07-03-2026, 10:19 PM
भाग 6
उस रात भी दीपक ने मेरी धमाकेदार चुदाई की, और मुझे चोदते हुए दीपक अंकिता के बारे में बात कर रहा था कि उसकी चूचियां कितनी मस्त हैं और उसके चूतड़ कितने सुडौल हैं। वो मुझसे भी पूछ रहा था कि तुमने आकाश का लंड टच किया तो तुम्हें कैसा लगा। उसका लंड मुझसे बड़ा है क्या?
मैं भी उससे खुल के बात कर रही थी। मैंने बोला कि मैंने तो ऊपर से ही टच किया था, तो साइज का पूरा पता नहीं लगा पर तुम्हारे लंड जितना बड़ा तो नहीं लगा (हर मर्द को यह सुनकर खुशी होती है कि उसका लंड दूसरों से बड़ा है)। इस तरह हमारी चुदाई और भी मजेदार हो गई।
इस तरफ मैंने दीपक को और जीजू को उक्साया और उधर अंकिता ने दोनों को उक्साया।
शनिवार का दिन आ गया। मैं और दीपक थोड़ा जल्दी ही आ गए ऑफिस से।
मैंने सास को बोला: हम आज अंकिता के घर जा रहे हैं और कल दोपहर तक आएंगे। आप आरव को संभाल लेंगी या मैं अपने साथ ले जाऊं उसे।
वो बोली: तुम लोग जाओ और मजे करो। बच्चे को मैं संभाल लूंगी और कुछ प्रॉब्लम हुई तो मैं कॉल कर दूंगी।
मैं तैयार हो गई। मैंने एक रेड कुर्ती पहनी जो कि बहुत चुस्त थी, जिसमें मेरे उभार पूरे दिख रहे थे और नीचे लेगिंग्स। मैंने आज वही ब्रा पेंट्री पहनी जो आकाश जीजु के पसंद की ली थी।
मैं तो बहुत उत्साहित थी। आज इतने सालों के बाद पति के लंड से इतर एक नए लंड का मजा मिलने की संभावना थी। ऐसा नहीं था कि मैं दीपक के लंड से खुश नहीं थी या वो मुझे खुश नहीं कर पाता था। पर जिंदगी में कुछ नया होना चाहिए, नहीं तो जिंदगी बोरिंग हो जाती है।
दीपक तो मुझसे भी ज्यादा उतावला लग रहा था। और हो भी क्यों न, जो वाटर पार्क में उसके और अंकिता के बीच हुआ, उसके बाद उसने बहुत कुछ सोच लिया होगा आज के दिन के लिए। और मैं तो ये भी जानने के लिए उत्सुक थी कि ये दोनों मर्द हम दोनों को बीवियों की अदला-बदली के लिए कैसे राजी करेंगे।
तो हम दोनों करीब सात बजे पहुंच गए उनके घर। जीजु ने दरवाजा खोला और हमें अंदर बुलाया। फिर दीपक ने जीजु को हग किया और मैंने अंकिता को हग किया। हग करते हुए अंकिता ने मेरे कान में धीरे से बोला -
अंकिता: आज हमारा प्लान कामयाब हो जाना चाहिए।
मैं: ऐसा लगता तो है।
फिर उसके बाद दीपक ने अंकिता को हग किया। मैंने दीपक को देखा तो वो अंकिता को एक-दम कस के भींच कर रहा था। जीजु मेरे पास आए तो मैंने भी अपनी बाहें फैला दी जीजु के लिए। जीजु ने मुझे अपनी बाहों में भींचा और मेरे कान में धीरे से बोले -
जीजु: डार्लिंग, आज तो पटाखा लग रही हो।
मैंने थैंक्स बोला तो जीजु ने मुझे एक-दम कस लिया अपनी बाहों में। मेरी चूचियां उनके सीने में दब गई। मेरी आंखें अपने आप ही बंद हो गईं, और मैं उस लम्हे का मजा लेने लगी।
जब मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि दीपक और अंकिता हमें ही देख रहे थे, और मुस्कुरा रहे थे। मुझे शर्म आ गई और मैंने जीजू को अलग किया। फिर हम सब सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे।
जीजू: डिनर में अभी टाइम है, तो क्यों न हम कोई मूवी देखें तब तक?
