07-03-2026, 12:38 AM
(This post was last modified: 07-03-2026, 12:42 AM by rangeeladesi. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
भाग 5
अगली सुबह मैंने आकाश जीजू को मैसेज किया और पूछा -
मैं: जीजू, अंकिता ने बता दिया होगा कि कल दीपक ने और अंकिता ने क्या-क्या गुल खिलाए वहां वाटर पार्क में?
आकाश जीजू: हाँ, सब बताया उसने मुझे और मैंने भी सब बता दिया जो भी हमारे बीच हुआ।
मैं: अंकिता का रिएक्शन क्या था?
जीजू: वो तो बहुत खुश लग रही थी।
मैं: हाँ, दीपक भी काफी खुश लग रहा था।
जीजू: और तुम खुश नहीं हो?
मैं: मैं भी बहुत खुश हूँ।
जीजू: हमारा प्लान सही जा रहा है।
मैं: अब तक तो जो सोचा वही हो रहा है। पर अब एक लेवल आगे जाना होगा।
जीजू: बताओ, क्या प्लान है?
मैं: आप अंकिता को और उकसाओ, ताकि वो दीपक के और करीब आए। इतना कि उससे चुस्वाने का मन हो जाए उसका।
जीजू: कल जिस तरह से वो बता रही थी, मुझे तो लगता है कि कल अगर मौका मिलता तो कल ही चुसवा लेती वो।
मैं: अब उन्हें थोड़ा और उकसाना है ताकि अगली बार जब हम मिले, तो प्लान सफल हो जाना चाहिए।
जीजू: अंकिता को थोड़ा पुश करने की ज़रूरत है बस। वो तो भरी पड़ी है। तुम दीपक को तैयार करो।
मैं: हाँ, मैं वहीं कर रही हूँ। दीपक भी पूरे मूड में है अब।
जीजू: और फिर हमारा मिलन भी होगा ना।
मैं: मैंने जितना वादा किया है उतना तो होगा। उससे ज़्यादा मैं अभी कुछ नहीं बोल सकती।
जीजू: जैसा तुम बोलोगी वैसा ही होगा, डियर। मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ वक्त बिताना है। फिर चाहे वो साथ लेटे हुए हो, या सिर्फ बैठे हुए।
मैं: थैंक्स जिजू, मुझे समझने के लिए।
जीजू: पर मैंने कल एक रिक्वेस्ट की थी। वो तो पूरी करोगी न?
मैं: हाँ याद है, जिजू। जिस दिन हमारा प्लान सफल होगा, उस दिन आप मेरा सब कुछ देख पाएंगे, और गले लगने का मौका भी मिलेगा। अब खुश?
जीजू: आय हाय मर जावां, इतना बहुत है मेरे लिए।
मैं: तो अब लग जाओ प्लान पे।
जीजू: हां मैं बताता रहूँगा तुम्हें कि क्या प्रगति है।
मैं: हां ठीक है। आई लव यू।
जीजू: आई लव यू टू, डीयर।
और हमने चैट बंद की।
जिजू से चैट करने के बाद मैंने अंकिता को कॉल किया, और उससे पूछा-
मैं: कल तो तूने बड़े मजे किए दीपक के साथ।
अंकिता: अच्छा, तो जिजू ने सब बता दिया तुझे?
मैं: वो तो बताएंगे ही ना।
अंकिता: तूने भी तो आकाश के साथ मजे किए ना।
मैं: हां, पर तेरे जितने नहीं।
अंकिता: तुझे बुरा लगा क्या?
मैं: अरे नहीं रे पागल, उल्टा ये तो अच्छा हुआ।
अंकिता: वो कैसे?
मैं: रात को दीपक जब मुझे सब बता रहे थे, तो उनकी आंखों में एक अलग ही खुशी थी। और जब उन्होंने मुझे पेला, तो एक अलग ही जुनून था उनमें। एक अलग ही जोश था। ऐसे लग रहा था जैसे मैं पहली बार चुद रही थी।
अंकिता: वही हाल मेरा भी था, यार। कल आकाश जब मुझे चोद रहे थे, तब कुछ अलग ही दुनिया में थे वो। हमें भी ऐसा ही लगा जैसे हम पहली बार चुदाई कर रहे हों।
मैं: पता है ऐसा क्यों हुआ?
