28-03-2026, 12:35 AM
Chapter 4 : Surprise or Shock
ऑफलाइन होने के बाद भी मुझे घबराहट लग रही थी कि अगर मैंने ये बोला तो क्या होगा। ये कुछ-कुछ वैसा ही था जैसे जब आप किसी लड़की को प्रपोज़ करने का मन बना लेते हो लेकिन करने के पहले डर लगने लगता है। काफी देर सोच-विचार करने के बाद मैंने डिसाइड किया कि ये करना तो है ही…बरसों की ख्वाहिश पूरी करनी है तो ये करना ही होगा लेकिन खुद के डर को कंट्रोल करने के लिए मैंने सोचा कि कल बताऊंगी अब। फिर अगले दिन मैंने मम्मी को मैसेज नहीं किया तो मम्मी का ही मैसेज आया –
मम्मी :- यार अंजू ये क्या बात हुई। तुमने मुझसे तो पूछ लिया लेकिन मुझे अपनी बात नहीं बताई।
अंजलि :- रहने दो यार…मुझे बताते संकोच हो रहा है।
मम्मी :- अरे हम दोनों तो दोस्त हो गए हैं तो इसमें कैसा संकोच।
अंजलि :- आप जज तो नहीं करोगी।
मम्मी :- नहीं यार दोस्ती में ये सब थोड़ी होता है।
अंजलि :- पहले प्रॉमिस करो जज नहीं करोगी।
मम्मी :- अच्छा बाबा ठीक है…प्रॉमिस।
अंजलि :- मैं अपने बेटे की हेल्प से मैनेज करती हूं।
मम्मी :- क्या मतलब? उससे कैसे?
अंजलि :- यार मैं अपने बेटे के साथ ही रिलेशनशिप में हूं……सेक्सुअली।
मम्मी :- हे भगवान! ये क्या बोल रही हो यार अंजू।
अंजलि :- देखो तुमने प्रॉमिस किया था कि जज नहीं करोगी।
मम्मी :- मैं जज नहीं कर रही लेकिन ये क्या कह रही हो….अपने बेटे के साथ ही सेक्स किया तुमने?
अंजलि :- सिर्फ किया नहीं…अभी भी करती हूं।
मम्मी :- हे भगवान! कितनी अजीब बात कह रही हो…मतलब अभी भी तुम बेटे के साथ..?
अंजलि :- हां।
मम्मी :- मुझे यकीन नहीं हो रहा।
इसी पल के लिए मैंने एक दो तीन फोटो पहले से फोटोशॉप करके रखी हुई थी जिसमें वो प्रोफाइल वाली लेडी की फोटो के साथ एक लड़के की फोटो थी और वो दोनों किस कर रहे थे। देखने से ऐसा लग रहा था जैसे अंजलि ने खुद ही सेल्फी ली हो।
अंजलि :- रुकीये मैं आपको फोटो भेजती हूं।
और मैंने वो फोटो उन्हें भेज दी।
मम्मी :- यार ये तो सच में तुम अपने बेटे के साथ किस कर रही हो।
अंजलि :- मैं झूठ क्यों बोलूंगी तुमसे…और वो भी ऐसा। मैं सच में अपने बेटे के साथ सेक्सुअल रिलेशनशिप में हूं।
मम्मी :- यार मुझे ये जानके बहुत अजीब लग रहा है।
अंजलि :- आपने प्रॉमिस किया था कि जज नहीं करोगी।
मम्मी :- यार जज नहीं कर रही लेकिन ये तो बहुत बड़ी बात है।
मेरे लिए अभी तक प्लस पॉइंट यही था कि मम्मी गुस्सा नहीं हुई थीं और बात कर रही थीं अभी तक। फिर उन्होंने पूछा –
मम्मी :- कब से कर रही हो तुम अपने बेटे के साथ?
अंजलि :- यही कोई 3-4 साल हो गए।
मम्मी :- और शुरू कैसे हुआ था ये सब?
