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Adultery Adventure of sam and neha
#32
Chapter 3 – Past & Present



शाम के 8 बज रहे थे।

शुक्रवार।

मैं ऑफिस से लौटा था—थका हुआ, लेकिन दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।

किचन में कॉफी बना रहा था।

नेहा अभी तक घर नहीं आई थी।

फोन पर मैसेज आया।

नेहा: बेबी... मैं लेट हो जाऊँगी।

ऐप लॉन्च कल है।

ऑर्डर कर लेना।

इंतज़ार मत करना।

मैंने तुरंत रिप्लाई किया—हँसी-मज़ाक वाला।

मैं: ठीक है बेबी... कोई तो कमाएगा घर चलाने के लिए... हाहा

उसने देखा।

दो ब्लू टिक।

फिर... कुछ नहीं।

मैंने कॉफी का कप उठाया।

एक घूँट लिया।

फिर... कप सिंक में रख दिया।

किचन से निकला।

सिंगल माल्ट की बॉटल निकाली।

ग्लास में डाला—बड़ी-सी पेग।

सिगरेट पैकेट उठाया।

सोफे पर बैठ गया।

टीवी ऑन किया।

कोई मूवी डाल ली—बिना ध्यान दिए।

क्योंकि... मूवी देखने का मन नहीं था।

मैं बस... टाइम काट रहा था।

अपने आप से भाग रहा था।

एक घूँट लिया।

सिगरेट सुलगाई।

धुआँ छोड़ा।

फिर... फोन की तरफ देखा।

चार्जिंग पर रखा हुआ।

कोई मैसेज नहीं।

नेहा व्यस्त होगी।

मैंने फोन उठाया।

क्रोम खोला।

इनकॉग्निटो मोड।

टाइप किया:

japanese cuckold video

मैं वो खास वीडियो ढूँढ रहा था।

जिस पर मैंने कई बार हस्तमैथुन किया था।

एक जापानी पति... अपनी पत्नी को दो बूढ़े मर्दों के साथ... सौंप देता है।

कॉन्ट्रैक्ट साइन करता है—पत्नी अब उनकी "ब्रीदिंग सेक्स डॉल" है।

जैसे चाहें... वैसा यूज़ करें।

पत्नी पहले मना करती है... रोती है... शर्माती है...

फिर... धीरे-धीरे... बदल जाती है।

पति बस... देखता रहता है।

उसकी आँखें... पहले दुखी... फिर... उत्तेजित।

वीडियो लोड हुआ।

मैंने प्ले किया।

साउंड कम कर दिया।

ग्लास उठाया।

एक और घूँट।

सिगरेट का एक और कश।

पहले... मैं इन वीडियोज़ से लड़ता था।

सोचता था—ये गलत है।

फिर... वाइफ स्वैपिंग वीडियो देखे।

फिर... वाइफ शेयरिंग।

फिर... ब्लैक्ड।

फिर... जापानी।

ये जापानी वाले... सबसे रियल लगते हैं।

कम से कम पत्नी पहले मना करती है।

रोती है।

शर्माती है।

फिर... धीरे-धीरे... मान जाती है।

मैंने कभी खुद को उस दूसरे मर्द की जगह नहीं सोचा।

न ही किसी और की बीवी को चोदते हुए।

मैं हमेशा... पति की जगह पर था।

देखने वाला।

अपमानित होने वाला।

फिर भी... उत्तेजित होने वाला।

और पत्नी... हमेशा नेहा।

मेरी फेवरेट पोर्न स्टार... नेहा।

उसका नाम... मेरी नेहा जैसा।

उसका चेहरा... मेरी नेहा जैसा।

उसकी शर्म... मेरी नेहा जैसी।

मैंने सोचा... अगर मैं उस पति की जगह होता...

और नेहा मेरी पत्नी होती...

और मैं उसे... दो बूढ़े मर्दों के सामने... सौंप देता...

कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करता...

वो पहले मना करती... रोती...

