10-03-2026, 03:13 PM
सुबह के 5 बज रहे थे। मेनका पूरी तरह से नंगी बेख़बर सो रही थी। बगल मे राजासाहब अदलेते से जागे हुए थे और उसकी जवानी को निहार रहे थे, वो भी पूरी तरह नंगे थे बस उनकी कलाई पर एक सोने का ब्रेस्लेट चमक रहा था। ब्रेस्लेट के बीच मे चमकता सूरज बना था जोकि उनका राजचिन्ह भी था। यही वो चीज़ थी जो कि मेनका ने मुम्बई मे उनसे छिपा कर खरीदी थी ताकि उन्हे सर्प्राइज़ दे सके। कल रात आख़िरी बार की चुदाई के बाद उसने अपने हाथों से ये उन्हे पहनाया था। मैत्री की प्रस्तुति.
राजासाहब मेनका को देखने लगे। सोते वक़्त कितनी मासूम लग रही थी। उसकी बड़ी-बड़ी छातियो के बीच उनकी दी हुई चैन चमक रही थी। साँसों के कारण उसकी स्तनों के उभार उपर नीचे हो रही थी। ये नज़ारा देख कर राजासाहब का सोया लंड फिर जागने लगा और उनका दिल किया कि अपने होठ अपनी बहू के निपल्स से लगा दें। पर तभी उन्हे समय का ध्यान आया, थोड़ी देर बाद दोनो को ऑफीस भी जाना था। अगर अभी वो मेनका को चोद्ते तो आज वो ज़रूर ऑफीस मिस कर देती जो कि वो बिल्कुल नही चाहते थे।
उन्होने एक लंबी साँस भरी और उठकर क्लॉज़ेट के रास्ते अपने कमरे मे चले गये। फिर वहाँ से मेनका की नाइटी और नेकलेस लाकर उसके बेड पे रख दिया और इस बार फाइनली अपने बेडरूम मे चले गये और क्लॉज़ेट के उस सीक्रेट रास्ते को बंद कर दिया।
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राजासाहब मेनका को देखने लगे। सोते वक़्त कितनी मासूम लग रही थी। उसकी बड़ी-बड़ी छातियो के बीच उनकी दी हुई चैन चमक रही थी। साँसों के कारण उसकी स्तनों के उभार उपर नीचे हो रही थी। ये नज़ारा देख कर राजासाहब का सोया लंड फिर जागने लगा और उनका दिल किया कि अपने होठ अपनी बहू के निपल्स से लगा दें। पर तभी उन्हे समय का ध्यान आया, थोड़ी देर बाद दोनो को ऑफीस भी जाना था। अगर अभी वो मेनका को चोद्ते तो आज वो ज़रूर ऑफीस मिस कर देती जो कि वो बिल्कुल नही चाहते थे।
उन्होने एक लंबी साँस भरी और उठकर क्लॉज़ेट के रास्ते अपने कमरे मे चले गये। फिर वहाँ से मेनका की नाइटी और नेकलेस लाकर उसके बेड पे रख दिया और इस बार फाइनली अपने बेडरूम मे चले गये और क्लॉज़ेट के उस सीक्रेट रास्ते को बंद कर दिया।
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