अंजलि :- क्या बताऊं…इसके papa तो घर पे रहते नहीं थे और बेटी भी अपनी ससुराल में रहती है तो घर में हम मां-बेटा ही रहते थे। तो बाहर के सब काम मैनेज करना, घर का राशन वगैरह लाना सब बेटा ही करता था…घर के कामों में भी मेरी हेल्प कर देता था। हम लोग काफी टाइम साथ ही स्पेंड करते थे तो एक-दूसरे से बहुत कंफर्टेबल भी हो गए थे। कभी-कभी आके प्यार से मुझे हग या किस भी कर लेता था वो। इस तरह से हम दोनों बहुत करीब आ गए थे। एक-दूसरे का टच करना धीरे-धीरे अच्छा लगने लगा था। फिर एक दिन हम लोग साथ में बैठे मूवी देख रहे थे तो उसमें एक सेक्सी सीन आया तो मैंने बेटे का तना लंड देखा और मेरा मन डोल गया…बहुत दिनों से मैंने कुछ किया भी नहीं था। उस दिन फिर बेटे को सोते टाइम गुड नाइट किस दी…और उसके बाद सब अपने आप होता चला गया।
(ये सब कहानी भी मैंने किसी सेक्स स्टोरी से ही बनाई थी)
मम्मी :- हे भगवान! फिर तुम्हें गिल्टी नहीं फील हुआ।
अंजलि :- यार सच कहूं तो जब अगले दिन उठी तब तो फील हुआ कि ये क्या हो गया…उस दिन शुरू में तो हम लोग एक-दूसरे से आंखें चुरा रहे थे लेकिन जैसे-जैसे दिन बीता….ऐसा लगा कि हम दोनों ही सुबह का गिल्ट भूलने लगे और रात में फिर वही सब हुआ हम दोनों के बीच।
मम्मी :- अच्छा।
अंजलि :- हां..और फिर तो जैसे मुझे आदत ही हो गई है…जब तक उसके साथ सेक्स न करूं तो दिन अधूरा सा लगता है। घर का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां हमने सेक्स न किया हो।
मम्मी :- Hmm
अंजलि: "और पता है… ये नए लड़के सेक्स में इतनी नई-नई चीज़ें करते हैं… इतना मज़ा आता है कि जैसा इसके बाप के साथ आज तक नहीं आया।"
मम्मी: "अच्छा… जैसे कि क्या?"
अंजलि: "अच्छा, आप बताओ आपके पति आपके साथ सेक्स कैसे करते हैं?"
मम्मी: "कैसे क्या, जैसे किया जाता है वैसे ही करते हैं।"
अंजलि: "नहीं, मतलब प्रोसेस बताओ… कैसे स्टार्ट करते हैं?"
मम्मी: "वही… 2-4 किस गालों पे की और फिर कपड़े ऊपर या नीचे खिसका के हो जाता है।"
अंजलि: "यानी आपने कभी पूरा नंगे होकर सेक्स नहीं किया?"
ये सब बातें मम्मी से कहते हुए मुझे ऐसा फील हो रहा था जैसे मेरी नसों में सनसनी हो रही हो… धड़कन एकदम बढ़ी हुई थी और घबराहट से हाथ काँप रहे थे। फिर मम्मी ने रिप्लाई किया—
मम्मी: "नहीं।"
अंजलि: "आपके हसबैंड ने कभी आपको नीचे किस किया है या चटा है?"
मम्मी: "नीचे कहाँ?"
अंजलि: "चूत पे।"
मम्मी: "छि! ऐसे कौन करता है। गंदा होता है वहाँ।"
अंजलि: "यार तुम्हें पता नहीं तुम क्या मिस कर रही हो। मेरा बेटा तो मुझे वहाँ बहुत अच्छे से किस करता है… लिक (lick) करता है… इतना मज़ा आता है कि क्या बताऊँ।"
मम्मी: "अच्छा?"
अंजलि: "हाँ यार। जब वो मेरी चूत में अपनी जीभ डाल के चाटता है और फिर चूसता है… एकदम जन्नत जैसा फील होता है।"
मम्मी: "हूँ..."
