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Adultery EK ANOKHI LOVE STORY-(with a twist)
#10
बेंगलुरु की शाम की भीड़भाड़ वाली सड़कें, गाड़ियों का धीमा रेंगना, हॉर्न का लगातार बजना – यह सब उनके बीच की बेचैनी को और बढ़ा रहा था। कार ट्रैफिक में फंसी हुई थी, मुश्किल से आगे बढ़ रही थी। मौशुमी ने स्टीयरिंग व्हील पर हाथ रखे हुए थे, लेकिन उसके शरीर में एक अजीब सी गर्मी महसूस हो रही थी।

कौशिक ने अपना हाथ धीरे से बढ़ाया और मौशुमी की जांघ पर रख दिया। मौशुमी का शरीर सिहर उठा, लेकिन उसने हाथ हटाया नहीं। कौशिक ने अपनी उंगलियाँ धीरे से उसकी साड़ी के कपड़े पर सरकाईं, फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ीं, उसकी साड़ी के भीतर उसकी नरम जांघों को छूने लगीं।

मौशुमी ने एक गहरी साँस ली, उसकी नज़रें सामने थीं, लेकिन उसका पूरा ध्यान कौशिक के स्पर्श पर था। उसकी चूत में एक हलचल शुरू हो गई थी।

"ट्रैफिक में फँस गए," मौशुमी ने फुसफुसाया, उसकी आवाज़ में एक अजीब सी घबराहट थी।

"अच्छा ही है," कौशिक ने कहा, उसकी आवाज़ गहरी और कामुक थी। उसने अपना हाथ ऊपर बढ़ाया और मौशुमी के गालों को थपथपाया, फिर उसके चेहरे को अपनी ओर खींचा।

मौशुमी ने विरोध नहीं किया। उसके होंठ कौशिक के होंठों पर उतर आए। एक गर्म, तीव्र चुंबन शुरू हुआ। कौशिक के होंठ मौशुमी के होंठों को चूस रहे थे, उसकी जीभ मौशुमी के मुँह के भीतर घुस गई, उसकी जीभ से लिपट गई। मौशुमी ने भी उतनी ही तीव्रता से जवाब दिया, उसकी जीभ कौशिक की जीभ से खेल रही थी, उसके मुँह में एक अजीब सा स्वाद फैल गया था, उसके होंठों से लार टपक रही थी।

चुंबन गहरा होता गया। कौशिक ने अपना हाथ मौशुमी की साड़ी के पल्लू पर रखा और धीरे से उसे खींचकर एक तरफ कर दिया। मौशुमी की ब्लाउज के ऊपर उसकी छाती का उभार अब उसकी आँखों के सामने था। कौशिक ने अपनी उंगलियों से ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए। मौशुमी ने एक पल के लिए अपनी आँखें खोलीं, उसकी नज़रें सामने भीड़ भरी सड़क पर थीं, लेकिन उसके शरीर में एक आग लगी हुई थी।

ब्लाउज के बटन खुलते ही, कौशिक ने उसे एक तरफ सरका दिया। मौशुमी की सफेद ब्रा अब सामने थी, उसके भीतर उसके भरे हुए बूब्स कैद थे। कौशिक ने एक गहरी साँस ली, उसकी आँखें लाल हो रही थीं। उसने अपने हाथ से ब्रा के कप को ऊपर उठाया, और मौशुमी का एक बूब्स बाहर निकल आया। उसका निपल कौशिक की आँखों के सामने था, कड़ा और उत्तेजित।

कौशिक ने अपना मुँह नीचे किया और सीधे मौशुमी के बूब्स पर टूट पड़ा। वह उसके निप्पल को अपने मुँह में भरकर चूसने लगा, जैसे कोई भूखा बच्चा माँ का दूध पीता है। मौशुमी के मुँह से एक हल्की आह निकली, उसके शरीर में एक तीव्र सिहरन दौड़ गई। वह स्टीयरिंग व्हील को कसकर पकड़े हुए थी, उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं। कौशिक उसके निप्पल को खींच रहा था, चूस रहा था, उसकी जीभ से चारों ओर चाट रहा था। मौशुमी की आँखें बंद हो गईं, उसके मुँह से हल्की-हल्की सिसकियाँ निकल रही थीं।

तभी, कार के शीशे पर एक हल्की सी दस्तक हुई। मौशुमी ने अपनी आँखें खोलीं, डर से उसका दिल ज़ोर से धड़कने लगा। एक ट्रैफिक सिक्युरिटीकर्मी कार के बगल में खड़ा था, उसकी वर्दी और टोपी साफ दिख रही थी।
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RE: EK ANOKHI LOVE STORY-(with a twist) - by Pramod_Bhasin - 18-04-2026, 12:44 AM



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