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Adultery एक रंडी की दास्तान-The story of a corporate whore
#17
कूरियर बॉय की आँखों में एक अजीब सी चमक तब दिखाई दी जब उसने दूसरे राउंड के लिए चैताली के साथ डॉगी स्टाइल में सेक्स करने की योजना बनाई। उसकी आँखों की यह चमक सिर्फ कामुकता नहीं थी, बल्कि एक प्रकार का जुनून था जो उसे पहले से ही उत्तेजित कर रहा था। उसके दिमाग में पहले से ही तस्वीरें चल रही थीं - कैसे वह चैताली के मुलायम शरीर को अपने नीचे दबाएगा, कैसे उसकी गोलाईयों को अपने हाथों से पकड़कर जमकर धकेलेगा, और कैसे उसकी तंग चूत में अपना कड़ा लंड डालकर दोनों को एक साथ मज़ा आएगा।

जैसे ही कूरियर वाला मुस्कुराया, उसके होंठों पर एक दुष्ट भाव आया जो उसके मन में चल रही गंदी कल्पनाओं को स्पष्ट कर देता था। उसने चैताली को एक फुर्तीले हरकत में, अपने मजबूत हाथों से उसे पलट दिया। चैताली का शरीर मेज़ पर गिरा, और अब वह पेट के बल लेटी हुई थी, उसका पूरा शरीर मेज़ से चिपका हुआ था। उसकी कमर ऊपर की तरफ उठी हुई थी, जैसे कोई शिकारी अपने शिकार पर कूदने से पहले पूरी तरह से तैयार होता है - सटीक, नियंत्रित, और पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरा हुआ।

कूरियर वाले के पिछले राउंड के वीर्य की गंध अभी भी चैताली की पीठ पर मौजूद थी, एक मीठी-सी गंध जो उनकी पिछली मस्ती की याद दिला रही थी। यह गंध उन दोनों के लिए एक प्रकार का उत्तेजक बन चुका था। उसने अपने मजबूत हाथों से चैताली की कमर को पकड़ा, और धीरे से उसे और ऊपर की तरफ खींचा, जिससे चैताली के गोल-मटोल चुत्तड़ और भी ऊपर उठ गए। उसकी तंग चूत पूरी तरह से खुली हुई और दिखाई दे रही थी, जैसे उसने खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया हो - एक आमंत्रण जिसे कूरियर वाला नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता था।

कूरियर वाले की साँसें तेज हो गईं जब उसने चैताली के उस हिस्से को देखा जो अब पूरी तरह उसके कब्ज़े में था। उसकी उँगलियाँ चैताली के नितंबों पर नाचने लगीं, हर स्पर्श के साथ उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। उसकी उंगलियों के निशान चैताली की त्वचा पर पड़ रहे थे, और हर छूआना उनके बीच की गर्मी को और बढ़ा रहा था। उसने अपने दूसरे हाथ से चैताली के बालों को पकड़ा, उसे थोड़ा पीछे की तरफ खींचा, जिससे उसकी पीठ का आर्च और भी गहरा हो गया - एक सही मुद्रा जिससे वह उसे और गहराई से ले सके।

"आज तुम मेरी कुतिया हो," कूरियर वाला फुसफुसाया।

चैताली ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने अपनी आँखें बंद कर लीं, और अपने दाँत भींच लिए।
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RE: एक रंडी की दास्तान-The story of a corporate whore - by MohdIqbal - 12-04-2026, 10:27 PM



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