फिर ऐसे ही कुछ बातों के बाद मम्मी ऑफलाइन हो गई थीं। अभी तक की बातों से मुझे ऐसा लग रहा था कि मम्मी को इंटरेस्ट तो आ रहा है सेक्स की बातें सुनने में, लेकिन वो अभी इस फैक्ट के साथ कंफर्टेबल नहीं थीं कि कोई माँ अपने बेटे के साथ भी सेक्स कर सकती है। इससे मुझे थोड़ी मायूसी तो हुई, पर अचानक एक नया प्लान मेरे दिमाग में आया। मुझे मम्मी की जीमेल आईडी (Gmail ID) और उसका पासवर्ड पता था।
मैंने उसे अपने लैपटॉप में यूट्यूब (YouTube) पर लॉगिन किया और उनकी आईडी से कई सारे 'माँ-बेटा सेक्स स्टोरी' के ऑडियो वाले वीडियो प्ले किए। मुझे उम्मीद थी कि इससे उनके ऐप में ऐसे वीडियो सजेशन (Suggestions) में आने लगेंगे। अगर मम्मी ने ऐसे 2-3 वीडियो देख लिए, तो शायद कुछ काम बने। मैंने 2-4 दिन तक यही किया और मैं उनकी हिस्ट्री (History) भी चेक करता जाता था कि क्या उन्होंने ऐसा कोई वीडियो देखा है या नहीं। इस बीच हमारी चैट (Chat) भी नॉर्मली चलती रही और उस बारे में कुछ दिन बात नहीं हुई।
Chapter 5 : Curiosity
दोस्तों, अपनी ही माँ को पाना कोई आसान काम नहीं है। बड़ी मेहनत, सब्र और तपस्या लगती है, लेकिन इसका फल एकदम स्वर्ग जैसा होता है। फिलहाल मेरी भी तपस्या चल रही थी। लगभग 7 दिनों के बाद पहली बार मुझे उनकी हिस्ट्री में एक वीडियो ऐसा दिखा जो मैंने नहीं देखा था, बल्कि उन्होंने खुद देखा था। ये देखकर मुझे इतनी एक्साइटमेंट (Excitement) हुई कि बता नहीं सकता। फिर अगले दिन मैंने चेक किया तो ऐसे 2-3 वीडियो उन्होंने देख रखे थे। अब मुझे लगने लगा था कि शायद मंज़िल मिल जाएगी और जल्द ही मेरी माँ की रसीली चूत में मेरा लंड होगा।
इस सब के दौरान माँ और अंजली की चैट रोज़ हो ही रही थी। वैसे ही घर परिवार की बातें, हंसी-मजाक और 2-4 नॉटी बातें जो कि mostly मेरी ही तरफ से होती थी। आखिरकार एक दिन मम्मी ने कुछ देर की चैट के बाद मुझसे यानी अंजली से कहा -
मम्मी :- अंजू यार मैं बड़े दिनों से एक बात सोच रही थी.. पूछू?
अंजली :- हाँ मेरी जान पूछो ना ?
मम्मी :- जो तुमने उस दिन बताया था कि तुम अपने बेटे के साथ सेक्स करती हो… तुमने कभी इसके reasons सोचे कि ये क्यों और कैसे हुआ? I mean तुम किसी और के साथ यानी बाहरवाले के साथ भी तो ये सब कर सकती थी तो बेटा ही क्यों?
ये सवाल सुनके मुझे लगा कि शायद मम्मी के मन में भी thoughts आने लगे हैं अपने बेटे को लेकर लेकिन वो भी sure नहीं है। अब उन्हें sure करने का काम मुझे करना था तो मैंने उसी तरह से reply किया।
अंजली :- देखो इसकी तो बड़ी simple सी वजह है पहले तो ये कि तुम खुद बताओ बेटे से तो तुम वैसे ही प्यार करती ही हो… I mean motherly love तो होता ही है ना। और वो भी तुमसे प्यार करता है। जैसे कि तुमने ही कहा था कि तुम्हारा बेटा तुम्हारे husband की absence में तुम्हारा और घर का ध्यान रखता है।
मम्मी :- हाँ
अंजली :- अब बताओ बाहरवाले के साथ तुम कैसे sure होगी कि वो तुम्हें प्यार करता है या नहीं? या वो कैसे तुम्हारा ध्यान रख पाएगा?
मम्मी :- Hmm
अंजली :- और दूसरी बात ये कि बाहर किसी के साथ पहले तो बदनामी का डर और दूसरा ये कि क्या पता कब वो वीडियो वगैरह बना ले और blackmail करने लगे… मजे की जगह सजा मिलने लगे।
मम्मी :- हाँ ये बात तो सही है
अंजली :- वैसे तुम ये क्यों पूछ रही हो… कहीं तुम्हारा भी तो मन नहीं है अपने बेटे के साथ try करने का ?
