Thread Rating:
  • 21 Vote(s) - 2.48 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Adultery ......काला जामुन..... A meanie mommy 2
Update - मम्मी की सहेली अवंतिका



कहानी पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा एकबार फिर से नमस्कार
तो आइये सुनते हैं मेरी मम्मी की सहेली अवंतिका की कहानी ।
मेरा मम्मी पंखुरी , उनकी उम्र 42 साल है, और उनकी शादी को 19 साल हो चुके हैं।वह दिखने में सुंदर हूं.42 साल की होने के बावजूद भी उन्हें ने अपने आप को अच्छे से संभाल कर रखा हुआ है।

अभी भी मेरे मोहल्ले के सारे आदमी उन्हें घूर कर खा जाने वाली नजरों से देखते हैं।
जब भी वह कहीं से गुजर रही होती हैं तो वहां के आदमियों की नजरें अपने आप उनके और चली आती हैं।

उनके बूब्स और गांड काफी बड़ी होने के बावजूद भी कसी हुई है, शायद यही कारण है जो इस उम्र में भी उनका रूप लोगों पर कहर ढाता है। वह चुदाई के काफी शौकीन हैं मगर मेरे पापा ठंडे व्यक्ति हैं
जब उनकी नई नई शादी हुई थी तब उन्होंने चुदाई के पूरे मजे लिए। सुबह पापा के काम पर जाने से पहले और शाम में काम से आने के बाद मेरे पापा उन्हें खूब चोदते थे। आज उनको एक बच्चे  भी है वह भी एक बेटा है। मगर शादी के कुछ सालों बाद चुदाई में थोड़ा कम आई हैं वरना पहले हर रोज उनकी चूत को लंड चाहिए होता था। मगर इधर 4 साल से  उनकी सेक्स लाइफ बहुत ही मस्त चल रही थी। जब से उनके  जिंदगी में मेरे फूफाजी ( रामपुकार जी ) का आगमन हुआ है।

यह कहानी आज से करीब कुछ साल पहले की है अब ज्यादा समय ना लेते हुए मैं सीधे कहानी पर आता हूं।

मेरे घर से करीब 4 किलोमीटर दूर मम्मी की एक सहेली रहती हैं उनका नाम अवंतिका है उसकी उम्र करीब 38 वर्ष की होगी।
वो दिखने में ऐसी हैं कि आप अपने लंड को काबू नहीं कर सकते। उनका कद 5.4 फीट, रंग एकदम गोरा और वो 38-32-40 के फिगर की अप्सरा हैं।

उनका एक भी बच्चा नहीं है, उनके पति एक मैकेनिकल कंपनी में इंजीनियर के पद पर हैं जिसके कारण वो ज्यादा समय कंपनी में ही रहते हैं।

वैसे तो अवंतिका और मम्मी  करीब 8 साल से एकसाथ जुड़ी थीं, पर उनके प्रति मेरी नज़र कभी गलत नहीं थी।

उम्र के साथ मैं बदलने लगा, अब जब भी वो घर आती थीं तो मैं उनको निहारता रहता था और उनका स्पर्श पाने के नए-नए तरीके खोजता रहता था।
मेरे अन्दर का ये बदलाव वो शायद समझ चुकी थीं। मैं उनके बारे में सोच कर अपना माल निकाल दिया करता था, पर इससे काम नहीं चल रहा था, मैं उनको एक बार चोदना चाहता था।

एक दिन मम्मी की सहेली अवंतिका आंटी घर आईं.. तो मम्मी ने उन्हें पानी पीने के लिए दिया और पूछा- अवंतिका तू कैसी है?
‘मैं तो ठीक हूँ.. तुम बताओ पंखुरी.. तुम कैसी हो?’

मम्मी ने कहा- तू तो जानती है कि मेरे पति अब चुदाई के मामले में बिल्कुल ठंडे हो चुके हैं मैं लण्ड के बिना तड़प रही हूँ.. और उंगली चलाकर काम चला रही हूँ.. और इस बात को लेकर थोड़ा उदास रहती हुं । तू बता अवंतिका.. तू अपनी चूत की प्यास कैसे बुझाती है?

अवंतिका  - ‘पंखुरी .. मैं अब अपने उंगलियों से काम चला रही हुं ’
मम्मी - ‘क्या बात कर रही है.. ?’
तो अवंतिका बोली- हाँ मेरी प्यारी बहना..
तो मेरी मम्मी ने अवंतिका से कहा- अगर तुम बुरा न मानो.. तो मैं कुछ उपाय बताऊँ।  अगर तुम कहो तो मैं अपने बेटे से तुम्हारे साथ सेक्स करने की बात करूँ..

