14-03-2026, 07:43 PM
थोड़ी देर बाद होटेल के एक कमरे मे माजिद नंगा लेटा था और उसका लंड उसके उपर बैठी मलिका की चूत मे था। मलिका उसके उपर झुक कर अपने बाए हाथ से पकड़ कर अपनी बाई चूची माजिद के मुँह मे दे रही थी और माजिद के हाथ उसकी पीठ पर फिसल रहे थे। थोड़ी देर बाद उसने बाई निकाली और दाई चूची उसके मुँह मे डाल दी। माजिद ने ऐसी खूबसूरत लड़की पहले कभी नही चोदि थी और उसके लिए अब अपना पानी रोकना मुश्किल हो रहा था। उसने अपनी कमर हिला कर धक्के मारना शुरू किया तो मलिका उठ कर बैठ गयी और कमर हिला-हिला कर उसे चोदने लगी।
मलिका ने अपने हाथ अपने बालों मे फिराने शुरू कर दिए, माजिद की तो हालत बुरी हो गयी। उसने अपने हाथों से उसकी चूचिया मसलनी चालू कर दी और ज़ोर-जोर से कमर हिलाते हुए उसकी चूत मे झड़ गया। मलिका नही झड़ी थी पर जैसे ही उसने माजिद का पानी अपनी चूत मे महसूस किया वो झुक कर उस से चिपक गयी और झड़ने की एक्टिंग करने लगी।
मलिका उसके उपर से उतर कर उसकी बगल मे लेट गयी। माजिद उसे बाँह मे घेर कर उसका पेट सहलाने लगा।
"माजिद!" मैत्री की पेशकश
"ह्म्म!"
"तुम्हारे प्लेन मे काफ़ी माशूर लोग भी आते होंगे ना?"
"हुउँ।" माजिद झुक कर उसकी चूचिया चूसने लगा।
"कौन-कौन बैठा है तुम्हारे प्लेन मे?"
"राहुल द्रविड़,जॉन अब्राहम,प्रिटी ज़िंटा,सानिया मिर्ज़ा।" उसने चूसना छोड़ उन चूचियो को फिर से दबाना चालू कर दिया।
"रियली! और?" मलिका ने उसका लंड अपने हाथ मे ले लिया।
"और......कुछ पॉलिटिशियन्स।"
"और बिज़नेसमॅन?" वो अब लंड हिलाकर उसे दुबारा खड़ा कर रही थी।
"हा...जिंदल स्टील का मालिक आया था एक बार। और अपने राजकुल के राजासाहब को तो मैं हमेशा ले जाता हू।"
"सच मे? राजासाहब को भी! वाउ! कही तुम मुझे बना तो नही रहे माजिद?"
"अरे नही,मेरी जान, तुम्हे पता है मैं हर बार उनकी फ्लाइट पाइलट करता हू।" वो इस लड़की को इंप्रेस करने का मौका नही छोड़ना चाहता था। "और तुम्हे पता है कि उनका बेटा...-"
"-वो जो ड्रग अडिक्ट हो गया है?"