मम्मी :- अरे नहीं ऐसा नहीं है
ये सुनके मैं मायूस हो गया… मन में जितने लड्डू फुटे थे सब फुस्स हो गए। But फिर भी मैंने कहा
अंजली :- वैसे मेरी मानो तो try करो। तुम्हें भी sex की जरूरत है और बेटा तो तुम्हारे पास भी है।
मम्मी :- नहीं यार मुझे ये सब सही नहीं लग रहा
और ये बोल के वो offline हो गईं। इससे मैं भी मायूस हो गया कि इतने दिन की मेहनत का कोई फायदा नहीं हुआ। बात अभी भी वही की वही है।
But मैंने decide किया कि मैं उनके दिमाग में जब तक ये बात डालता रहूंगा। तो मैंने उनकी ID से youtube पे माँ बेटा sex stories वाले videos देखना continue रखा। और मैं ये भी notice कर रहा था कि माँ भी वो videos regular देख रही हैं जो कि मेरे लिए थोड़ी सी सुकून देने वाली बात थी लेकिन मैं confused भी हो रहा था कि एक तरफ तो माँ इसे accept नहीं करना चाह रही और दूसरी तरफ videos पूरे देख रही हैं। आखिर बात क्या है?
कुछ दिन और बीते मगर कुछ मेरे मन मुताबिक नहीं हो रहा था तो एक दिन चैट में मैंने ही फिर से पूछा
अंजली :- सारिका… मैंने जो तुमसे उस दिन कहा था उसके बारे में कुछ सोचा?
मम्मी :- किस बारे में?
अंजली :- wahi बेटे के साथ sex के लिए try करने के बारे में
मम्मी :- यार मान लो एक बार को मैं सोच भी लूं… मगर मेरा बेटा वैसा नहीं है। वो नहीं सोचेगा।
ये पढ़ के मुझे लगा कि कही मम्मी के मन में मेरी बाते का इफ़ेक्ट तो नहीं आने लगा है...शायद उनका मन बदल रहा है लेकिन अभी वो डाउट में हैं| अब इस डाउट को मुझे दूर करना था तो मैंने उनसे कहा -
अंजली :- एक तरीका है पता लगाने का लेकिन उसके लिए पहले तुम्हें अपना मन पक्का करना होगा कि तुम ये चाहती हो।
मम्मी :- यार मैं sure नहीं हो पा रही हूँ
अंजली :- रुको मैं तुम्हें कुछ भेजती हूँ
उसके बाद मैंने उन्हें एक news की link भेजी जिसमें कहीं विदेश के एक असली माँ बेटा love relationship में थे। और दो तीन sex videos भी भेजी जिनमें हिंदी voiceover था माँ बेटे का। ऐसा लगता था कि सच में माँ बेटे ही कर रहे हों। इसके साथ ही क्वोरा के कुछ लिंक भी भेजे इसी टॉपिक से रिलेटेड। ये सब पढ़ने और देखने के बाद मां का मैसेज फिर से आया।
मम्मी :- अंजू?
अंजलि :- हां….जो मैंने भेजा देखा?
मम्मी :- हां
अंजलि :- तो अब? क्या डिसाइड किया?
मम्मी :- पता नहीं यार
मुझे लग रहा था कि मम्मी कुछ-कुछ मान गई थी। लेकिन एक्सेप्ट नहीं कर रही थी। इसलिए मैंने कहा –
अंजलि :- अच्छा तुम्हें अपने बेटे को लेकर डाउट है ना कि वो तुम्हारे साथ सेक्स करने के बारे में सोचेगा या नहीं?
मम्मी :- Hmm
अंजलि: "तो एक काम करते हैं... पहले इसी बात का पता लगा लेते हैं। बस जैसे-जैसे मैं बोलती जाऊँ, वैसे-वैसे तुम्हें करना होगा। कर पाओगी?"
