08-04-2026, 12:29 PM
(This post was last modified: 10-04-2026, 07:03 AM by Pawan13569. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
पहली कहानी - किराएदार कॉलेज स्टूडेंट और उसके मकानमालिक साइंस प्रोफेसर की प्रेम कहानी
सितंबर महीने के दूसरे सोमवार की सुहावनी सुबह थी। समय सुबह के सात बज रहे थे। मुंबई के विले पारले (वेस्ट) की गुलमोहर कॉलोनी की गली नंबर तीन में अपने स्मृति कुंज नाम के दो मंज़िला घर के बेडरूम में पैंतीस वर्षीय STM कॉलेज का साइंस का प्रोफेसर, प्रोफेसर पवन कुमार अपने बिस्तर में सो रहा था कि तभी उसके कानों में पायल की हल्की छनकार की आवाज़ पड़ती है और गुलाब और मोगरे के सेंट की भीनी भीनी पूरे कमरे को महकाती हुई उसकी सांसों में घुल जाती है।
फ़िर उसे अपने बगल में किसी के होने का एहसास हुआ और अगले ही पल उसके चेहरे पर कोलगेट की ताज़गी से भरी हुई किसी की गर्म सांसें टकरा रही थी। इससे पहले कि पवन अपनी आँखें खोल कर कुछ देख पाता अचानक उसके अपने होंठों पर किसी के नर्म होठों की छुअन महसूस हुई और उस एक पल के स्पर्श से पवन के पूरे जिस्म में जैसे बिजली सी दौड़ गई हो। और अगले ही पल, एक हल्के से चुंबन के साथ शहद जैसी मीठी और शरारत से भरी एक जनाना आवाज़ उनके कानों में किसी संगीत की तरह गूँजी—
"Good Morning, Sir..."
पवन के चेहरे पर एक बेसाख्ता मुस्कान फैल गई और उसने अधखुली नींद में ही अपनी छाती के ऊपर झुकी हुई उस युवती को अपनी बाहों में भरते हुए कहा, “Unbelievable... I just don't understand how you can look so fresh after fucking all night long?”
पवन की ये बात सुनकर वह युवती शर्मा गई और हस्ते हुए कहने लगी, “Hot Shower is the main reason behind this freshness.”
युवती की ये बात सुनकर पवन ने आँखें खोली और अपने ऊपर झुकी हुईं पिस्ता हरा रंग की सलवार सूट पहनी उस युवती की खूबसूरती को निहारते हुए कहने लगा, “You are looking incredibly pretty,”
“Thanks” उस युवती ने मुस्कुराते हुए कहा।
“Did you enjoy last night?” पवन ने युवती की गालों को सहलाते हुए कहा।
“Yes” युवती ने नखरे से आँखें मटकाते हुए कहा।
“By the way how many times did you get an orgasm?” पवन ने युवती के होंठों को सहलाते हुए कहा।
“Chhii... You are such a shameless, Professor!” युवती ने शर्माते हुए पवन की छाती पर एक हल्का सा मुक्का मारते हुए कहा।
“Shameless? Me? How? You rode my cock all night and I am shameless! This is sheer injustice, Mayuri Chinappa Goswami ji!” पवन ने नकली गुस्सा दिखाते हुए यूवती जिसका नाम मयूरी चिनप्पा गोस्वामी था की नाक खींचते हुए कहा।
“Aaah... Don't Pull my nose, Professor! मयूरी ने नकली गुस्सा दिखाते हुए अपनी नाक को सहलाते कहा। और खुद को पवन की पकड़ से छुड़ाते हुए नखरे से कहा, “Don't know what's your obsession with my body parts? Wasn't spreading my legs all night enough for you that you have started pulling my nose inthe morning?”
पवन ने मयूरी को दोबारा अपनी ऊपर खींचते हुए कहा, “Didn't you surrender yourself to me? Listen to me very carefully Miss. Mayuri Chinappa Goswami, You, Your Body, Your Mind, Your Soul everything is mine. I can spread , pull and grop whatever I want. Don't you ever dare to stop me.”