मैंने सोचा कहीं इन लोगों ने हमें कोई गरम मूवी दिखा के पटाने का प्लान तो नहीं बनाया है? फिर सोचा जो भी है अच्छा है। हमें करना तो है ही, चाहे कैसे भी हो। फिर अंकिता किचन में गई, और कोल्ड ड्रिंक और नमकीन लेकर आई।
मैं: अरे वाह, पूरी तैयारी कर रखी है।
अंजिता: हम मज़े करने के लिए मिले हैं तो तैयारी तो करनी ही थी।
मेरी सोच के उल्टा जीजू ने एक नार्मल हॉलीवुड मूवी लगाई, जिसमें किसिंग सीन तो काफी थे, पर उससे ज्यादा कुछ नहीं। हमने सब ने मूवी काफ़ी एन्जॉय की। दोनों मर्दों ने एक्ट्रेस पर कुछ कमेंट्स भी किए, जैसे देख ना कितनी मस्त गोलाईयां है, क्या मस्त किस कर रही है, हीरो कहाँ कहाँ हाथ फिरा रहा है।
इस तरह हम सब ने एन्जॉय किया और मूवी ख़त्म हुई। फिर डिनर का समय हुआ तो अंकिता बोली कि डिनर के पहले हम सब कपड़े बदल लेते हैं। आरामदायक कपड़ों में रहेंगे तो डिनर भी अच्छी तरह एन्जॉय करेंगे।
सब को यह विचार अच्छा लगा। मैं और दीपक अपने सोने के कपड़े साथ लेकर आए थे।
अंकिता ने बोला: दोनों मर्द एक कमरे में जाकर चेंज कर लो, और मैं और मनीषा दूसरे कमरे में चेंज कर लेते हैं।
दीपक ने अपना नाइट ड्रेस लिया और जीजु के साथ चले गए। अंकिता और मैं दूसरे कमरे में चले गए।
अंकिता ने पूछा: आगे क्या प्लान है?
तो मैंने बोला: यार, प्लान तो मुझे भी नहीं पता। दोनों ने ही कुछ प्लान किया है, जो मुझे बिलकुल नहीं बताया।
अंकिता बोली: मुझसे तो वेट नहीं हो रहा।
मैंने बोला: डियर, थोड़ा सब्र कर। इतनी क्या उतावली हो रही है दीपक का लेने के लिए।
वो बोली: यार ऐसा कुछ नहीं है (और शर्मा गई)।
मैंने बोला: अरे, सब ठीक है। हम मिले ही आज उसके लिए हैं, तो वो तो होना चाहिए आज। पर तू कुछ ऐसा मत कर देना जिससे उन्हें लगे कि सब हमने प्लान किया है। उन्हें यही लगना चाहिए कि सब उन दोनों का ही प्लान है।
हम दोनों चेंज करने लगे। मैंने देखा अंकिता ने वही ब्रा पैंटी पहनी थी, जो उसने दीपक की पसंद की ली थी।
मैंने बोला: पूरी तैयारी की है तूने दीपक को लुभाने की।
तो वो बोली: तू भी तो पूरी रेडी होकर आई है आकाश को पटाने के लिए, उसकी पसंद की ब्रा पैंटी पहन के।
हम दोनों हंसने लगे। मैंने एक शॉर्ट नाइटी पहनी जो मेरे घुटनों के थोड़ा ऊपर तक थी, और गला गहरा था, जिससे मेरी क्लीवेज दिख रही थी। अंकिता ने एक झीनी छोटी नाइटी पहनी, जिसमें उसके सीने के उभारों का ऊपर का हिस्सा, पेट, कमर और जांघें पूरी दिख रही थीं। वो पूरी काम की देवी लग रही थी। उसे देखकर तो मेरा मन भी मचलने लगा।
मैंने बोला: यार, बड़ी हॉट लग रही है। मेरा तो तुझे किस करने का मन हो गया।
तो उसने बोला: रोका किसने है, डार्लिंग।
और उसने खुद ही मुझे किस कर दिया। वो मेरे होंठों को चूस रही थी। मैंने भी उसका पूरा साथ दिया। सच में उसके साथ किस करने में बड़ा मजा आया।
फिर वो बोली: अभी हम अपने मेन प्लान पे फोकस करते हैं। पर उसके बाद हम दोनों भी ट्राई करेंगे।
मैंने बोला: हाँ ज़रूर करेंगे। तेरे जैसी एटम बम सामने हो तो कोई कैसे कंट्रोल करे?