मम्मी: "ट्राई करूँगी।"
अंजलि: "गुड। तो सबसे पहले उसको अपने करीब रखना शुरू करो। जैसे घर के बाहर के काम तो वो करता ही है... तो घर के काम करते टाइम भी उसे साथ में लगा लो... जैसे किचन में या कपड़े धोते टाइम।"
मम्मी: "अच्छा।"
अंजलि: "हाँ... और जो भी प्रोग्रेस हो मुझे ज़रूर बताना। मैं जैसे-जैसे बताऊँ, वैसे-वैसे करना है।"
मम्मी: "ओके।"
ऑफलाइन होने के बाद भी मुझे घबराहट लग रही थी कि अगर मैंने ये बोला तो क्या होगा। ये कुछ-कुछ वैसा ही था जैसे जब आप किसी लड़की को प्रपोज़ करने का मन बना लेते हो लेकिन करने के पहले डर लगने लगता है। काफी देर सोच-विचार करने के बाद मैंने डिसाइड किया कि ये करना तो है ही…बरसों की ख्वाहिश पूरी करनी है तो ये करना ही होगा लेकिन खुद के डर को कंट्रोल करने के लिए मैंने सोचा कि कल बताऊंगी अब। फिर अगले दिन मैंने मम्मी को मैसेज नहीं किया तो मम्मी का ही मैसेज आया –
मम्मी :- यार अंजू ये क्या बात हुई। तुमने मुझसे तो पूछ लिया लेकिन मुझे अपनी बात नहीं बताई।
अंजलि :- रहने दो यार…मुझे बताते संकोच हो रहा है।
मम्मी :- अरे हम दोनों तो दोस्त हो गए हैं तो इसमें कैसा संकोच।
अंजलि :- आप जज तो नहीं करोगी।
मम्मी :- नहीं यार दोस्ती में ये सब थोड़ी होता है।
अंजलि :- पहले प्रॉमिस करो जज नहीं करोगी।
मम्मी :- अच्छा बाबा ठीक है…प्रॉमिस।
अंजलि :- मैं अपने बेटे की हेल्प से मैनेज करती हूं।
मम्मी :- क्या मतलब? उससे कैसे?
अंजलि :- यार मैं अपने बेटे के साथ ही रिलेशनशिप में हूं……सेक्सुअली।
मम्मी :- हे भगवान! ये क्या बोल रही हो यार अंजू।
अंजलि :- देखो तुमने प्रॉमिस किया था कि जज नहीं करोगी।
मम्मी :- मैं जज नहीं कर रही लेकिन ये क्या कह रही हो….अपने बेटे के साथ ही सेक्स किया तुमने?
अंजलि :- सिर्फ किया नहीं…अभी भी करती हूं।
मम्मी :- हे भगवान! कितनी अजीब बात कह रही हो…मतलब अभी भी तुम बेटे के साथ..?
अंजलि :- हां।
मम्मी :- मुझे यकीन नहीं हो रहा।
इसी पल के लिए मैंने एक दो तीन फोटो पहले से फोटोशॉप करके रखी हुई थी जिसमें वो प्रोफाइल वाली लेडी की फोटो के साथ एक लड़के की फोटो थी और वो दोनों किस कर रहे थे। देखने से ऐसा लग रहा था जैसे अंजलि ने खुद ही सेल्फी ली हो।
अंजलि :- रुकीये मैं आपको फोटो भेजती हूं।
और मैंने वो फोटो उन्हें भेज दी।
मम्मी :- यार ये तो सच में तुम अपने बेटे के साथ किस कर रही हो।
अंजलि :- मैं झूठ क्यों बोलूंगी तुमसे…और वो भी ऐसा। मैं सच में अपने बेटे के साथ सेक्सुअल रिलेशनशिप में हूं।
मम्मी :- यार मुझे ये जानके बहुत अजीब लग रहा है।
अंजलि :- आपने प्रॉमिस किया था कि जज नहीं करोगी।
मम्मी :- यार जज नहीं कर रही लेकिन ये तो बहुत बड़ी बात है।
मेरे लिए अभी तक प्लस पॉइंट यही था कि मम्मी गुस्सा नहीं हुई थीं और बात कर रही थीं अभी तक। फिर उन्होंने पूछा –
मम्मी :- कब से कर रही हो तुम अपने बेटे के साथ?
अंजलि :- यही कोई 3-4 साल हो गए।
मम्मी :- और शुरू कैसे हुआ था ये सब?