पवन की बात सुनकर मयूरी ने मुस्कुराते हुए प्यार से उसके होंठों को चूमते हुए कहा,
“I know, Professor... and I am not stopping you. But I think you've forgotten that our 'lover's time' is over and 'college time' has begun. From now until Saturday night, we are just a student and a professor. Your 'Lover Mayuri' has surrendered herself, not your 'Student Mayuri'. You can do whatever you want only with your lover, not with your student—and it’s 'Student Mayuri's' time now. You can meet your lover again only on the weekend. Now get up and take a shower!”
उसने मुस्कुराते हुए अपनी बात पूरी की, “Your breakfast is ready and your clothes are ironed. You'll find your files, wristwatch, and wallet right there with your dress.”
और जैसे ही वो उठने को हुई, पवन ने उसे खींच कर अपने सीने से लगा लिया।
“Professor What are you doing?” मयूरी ने पवन की बाहों में कसमसाते हुए कहा।
“I think you are forgetting something” पवन ने मयूरी को अपनी बाहों में भींचते हुए कहा।
“What?” मयूरी ने थोड़ा सा चिढ़ते हुए कहा।
पवन ने मयूरी के होंठों को सहलाते हुए कहा, “I appreciate your lip kisses but who will kiss my cock?”
पवन की बात सुनकर मयूरी शर्मा गई और मुस्कुराते हुए कहा, “I thought you have forgotten but I should appreciate you have quite a good memory!”
पवन ने मुस्कुराते हुए कहा, “That's why I'm your Professor. Remembering things is my biggest strength. Now go down and finish your Job before I slap you.”
मयूरी ने पवन की आंखों में झांकते हुए कहा, “Will you let me go after that?”
“Sure” पवन ने आत्मविश्वास से कहा।
“Okay” मयूरी ने आत्मसमर्पण करते हुए कहा और अपनी बात को पूरा करते हुए बोली, “Leave me let me go down.”
पवन ने अपनी पकड़ ढीली की और मयूरी उसके ऊपर से उठकर उसकी जांघों के पास जा कर बैठ गई। उसने धीरे से कंबल को जांघों के ऊपर से हटाया और पवन के मुरझाए हुए लन्ड को अपनी बाईं हथेली में भर लिया। मयूरी का हाथ लगते ही पवन के मुरझाए हुए लन्ड में जैसे जान आ गई हो और वो एकदम से अकड़ कर सख़्त हो गया और सीधा तन कर खड़ा हो गया। ये देखकर मयूरी की हसी निकल गई और हस्ते हुए पवन से कहने लगी,
“I must say, your cock is just like you... always ready to fuck me. Like father, like son. Ever-ready! But this readiness is totally wasted because both you and your 'Master Chhotu' will have to wait until Saturday night to fuck me.”
इतना कहकर वह नीचे झुकी और अपने होंठ पवन के लन्ड के सुपाडे पर टिका दिए। पवन के जिस्म में तो जैसे बिजली ही दौड़ गई। उसका पूरा शरीर झनझना उठा और उसके हाथ अपने आप ही मयूरी के सर पर पहुंच गए। मयूरी ने अपने होंठ खोले और पवन के लन्ड के सुपाडे को अपने होंठों में भींचते हुए उसे चूम लिया और फिर धीरे धीरे उसके पूरे लन्ड को चूमते हुए उसके अंडकोष पर पहुंची और उसे भी अच्छी तरह से चूमती हुई वापिस सुपाडे पर पहुंची और एक अंतिम बार चूमकर सीधी हो गई। और पवन की और देखते हुए अपने दुपट्टे को संवारते हुए बोली,
पवन की ओर देखते हुए उसने अपना दुपट्टा सँवारा और बोली, “Okay Professor, I'm leaving now. You get up and get ready. See you at college.”