हम दोनों ही हंसने लगे। मैंने बोला: चलो अब बाहर, दोनों मर्द तुझे देखकर पागल होने वाले हैं, खास करके दीपक।
वो बोली: तू भी कुछ कम नहीं है। तुझे देखते ही आकाश का खड़ा न हो जाए तो बोलना।
जैसे ही हम दोनों रूम से बाहर आए, दोनों मर्द हम दोनों को आंखें फाड़ के देखने लगे। खास करके आकाश जीजू। उनके सामने मैं ऐसे सेक्सी अवतार में पहली बार जो आई थी। दीपक ने तो अंकिता को सिर्फ ब्रा पैंटी में भी देखा था पिक्स में। पर ऐसे सामने वो भी पहली बार ही देख रहा था। जब हम दोनों उनके करीब गए, तो मैंने बोला-
मैं: कहाँ खो गए दोनों?
दीपक: तुम दोनों इतनी हॉट लग रही हो कि नज़र ही नहीं हट रही।
आकाश जीजू: हाँ यार, आज तो एक-दम कयामत लग रही हो दोनों।
अंकिता: अच्छा जी, ये बताओ हम दोनों में से ज्यादा हॉट कौन दिख रही है?
आकाश जीजू: मुझे तो मनीषा ज्यादा हॉट लग रही है। उसका ये रूप आज पहली बार जो देख रहा हूँ। क्यों दीपक, तुम क्या बोलते हो?
दीपक: हां, मनीषा हॉट तो लग रही है पर अंकिता से ज्यादा नहीं। देखो ना इसका फिगर कितना मनमोहक दिख रहा है।
मैं: अंकिता, देखा इन मर्दों को हमेशा दूसरों की बीवियां ही पसंद आती है ।
अंकिता: हां यार, घर की बिरयानी खिचड़ी बराबर।
सब इस नए मुहावरे पर हंसने लगे और डिनर टेबल पे आ गए। मैं दीपक के साथ बैठी थी, और मेरे सामने आकाश जीजू और उनके बाजू में यानी दीपक के सामने अंकिता। हम डिनर करते हुए बातें कर रहे थे। पहले तो नॉर्मल बातें हो रही थीं, जैसे कि खाना अच्छा बना है, लाइफ में क्या चल रहा है और यहाँ वहाँ की बातें। फिर एक-दूसरे की वाइफ की तारीफें करना शुरू हुई।
दीपक: यार अंकिता, आज सच में बड़ी हॉट लग रही हो तुम।
मैं: हां, तभी कब से उसे ही घूर रहे हो।
अंकिता: ये आकाश भी तो तुझे ही देख रहा है कब से।
मैं: सच में जीजू, मेरा तो ध्यान ही नहीं था।
आकाश जीजू: हां अब क्या करें, हमारी साली लग ही ऐसी रही है कि बार-बार नजर जा रही है।
ऐसे ही बातें करते हुए हम डिनर कर रहे थे। अंकिता और दीपक तो बिंदास एक-दूसरे से फ्लर्ट कर रहे थे। जीजू और मैं भी इशारों में बातें कर रहे थे। और मैंने नोटिस किया कि दीपक और जीजू भी आपस में कुछ इशारे कर रहे हैं। शायद दोनों ने कुछ प्लान किया होगा मुझे और अंकिता को अदला-बदली के लिए मनाने का। मुझे तो उत्तेजना हो रही थी कि शादी बाद मुझे पहली बार आज नया लंड मिलने का चांस था।
डिनर खत्म करके हम सब सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे।
दीपक: यार आकाश, ड्रिंक्स का भी प्लान था न?
आकाश जीजू: हां यार, सब इंतज़ाम है। अभी अभी तो डिनर किया है, थोड़ी देर में शुरू करते हैं।
दीपक: ओके भाई।
अंकिता: बहुत टाइम बाद आज मैं भी ड्रिंक करूंगी।
मैं: पर मैं ज्यादा नहीं पीऊंगी।
आकाश जीजू: हां, जिसको जितना पीना है पियो। कोई किसी को फोर्स नहीं करेगा, पर कोई किसी को रोकेगा भी नहीं। आज एंजॉय करने के लिए मिले हैं, तो जी भर के एंजॉय करते हैं।
मैं: हां, लेकिन उतना ही पीना कि होश में रहो। नहीं तो हमें आप दोनों को संभालना पड़ेगा।
अंकिता: यार क्यों टेंशन ले रही है? बस एंजॉय कर।
दीपक: हां, और क्या एंजॉय करो और करने दो?
मैं: पीओ जितना पीना है, पर मुझे कोई फोर्स नहीं करेगा।
आकाश जीजू: हां बाबा, कोई फोर्स नहीं करेगा तुम्हें।
मुझे लगा कहीं हमारा प्लान ही फेल न हो जाए। दोनों मर्दों ने ज्यादा पी ली और होश में न रहे तो कैसे होगा सब? फिर मैंने सोचा चलो जो होगा देखा जाएगा। फिर अंकिता और जीजू फ्रिज से ड्रिंक्स लेने गए। तो मैंने दीपक को धीरे से पूछा कि-
मैं: कुछ और प्लान भी है क्या? या बस ड्रिंक करके टल्ली होने का इरादा है?