अंकिता: क्यूं?
मैं: क्योंकि दोनों मर्दों को कुछ एक्स्ट्रा मिला कल, जिसकी वजह से दोनों मर्द जोश में आ गए।
अंकिता: सही बोल रही है।
मैं: सोच, सिर्फ इतना हुआ तो उन दोनों का ये हाल है, और हमारी चुदाई कितनी मजेदार लग रही है। अगर दोनों मर्दों को कुछ और एक्स्ट्रा मिल जाए तो वो तो हमारे साथ बिस्तर पर तबाही मचा देंगे।
अंकिता: तू बोलना क्या चाहती है, साफ बता?
मैं: देख, मेरी और दीपक की शादीशुदा जिंदगी थोड़ी बोर हो गई थी। पर जब से वो तेरे साथ क्लोज हुए हैं, तब से ही हमारी जिंदगी में जैसे नयापन आ गया है। उनका ऊर्जा लेवल, उनका जोश कुछ अलग ही है। और शायद तेरे साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा।
अंकिता: हां, ये बात तो है। हमारी चुदाई में भी कुछ नयापन तो आ गया है। आकाश मुझे खुलके चोदने लगा है।
मैं: वही तो मैं बोल रही हूँ, डियर। सोच उन्होंने सिर्फ ऊपर-ऊपर से मस्ती की तो उन दोनों का ये हाल है। अगर पूरी मस्ती करने को मिल जाए, तो हमारी जिंदगी में कितना मजा आ जाएगा।
अंकिता: तुम खुल के बोलो ना जो बोलना है। ऐसे पहेली मत बुझाओ। पूरी मस्ती करने से क्या मतलब है?
मैं: देख यार, तू गुस्सा तो नहीं करेगी?
अंकिता: तुझसे कभी गुस्सा हुई हूँ मैं?
मैं: देख, हमें पति का पूरा सुख मिल सकता है। पर उसके लिए तेरी रज़ामंदी ज़रूरी है। अगर तू मानेगी तो ही होगा सब।
अंकिता: मुझे किस चीज़ के लिए रज़ामंद होना है ये तो बता?
मैं: अच्छा, पहले ये बता कि तू दीपक से और क्लोज़ होना चाहती है? क्या तू उसके साथ सो सकती है?
अंकिता: क्या बोल रही है तू? हम सिर्फ थोड़ी सी मस्ती कर रहे थे। तू मुझे गलत समझ रही है।
मैं: मैं तुझे ठीक समझने की कोशिश कर रही हूं. मैं जो पूछ रही हूँ, वो सच में हो सकता है। देख जो तेरे मन में है, खुल के बोल।
अंकिता: तू मजाक तो नहीं कर रही है?
मैं: यह मजाक नहीं है और तू मान जाये तो मुझे कोई एतराज़ नहीं है. अब बता तू।
अंकिता: अगर तुझे एतराज़ नहीं है तो मैं एक बार तो जीजू के साथ सोना चाहती हूँ।
मैं: ये हुई न बात। अब मैं एक बात पूछूँ तुझसे?
