31-03-2026, 12:56 PM
Chapter 8 : Blouse & Peticoat aur Sath Me Sona
एक दिन मैंने यानी अंजलि ने उनसे चैट में पूछा
अंजलि :- सारिका ये बताओ… तुम घर में काम करते टाइम क्या पहनती हो?
मम्मी :- मैक्सी
अंजलि :- क्यों?
मम्मी :- क्यों क्या यार इतनी गर्मी और उमस हो रही है… बारिश के बाद तो लगता है गर्मी और बढ़ जाती है तो उसमें आराम रहता है
अंजलि :- एक बात बोलूँ… करोगी?
मम्मी :- क्या
अंजलि :- घर में सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ पहन के रहा करो
मम्मी :- क्यों?
अंजलि :- यार तुम्हीं कह रही हो उमस और गर्मी होती है। अब मैक्सी में तो पूरा ऊपर से नीचे तक कवर रहता है। घर में सिर्फ़ तुम दो लोग ही तो हो। तो सिर्फ़ ब्लाउज़ और पेटीकोट में रहा करो… कम्फर्टेबल रहेगा
मम्मी :- ये सिर्फ़ कम्फर्ट के लिए कह रही हो या बेटे को रिझाने के लिए :D
अंजलि :- समझदार हो तुम ?
मम्मी :- ठीक है ट्राई करती हूँ
अंजलि :- और जो रिएक्शन हो तुम्हारे बेटे का वो मुझे ज़रूर बताना
अगले दिन मैं एक्साइटेड (excited) था कि मम्मी को पूरा टाइम सिर्फ़ ब्लाउज़ और पेटीकोट में देख पाऊँगा। उनकी गोरी कमर…. हल्का सा बढ़ा हुआ पेट और गहरी नाभि हर टाइम मेरी नज़रों के सामने रहेंगे। जब मैं सो के उठा तो देखा कि मम्मी सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ पहन के किचन में काम कर रही थीं। मैं तो देख के पागल ही हो गया… तुरंत जाके उन्हें पीछे से हग (hug) कर लिया और गर्दन पे किस (kiss) करते हुए बोला- मम्मी आज आप बहुत ज़्यादा सुंदर लग रही हो। ऐसा करते टाइम मेरा लंड उनकी गांड की दरार से टच हो रहा था। मम्मी कुछ नहीं बोलीं बस शर्मा के धीरे से थैंक यू कहा। इस पे मैंने पीछे से लंड सटाये हुए ही बोला- मम्मी आप रोज़ ऐसे ही रहा करो… बहुत अच्छी लगती हो आप ऐसे। मम्मी बोलीं- अच्छा ठीक है अभी जाओ नहा धो के आओ जल्दी से नाश्ता रेडी है।
![[Image: 1774938648973.jpg]](https://i.ibb.co/HDRpFrRh/1774938648973.jpg)
ये सुन के मैं बाथरूम गया और वहाँ माँ के नाम की मुठ मारी। अब मुझे लगने लगा था कि मंज़िल मिल जाएगी।
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फिर दोपहर में जब मम्मी ने फिर मैसेज किया बताने के लिए कि मेरा रिएक्शन क्या रहा तो मैंने उनसे कहा –
अंजलि :- ये तो बहुत सही रिएक्शन रहा उसका और तुम कहती थीं कि मेरा बेटा वैसा नहीं है
मम्मी :- हाँ मुझे भी यही लगता था लेकिन ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है। तुम्हीं ने सब उल्टा सीधा समझा के मुझसे ये करवाया है
अंजलि :- अब ये मत कहो कि तुम्हें इसमें मज़ा नहीं आ रहा
मम्मी :- हम्म
अंजलि :- क्या हम्म
मम्मी :- सच कहूँ तो अच्छा लगने लगा है अब ये सब
अंजलि :- वाह रे मेरी लाड़ो :D ….चल अच्छा अब एक काम और करना है तुम्हें
मम्मी :- क्या
अंजलि :- आज से बेटे के रूम में सोना… उसी के साथ
मम्मी :- अरे नहीं यार
अंजलि :- अरे हाँ यार…. ट्राई तो करके देखो
मम्मी :- मगर कहूँगी क्या उसे कि मुझे उसके साथ उसके रूम में क्यों सोना है ?