दीपक: डार्लिंग, तुम क्यों टेंशन लेती हो? थोड़ा इंतजार करो।
मैं: ठीक है।
फिर वो दोनों भी ड्रिंक्स और स्नैक्स लेकर आ गए। ड्रिंक्स का प्रोग्राम शुरू हो गया। मैंने अपना ग्लास लिया और एक-एक सिप लेने लगी। दीपक और जीजाजी ने जल्दी ही अपना पहला पेग खत्म कर दिया और दूसरा शुरू कर दिया।
उधर अंकिता ने भी अपना पेग खत्म कर दिया। मेरा तो अभी आधा भी नहीं हुआ था। अंकिता ने दूसरा पेग शुरू किया और उसका बड़बड़ाना भी चालू हो गया। उसको शायद एक पेग में ही चढ़ गई थी। दोनों मर्दों ने तो दूसरा पेग भी खत्म कर दिया।
अंकिता बोली: चलो, डांस करते हैं।
दीपक बोला: हाँ, चलो सब डांस करते हैं।
जीजाजी ने एक रोमांटिक सॉन्ग लगा दिया और हम अपने-अपने पार्टनर के साथ डांस करने लगे। अंकिता और जीजाजी बहुत ही क्लोज होकर डांस कर रहे थे। वो दोनों हमारे सामने ही एक-दूसरे को किस कर रहे थे। जीजाजी कभी अंकिता की पीठ सहला रहे थे तो कभी चूतड़।
इधर दीपक भी मुझसे चिपक के डांस कर रहा था। उन दोनों को देख के वो भी मुझे किस करने को आगे बढ़ा, पर मुझे उन दोनों के सामने शर्म आ रही थी। तो मैंने मुंह फेर लिया। फिर दीपक ने मेरे गाल पर किस किया। उसके हाथ भी मेरी पीठ तो कभी मेरे नितम्ब सहला रहे थे।
मुझे लगा मुझे छोड़ के सब को चढ़ गई थी। पर फिर सोचा अब क्या फायदा सोच के? जो हो रहा है होने देते हैं, जो होगा देखा जाएगा। फिर थोड़ी देर में दीपक के सुझाव पर हम पार्टनर एक्सचेंज करके डांस करने लगे। दीपक और अंकिता एक-दम क्लोज होकर डांस कर रहे थे। अंकिता ने अपने दोनों हाथ दीपक के गले में डाले हुए थे और दीपक के हाथ अंकिता के कमर पर थे, जो कभ-कभी उसकी चूची पर भी जा रहे थे। अंकिता भी फुल एंजॉय कर रही थी दीपक के साथ।
आकाश जीजू भी बार-बार मुझसे चिपक रहे थे, और मैं शर्म के मारे बार-बार उन्हें दूर कर रही थी। फिर उन्होंने मुझे कमर से पकड़ा और एक-दम अपनी बॉडी से चिपका दिया। मेरी चूचियाँ उनके सीने में दब गईं।
मैंने देखा दीपक और अंकिता तो आपस में ही खोए हुए थे। मुझे लगा कि क्या पता हमारा प्लान आगे बढ़े ना बढ़े, कम से कम यहाँ थोड़ा तो एंजॉय कर लूं जीजू के साथ। फिर मैं भी दूर नहीं हुई और उनसे चिपकी रही। जीजू ने मुझे कसा हुआ था। उनका हाथ बार-बार मेरी पीठ से होते हुए मेरे चूतड़ों पर जा रहा था। मैं उनकी आँखों में देख रही थी। आज मुझे उनकी आँखों में प्यार के साथ हवस भी दिख रही थी। और सही भी है, कोई इतने दिनों से जिसका साथ होने का इंतज़ार कर रहा हो, और वो आपके इतने करीब हो, तो वो एहसास आना नॉर्मल है।
मुझे जीजू का लंड भी महसूस हो रहा था। वो इतने करीब थे कि अगर कपड़े न होते, तो उनका लंड मेरी चूत पर दस्तक दे रहा होता। मैं भी बेशर्म होकर अपनी चूत उनके लंड पर रगड़ रही थी। वहाँ दीपक और अंकिता भी एक-दूसरे को सहला रहे थे। वो भी इतने ही करीब थे और दोनों के हाथ एक-दूसरे के जिस्म से खेल रहे थे।
क्रमश:
उस रात भी दीपक ने मेरी धमाकेदार चुदाई की, और मुझे चोदते हुए दीपक अंकिता के बारे में बात कर रहा था कि उसकी चूचियां कितनी मस्त हैं और उसके चूतड़ कितने सुडौल हैं। वो मुझसे भी पूछ रहा था कि तुमने आकाश का लंड टच किया तो तुम्हें कैसा लगा। उसका लंड मुझसे बड़ा है क्या?