अंजलि :- क्या बताऊं…इसके papa तो घर पे रहते नहीं थे और बेटी भी अपनी ससुराल में रहती है तो घर में हम मां-बेटा ही रहते थे। तो बाहर के सब काम मैनेज करना, घर का राशन वगैरह लाना सब बेटा ही करता था…घर के कामों में भी मेरी हेल्प कर देता था। हम लोग काफी टाइम साथ ही स्पेंड करते थे तो एक-दूसरे से बहुत कंफर्टेबल भी हो गए थे। कभी-कभी आके प्यार से मुझे हग या किस भी कर लेता था वो। इस तरह से हम दोनों बहुत करीब आ गए थे। एक-दूसरे का टच करना धीरे-धीरे अच्छा लगने लगा था। फिर एक दिन हम लोग साथ में बैठे मूवी देख रहे थे तो उसमें एक सेक्सी सीन आया तो मैंने बेटे का तना लंड देखा और मेरा मन डोल गया…बहुत दिनों से मैंने कुछ किया भी नहीं था। उस दिन फिर बेटे को सोते टाइम गुड नाइट किस दी…और उसके बाद सब अपने आप होता चला गया।
(ये सब कहानी भी मैंने किसी सेक्स स्टोरी से ही बनाई थी)
मम्मी :- हे भगवान! फिर तुम्हें गिल्टी नहीं फील हुआ।
अंजलि :- यार सच कहूं तो जब अगले दिन उठी तब तो फील हुआ कि ये क्या हो गया…उस दिन शुरू में तो हम लोग एक-दूसरे से आंखें चुरा रहे थे लेकिन जैसे-जैसे दिन बीता….ऐसा लगा कि हम दोनों ही सुबह का गिल्ट भूलने लगे और रात में फिर वही सब हुआ हम दोनों के बीच।
मम्मी :- अच्छा।
अंजलि :- हां..और फिर तो जैसे मुझे आदत ही हो गई है…जब तक उसके साथ सेक्स न करूं तो दिन अधूरा सा लगता है। घर का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां हमने सेक्स न किया हो।
मम्मी :- Hmm
अंजलि: "और पता है… ये नए लड़के सेक्स में इतनी नई-नई चीज़ें करते हैं… इतना मज़ा आता है कि जैसा इसके बाप के साथ आज तक नहीं आया।"
मम्मी: "अच्छा… जैसे कि क्या?"
अंजलि: "अच्छा, आप बताओ आपके पति आपके साथ सेक्स कैसे करते हैं?"
मम्मी: "कैसे क्या, जैसे किया जाता है वैसे ही करते हैं।"
अंजलि: "नहीं, मतलब प्रोसेस बताओ… कैसे स्टार्ट करते हैं?"
मम्मी: "वही… 2-4 किस गालों पे की और फिर कपड़े ऊपर या नीचे खिसका के हो जाता है।"
अंजलि: "यानी आपने कभी पूरा नंगे होकर सेक्स नहीं किया?"
ये सब बातें मम्मी से कहते हुए मुझे ऐसा फील हो रहा था जैसे मेरी नसों में सनसनी हो रही हो… धड़कन एकदम बढ़ी हुई थी और घबराहट से हाथ काँप रहे थे। फिर मम्मी ने रिप्लाई किया—
मम्मी: "नहीं।"
अंजलि: "आपके हसबैंड ने कभी आपको नीचे किस किया है या चटा है?"
मम्मी: "नीचे कहाँ?"
अंजलि: "चूत पे।"
मम्मी: "छि! ऐसे कौन करता है। गंदा होता है वहाँ।"
अंजलि: "यार तुम्हें पता नहीं तुम क्या मिस कर रही हो। मेरा बेटा तो मुझे वहाँ बहुत अच्छे से किस करता है… लिक (lick) करता है… इतना मज़ा आता है कि क्या बताऊँ।"
मम्मी: "अच्छा?"
अंजलि: "हाँ यार। जब वो मेरी चूत में अपनी जीभ डाल के चाटता है और फिर चूसता है… एकदम जन्नत जैसा फील होता है।"
मम्मी: "हूँ..."