15 मिनट हो चुके थे।


वीडियो प्ले हो रहा था—मैंने कितनी बार देखा था ये, फिर भी हर बार पहली बार जैसा लगता था।

मुझे पता नहीं कब जींस उतर गई।

अंडरवियर टखनों पर लटक रहा था।

लुंड मेरे हाथ में था—सख्त, फड़कता हुआ।

मैंने धीरे-धीरे सहलाना शुरू किया—बिना जल्दबाज़ी के।

क्योंकि... ये वीडियो जल्दबाज़ी के लिए नहीं था।

ये... दर्द देखने के लिए था।

शर्म देखने के लिए था।

और... उत्तेजना... उसी से मिलती थी।

स्क्रीन पर... सब कुछ वैसा ही था।

दो बूढ़े मर्द—सफेद बाल, मोटे शरीर, भूखी आँखें।

पति ने कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया।

पत्नी ने मना किया—रोई, गिड़गिड़ाई।

"नहीं... प्लीज़... मैं तुम्हारी पत्नी हूँ..."

लेकिन पति ने कुछ नहीं कहा।

बस... सिर झुका लिया।

फिर... उन्होंने पत्नी को उठाया।

उसके स्तनों को मसलना शुरू किया—जोर-जोर से।

वो चीखी—"नहीं... छोड़ दो..."

लेकिन वो नहीं रुके।

एक ने उसका मुँह पकड़ा—लुंड अंदर डाला।

फेस फक।

गला तक।

घोक... घोल... घोक...

पत्नी की आँखें पति पर टिकी हुईं थीं।

उसकी आँखों में उम्मीद थी—कि पति उसे बचा लेगा।

पति बस... देखता रहा।

उसका चेहरा लाल था—शर्म से, दर्द से।

लेकिन... उसका लुंड... पैंट में सख्त हो रहा था।

फिर... सीन बदलते गए।

किचन में—उसे काउंटर पर चढ़ाकर चोदा।

डाइनिंग टेबल पर—उसके ऊपर लेटकर, जोर-जोर से।

बाथरूम में—शावर के नीचे, साबुन लगाकर, फिर अंदर।

और आखिर में... पति के बिस्तर पर।

दोनों बूढ़े... एक साथ।

एक नीचे... एक ऊपर।

पत्नी चीख रही थी—दर्द से... फिर मज़े से।

उसकी आँखें अब पति पर नहीं... बस... खाली थीं।

पति... बस... कोने में खड़ा था।

देखता रहा।

उसका लुंड हाथ में... सहलाता रहा।

मैंने वीडियो रोका।

साँसें तेज़ थीं।

मेरा लुंड... मेरे हाथ में... फड़क रहा था।

मैंने तेज़ किया।

एक... दो... तीन...

कम निकला—जोर से।

फर्श पर गिरा।

मैं थककर सोफे पर गिर पड़ा।

मैं सोफे पर लेटा रहा... लुंड अभी भी हाथ में था, लेकिन अब हल्का-सा ढीला पड़ रहा था।

कम फर्श पर फैला हुआ था—सफेद, चमकता हुआ।

मैंने उसे देखा।

पहले... हर बार... कम करने के बाद... एक गहरा अफसोस आता था।

शर्म आती थी।

खुद से नफरत होती थी।

"ये क्या कर रहा हूँ मैं?"

"ये गलत है... "