मैं भी उससे खुल के बात कर रही थी। मैंने बोला कि मैंने तो ऊपर से ही टच किया था, तो साइज का पूरा पता नहीं लगा पर तुम्हारे लंड जितना बड़ा तो नहीं लगा (हर मर्द को यह सुनकर खुशी होती है कि उसका लंड दूसरों से बड़ा है)। इस तरह हमारी चुदाई और भी मजेदार हो गई।
इस तरफ मैंने दीपक को और जीजू को उक्साया और उधर अंकिता ने दोनों को उक्साया।
शनिवार का दिन आ गया। मैं और दीपक थोड़ा जल्दी ही आ गए ऑफिस से।
मैंने सास को बोला: हम आज अंकिता के घर जा रहे हैं और कल दोपहर तक आएंगे। आप आरव को संभाल लेंगी या मैं अपने साथ ले जाऊं उसे।
वो बोली: तुम लोग जाओ और मजे करो। बच्चे को मैं संभाल लूंगी और कुछ प्रॉब्लम हुई तो मैं कॉल कर दूंगी।
मैं तैयार हो गई। मैंने एक रेड कुर्ती पहनी जो कि बहुत चुस्त थी, जिसमें मेरे उभार पूरे दिख रहे थे और नीचे लेगिंग्स। मैंने आज वही ब्रा पेंट्री पहनी जो आकाश जीजु के पसंद की ली थी।
मैं तो बहुत उत्साहित थी। आज इतने सालों के बाद पति के लंड से इतर एक नए लंड का मजा मिलने की संभावना थी। ऐसा नहीं था कि मैं दीपक के लंड से खुश नहीं थी या वो मुझे खुश नहीं कर पाता था। पर जिंदगी में कुछ नया होना चाहिए, नहीं तो जिंदगी बोरिंग हो जाती है।
दीपक तो मुझसे भी ज्यादा उतावला लग रहा था। और हो भी क्यों न, जो वाटर पार्क में उसके और अंकिता के बीच हुआ, उसके बाद उसने बहुत कुछ सोच लिया होगा आज के दिन के लिए। और मैं तो ये भी जानने के लिए उत्सुक थी कि ये दोनों मर्द हम दोनों को बीवियों की अदला-बदली के लिए कैसे राजी करेंगे।
तो हम दोनों करीब सात बजे पहुंच गए उनके घर। जीजु ने दरवाजा खोला और हमें अंदर बुलाया। फिर दीपक ने जीजु को हग किया और मैंने अंकिता को हग किया। हग करते हुए अंकिता ने मेरे कान में धीरे से बोला -
अंकिता: आज हमारा प्लान कामयाब हो जाना चाहिए।
मैं: ऐसा लगता तो है।
फिर उसके बाद दीपक ने अंकिता को हग किया। मैंने दीपक को देखा तो वो अंकिता को एक-दम कस के भींच कर रहा था। जीजु मेरे पास आए तो मैंने भी अपनी बाहें फैला दी जीजु के लिए। जीजु ने मुझे अपनी बाहों में भींचा और मेरे कान में धीरे से बोले -
जीजु: डार्लिंग, आज तो पटाखा लग रही हो।
मैंने थैंक्स बोला तो जीजु ने मुझे एक-दम कस लिया अपनी बाहों में। मेरी चूचियां उनके सीने में दब गई। मेरी आंखें अपने आप ही बंद हो गईं, और मैं उस लम्हे का मजा लेने लगी।
जब मैंने आँखें खोलीं तो देखा कि दीपक और अंकिता हमें ही देख रहे थे, और मुस्कुरा रहे थे। मुझे शर्म आ गई और मैंने जीजू को अलग किया। फिर हम सब सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे।
जीजू: डिनर में अभी टाइम है, तो क्यों न हम कोई मूवी देखें तब तक?