तो अवंतिका ने मना कर दिया।

लेकिन  थोड़ी देर बाद फिर अवंतिका ने मम्मी से बात की और बोला- यदि किसी को पता न चले.. तो मैं ये कर सकती हूँ।
मम्मी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि मैं बेटे से बात करूँगी और यह बात किसी को पता नहीं चलेगी।

वैसे मैं बता दूँ कि मैं और मम्मी आपस में काफी खुले हुए हैं तो
एक शाम को मैं और मम्मी चाय पी रहे थे.. तो मम्मी ने बात शुरू की, पहले उन्होंने मुझसे पूछा- आजकल तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?
मैंने बोला- अभी तो नहीं है..

इसी तरह थोड़ी देर बात करने के बाद बोलीं- वो जो मेरी फ्रेंड है न अवंतिका..
मैंने बोला- हाँ.. अवंतिका आंटी को क्या हुआ?
तो मम्मी ने बोला- हुआ कुछ नहीं.. उनकी शादी के 5 साल हो गए.. लेकिन बच्चा नहीं हो रहा है।
मैंने बोला- डॉक्टर को दिखा लें।
मम्मी ने बोला- वो डॉक्टर को दिखा चुकी है.. उनके पति में कुछ दिक्कत है.. उनसे बच्चा नहीं हो सकता।
तो मैंने बोला- फिर तो कुछ नहीं हो सकता।

फिर एक मिनट बाद मम्मी बोलीं- अगर तुम बुरा न मानो तो एक बात बोलूँ?
मैंने कहा- बोलो?
उन्होंने कहा- अगर तुम चाहो तो उनके बच्चा हो सकता है।
मैंने उनकी तरफ देखा और पूछा- कैसे?
उन्होंने कहा- तुम अवंतिका के साथ सेक्स कर लो!
मैंने उनकी तरफ देखा और बोला- आप पागल हो क्या?
उन्होंने कहा- क्यों तुम्हें कोई दिक्कत है?
मम्मी मुझे मनाने लगीं.. मैं अंदर ही अंदर तो खुश हो रहा था।

मैंने कुछ देर सोचा फिर बोला- ठीक है.. लेकिन मेरी शर्त है।
मम्मी ने बोला- कैसी शर्त?
मैं बोला- जब भी अवंतिका घर आएँगी.. मैं उनके साथ सेक्स के मजे लूँगा और सेक्स मैं सिर्फ अपने घर पर करूँगा। और पापा को आप संभाल लेना।
मम्मी ने बोला- ये मैं अवंतिका से बात करके बताऊँगी। और पापा की टेंशन तु मुझपर छोड़ दें ।
एक दिन अवंतिका आंटी घर आईं.. मम्मी ने कुछ देर बात की। फिर मम्मी मेरे कमरे में आईं और बोलीं- जाओ उस कमरे में अंवतिका आंटी हैं.. जाकर अपना वादा पूरा करो।

मम्मी ने मुझे एक कामुक मुस्कान से देखा.. जब मैं जाने लगा तो मम्मी ने बोला- आराम से करना।

मैं उस कमरे में पहुँचा.. जहाँ अवंतिका आंटी बैठी हुई थीं, मैं बहुत उत्तेजित महसूस कर रहा था, आंटी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं।

मैं जल्दी-जल्दी में दरवाजा बंद करना भी भूल गया और जाते ही उनके होंठों को चूसने लगा और साथ में चूचियाँ दबाने लगा।
मैंने धीरे-धीरे आंटी के सारे कपड़े उतार दिए और उन्होंने मुझे भी नंगा कर दिया।

अभी मैं खड़ा था और वो घुटनों के बल बैठ कर मेरा लण्ड चूस रही थीं।
तभी मैंने देखा कि दरवाजा खुला है और मम्मी हम दोनों को देख कर हँस रही थीं।

मैंने भी मम्मी को देख कर इशारा किया कि आपको भी चूसना हो तो आ जाओ। मम्मी ने कामुक नजरों से मुझे देखा और बोला- रात में।
फिर मैंने अंवतिका आंटी के मुँह से लंड निकाला और बिस्तर पर लिटा कर उनकी चूत में डाल दिया, आंटी ने तेजी से ‘आह’ किया।
मम्मी बाहर से बोलीं- बेटा धीरे डालो..
मैंने बोला- मम्मी आकर थोड़ा तेल लगा दो न!

मम्मी तेल लेकर कमरे में आईं.. आंटी मम्मी को देखकर शरमा गईं।

फिर मम्मी ने अवंतिका आंटी की चूत में तेल लगाया, फिर मेरे लंड को हिलाकर कर आंटी की चूची दबाईं और बोलीं- नंगी अच्छी लगती हो..और चली गईं दरवाजा बंद कर दिया ।
इसके बाद मैंने दो पल रुक कर अपने लंड को समझाया कि रुक जा भोसड़ी के, ज्यादा जल्दबाजी ठीक नहीं है.