फिर... फिर वही।

लेकिन अब... महीनों से... वो अफसोस नहीं आता।

पोस्ट-नट क्लैरिटी... वो नहीं आती।

मूवी चल रही थी—कोई पुरानी बॉलीवुड फिल्म।

हीरोइन हँस रही थी।

हीरो उसे गले लगा रहा था।

सब कुछ... नॉर्मल।

सब कुछ... साफ़।

लेकिन मेरे दिमाग में... सब कुछ गंदा था।

घड़ी में 9 बज गए थे।

समय जैसे पलक झपकते निकल गया।

मैं वीडियो में इतना डूबा था कि पता ही नहीं चला।

मैं उठा।

पैर काँप रहे थे—थकान से, या उत्तेजना से।

किचन गया।

एक और पेग बनाया—इस बार और बड़ा।

ग्लास में बर्फ डाली, माल्ट डाला, पानी डाला।

फिर... फर्श पर फैला अपना कम देखा।

सफेद, सूखता हुआ।

मैंने गंदे कपड़े उठाए—कल की टी-शर्ट, नेहा की पुरानी पैंटी जो लॉन्ड्री से आई थी।

उस पर भी... कुछ निशान थे।

मैंने घुटनों पर बैठकर साफ़ करना शुरू किया।

फिर... वो दिन याद आया।

सूट 502।

अलोक जी का कम... फर्श पर।

मेरा कम... फर्श पर।

मैंने हैंड टॉवल से साफ़ किया था।

सैंडी हँस रही थी।

अलोक जी हँस रहे थे।

"गुड बॉय... ये तेरी ड्यूटी होगी..."

एक साल से ज़्यादा हो गया।

लेकिन... आज भी... वो पल मेरे दिमाग में ताज़ा है।

जैसे कल की बात हो।

मैंने सोचा... अगर कोई मुझे बहुत सारा पैसा दे...

या... मुझे वही पल फिर से जीने का मौका दे...

तो मैं... पैसा नहीं लूँगा।

मैं... वो पल चुनूँगा।

क्योंकि... वो पल... मेरी ज़िंदगी का सबसे नीचे का... और सबसे ऊँचा पल था।

अपमान... शर्म... दर्द... उत्तेजना... सब एक साथ।

और मैं... वो सब महसूस करना चाहता हूँ... फिर से।

फर्श साफ़ हो गया।

मैं उठा।

ग्लास उठाया।

एक घूँट लिया।

उस छुट्टी ने... मेरी ज़िंदगी बदल दी।

हमारा सेक्स लाइफ... कभी वैसा नहीं रहा।

मैं... अब कभी खुद को नेहा को चोदते हुए नहीं सोचता।

हर रात... जब हम बिस्तर पर होते हैं... मेरे दिमाग में... कोई और होता है।

अलोक जी।

डेविड।

विशाल।

वेटर—जिसने नेहा को टॉपलेस देखा था।

मैं... बस... चोदता हूँ।

फिर... नीचे जाता हूँ।

जीभ से... उसकी चूत चाटता हूँ।

उसे ऑर्गेज़्म देता हूँ।

हमेशा।

कभी नहीं छोड़ता... बिना उसे झड़ाए।

क्योंकि... मेरे कानों में... वो आवाज़ गूंजती रहती है।

"ये चूतिए... चूत चाटने में ही बेहतर होते हैं।"

अलोक जी की वो बात... सैंडी की हँसी... सब मेरे दिमाग में बस गया।

और अब... नेहा भी... कभी-कभी... हल्के से... यही कह देती है।

कल रात... हम बिस्तर पर थे।

मैंने उसे चोदा—धीमा, गहरा।

फिर... नीचे गया।

जीभ से चाटा।

उसकी चूत मेरी जीभ पर सिकुड़ रही थी।

वो झड़ गई—जोर से।

फिर... वो मेरी तरफ मुड़ी।

उसने मेरे कान में फुसफुसाया—बहुत धीरे, लेकिन साफ़।

"बेबी... तुम... बहुत स्किल्ड हो।

तुम्हें... सेक्स से बेहतर... चाटना आता है।"

मैं रुक गया।

उसकी बात... मेरे कानों में गूंजी।

"ये चूतिए... चूत चाटने में ही बेहतर होते हैं।"

मैंने कुछ नहीं कहा।

बस... चाटता रहा।

उसकी चूत पर।

उसकी आहें सुनता रहा।

नेहा कभी लालची नहीं थी।

वो कभी नहीं कहती थी—"और चोदो..."

"और जोर से..."