मैंने सोचा कहीं इन लोगों ने हमें कोई गरम मूवी दिखा के पटाने का प्लान तो नहीं बनाया है? फिर सोचा जो भी है अच्छा है। हमें करना तो है ही, चाहे कैसे भी हो। फिर अंकिता किचन में गई, और कोल्ड ड्रिंक और नमकीन लेकर आई।
मैं: अरे वाह, पूरी तैयारी कर रखी है।
अंजिता: हम मज़े करने के लिए मिले हैं तो तैयारी तो करनी ही थी।
मेरी सोच के उल्टा जीजू ने एक नार्मल हॉलीवुड मूवी लगाई, जिसमें किसिंग सीन तो काफी थे, पर उससे ज्यादा कुछ नहीं। हमने सब ने मूवी काफ़ी एन्जॉय की। दोनों मर्दों ने एक्ट्रेस पर कुछ कमेंट्स भी किए, जैसे देख ना कितनी मस्त गोलाईयां है, क्या मस्त किस कर रही है, हीरो कहाँ कहाँ हाथ फिरा रहा है।
इस तरह हम सब ने एन्जॉय किया और मूवी ख़त्म हुई। फिर डिनर का समय हुआ तो अंकिता बोली कि डिनर के पहले हम सब कपड़े बदल लेते हैं। आरामदायक कपड़ों में रहेंगे तो डिनर भी अच्छी तरह एन्जॉय करेंगे।
सब को यह विचार अच्छा लगा। मैं और दीपक अपने सोने के कपड़े साथ लेकर आए थे।
अंकिता ने बोला: दोनों मर्द एक कमरे में जाकर चेंज कर लो, और मैं और मनीषा दूसरे कमरे में चेंज कर लेते हैं।
दीपक ने अपना नाइट ड्रेस लिया और जीजु के साथ चले गए। अंकिता और मैं दूसरे कमरे में चले गए।
अंकिता ने पूछा: आगे क्या प्लान है?
तो मैंने बोला: यार, प्लान तो मुझे भी नहीं पता। दोनों ने ही कुछ प्लान किया है, जो मुझे बिलकुल नहीं बताया।
अंकिता बोली: मुझसे तो वेट नहीं हो रहा।
मैंने बोला: डियर, थोड़ा सब्र कर। इतनी क्या उतावली हो रही है दीपक का लेने के लिए।
वो बोली: यार ऐसा कुछ नहीं है (और शर्मा गई)।
मैंने बोला: अरे, सब ठीक है। हम मिले ही आज उसके लिए हैं, तो वो तो होना चाहिए आज। पर तू कुछ ऐसा मत कर देना जिससे उन्हें लगे कि सब हमने प्लान किया है। उन्हें यही लगना चाहिए कि सब उन दोनों का ही प्लान है।
हम दोनों चेंज करने लगे। मैंने देखा अंकिता ने वही ब्रा पैंटी पहनी थी, जो उसने दीपक की पसंद की ली थी।
मैंने बोला: पूरी तैयारी की है तूने दीपक को लुभाने की।
तो वो बोली: तू भी तो पूरी रेडी होकर आई है आकाश को पटाने के लिए, उसकी पसंद की ब्रा पैंटी पहन के।
हम दोनों हंसने लगे। मैंने एक शॉर्ट नाइटी पहनी जो मेरे घुटनों के थोड़ा ऊपर तक थी, और गला गहरा था, जिससे मेरी क्लीवेज दिख रही थी। अंकिता ने एक झीनी छोटी नाइटी पहनी, जिसमें उसके सीने के उभारों का ऊपर का हिस्सा, पेट, कमर और जांघें पूरी दिख रही थीं। वो पूरी काम की देवी लग रही थी। उसे देखकर तो मेरा मन भी मचलने लगा।
मैंने बोला: यार, बड़ी हॉट लग रही है। मेरा तो तुझे किस करने का मन हो गया।
तो उसने बोला: रोका किसने है, डार्लिंग।
और उसने खुद ही मुझे किस कर दिया। वो मेरे होंठों को चूस रही थी। मैंने भी उसका पूरा साथ दिया। सच में उसके साथ किस करने में बड़ा मजा आया।
फिर वो बोली: अभी हम अपने मेन प्लान पे फोकस करते हैं। पर उसके बाद हम दोनों भी ट्राई करेंगे।
मैंने बोला: हाँ ज़रूर करेंगे। तेरे जैसी एटम बम सामने हो तो कोई कैसे कंट्रोल करे?
