19-03-2026, 03:50 PM
(19-03-2026, 11:34 AM)The_Writer Wrote: Update 4:
स्त्री जीवन की यही विडंबना होती है... कभी कुछ चीज़ें इच्छा के अनुसार तो कभी कई चीज़ें इच्छा के विपरीत मिलती हैं. जो नहीं चाहिए होती है उसके मिलने पर एक शिकायत भाव तो रहता ही है, लेकिन हास्यास्पद बात तो तब होती है जब इच्छा के अनुसार चीज़ें मिल तो जाती हैं लेकिन उनमें भी शर्तें जुड़ जाती हैं. इसमें भी, कभी कोई चीज़ मिलने के बाद कोई शर्त लागू होती है तो कभी मिलने से पहले ही शर्तों को पूरा करना पड़ता है. ऊपर से, शर्त जितने अच्छे तरीके से पूरे होंगे, चीज़ें उतनी ही बढ़िया ढंग से मिलेंगे!
Life m kuch v bina keemat ya shart ke nahi milta bas farq itna hai ki kabhi keemat pehle chukani padti hai, kabhi baad mein....


![[Image: ll62okls_o.jpg]](https://images2.imgbox.com/8a/7b/ll62okls_o.jpg)
![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)