इतना कहकर मयूरी एक मदहोश कर देने वाली मुस्कान के साथ कमरे से बाहर निकल गई, और पवन भी एक गहरी संतुष्टि के साथ मुस्कुराते हुए शावर लेने के लिए बाथरूम की ओर बढ़ गए।
सितंबर महीने के दूसरे सोमवार की सुहावनी सुबह थी। समय सुबह के सात बज रहे थे। मुंबई के विले पारले (वेस्ट) की गुलमोहर कॉलोनी की गली नंबर तीन में अपने स्मृति कुंज नाम के दो मंज़िला घर के बेडरूम में पैंतीस वर्षीय STM कॉलेज का साइंस का प्रोफेसर, प्रोफेसर पवन कुमार अपने बिस्तर में सो रहा था कि तभी उसके कानों में पायल की हल्की छनकार की आवाज़ पड़ती है और गुलाब और मोगरे के सेंट की भीनी भीनी पूरे कमरे को महकाती हुई उसकी सांसों में घुल जाती है।
फ़िर उसे अपने बगल में किसी के होने का एहसास हुआ और अगले ही पल उसके चेहरे पर कोलगेट की ताज़गी से भरी हुई किसी की गर्म सांसें टकरा रही थी। इससे पहले कि पवन अपनी आँखें खोल कर कुछ देख पाता अचानक उसके अपने होंठों पर किसी के नर्म होठों की छुअन महसूस हुई और उस एक पल के स्पर्श से पवन के पूरे जिस्म में जैसे बिजली सी दौड़ गई हो। और अगले ही पल, एक हल्के से चुंबन के साथ शहद जैसी मीठी और शरारत से भरी एक जनाना आवाज़ उनके कानों में किसी संगीत की तरह गूँजी—
"Good Morning, Sir..."
पवन के चेहरे पर एक बेसाख्ता मुस्कान फैल गई और उसने अधखुली नींद में ही अपनी छाती के ऊपर झुकी हुई उस युवती को अपनी बाहों में भरते हुए कहा, “Unbelievable... I just don't understand how you can look so fresh after fucking all night long?”
पवन की ये बात सुनकर वह युवती शर्मा गई और हस्ते हुए कहने लगी, “Hot Shower is the main reason behind this freshness.”
युवती की ये बात सुनकर पवन ने आँखें खोली और अपने ऊपर झुकी हुईं पिस्ता हरा रंग की सलवार सूट पहनी उस युवती की खूबसूरती को निहारते हुए कहने लगा, “You are looking incredibly pretty,”
“Thanks” उस युवती ने मुस्कुराते हुए कहा।
“Did you enjoy last night?” पवन ने युवती की गालों को सहलाते हुए कहा।
“Yes” युवती ने नखरे से आँखें मटकाते हुए कहा।
“By the way how many times did you get an orgasm?” पवन ने युवती के होंठों को सहलाते हुए कहा।
“Chhii... You are such a shameless, Professor!” युवती ने शर्माते हुए पवन की छाती पर एक हल्का सा मुक्का मारते हुए कहा।
“Shameless? Me? How? You rode my cock all night and I am shameless! This is sheer injustice, Mayuri Chinappa Goswami ji!” पवन ने नकली गुस्सा दिखाते हुए यूवती जिसका नाम मयूरी चिनप्पा गोस्वामी था की नाक खींचते हुए कहा।
“Aaah... Don't Pull my nose, Professor! मयूरी ने नकली गुस्सा दिखाते हुए अपनी नाक को सहलाते कहा। और खुद को पवन की पकड़ से छुड़ाते हुए नखरे से कहा, “Don't know what's your obsession with my body parts? Wasn't spreading my legs all night enough for you that you have started pulling my nose inthe morning?”
पवन ने मयूरी को दोबारा अपनी ऊपर खींचते हुए कहा, “Didn't you surrender yourself to me? Listen to me very carefully Miss. Mayuri Chinappa Goswami, You, Your Body, Your Mind, Your Soul everything is mine. I can spread , pull and grop whatever I want. Don't you ever dare to stop me.”