हम दोनों ही हंसने लगे। मैंने बोला: चलो अब बाहर, दोनों मर्द तुझे देखकर पागल होने वाले हैं, खास करके दीपक।
वो बोली: तू भी कुछ कम नहीं है। तुझे देखते ही आकाश का खड़ा न हो जाए तो बोलना।
जैसे ही हम दोनों रूम से बाहर आए, दोनों मर्द हम दोनों को आंखें फाड़ के देखने लगे। खास करके आकाश जीजू। उनके सामने मैं ऐसे सेक्सी अवतार में पहली बार जो आई थी। दीपक ने तो अंकिता को सिर्फ ब्रा पैंटी में भी देखा था पिक्स में। पर ऐसे सामने वो भी पहली बार ही देख रहा था। जब हम दोनों उनके करीब गए, तो मैंने बोला-
मैं: कहाँ खो गए दोनों?
दीपक: तुम दोनों इतनी हॉट लग रही हो कि नज़र ही नहीं हट रही।
आकाश जीजू: हाँ यार, आज तो एक-दम कयामत लग रही हो दोनों।
अंकिता: अच्छा जी, ये बताओ हम दोनों में से ज्यादा हॉट कौन दिख रही है?
आकाश जीजू: मुझे तो मनीषा ज्यादा हॉट लग रही है। उसका ये रूप आज पहली बार जो देख रहा हूँ। क्यों दीपक, तुम क्या बोलते हो?
दीपक: हां, मनीषा हॉट तो लग रही है पर अंकिता से ज्यादा नहीं। देखो ना इसका फिगर कितना मनमोहक दिख रहा है।
मैं: अंकिता, देखा इन मर्दों को हमेशा दूसरों की बीवियां ही पसंद आती है ।
अंकिता: हां यार, घर की बिरयानी खिचड़ी बराबर।
सब इस नए मुहावरे पर हंसने लगे और डिनर टेबल पे आ गए। मैं दीपक के साथ बैठी थी, और मेरे सामने आकाश जीजू और उनके बाजू में यानी दीपक के सामने अंकिता। हम डिनर करते हुए बातें कर रहे थे। पहले तो नॉर्मल बातें हो रही थीं, जैसे कि खाना अच्छा बना है, लाइफ में क्या चल रहा है और यहाँ वहाँ की बातें। फिर एक-दूसरे की वाइफ की तारीफें करना शुरू हुई।
दीपक: यार अंकिता, आज सच में बड़ी हॉट लग रही हो तुम।
मैं: हां, तभी कब से उसे ही घूर रहे हो।
अंकिता: ये आकाश भी तो तुझे ही देख रहा है कब से।
मैं: सच में जीजू, मेरा तो ध्यान ही नहीं था।
आकाश जीजू: हां अब क्या करें, हमारी साली लग ही ऐसी रही है कि बार-बार नजर जा रही है।
ऐसे ही बातें करते हुए हम डिनर कर रहे थे। अंकिता और दीपक तो बिंदास एक-दूसरे से फ्लर्ट कर रहे थे। जीजू और मैं भी इशारों में बातें कर रहे थे। और मैंने नोटिस किया कि दीपक और जीजू भी आपस में कुछ इशारे कर रहे हैं। शायद दोनों ने कुछ प्लान किया होगा मुझे और अंकिता को अदला-बदली के लिए मनाने का। मुझे तो उत्तेजना हो रही थी कि शादी बाद मुझे पहली बार आज नया लंड मिलने का चांस था।
डिनर खत्म करके हम सब सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे।
दीपक: यार आकाश, ड्रिंक्स का भी प्लान था न?
आकाश जीजू: हां यार, सब इंतज़ाम है। अभी अभी तो डिनर किया है, थोड़ी देर में शुरू करते हैं।
दीपक: ओके भाई।
अंकिता: बहुत टाइम बाद आज मैं भी ड्रिंक करूंगी।
मैं: पर मैं ज्यादा नहीं पीऊंगी।
आकाश जीजू: हां, जिसको जितना पीना है पियो। कोई किसी को फोर्स नहीं करेगा, पर कोई किसी को रोकेगा भी नहीं। आज एंजॉय करने के लिए मिले हैं, तो जी भर के एंजॉय करते हैं।
मैं: हां, लेकिन उतना ही पीना कि होश में रहो। नहीं तो हमें आप दोनों को संभालना पड़ेगा।
अंकिता: यार क्यों टेंशन ले रही है? बस एंजॉय कर।
दीपक: हां, और क्या एंजॉय करो और करने दो?
मैं: पीओ जितना पीना है, पर मुझे कोई फोर्स नहीं करेगा।
आकाश जीजू: हां बाबा, कोई फोर्स नहीं करेगा तुम्हें।
मुझे लगा कहीं हमारा प्लान ही फेल न हो जाए। दोनों मर्दों ने ज्यादा पी ली और होश में न रहे तो कैसे होगा सब? फिर मैंने सोचा चलो जो होगा देखा जाएगा। फिर अंकिता और जीजू फ्रिज से ड्रिंक्स लेने गए। तो मैंने दीपक को धीरे से पूछा कि-
मैं: कुछ और प्लान भी है क्या? या बस ड्रिंक करके टल्ली होने का इरादा है?