फिर ऐसे ही कुछ बातों के बाद मम्मी ऑफलाइन हो गई थीं। अभी तक की बातों से मुझे ऐसा लग रहा था कि मम्मी को इंटरेस्ट तो आ रहा है सेक्स की बातें सुनने में, लेकिन वो अभी इस फैक्ट के साथ कंफर्टेबल नहीं थीं कि कोई माँ अपने बेटे के साथ भी सेक्स कर सकती है। इससे मुझे थोड़ी मायूसी तो हुई, पर अचानक एक नया प्लान मेरे दिमाग में आया। मुझे मम्मी की जीमेल आईडी (Gmail ID) और उसका पासवर्ड पता था।
मैंने उसे अपने लैपटॉप में यूट्यूब (YouTube) पर लॉगिन किया और उनकी आईडी से कई सारे 'माँ-बेटा सेक्स स्टोरी' के ऑडियो वाले वीडियो प्ले किए। मुझे उम्मीद थी कि इससे उनके ऐप में ऐसे वीडियो सजेशन (Suggestions) में आने लगेंगे। अगर मम्मी ने ऐसे 2-3 वीडियो देख लिए, तो शायद कुछ काम बने। मैंने 2-4 दिन तक यही किया और मैं उनकी हिस्ट्री (History) भी चेक करता जाता था कि क्या उन्होंने ऐसा कोई वीडियो देखा है या नहीं। इस बीच हमारी चैट (Chat) भी नॉर्मली चलती रही और उस बारे में कुछ दिन बात नहीं हुई।
Chapter 5 : Curiosity
दोस्तों, अपनी ही माँ को पाना कोई आसान काम नहीं है। बड़ी मेहनत, सब्र और तपस्या लगती है, लेकिन इसका फल एकदम स्वर्ग जैसा होता है। फिलहाल मेरी भी तपस्या चल रही थी। लगभग 7 दिनों के बाद पहली बार मुझे उनकी हिस्ट्री में एक वीडियो ऐसा दिखा जो मैंने नहीं देखा था, बल्कि उन्होंने खुद देखा था। ये देखकर मुझे इतनी एक्साइटमेंट (Excitement) हुई कि बता नहीं सकता। फिर अगले दिन मैंने चेक किया तो ऐसे 2-3 वीडियो उन्होंने देख रखे थे। अब मुझे लगने लगा था कि शायद मंज़िल मिल जाएगी और जल्द ही मेरी माँ की रसीली चूत में मेरा लंड होगा।
इस सब के दौरान माँ और अंजली की चैट रोज़ हो ही रही थी। वैसे ही घर परिवार की बातें, हंसी-मजाक और 2-4 नॉटी बातें जो कि mostly मेरी ही तरफ से होती थी। आखिरकार एक दिन मम्मी ने कुछ देर की चैट के बाद मुझसे यानी अंजली से कहा -
मम्मी :- अंजू यार मैं बड़े दिनों से एक बात सोच रही थी.. पूछू?
अंजली :- हाँ मेरी जान पूछो ना ?
मम्मी :- जो तुमने उस दिन बताया था कि तुम अपने बेटे के साथ सेक्स करती हो… तुमने कभी इसके reasons सोचे कि ये क्यों और कैसे हुआ? I mean तुम किसी और के साथ यानी बाहरवाले के साथ भी तो ये सब कर सकती थी तो बेटा ही क्यों?
ये सवाल सुनके मुझे लगा कि शायद मम्मी के मन में भी thoughts आने लगे हैं अपने बेटे को लेकर लेकिन वो भी sure नहीं है। अब उन्हें sure करने का काम मुझे करना था तो मैंने उसी तरह से reply किया।
अंजली :- देखो इसकी तो बड़ी simple सी वजह है पहले तो ये कि तुम खुद बताओ बेटे से तो तुम वैसे ही प्यार करती ही हो… I mean motherly love तो होता ही है ना। और वो भी तुमसे प्यार करता है। जैसे कि तुमने ही कहा था कि तुम्हारा बेटा तुम्हारे husband की absence में तुम्हारा और घर का ध्यान रखता है।
मम्मी :- हाँ
अंजली :- अब बताओ बाहरवाले के साथ तुम कैसे sure होगी कि वो तुम्हें प्यार करता है या नहीं? या वो कैसे तुम्हारा ध्यान रख पाएगा?
मम्मी :- Hmm
अंजली :- और दूसरी बात ये कि बाहर किसी के साथ पहले तो बदनामी का डर और दूसरा ये कि क्या पता कब वो वीडियो वगैरह बना ले और blackmail करने लगे… मजे की जगह सजा मिलने लगे।
मम्मी :- हाँ ये बात तो सही है
अंजली :- वैसे तुम ये क्यों पूछ रही हो… कहीं तुम्हारा भी तो मन नहीं है अपने बेटे के साथ try करने का ?
