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Incest खेल ससुर बहु का
कल्लन बॅंगलुर पहुँच गया था और जब्बार और मेनका के साथ जब्बार के रूम मे बैठा था। मैत्री की पेशकश


"भाई,मुझे ये समझ नही आ रहा कि रिहेब सेंटर के अंदर कैसे घुसा जाए और राजा के पिल्ले को कैसे बाहर निकाला जाए?
तुम्हे जगह दिखा दी है और इसने तुम्हे अंदर के सारे डीटेल्स भी दे दिए हैं।",जब्बार ने मलिका की ओर इशारा किया,"अब तुम्ही कोई रास्ता सुझाओ।"

"एक रास्ता है पर उसके लिए कुछ चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी।"

"कौन सी चीज़ें?"

"एक बेस्कॉम(बॅंगलुर पॉवेर को।) की वन और उसके साथ एक लंबी सीधी, अगर आज इनका इंतेज़ाम हो जाता है तो आज रात को मैं एक बार सेंटर के अंदर जाकर वहा का जायज़ा लूँगा और कल रात विश्वजीत को बाहर निकल लाऊंगा।"

"ओके,मैं कोशिश करता हू। तब तक तुम दोनो यही रहना।",जब्बार रूम से बाहर चला गया।


उसके निकलते ही मलिका दौड़ते हुए कल्लन की बाहों मे समा गयी और दोनो एक दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे। मलिका उसे चूमते हुए उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी तो कल्लन उसकी टाइट जीन्स मे कसी गांड को दबाने लगा। मलिका ने उसकी शर्ट उतार कर उसे बिस्तर पर धकेल दिया और उस पर चढ़ कर बैठ गयी। वो भूखी शेरनी की तरह उस पर टूट पड़ी और उसकी छाती चूमने लगी।

उसने खुद ही अपनी शर्ट उतार दी,ब्रा उसने पहनी नही थी तो शर्ट खुलते ही उसकी छातिया कल्लन के सामने छलक गयी। उसने हाथ बढ़ा कर उन्हे दबोच लिया। मलिका अपनी गांड उसके लंड पे रगड़ रही थी। थोड़ी देर तक इसी तरह एक दूसरे के जिस्मो को मसल ने के बाद दोनो बेताबी से उठ बैठे और एक दूसरे की पॅंट उतार दी। मलिका अब पूरी नंगी थी,वही कल्लन अब केवल एक अंडरवेर मे था। मैत्री द्वारा लिखित[b][/b]

दोनो फिर एक दूसरे से चिपक कर चूमने लगे। मलिका ने अपना हाथ कल्लन के अंडरवेर मे डाल दिया और उसके लॅंड को मसलने लगी। कल्लन भी उसकी गांड को बेतहाशा रगड़ रहा था। मलिका झुकी और उसका अंडरवेर उतार कर फेंक दिया और उसके लंड को अपने मुँह मे भर लिया।

अब कल्लन बेड पे घुटनो के बल खड़ा था और मलिका उसके लंड को चूस रही थी। कल्लन ने मलिका के बालों को पकड़ा हुआ था और कमर हिला-हिला कर उसके मुँह को चोद रहा था। मलिका ने एक हाथ से उसके लंड को पकड़ा हुआ था और दूसरे से अपनी चूत के दाने को रगड़ रही थी। और अपनी चूत को एक अच्छे हमले के लिए तैयार कर रही थी।

अब कल्लन के लिए अपने पे काबू रखना नामुमकिन हो गया था। उसने मलिका को अपने लंड से अलग किया और उसे बेड पर पटक कर उसकी टांगे फैला दी। फिर अपने लंड को पकड़ कर एक ही झटके मे उसकी चूत मे उतार दिया।
"एयेए...आअहह।।!",मलिका कराही और उस से चिपक गयी। कल्लन का लंड उसकी चूत की गहराइयाँ नापने लगा और वो हवा मे उड़ने लगी। उसने अपने नाख़ून उसकी पीठ मे गढ़ा दिए और अपनी टांगे लपेट उसे अपने बदन से चिप्टा लिया। कल्लन ने अपने धक्के और तेज़ कर दिए और उसकी तेज़ चुदाई से मलिका तुरंत झड़ गयी। थोड़ी ही देर मे कल्लन ने भी उसके चूत के अंदर अपना वीर्यदान कर दिया। वो उसके सीने पे सर रख  हाँफने लगा।

थोड़ी देर तक वैसे ही पड़े रहने के बाद मलिका ने फिर से अपनी चूत सिकोड कर  उसके लंड को छेड़ना शुरू कर दिया। अपनी एक उंगली उसने उसके गांड के छेद मे डाल दी तो कल्लन भी फिर से गरम होने लगा। उसने फिर से अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया,लंड फिर से सख़्त हुआ तो उसके धक्कों मे और जोश आ गया और मलिका एक बार फिर चुदने लगी। मैत्री की रचना[b][/b]

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RE: खेल ससुर बहु का - by maitripatel - 29-03-2026, 12:36 PM



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