16-03-2026, 01:25 PM
राजासाहब ने गोद मे बैठी अपनी बहू को चूमना शुरू कर दिया। उनके हाथ उसकी कमर और गांड को सहला रहे थे। मेनका भी उनकी किस का पूरा जवाब देते हुए अपनी गांड से उनके लंड को रगड़ रही थी। राजासाहब ने अपना हाथ कमर से हटा उसके ब्लाउस मे डाल दिया तो मेनका भी उनके शर्ट के बटन खोलने लगी। दोनो जल्दी से उठ खड़े हुए और एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे।
नंगे होते ही दोनो एक दूसरे के गले लग गये और चूमने लगे। राजासाहब ने अपनी बहू की भारी-भरी गांड को जम के सहलाया और मसला। फिर मेनका उनके होठों को छोड़ उनके सीने को चूमते हुए नीचे उनके लंड तक आ गयी और अपने घुटनो पे बैठ उसे चूसने लगी। उनके अंडो को अपने कोमल हाथों मे दबा कर जब लंड को उसने ज़ोर से चूसा तो राजासाहब की आह निकल गयी। मैत्री की पेशकश
उन्हों ने उसे अपनी गोद मे उठा लिया और ड्रॉयिंग रूम मे आ गये। वहा उन्होने मेनका को सोफे पे लिटा दिया और उसके पेट को चूमने लगे। अपनी उंगली से उन्होने उसकी चूत को कुरेदना चालू कर दिया।
"ऊहह!",मेनका की मस्त आंहे से फार्महाउस का वीराना भी गुलज़ार हो गया। राजासाहब का चेहरा उसकी चूत पे झुक गया और वो उसके चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगे। मेनका पागलों की तरह अपनी कमर उचकाने लगी और झड़ गयी। राजासाहब ने उसकी चूत से छूटे हुए सारे पानी को पी लिया।
फिर राजासाहब उठ कर उसके सर के पीछे खड़े हो गये,मेनका ने उनके लंड को अपनी आँखों के सामने देखा तो हाथ पीछे ले जा के उसने उनकी गांड को पकड़ लिया और अपना सर पीछे कर के उनका लंड एक बार फिर अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी। राजासाहब ने हाथ नीचे ले जा कर उसके बोबले को दबाना और निपल्स को मसलना शुरू कर दिया।
तभी राजासाहब को कुछ ख़याल आया,उन्होने अपने लंड को मेनका के मुँह से निकाल लिया और भागते हुए किचन की तरफ चले गये। मेनका को हैरत हुई पर जब तक वो उठती राजासाहब वापस आ गये थे। उनके हाथ मे एक बोल था। राजासाहब उसके पास बैठ गये और बोल मे रखी चीज़ चम्चे से उसकी चूचियो पे डालने लगे।
"ऊओ!",सीने पे ठंडा गीलापन महसूस हुआ तो मेनका की आ निकल गयी। उसने देखा राजासाहब उसकी चूचियों को आइसक्रीम से ढँक रहे थे। राजासाहब ने बोल किनारे रखा और टूट पड़े अपनी बहू की आइसक्रीम से सराबोर चूचियों पर। मेनका तो पागल हो गयी। राजासाहब ने चाट-चाट कर उसके सीने को साफ़ किया और फिर पहले उसकी नाभि को आइसक्रीम से भरा और फिर अपनी जीभ से साफ़ किया।
अब उसकी चूत की बारी थी। राजासाहब ने वहा भी आइसक्रीम लगाई और फिर चाट-चाट कर साफ़ किया। अपने ससुर की आइसक्रीम चाटती जीभ से मेनका दो बार झड़ गयी। अब उसकी बारी थी,वो उठी और पकड़ कर अपने ससुर को सोफे पे बिठा दिया और बोल से आइसक्रीम निकाल कर उनके लंड और अंडो पे लगा दिया। फिर लगी अपनी जीभ से वहा पे चाटने। सोफे पे टांगे लटकाए बैठे राजासाहब के मज़े का ठिकाना नही था। जैसे ही मेनका ने आइस-क्रीम की आखरी बूँद को चाट कर साफ़ किया,उन्होने उसे उठा कर सोफे पे बैठे-बैठे अपनी गोद मे अपने लंड पे बिठा लिया।
अब दोनो एक दूसरे की आँखो मे झाँक रहे थे,मेनका की चूत राजासाहब के लंड से लोंक हो गई थी और उसके हाथों मे उनका चेहरा था जिसे वो चूम रही थी। राजासाहब भी उसके जिस्म को अपनी बाहों मे कसे हुए उसकी पीठ और गांड से खेल रहे थे।
मेनका ने अपने ससुर को चूमते हुए अपनी कमर हिलाकर उन्हे चोदना शुरू कर दिया। राजासाहब का लंड उसकी कोख पर चोट कर रहा था और उसकी चूत मे तो जैसे सैलाब आ गया था-पानी था कि छूटे ही जा रहा था।