"हा, और जिसके बारे मे कोई नही जानता कि वो कहा गया है।" उसने मलिका को लिटा दिया और अपनी उंगली उसकी चूत मे डाल दी।,"पर मैं जानता हू।"
"!!अच्छा!!",मलिका ने आँखे बंद कर ऐसे जताया जैसे उसे बहुत मज़ा आ रहा था जबकि हक़ीक़त मे उसका पूरा ध्यान माजिद की बातों पर था। उसने सपने मे भी नही सोचा था कि बिना राजा का नाम लिए वो उसे ये सब बताने लगेगा।
"हा। राजासाहब का बेटा बॅंगलुर मे है किसी डॉक्टर पूरी नही पूर्वे....हा याद आया डॉक्टर पुरन्दारे के क्लिनिक मे।"
मलिका का काम हो गया था। उसने माजिद को अपने उपर खीच लिया जोकि अपना लंड उसकी चूत मे घुसाने लगा।
थोड़ी देर बाद माजिद को गहरी नींद मे सोता छोड़ मलिका लिफ्ट से नीचे होटेल के एग्ज़िट की तरफ जा रही थी। माजिद बेचारे को पता भी नही था कि उसने कितनी बड़ी ग़लती कर दी थी।
मलिका की चूत मे आग लगी थी। माजिद उसे ज़रा भी शांत नही कर पाया था। घर पहुँच कर जैसे ही उसने जब्बार को सारी बात बताई वो खुशी से पागल हो गया और उसे खींच कर अपनी बाहों मे भर चूमने लगा। यही तो मलिका चाहती थी। उसने भी एक हाथ से उसका लंड पकड़ लिया और दूसरे से अपने कपड़े उतारने लगी।
जब्बार अपने दोनो साथियों के साथ बॅंगलुर जाने की तैयारी करने लगा,
"हम तीनो अलग-अलग बॅंगलुर पहुँचेंगे और इस होटेल के रेस्टोरेंट मे मिलेंगे।" उसने मिलने का दिन और समय भी दोनो को बताया।
"यहा से हम मे से कोई भी सीधे बॅंगलुर नही जाएगा।हम सब यहा से 3 अलग-अलग शहरों को जाएँगे और वहा से बॅंगलुर जाएँगे और कोई भी अपना सही नाम इस्तेमाल नही करेगा।"
"वहा पहुँच तो जाएँगे पर विश्वजीत को रिहेब सेंटर से कैसे निकालेंगे?" ये सवाल कल्लन ने पूछा।
"वहा पहुँच कर हम सेंटर के बारे मे सारी जानकारी जुटाएँगे और फिर मैं आगे का प्लान बनाऊंगा। फिलहाल तो मैं हम सब के ट्रॅवेल प्लॅन्स अरेंज करता हू।" जब्बार फ्लॅट से बाहर निकल गया।
उसके निकलते ही मलिका दौड़ कर खड़े हुए कल्लन की गोद मे चढ़ गयी, अपनी टांगो से उसने उसकी कमर जकड़ ली और उसे चूमने लगी। कल्लन के हाथों ने उसकी गांड को थाम लिया। मलिका केवल एक टी-शर्ट पहने थी। कल्लन ने उसे एक दीवार से चिपका दिया और एक हाथ से उसको थाम कर दूसरे से अपनी पॅंट खोल अपना लंड निकाल लिया।
उसने खड़े-खड़े ही अपना लंड मलिका की चूत मे उतार दिया और उसे दीवार से लगा कर धक्के मारने लगा। मलिका अपनी जीभ से उसके कान को चाटने लगी और उसके बड़े लंड का मज़ा उठाने लगी।
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आज के लिए बस यही तक फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ।
जय भारत।।
मलिका ने अपने हाथ अपने बालों मे फिराने शुरू कर दिए, माजिद की तो हालत बुरी हो गयी। उसने अपने हाथों से उसकी चूचिया मसलनी चालू कर दी और ज़ोर-जोर से कमर हिलाते हुए उसकी चूत मे झड़ गया। मलिका नही झड़ी थी पर जैसे ही उसने माजिद का पानी अपनी चूत मे महसूस किया वो झुक कर उस से चिपक गयी और झड़ने की एक्टिंग करने लगी।
मलिका उसके उपर से उतर कर उसकी बगल मे लेट गयी। माजिद उसे बाँह मे घेर कर उसका पेट सहलाने लगा।
"माजिद!" मैत्री की पेशकश
"ह्म्म!"
"तुम्हारे प्लेन मे काफ़ी माशूर लोग भी आते होंगे ना?"
"हुउँ।" माजिद झुक कर उसकी चूचिया चूसने लगा।
"कौन-कौन बैठा है तुम्हारे प्लेन मे?"
"राहुल द्रविड़,जॉन अब्राहम,प्रिटी ज़िंटा,सानिया मिर्ज़ा।" उसने चूसना छोड़ उन चूचियो को फिर से दबाना चालू कर दिया।
"रियली! और?" मलिका ने उसका लंड अपने हाथ मे ले लिया।
"और......कुछ पॉलिटिशियन्स।"
"और बिज़नेसमॅन?" वो अब लंड हिलाकर उसे दुबारा खड़ा कर रही थी।
"हा...जिंदल स्टील का मालिक आया था एक बार। और अपने राजकुल के राजासाहब को तो मैं हमेशा ले जाता हू।"
"सच मे? राजासाहब को भी! वाउ! कही तुम मुझे बना तो नही रहे माजिद?"