अंकिता: हाँ, पूछ न।
मैं: क्या तू भी आकाश जीजू को एक बार मेरे साथ सोने देगी? देख अगर तेरी ना है, तो भी मुझे कोई एतराज़ नहीं है। तू दीपक के साथ फिर भी सो सकती है।
अंकिता: अब मैं तुझे एक बात बताती हूं। मैं और आकाश तुम लोगों के साथ अदला-बदली करने की बात बहुत बार कर चुके हैं।
मैं: मतलब तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है? अगर ये हो जाए तो हमारी ज़िंदगी में कितना लुत्फ आ जाएगा, कितनी खुशी आ जाएगी।
अंकिता: पर ये होगा कैसे।
मैं: ये हम दोनों को मिल के करना है। हम दोनों को अपने पति और एक-दूसरे के पति को उकसाना है। मतलब तुझे आकाश जीजू को उकसाना है कि वो मेरे और नज़दीक आए, और दीपक को भी अपनी तरफ खींचना है ताकि वो तेरे साथ सोने को उतावला हो जाए। और यही सब मैं भी करूंगी. मैं दीपक और आकाश जीजू को उकसाऊंगी।
अंकिता: ये होगा तो सच में मज़ा आ जाएगा, यार।
मैं: पर ये ध्यान रखना की उन्हें पता नहीं चलना चाहिए कि ये हम दोनों का प्लान है। उन्हें यह लगना चाहिए कि प्लान उन दोनों का है और हम किसी तरह तैयार हो गयी हैं। फिर देखना ये दोनों मर्द आपस में मिलकर बीवियों की अदला-बदली का प्लान बनाएंगे।
अंकिता: बड़ी पहुंची हुई चीज है तू। क्या जबर्दस्त प्लान बनाया है।
मैं: ज़िंदगी में मज़ा चाहिए तो ये सब सोचना पड़ता है। नहीं तो हमारी शादीशुदा ज़िंदगी में बोरियत आ जाएगी।
अंकिता: बात तो सही है। तो फिर लग जाते हैं काम पर। मैं दीपक जीजू को उकसाती हूं, और तुम आकाश को उकसा।
मैं: और साथ में अपने खुद के पति को भी उकसाना है।
अंकिता: हां-हां, वो भी।
मैं: हां, अपना प्लान सीक्रेट है, ये भी ध्यान रखना।
अंकिता: हां डियर, चिंता मत कर। मैं ध्यान रखूंगी।
फिर कुछ दिन मैंने आकाश जीजू से लगातार चैट की, और उनसे बहुत सारी रोमांटिक बातें की। जी भर के फ्लर्ट किया, और उन्होंने भी वैसे ही जवाब दिया। उधर अंकिता तो एक कदम आगे निकली। उसने तो दीपक को अपनी गर्म पिक्स भेजनी शुरू कर दी थी, शॉर्ट ड्रेस में, झीनी नाईटी में और यहां तक कि ब्रा पैंटी में भी।
मैं भी दीपक को उकसा रही थी। जब वो मुझे बताता कि अंकिता ने उसे पिक भेजी, तो मैं बोलती कि वो तो तुम्हारे साथ सोने के लिए उतावली हो रही है । उधर अंकिता भी आकाश जीजू और मेरी चैट पढ़ के उन्हें बोलती कि मनीषा तो तुम्हारे पर फिदा हो गयी है।
दीपक अंकिता पर लट्टू हो गए थे और आकाश जीजू मेरे पर। अब बस आखिरी हथौड़ा मारना था। मैंने अंकिता को कॉल किया और उसे बोला –
मैं: देख, हमारे पति हमारे प्लान के हिसाब से सेट हो गये हैं। अब हमें मिलने का ऐसा प्रोग्राम बनाना है कि रात भर वहां सिर्फ हम चारों हो, और कोई नहीं।
अंकिता: तो मेरे घर पे ही मिलते हैं। दो बेडरूम भी हैं, और कोई डिस्टर्ब करने वाला भी नहीं।
मैं: हाँ, ये बढ़िया होगा, और सुरक्षित भी। शनिवार की रात का प्लान करते हैं। रात भर मस्ती कर सकते हैं। अगले दिन रविवार होगा तो कोई प्रॉब्लम भी नहीं होगी।
अंकिता: आज बुधवार है। शनिवार बिल्कुल सही होगा। तब तक हम उन्हें पूरी तरह अपने बस में कर लेंगे।
मैं: हाँ, और तू ये प्रोग्राम जीजू को बता। और उन्हें बोल कि वो दीपक को और मुझे बताये।
अंकिता: ऐसा क्यों?
मैं: अरे यार, तेरे घर पे मिलने का प्लान है तो तू ही उन्हें बोल। फिर आकाश जीजू और दीपक आपस में बात करेंगे। तब हो सकता है कि दोनों अपनी-अपनी इच्छा एक-दूसरे को बता दें और हमारा काम आसान हो जाए।
अंकिता: अगर उन्होंने एक-दूसरे को कुछ नहीं बोला तो?