दीपक: डार्लिंग, तुम क्यों टेंशन लेती हो? थोड़ा इंतजार करो।
मैं: ठीक है।
फिर वो दोनों भी ड्रिंक्स और स्नैक्स लेकर आ गए। ड्रिंक्स का प्रोग्राम शुरू हो गया। मैंने अपना ग्लास लिया और एक-एक सिप लेने लगी। दीपक और जीजाजी ने जल्दी ही अपना पहला पेग खत्म कर दिया और दूसरा शुरू कर दिया।
उधर अंकिता ने भी अपना पेग खत्म कर दिया। मेरा तो अभी आधा भी नहीं हुआ था। अंकिता ने दूसरा पेग शुरू किया और उसका बड़बड़ाना भी चालू हो गया। उसको शायद एक पेग में ही चढ़ गई थी। दोनों मर्दों ने तो दूसरा पेग भी खत्म कर दिया।
अंकिता बोली: चलो, डांस करते हैं।
दीपक बोला: हाँ, चलो सब डांस करते हैं।
जीजाजी ने एक रोमांटिक सॉन्ग लगा दिया और हम अपने-अपने पार्टनर के साथ डांस करने लगे। अंकिता और जीजाजी बहुत ही क्लोज होकर डांस कर रहे थे। वो दोनों हमारे सामने ही एक-दूसरे को किस कर रहे थे। जीजाजी कभी अंकिता की पीठ सहला रहे थे तो कभी चूतड़।
इधर दीपक भी मुझसे चिपक के डांस कर रहा था। उन दोनों को देख के वो भी मुझे किस करने को आगे बढ़ा, पर मुझे उन दोनों के सामने शर्म आ रही थी। तो मैंने मुंह फेर लिया। फिर दीपक ने मेरे गाल पर किस किया। उसके हाथ भी मेरी पीठ तो कभी मेरे नितम्ब सहला रहे थे।
मुझे लगा मुझे छोड़ के सब को चढ़ गई थी। पर फिर सोचा अब क्या फायदा सोच के? जो हो रहा है होने देते हैं, जो होगा देखा जाएगा। फिर थोड़ी देर में दीपक के सुझाव पर हम पार्टनर एक्सचेंज करके डांस करने लगे। दीपक और अंकिता एक-दम क्लोज होकर डांस कर रहे थे। अंकिता ने अपने दोनों हाथ दीपक के गले में डाले हुए थे और दीपक के हाथ अंकिता के कमर पर थे, जो कभ-कभी उसकी चूची पर भी जा रहे थे। अंकिता भी फुल एंजॉय कर रही थी दीपक के साथ।
आकाश जीजू भी बार-बार मुझसे चिपक रहे थे, और मैं शर्म के मारे बार-बार उन्हें दूर कर रही थी। फिर उन्होंने मुझे कमर से पकड़ा और एक-दम अपनी बॉडी से चिपका दिया। मेरी चूचियाँ उनके सीने में दब गईं।
मैंने देखा दीपक और अंकिता तो आपस में ही खोए हुए थे। मुझे लगा कि क्या पता हमारा प्लान आगे बढ़े ना बढ़े, कम से कम यहाँ थोड़ा तो एंजॉय कर लूं जीजू के साथ। फिर मैं भी दूर नहीं हुई और उनसे चिपकी रही। जीजू ने मुझे कसा हुआ था। उनका हाथ बार-बार मेरी पीठ से होते हुए मेरे चूतड़ों पर जा रहा था। मैं उनकी आँखों में देख रही थी। आज मुझे उनकी आँखों में प्यार के साथ हवस भी दिख रही थी। और सही भी है, कोई इतने दिनों से जिसका साथ होने का इंतज़ार कर रहा हो, और वो आपके इतने करीब हो, तो वो एहसास आना नॉर्मल है।
मुझे जीजू का लंड भी महसूस हो रहा था। वो इतने करीब थे कि अगर कपड़े न होते, तो उनका लंड मेरी चूत पर दस्तक दे रहा होता। मैं भी बेशर्म होकर अपनी चूत उनके लंड पर रगड़ रही थी। वहाँ दीपक और अंकिता भी एक-दूसरे को सहला रहे थे। वो भी इतने ही करीब थे और दोनों के हाथ एक-दूसरे के जिस्म से खेल रहे थे।
क्रमश:


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