लेकिन... मैं... हमेशा करता हूँ।

क्योंकि... मैं जानता हूँ।

मैं... बस... इतना ही हूँ।

उस छुट्टी के बाद... पहले एक महीना तो हम रोज़ सेक्स करते थे।

रात को घर लौटते ही... नेहा को बिस्तर पर धकेल देता।

उसकी साड़ी उतारता, जींस उतारता, टी-शर्ट फाड़ता।

वो हँसती—शरमाती—फिर आह भरती।

"सैम... आज फिर?"

"हाँ... आज फिर।"

हम रोज़ एक-दूसरे को चोदते।

कभी किचन में, कभी बालकनी में, कभी बाथरूम में।

उसकी चूत मेरे लुंड पर कसती।

मैं उसे झड़ाता—बार-बार।

वो मेरे ऊपर चढ़ती, नीचे आती, पीठ करके बैठती।

हम थककर सो जाते।

फिर... ज़िंदगी ने पकड़ लिया।

पुणे महंगा शहर है।

हम दोनों ऊपरी मिडिल क्लास।

दोनों की जॉब्स—लंबी, थकाने वाली।

फ्लैट लिया—EMI शुरू।

हाउस पार्टीज़—दोस्तों के साथ।

ऑफिस, मीटिंग्स, डेडलाइन्स।

धीरे-धीरे... सेक्स हफ्ते में एक बार हो गया।

कभी-कभी... दस दिन में एक बार।

लेकिन... मैं खुश था।

दूसरे दिनों... मैं खुद को खुश करता।

हाथ से... वीडियोज़ से... यादों से।

कभी सैंडी की इंस्टा पर जाता।

एक्सोटिक लोकेशन में... बिकिनी में... मुस्कुराती हुई।

सोचता... वो अब किसके साथ है?

किसके लुंड पर है?

फिर... बंद कर देता।

कभी-कभी... उसी सोच में झड़ जाता।

अलोक जी का कार्ड... अभी भी मेरी वॉलेट में था।

कभी हाथ लगता... तो दिल धड़क जाता।

फिर... वापस रख देता।

सोचता... ये सब... एक सपना था।

अच्छा हुआ... मैंने संपर्क नहीं किया।

अच्छा हुआ... वो दिन... बस एक बार के लिए थे।

कभी-कभी... अनजान नंबर आता।

डर लगता—क्या कोई वीडियो... ब्लैकमेल?

क्या कोई... पैसे माँगेगा?

लेकिन... कभी कुछ नहीं हुआ।

अलोक जी ने कहा था—"ये मेरी स्टाइल नहीं।"

मैंने यकीन कर लिया।

अब... सब शांत था।

ये सब सोचते हुए... मैंने एक गहरी साँस ली।

ग्लास खत्म हो चुका था।

मैंने पेग बनाया—इस बार थोड़ा कम।

सोफे पर लेट गया।

फोन साइलेंट।

टीवी पर वही पुरानी फिल्म चल रही थी

सब कुछ... बहुत नॉर्मल।

लेकिन मेरे अंदर... एक अजीब सी शांति थी।

उस छुट्टी के बाद... मेरे अंदर का डर... जलन... असुरक्षा... सब खत्म हो गया।

पहले... नेहा को किसी लड़के ने देखा होता... या कोई पार्टी में उसके साथ ज़्यादा बात की होती... तो मैं जल जाता।

गुस्सा आता।

रात भर नींद नहीं आती।

सोचता... वो क्या सोच रही होगी?

क्या वो किसी और को पसंद करती है?

क्या वो... मुझे छोड़ देगी?