अंजलि :- यार तुम्हीं ने बताया था कि तुम्हारे यहाँ AC सिर्फ़ तुम्हारे बेटे के रूम में है। तुम्हारे रूम में तो कूलर लगा है। तो गर्मी का बहाना बना के जाओ… कह दो उमस बहुत है गर्मी लग रही है।
मम्मी :- अच्छा… ठीक है
अंजलि :- और बेटे को गुड नाईट किस (good night kiss) देना मत भूलना
मम्मी :- धत्त
शाम को मम्मी ने मुझसे कहा – अजय! आज से मैं तुम्हारे ही रूम में सोऊँगी
मैं :- क्या हुआ मम्मी?
मम्मी :- हुआ क्या… खुद तो मज़े से AC में सोता है और मुझे यहाँ कूलर में छोड़ दिया… कितनी उमस लगती है पता भी है?
मैं :- लेकिन मम्मी मेरे कमरे में तो एक ही बेड है
मम्मी :- हाँ लेकिन वो इतना बड़ा है कि 2 लोग आराम से सो सकें
मैं :- ठीक है जैसी आपकी इच्छा… आपको कोई दिक्कत नहीं तो मुझे क्या दिक्कत होगी |
फिर रात को करीब 11 बजे मम्मी मेरे कमरे में आ गयीं। उन्होंने वही पेटीकोट और ब्लाउज़ पहना हुआ था। मम्मी के गोरे बदन पे लाल कलर का ब्लाउज़ और उसी कलर का पेटीकोट… उफ़ क्या मस्त लग रहा था।
![[Image: 1774941690526.jpg]](https://i.ibb.co/HTV9bFrV/1774941690526.jpg)
मम्मी आयीं और मेरी तरफ़ स्माइल करते हुए लेट गयीं। मैंने उनसे पूछा मालिश के लिए तो उन्होंने कहा हाँ कर दे। मैं जब तक तेल लेकर आया तब तक मम्मी पेट के बल लेट चुकी थीं। मैंने उनकी कमर पे तेल लगाना शुरू किया… क्या मस्त गोरी और मुलायम कमर थी मम्मी की। तेल लगाते-लगाते कई बार मेरा हाथ जहाँ से गांड की दरार शुरू होती है वहाँ भी चला जाता तो मुझे जन्नत जैसा फील होता। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने कहा अब बस कर। तो फिर मैं सब सामान रख के वापस आया और उनके बगल में लेट गया।
![[Image: 1774941690515.jpg]](https://i.ibb.co/j2hnJBm/1774941690515.jpg)
मम्मी ने तब तक रूम की लाइट्स बंद कर दी थीं और सिर्फ़ AC की हल्की-हल्की लाइट आ रही थी। अच्छा ही हुआ वरना मम्मी मेरे बरमूडा में बना हुआ तम्बू ज़रूर देख लेतीं|
मैं उनके पास लेटा तो मुझे उनके पास से उनके पसीने की भीनी-भीनी स्मेल आ रही थी जिससे मुझे और एक्साइटमेंट हो रही थी। मम्मी ने मुझे गुड नाईट किस की और फिर मैंने भी उनके गालों को किस किया। फिर मम्मी सीधे पीठ के बल लेट गयीं। ऐसे में उनकी पहाड़ जैसी चुचियाँ ऊपर की तरफ़ खड़ी थीं और उन्होंने हाथ अपने सिर की तरफ़ रख लिए। मैं उनकी तरफ़ करवट करके लेट गया तो मुझे मम्मी की बगलों से पसीने की स्मेल फील हुई जो कि मुझे और एक्साइट कर रही थी।
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किसी तरह अपनी एक्साइटमेंट को काबू करके मैं सोया क्योंकि मम्मी पास थीं तो मुठ मारने में भी डर लग रहा था।
ऐसे ही 2-4 दिन बीते होंगे। अब हर रोज़ मेरे ही रूम में सोतीं मेरे साथ एक ही बिस्तर में। नींद में कई बार मैं उनके ऊपर पैर रख देता या वो मेरे ऊपर पैर रख देतीं। एक दिन मैंने नींद का बहाना करते हुए अपना हाथ माँ के बूब्स पे रख दिया। वो जागते हुए मोबाइल चला रही थीं लेकिन उन्होंने मेरा हाथ हटाया नहीं… इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गयी।
अंजलि :- सारिका ये बताओ… तुम घर में काम करते टाइम क्या पहनती हो?