"अरे नही,मेरी जान, तुम्हे पता है मैं हर बार उनकी फ्लाइट पाइलट करता हू।" वो इस लड़की को इंप्रेस करने का मौका नही छोड़ना चाहता था। "और तुम्हे पता है कि उनका बेटा...-"
"-वो जो ड्रग अडिक्ट हो गया है?"
"हा, और जिसके बारे मे कोई नही जानता कि वो कहा गया है।" उसने मलिका को लिटा दिया और अपनी उंगली उसकी चूत मे डाल दी।,"पर मैं जानता हू।"
"!!अच्छा!!",मलिका ने आँखे बंद कर ऐसे जताया जैसे उसे बहुत मज़ा आ रहा था जबकि हक़ीक़त मे उसका पूरा ध्यान माजिद की बातों पर था। उसने सपने मे भी नही सोचा था कि बिना राजा का नाम लिए वो उसे ये सब बताने लगेगा।
"हा। राजासाहब का बेटा बॅंगलुर मे है किसी डॉक्टर पूरी नही पूर्वे....हा याद आया डॉक्टर पुरन्दारे के क्लिनिक मे।"
मलिका का काम हो गया था। उसने माजिद को अपने उपर खीच लिया जोकि अपना लंड उसकी चूत मे घुसाने लगा।
थोड़ी देर बाद माजिद को गहरी नींद मे सोता छोड़ मलिका लिफ्ट से नीचे होटेल के एग्ज़िट की तरफ जा रही थी। माजिद बेचारे को पता भी नही था कि उसने कितनी बड़ी ग़लती कर दी थी।
मलिका की चूत मे आग लगी थी। माजिद उसे ज़रा भी शांत नही कर पाया था। घर पहुँच कर जैसे ही उसने जब्बार को सारी बात बताई वो खुशी से पागल हो गया और उसे खींच कर अपनी बाहों मे भर चूमने लगा। यही तो मलिका चाहती थी। उसने भी एक हाथ से उसका लंड पकड़ लिया और दूसरे से अपने कपड़े उतारने लगी।
जब्बार अपने दोनो साथियों के साथ बॅंगलुर जाने की तैयारी करने लगा,
"हम तीनो अलग-अलग बॅंगलुर पहुँचेंगे और इस होटेल के रेस्टोरेंट मे मिलेंगे।" उसने मिलने का दिन और समय भी दोनो को बताया।
"यहा से हम मे से कोई भी सीधे बॅंगलुर नही जाएगा।हम सब यहा से 3 अलग-अलग शहरों को जाएँगे और वहा से बॅंगलुर जाएँगे और कोई भी अपना सही नाम इस्तेमाल नही करेगा।"
"वहा पहुँच तो जाएँगे पर विश्वजीत को रिहेब सेंटर से कैसे निकालेंगे?" ये सवाल कल्लन ने पूछा।
"वहा पहुँच कर हम सेंटर के बारे मे सारी जानकारी जुटाएँगे और फिर मैं आगे का प्लान बनाऊंगा। फिलहाल तो मैं हम सब के ट्रॅवेल प्लॅन्स अरेंज करता हू।" जब्बार फ्लॅट से बाहर निकल गया।
उसके निकलते ही मलिका दौड़ कर खड़े हुए कल्लन की गोद मे चढ़ गयी, अपनी टांगो से उसने उसकी कमर जकड़ ली और उसे चूमने लगी। कल्लन के हाथों ने उसकी गांड को थाम लिया। मलिका केवल एक टी-शर्ट पहने थी। कल्लन ने उसे एक दीवार से चिपका दिया और एक हाथ से उसको थाम कर दूसरे से अपनी पॅंट खोल अपना लंड निकाल लिया।
उसने खड़े-खड़े ही अपना लंड मलिका की चूत मे उतार दिया और उसे दीवार से लगा कर धक्के मारने लगा। मलिका अपनी जीभ से उसके कान को चाटने लगी और उसके बड़े लंड का मज़ा उठाने लगी।
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आज के लिए बस यही तक फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ।
जय भारत।।


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