पवन की बात सुनकर मयूरी ने मुस्कुराते हुए प्यार से उसके होंठों को चूमते हुए कहा,
“I know, Professor... and I am not stopping you. But I think you've forgotten that our 'lover's time' is over and 'college time' has begun. From now until Saturday night, we are just a student and a professor. Your 'Lover Mayuri' has surrendered herself, not your 'Student Mayuri'. You can do whatever you want only with your lover, not with your student—and it’s 'Student Mayuri's' time now. You can meet your lover again only on the weekend. Now get up and take a shower!”
उसने मुस्कुराते हुए अपनी बात पूरी की, “Your breakfast is ready and your clothes are ironed. You'll find your files, wristwatch, and wallet right there with your dress.”
और जैसे ही वो उठने को हुई, पवन ने उसे खींच कर अपने सीने से लगा लिया।
“Professor What are you doing?” मयूरी ने पवन की बाहों में कसमसाते हुए कहा।
“I think you are forgetting something” पवन ने मयूरी को अपनी बाहों में भींचते हुए कहा।
“What?” मयूरी ने थोड़ा सा चिढ़ते हुए कहा।
पवन ने मयूरी के होंठों को सहलाते हुए कहा, “I appreciate your lip kisses but who will kiss my cock?”
पवन की बात सुनकर मयूरी शर्मा गई और मुस्कुराते हुए कहा, “I thought you have forgotten but I should appreciate you have quite a good memory!”
पवन ने मुस्कुराते हुए कहा, “That's why I'm your Professor. Remembering things is my biggest strength. Now go down and finish your Job before I slap you.”
मयूरी ने पवन की आंखों में झांकते हुए कहा, “Will you let me go after that?”
“Sure” पवन ने आत्मविश्वास से कहा।
“Okay” मयूरी ने आत्मसमर्पण करते हुए कहा और अपनी बात को पूरा करते हुए बोली, “Leave me let me go down.”
पवन ने अपनी पकड़ ढीली की और मयूरी उसके ऊपर से उठकर उसकी जांघों के पास जा कर बैठ गई। उसने धीरे से कंबल को जांघों के ऊपर से हटाया और पवन के मुरझाए हुए लन्ड को अपनी बाईं हथेली में भर लिया। मयूरी का हाथ लगते ही पवन के मुरझाए हुए लन्ड में जैसे जान आ गई हो और वो एकदम से अकड़ कर सख़्त हो गया और सीधा तन कर खड़ा हो गया। ये देखकर मयूरी की हसी निकल गई और हस्ते हुए पवन से कहने लगी,
“I must say, your cock is just like you... always ready to fuck me. Like father, like son. Ever-ready! But this readiness is totally wasted because both you and your 'Master Chhotu' will have to wait until Saturday night to fuck me.”
इतना कहकर वह नीचे झुकी और अपने होंठ पवन के लन्ड के सुपाडे पर टिका दिए। पवन के जिस्म में तो जैसे बिजली ही दौड़ गई। उसका पूरा शरीर झनझना उठा और उसके हाथ अपने आप ही मयूरी के सर पर पहुंच गए। मयूरी ने अपने होंठ खोले और पवन के लन्ड के सुपाडे को अपने होंठों में भींचते हुए उसे चूम लिया और फिर धीरे धीरे उसके पूरे लन्ड को चूमते हुए उसके अंडकोष पर पहुंची और उसे भी अच्छी तरह से चूमती हुई वापिस सुपाडे पर पहुंची और एक अंतिम बार चूमकर सीधी हो गई। और पवन की और देखते हुए अपने दुपट्टे को संवारते हुए बोली,
पवन की ओर देखते हुए उसने अपना दुपट्टा सँवारा और बोली, “Okay Professor, I'm leaving now. You get up and get ready. See you at college.”
इतना कहकर मयूरी एक मदहोश कर देने वाली मुस्कान के साथ कमरे से बाहर निकल गई, और पवन भी एक गहरी संतुष्टि के साथ मुस्कुराते हुए शावर लेने के लिए बाथरूम की ओर बढ़ गए।
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Pawan
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