08-04-2026, 10:13 PM
चैताली ने कोई जवाब नहीं दिया। वह अभी भी अपनी साँसों को सामान्य करने की कोशिश कर रही थी। उसका शरीर थक गया था, लेकिन उसके मन में एक अजीब सी शांति थी।
कूरियर वाला धीरे से अपना वजन उठाता हुआ चैताली के ऊपर से पीछे हटा। उसके मांसल शरीर से टपकता पसीना चैताली की नग्न देह पर गिर रहा था। उसने अपना गर्म, सूजा हुआ लंड धीरे से चैताली की तंग चूत से बाहर खींचा, जिससे एक हवा का झोंका दोनों के बीच से गुजरा। चैताली की गुलाबी चूत से एक चमकदार, चिपचिपा द्रव धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था, जो उसकी जांघों पर फैलता जा रहा था।
कूरियर वाले का मोटा लंड अभी भी कड़ा और सूजा हुआ था, जिस पर चैताली के अंदरूनी तरल पदार्थ की एक चमकदार परत जमी हुई थी। उसने अपनी उंगलियों से धीरे से अपने लंड को साफ किया, जबकि चैताली की तेज सांसें अभी भी कम नहीं हुई थीं।
चैताली अभी भी मेज पर फैली हुई थी, उसका पूरा शरीर नग्न और चमकदार पसीने से भीगा हुआ था। उसके पेट और जांघों पर कूरियर वाले के गाढ़े वीर्य की परतें सूख रही थीं, जिसकी तीखी गंध कमरे में फैल रही थी। उसके भारी मम्मे अभी भी उसकी तेज सांसों के साथ ऊपर-नीचे हो रहे थे।
"एक और बार, मैडम?" कूरियर वाले ने धीमी, पर गहरी आवाज में पूछा, जबकि उसकी भूरी आंखों में अभी भी बुझने का नाम न लेने वाली वासना साफ झलक रही थी। उसने अपना अभी भी गीला लंड अपनी हथेली में लपेट लिया, जिससे यह स्पष्ट हो रहा था कि वह दोबारा शुरू करने के लिए तैयार है।
चैताली ने अपनी आँखें बंद कर लीं। उसे पता था कि उसे मना नहीं करना चाहिए। यह उसकी मजबूरी थी। उसने धीरे से सिर हिलाया।


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