मम्मी :- मैक्सी
अंजलि :- क्यों?
मम्मी :- क्यों क्या यार इतनी गर्मी और उमस हो रही है… बारिश के बाद तो लगता है गर्मी और बढ़ जाती है तो उसमें आराम रहता है
अंजलि :- एक बात बोलूँ… करोगी?
मम्मी :- क्या
अंजलि :- घर में सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ पहन के रहा करो
मम्मी :- क्यों?
अंजलि :- यार तुम्हीं कह रही हो उमस और गर्मी होती है। अब मैक्सी में तो पूरा ऊपर से नीचे तक कवर रहता है। घर में सिर्फ़ तुम दो लोग ही तो हो। तो सिर्फ़ ब्लाउज़ और पेटीकोट में रहा करो… कम्फर्टेबल रहेगा
मम्मी :- ये सिर्फ़ कम्फर्ट के लिए कह रही हो या बेटे को रिझाने के लिए :D
अंजलि :- समझदार हो तुम ?
मम्मी :- ठीक है ट्राई करती हूँ
अंजलि :- और जो रिएक्शन हो तुम्हारे बेटे का वो मुझे ज़रूर बताना
अगले दिन मैं एक्साइटेड (excited) था कि मम्मी को पूरा टाइम सिर्फ़ ब्लाउज़ और पेटीकोट में देख पाऊँगा। उनकी गोरी कमर…. हल्का सा बढ़ा हुआ पेट और गहरी नाभि हर टाइम मेरी नज़रों के सामने रहेंगे। जब मैं सो के उठा तो देखा कि मम्मी सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ पहन के किचन में काम कर रही थीं। मैं तो देख के पागल ही हो गया… तुरंत जाके उन्हें पीछे से हग (hug) कर लिया और गर्दन पे किस (kiss) करते हुए बोला- मम्मी आज आप बहुत ज़्यादा सुंदर लग रही हो। ऐसा करते टाइम मेरा लंड उनकी गांड की दरार से टच हो रहा था। मम्मी कुछ नहीं बोलीं बस शर्मा के धीरे से थैंक यू कहा। इस पे मैंने पीछे से लंड सटाये हुए ही बोला- मम्मी आप रोज़ ऐसे ही रहा करो… बहुत अच्छी लगती हो आप ऐसे। मम्मी बोलीं- अच्छा ठीक है अभी जाओ नहा धो के आओ जल्दी से नाश्ता रेडी है।
![[Image: 1774938648973.jpg]](https://i.ibb.co/HDRpFrRh/1774938648973.jpg)
ये सुन के मैं बाथरूम गया और वहाँ माँ के नाम की मुठ मारी। अब मुझे लगने लगा था कि मंज़िल मिल जाएगी।
![[Image: Eddie-spurt.gif]](https://i.ibb.co/dBz6yw3/Eddie-spurt.gif)
फिर दोपहर में जब मम्मी ने फिर मैसेज किया बताने के लिए कि मेरा रिएक्शन क्या रहा तो मैंने उनसे कहा –
अंजलि :- ये तो बहुत सही रिएक्शन रहा उसका और तुम कहती थीं कि मेरा बेटा वैसा नहीं है
मम्मी :- हाँ मुझे भी यही लगता था लेकिन ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है। तुम्हीं ने सब उल्टा सीधा समझा के मुझसे ये करवाया है
अंजलि :- अब ये मत कहो कि तुम्हें इसमें मज़ा नहीं आ रहा
मम्मी :- हम्म
अंजलि :- क्या हम्म
मम्मी :- सच कहूँ तो अच्छा लगने लगा है अब ये सब
अंजलि :- वाह रे मेरी लाड़ो :D ….चल अच्छा अब एक काम और करना है तुम्हें
मम्मी :- क्या
अंजलि :- आज से बेटे के रूम में सोना… उसी के साथ
मम्मी :- अरे नहीं यार
अंजलि :- अरे हाँ यार…. ट्राई तो करके देखो
मम्मी :- मगर कहूँगी क्या उसे कि मुझे उसके साथ उसके रूम में क्यों सोना है ?