अब... वो सारी फीलिंग्स... गायब।

नेहा आज लेट है।

शायद कल भी लेट आए।

शायद कभी रात भर न आए।

शायद उसके ऑफिस में... कोई अफेयर हो।

पुणे में... ऑफिस अफेयर्स बहुत कॉमन हैं।

मेरी टीम में भी... दो-तीन लोग... अपनी-अपनी वाइफ के अलावा किसी और के साथ।

मैं जानता हूँ।

लेकिन... मुझे अब कोई जलन नहीं होती।

कोई डर नहीं।

कोई इनसिक्योरिटी नहीं।

अगर नेहा किसी के साथ... सो जाए।

किसी से चुद जाए।

मुझे... गुस्सा नहीं आएगा।

बल्कि... सोचते ही... लुंड सख्त हो जाता है।

पहले... सड़क पर, मॉल में, हाउस पार्टी में... कोई नेहा को देखता... तो मैं गुस्से से भर जाता।

उसकी कमर पर हाथ रखकर खींच लेता—जैसे कह रहा होँ—"ये मेरी है।"

अब... अगर कोई देखे... तो मुझे अच्छा लगता है।

उसकी नज़रें नेहा की गांड पर... उसके स्तनों पर... उसके होंठों पर...

मुझे... उत्तेजित करता है।

मैं सोचता हूँ—अगर वो नेहा को छू ले... अगर वो नेहा को चोद ले... तो क्या होगा?

और मेरा लुंड... फड़क उठता है।

और असल ज़िंदगी में... मुझे अब किसी और औरत में इंटरेस्ट नहीं।

न किसी ऑफिस की लड़की में।

न किसी दोस्त की वाइफ में।

न किसी रैंडम इंस्टा प्रोफाइल में।

सिर्फ़... इनकॉग्निटो मोड।

जापानी वीडियोज़।

कॉकॉल्ड स्टोरीज़।

सैंडी की पुरानी इंस्टा पिक्स।

वो सब... मेरी ज़रूरत पूरी कर देते हैं।

और नेहा... वो अभी भी अच्छी बीवी है।

कभी कोई चांस नहीं दिया... कि वो बेवफा है।

कभी कोई संदेह नहीं हुआ।
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Messages In This Thread
Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-02-2026, 04:03 PM
RE: Adventure of sam and neha - by rangeeladesi - 17-02-2026, 10:06 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-02-2026, 04:47 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-02-2026, 06:31 PM
RE: Adventure of sam and neha - by rangeeladesi - 19-02-2026, 10:42 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 10:51 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 02:14 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 03:44 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 06:03 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 11:00 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 21-02-2026, 05:29 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 21-02-2026, 05:35 PM
RE: Adventure of sam and neha - by rangeeladesi - 21-02-2026, 07:04 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 22-02-2026, 11:55 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 22-02-2026, 12:15 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 24-02-2026, 12:04 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 25-02-2026, 01:03 PM
RE: Adventure of sam and neha - by BHOG LO - 25-02-2026, 01:21 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 28-02-2026, 02:02 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 28-02-2026, 04:06 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 03-03-2026, 12:20 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 03-03-2026, 12:24 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 07-03-2026, 12:08 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 09-03-2026, 12:27 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 12-03-2026, 10:56 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 12-03-2026, 11:02 AM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 12-03-2026, 01:09 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 14-03-2026, 07:22 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 15-03-2026, 01:35 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Vkpawar - 15-03-2026, 12:53 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 16-03-2026, 02:35 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 16-03-2026, 05:28 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 17-03-2026, 09:39 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 17-03-2026, 09:49 AM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 17-03-2026, 05:53 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-03-2026, 02:06 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-03-2026, 02:13 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-03-2026, 03:35 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 19-03-2026, 05:57 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 25-03-2026, 08:11 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 31-03-2026, 05:15 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 31-03-2026, 05:25 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 31-03-2026, 05:27 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 02-04-2026, 12:57 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 02-04-2026, 03:30 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 02-04-2026, 03:34 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 02-04-2026, 03:58 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 09-04-2026, 03:45 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Glenlivet - 09-04-2026, 07:33 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 09-04-2026, 07:59 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 12-04-2026, 01:04 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-04-2026, 12:02 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-04-2026, 12:22 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-04-2026, 12:25 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - Yesterday, 12:00 AM



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