फिर मैंने हिम्मत करके आंटी की चूत को चाटना शुरू किया. जैसे ही मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में लगाई, उन्होंने एकदम धीरे आवाज़ में सिसकारी भरी ‘आआह्ह्ह्ह …’
यह जानते ही मैं एकदम से बेचैन हो उठा कि कब मैं अपना लंड आंटी की चूत में डाल दूँ. मैंने बेख़ौफ़ होकर आंटी की चूत को जोरों से चाटना शुरू किया, मैं पूरी ताक़त से अपनी जीभ चूत के अन्दर बाहर करने लगा और अंवतिका आंटी सिसकारियां भरने लगीं ‘अहह आआ आअह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आअम्म्म्म ओह्ह्ह ओह शशीई … कम ऑन!

अब मैं पूरी ताक़त से आंटी की चुत को चूसे जा रहा था, मुझे वो बहुत ही मस्त लग रही थी. आंटी की चूत अब गीली हो चुकी थी. मैं उठा और मैंने उनसे बात की.

मैं- अंवतिका आंटी अब मैं आपको चोदना चाहता हूँ.
अंवतिका आंटी - चोदो ना मेरे राजा … मैं तेरी ही हूँ, तुम जितना चाहो उतना चोद सकते हो.
आंटी के मुँह से ये लफ्ज़ सुनकर तो मैं दंग रह गया. जब उन्होंने मेरे लंड को देखा तो कहा- ओह्ह … ये कितना बड़ा लंड है … इतना बड़ा लंड मैंने आज तक नहीं देखा. आज तुम मुझे चोदो … जितना चाहे चोदो … मैं प्यासी हूँ … मेरी चूत में इसे डालो जल्दी … मैं अब नहीं रह सकती … आह … जल्दी से चोद दे मेरे राजा … चोद दे मुझे.

मैं अपना पूरी तरह तना लौड़ा आंटी की चूत की तरफ़ लेके गया. लंड को उनकी चूत के ऊपर उसे घिसने लगा. उधर अपनी चूत की फांकों में मेरे लंड की गर्माहट से  आंटी कामुक सिसकियां लेने लगीं- ह्ह्ह अह्ह्ह ह्ह्ह ओह्ह्ह!
मैंने भी अपना लंड उनकी चूत में सैट किया और धीरे से उनकी चूत में डाल दिया. लंड का सुपारा उनकी चूत में जा चुका था.
तभी वो चीख उठीं- आहह … नयन बेटा धीरे डाल!

आंटी की चीख सुनकर मैं और भी पागल हो गया. मैंने धीरे धीरे करके आधा लंड आंटी की चूत में डाल दिया और धीरे धीरे झटके लगाने लगा.
वो मादक आवाजें लेने लगीं- ओह्ह. फक मी और जोर से चोद!
मैंने भी अपने लंड के झटकों की स्पीड तेज़ कर ली. मैं ज़ोर ज़ोर से आंटी की चूत को चोदने लगा. कुछ देर बाद मैंने उनकी टांगें उठा आकर अपनी गर्दन में फंसा लीं और जोरों से उन्हें चोदने लगा.

अब तो वो चीखने लगी थीं- आह्ह्ह अह्ह … मुझे दर्द हो रहा है नहीं नहीं अह्ह्ह … धीरे करोऊओ … नहीं अह्हह्ह आआअहह … नयन धीरे प्लीज़ मेरी जान!
मगर मैं नहीं रुका. कुछ देर बाद उन्हें मज़ा आने लगा और वो सीत्कार भरने लगीं- आह … नयन … बहुत अन्दर तक जा रहा है

… आह … बहुत बड़ा लंड है … आह मस्त चोद दे … मेरी जान!
मैंने भी और ज़ोर से झटका मारते हुए आंटी की चूत में अपना लंड ताक़त से अन्दर तक दबा दिया. मुझे बहुत ही अच्छा अनुभव हुआ और आंटी की एक लम्बी चीख निकल गई- अऔच …

ऐसे ही झटके मारते मारते मैं अब चरम सीमा तक पहुंच गया था, मगर मेरे पहले आंटी ने अपनी चूत का पानी छोड़ दिया और उनकी चुत की गर्मी से मैं भी पिघल कर उनको तेज तेज चोदते हुए उनकी ही चूत में झड़ गया. मैंने अपना सारा पानी  आंटी की चूत में डाल दिया.

चुदाई पूरी हो गई थी, हम दोनों हांफ रहे थे. कुछ देर तक यूं ही लेटे रहने के बाद मम्मी ने कमरे का दरवाजा खटखटाया और अंदर आई।
मम्मी ने अवंतिका से पूछा- मजा आया या नहीं?
तो आंटी बस हँस दीं.. लेकिन मैंने बोल दिया- मुझे अंवतिका आंटी की चूत चोद कर बहुत मजा आया।

[Image: 1775470069479.jpg]
[Image: 1775464972290.jpg]
[Image: 1775465234494.jpg]
[Image: 1775465142258.jpg]
[Image: 1775465144692.jpg]

कहानी जारी है
[+] 3 users Like Dhamakaindia108's post
Like Reply


Messages In This Thread
RE: ......काला जामुन..... A meanie mommy 2 - by Dhamakaindia108 - 07-04-2026, 01:13 PM



Users browsing this thread: 1 Guest(s)