उसने अपने ससुर के सर को पकड़ कर अपनी चूचियो पर झुका दिया। राजासाहब भी उसकी चूचियो को चूसने लगे। उसकी चूचिया तो अब पूरी तरह से उनके होंठो के निशान से भर गयी थी। राजासाहब के भी अंडो मे अब मीठा दर्द होने लगा था। उन्होने अपनी बहू की गांड को दबोच लिया और उसके निपल को चूस्ते हुए नीचे से बैठे-बैठे ऐसे धक्के मार के अपना पानी छोड़ा कि मेनका एक बार फिर उनके साथ झड़ गयी।
झड़ने के बाद दोनो वैसे ही बैठे एक दूसरे को चूमते रहे,"ये फार्महाउस तुम्हारा है?" मैत्री निर्मित
बस दोस्तों आज के लिए यही तक फिर मिलेंगे एक नए एपिसोड के साथ तब तक के लिए मैत्री की ओर से जय भारत।।
नंगे होते ही दोनो एक दूसरे के गले लग गये और चूमने लगे। राजासाहब ने अपनी बहू की भारी-भरी गांड को जम के सहलाया और मसला। फिर मेनका उनके होठों को छोड़ उनके सीने को चूमते हुए नीचे उनके लंड तक आ गयी और अपने घुटनो पे बैठ उसे चूसने लगी। उनके अंडो को अपने कोमल हाथों मे दबा कर जब लंड को उसने ज़ोर से चूसा तो राजासाहब की आह निकल गयी। मैत्री की पेशकश
उन्हों ने उसे अपनी गोद मे उठा लिया और ड्रॉयिंग रूम मे आ गये। वहा उन्होने मेनका को सोफे पे लिटा दिया और उसके पेट को चूमने लगे। अपनी उंगली से उन्होने उसकी चूत को कुरेदना चालू कर दिया।
"ऊहह!",मेनका की मस्त आंहे से फार्महाउस का वीराना भी गुलज़ार हो गया। राजासाहब का चेहरा उसकी चूत पे झुक गया और वो उसके चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगे। मेनका पागलों की तरह अपनी कमर उचकाने लगी और झड़ गयी। राजासाहब ने उसकी चूत से छूटे हुए सारे पानी को पी लिया।
फिर राजासाहब उठ कर उसके सर के पीछे खड़े हो गये,मेनका ने उनके लंड को अपनी आँखों के सामने देखा तो हाथ पीछे ले जा के उसने उनकी गांड को पकड़ लिया और अपना सर पीछे कर के उनका लंड एक बार फिर अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी। राजासाहब ने हाथ नीचे ले जा कर उसके बोबले को दबाना और निपल्स को मसलना शुरू कर दिया।
तभी राजासाहब को कुछ ख़याल आया,उन्होने अपने लंड को मेनका के मुँह से निकाल लिया और भागते हुए किचन की तरफ चले गये। मेनका को हैरत हुई पर जब तक वो उठती राजासाहब वापस आ गये थे। उनके हाथ मे एक बोल था। राजासाहब उसके पास बैठ गये और बोल मे रखी चीज़ चम्चे से उसकी चूचियो पे डालने लगे।
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अब उसकी चूत की बारी थी। राजासाहब ने वहा भी आइसक्रीम लगाई और फिर चाट-चाट कर साफ़ किया। अपने ससुर की आइसक्रीम चाटती जीभ से मेनका दो बार झड़ गयी। अब उसकी बारी थी,वो उठी और पकड़ कर अपने ससुर को सोफे पे बिठा दिया और बोल से आइसक्रीम निकाल कर उनके लंड और अंडो पे लगा दिया। फिर लगी अपनी जीभ से वहा पे चाटने। सोफे पे टांगे लटकाए बैठे राजासाहब के मज़े का ठिकाना नही था। जैसे ही मेनका ने आइस-क्रीम की आखरी बूँद को चाट कर साफ़ किया,उन्होने उसे उठा कर सोफे पे बैठे-बैठे अपनी गोद मे अपने लंड पे बिठा लिया।
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मेनका ने अपने ससुर को चूमते हुए अपनी कमर हिलाकर उन्हे चोदना शुरू कर दिया। राजासाहब का लंड उसकी कोख पर चोट कर रहा था और उसकी चूत मे तो जैसे सैलाब आ गया था-पानी था कि छूटे ही जा रहा था।
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झड़ने के बाद दोनो वैसे ही बैठे एक दूसरे को चूमते रहे,"ये फार्महाउस तुम्हारा है?" मैत्री निर्मित
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