मम्मी :- अरे नहीं ऐसा नहीं है
ये सुनके मैं मायूस हो गया… मन में जितने लड्डू फुटे थे सब फुस्स हो गए। But फिर भी मैंने कहा
अंजली :- वैसे मेरी मानो तो try करो। तुम्हें भी sex की जरूरत है और बेटा तो तुम्हारे पास भी है।
मम्मी :- नहीं यार मुझे ये सब सही नहीं लग रहा
और ये बोल के वो offline हो गईं। इससे मैं भी मायूस हो गया कि इतने दिन की मेहनत का कोई फायदा नहीं हुआ। बात अभी भी वही की वही है।
But मैंने decide किया कि मैं उनके दिमाग में जब तक ये बात डालता रहूंगा। तो मैंने उनकी ID से youtube पे माँ बेटा sex stories वाले videos देखना continue रखा। और मैं ये भी notice कर रहा था कि माँ भी वो videos regular देख रही हैं जो कि मेरे लिए थोड़ी सी सुकून देने वाली बात थी लेकिन मैं confused भी हो रहा था कि एक तरफ तो माँ इसे accept नहीं करना चाह रही और दूसरी तरफ videos पूरे देख रही हैं। आखिर बात क्या है?
कुछ दिन और बीते मगर कुछ मेरे मन मुताबिक नहीं हो रहा था तो एक दिन चैट में मैंने ही फिर से पूछा
अंजली :- सारिका… मैंने जो तुमसे उस दिन कहा था उसके बारे में कुछ सोचा?
मम्मी :- किस बारे में?
अंजली :- wahi बेटे के साथ sex के लिए try करने के बारे में
मम्मी :- यार मान लो एक बार को मैं सोच भी लूं… मगर मेरा बेटा वैसा नहीं है। वो नहीं सोचेगा।
ये पढ़ के मुझे लगा कि कही मम्मी के मन में मेरी बाते का इफ़ेक्ट तो नहीं आने लगा है...शायद उनका मन बदल रहा है लेकिन अभी वो डाउट में हैं| अब इस डाउट को मुझे दूर करना था तो मैंने उनसे कहा -
अंजली :- एक तरीका है पता लगाने का लेकिन उसके लिए पहले तुम्हें अपना मन पक्का करना होगा कि तुम ये चाहती हो।
मम्मी :- यार मैं sure नहीं हो पा रही हूँ
अंजली :- रुको मैं तुम्हें कुछ भेजती हूँ
उसके बाद मैंने उन्हें एक news की link भेजी जिसमें कहीं विदेश के एक असली माँ बेटा love relationship में थे। और दो तीन sex videos भी भेजी जिनमें हिंदी voiceover था माँ बेटे का। ऐसा लगता था कि सच में माँ बेटे ही कर रहे हों। इसके साथ ही क्वोरा के कुछ लिंक भी भेजे इसी टॉपिक से रिलेटेड। ये सब पढ़ने और देखने के बाद मां का मैसेज फिर से आया।
मम्मी :- अंजू?
अंजलि :- हां….जो मैंने भेजा देखा?
मम्मी :- हां
अंजलि :- तो अब? क्या डिसाइड किया?
मम्मी :- पता नहीं यार
मुझे लग रहा था कि मम्मी कुछ-कुछ मान गई थी। लेकिन एक्सेप्ट नहीं कर रही थी। इसलिए मैंने कहा –
अंजलि :- अच्छा तुम्हें अपने बेटे को लेकर डाउट है ना कि वो तुम्हारे साथ सेक्स करने के बारे में सोचेगा या नहीं?
मम्मी :- Hmm
अंजलि: "तो एक काम करते हैं... पहले इसी बात का पता लगा लेते हैं। बस जैसे-जैसे मैं बोलती जाऊँ, वैसे-वैसे तुम्हें करना होगा। कर पाओगी?"
मम्मी: "ट्राई करूँगी।"
अंजलि: "गुड। तो सबसे पहले उसको अपने करीब रखना शुरू करो। जैसे घर के बाहर के काम तो वो करता ही है... तो घर के काम करते टाइम भी उसे साथ में लगा लो... जैसे किचन में या कपड़े धोते टाइम।"
मम्मी: "अच्छा।"
अंजलि: "हाँ... और जो भी प्रोग्रेस हो मुझे ज़रूर बताना। मैं जैसे-जैसे बताऊँ, वैसे-वैसे करना है।"
मम्मी: "ओके।"


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