अंजलि :- यार तुम्हीं ने बताया था कि तुम्हारे यहाँ AC सिर्फ़ तुम्हारे बेटे के रूम में है। तुम्हारे रूम में तो कूलर लगा है। तो गर्मी का बहाना बना के जाओ… कह दो उमस बहुत है गर्मी लग रही है।
मम्मी :- अच्छा… ठीक है
अंजलि :- और बेटे को गुड नाईट किस (good night kiss) देना मत भूलना
मम्मी :- धत्त
शाम को मम्मी ने मुझसे कहा – अजय! आज से मैं तुम्हारे ही रूम में सोऊँगी
मैं :- क्या हुआ मम्मी?
मम्मी :- हुआ क्या… खुद तो मज़े से AC में सोता है और मुझे यहाँ कूलर में छोड़ दिया… कितनी उमस लगती है पता भी है?
मैं :- लेकिन मम्मी मेरे कमरे में तो एक ही बेड है
मम्मी :- हाँ लेकिन वो इतना बड़ा है कि 2 लोग आराम से सो सकें
मैं :- ठीक है जैसी आपकी इच्छा… आपको कोई दिक्कत नहीं तो मुझे क्या दिक्कत होगी |
फिर रात को करीब 11 बजे मम्मी मेरे कमरे में आ गयीं। उन्होंने वही पेटीकोट और ब्लाउज़ पहना हुआ था। मम्मी के गोरे बदन पे लाल कलर का ब्लाउज़ और उसी कलर का पेटीकोट… उफ़ क्या मस्त लग रहा था।
![[Image: 1774941690526.jpg]](https://i.ibb.co/HTV9bFrV/1774941690526.jpg)
मम्मी आयीं और मेरी तरफ़ स्माइल करते हुए लेट गयीं। मैंने उनसे पूछा मालिश के लिए तो उन्होंने कहा हाँ कर दे। मैं जब तक तेल लेकर आया तब तक मम्मी पेट के बल लेट चुकी थीं। मैंने उनकी कमर पे तेल लगाना शुरू किया… क्या मस्त गोरी और मुलायम कमर थी मम्मी की। तेल लगाते-लगाते कई बार मेरा हाथ जहाँ से गांड की दरार शुरू होती है वहाँ भी चला जाता तो मुझे जन्नत जैसा फील होता। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने कहा अब बस कर। तो फिर मैं सब सामान रख के वापस आया और उनके बगल में लेट गया।
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मम्मी ने तब तक रूम की लाइट्स बंद कर दी थीं और सिर्फ़ AC की हल्की-हल्की लाइट आ रही थी। अच्छा ही हुआ वरना मम्मी मेरे बरमूडा में बना हुआ तम्बू ज़रूर देख लेतीं|
मैं उनके पास लेटा तो मुझे उनके पास से उनके पसीने की भीनी-भीनी स्मेल आ रही थी जिससे मुझे और एक्साइटमेंट हो रही थी। मम्मी ने मुझे गुड नाईट किस की और फिर मैंने भी उनके गालों को किस किया। फिर मम्मी सीधे पीठ के बल लेट गयीं। ऐसे में उनकी पहाड़ जैसी चुचियाँ ऊपर की तरफ़ खड़ी थीं और उन्होंने हाथ अपने सिर की तरफ़ रख लिए। मैं उनकी तरफ़ करवट करके लेट गया तो मुझे मम्मी की बगलों से पसीने की स्मेल फील हुई जो कि मुझे और एक्साइट कर रही थी।
![[Image: Gemini-Generated-Image-p4awi8p4awi8p4aw.png]](https://i.ibb.co/LX4gCMbY/Gemini-Generated-Image-p4awi8p4awi8p4aw.png)
किसी तरह अपनी एक्साइटमेंट को काबू करके मैं सोया क्योंकि मम्मी पास थीं तो मुठ मारने में भी डर लग रहा था।
ऐसे ही 2-4 दिन बीते होंगे। अब हर रोज़ मेरे ही रूम में सोतीं मेरे साथ एक ही बिस्तर में। नींद में कई बार मैं उनके ऊपर पैर रख देता या वो मेरे ऊपर पैर रख देतीं। एक दिन मैंने नींद का बहाना करते हुए अपना हाथ माँ के बूब्स पे रख दिया। वो जागते हुए मोबाइल चला रही थीं लेकिन उन्होंने मेरा हाथ हटाया नहीं… इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गयी।
भाई लोगो थोडा मोटिवेशन भी देते रहो वरना ऐसे कहानी पोस्ट करने में क्या मजा आएगा


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