचाप घर पहुँचे। जैसे ही मौशुमी ने अपार्टमेंट का दरवाज़ा खोला, कौशिक ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। "और इंतज़ार नहीं कर सकता," उसकी आवाज़ में एक तीव्र कामुकता थी।
मौशुमी ने भी उसे कसकर जकड़ लिया, उसके होंठों पर एक गहरी चुंबन दी। कौशिक ने एक झटके में मौशुमी की साड़ी का पल्लू खींचा, और उसे कंधे से नीचे गिरा दिया। फिर उसने तेजी से उसके ब्लाउज के बटन खोले, और ब्लाउज को उसके शरीर से अलग कर दिया। मौशुमी की सफेद ब्रा अब उसकी आँखों के सामने थी, उसके भीतर उसके भरे हुए बूब्स उछल रहे थे।


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