मैं: तो दूसरा प्लान भी है। उन दोनों को जमके पिला देंगे। फिर नशे में तो कुछ भी हो सकता है, समझी तू?
अंकिता: सच में क्या गज़ब का दिमाग है तेरा । मैं अभी तेरे जीजू को कॉल करके बता देती हूँ शनिवार के प्रोग्राम का।
मैं: हाँ ठीक है, और ये भी बोल देना कि वो दीपक को और मुझे इस प्रोग्राम के बारे में बता दें।
अंकिता: हाँ, ठीक है।
इस तरह सब सेट तो हो गया।
अंकिता से बात करने के बाद मैंने आकाश जीजू को मैसेज किया –
मैं: नमस्ते जीजू।
आकाश जीजू: नमस्ते डार्लिंग, कैसे हो?
मैं: मैं तो अच्छी हूँ, आप कैसे हो?
आकाश जीजू: मैं भी मस्त हूँ।
मैं: मुझे आपको कुछ बताना है।
आकाश जीजू: बताओ ना, क्या बात है?
मैं: अभी अंकिता ने और मैंने मिलके ये सोचा है कि इस शनिवार की शाम को आपके यहाँ सब मिलेंगे और हम रात को वहीं रहेंगे।
आकाश जीजू: वाह, ये तो बढ़िया विचार है। शायद हमारा प्लान भी कामयाब हो जाए शनिवार को।
मैं: हमारा प्लान सफल हो उसके लिए आपको कुछ करना पड़ेगा।
आकाश जीजू: क्या करना है बताओ ना?
मैं: अभी आपको दीपक को कॉल करके इस प्लान के बारे में बताना है।
आकाश जीजू: तुमने बता तो दिया। अब दीपक को क्यों कॉल करना है?
मैं: आप पहले पूरी बात सुन तो लो।
आकाश: अच्छा सॉरी, बोलो।
मैं: दीपक को अभी इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है । अंकिता अभी आपको बताएगी और फिर आपको दीपक को इनवाईट करना है।
आकाश जीजू: मैं कुछ समझा नहीं। अंकिता ने तुम्हें बुलाया है तो दीपक भी तो साथ में आएगा.
मैं: मैं चाहती हूं कि आप दोनों आपस में बात करो।
आकाश जीजू: मैं अब भी समझा नहीं, कैसी बात?
मैं: वही बता रही हूँ, आप सुनो तो।
आकाश जीजू: हाँ बोलो।
मैं: जब आप कॉल करेंगे तो आप ऐसा दिखाना जैसे आप हम दोनों से मिलने के लिए बहुत उतावले हो।
आकाश जीजू: फिर।
मैं: फिर आप बातों-बातों में ये भी बोल देना कि आपको पता है कि दीपक अंकिता को कितना चाहता है।
आकाश जीजू: ऐसे सीधा बोल दूं उसे?
मैं: हाँ, टेंशन मत लो। मैंने उससे बात की हुई है। और वो तो मर रहा है अंकिता के साथ करने के लिए।
आकाश जीजू: अच्छा।
मैं: और फिर ये बोलना कि आप भी मुझे चाहते हो।
आकाश जीजू: कहीं वो गुस्सा तो नहीं हो जाएगा?
मैं: गुस्सा नहीं होगा। मैंने बोला ना मैंने उससे बात की हुई है।
आकाश जीजू: अच्छा, ठीक है।
मैं: और उसे ये भी बोलना कि अंकिता तो बोल्ड और बिंदास है। पर मैं सब के सामने बहुत शर्माती हूँ । पर जब आप और मैं अकेले होते हैं, तो मैं खुल के बात करती हूँ। इसलिये आप दोनों को एक-दूसरे की बीवी के साथ अकेले में वक्त बिताना चाहिए ताकि आप दोनों के मन में जो है, वो सब एक-दूसरे की बीवी के साथ कर पाओ।
आकाश जीजू: पर क्या दीपक तुम्हें मेरे साथ कुछ करने देगा?
मैं: आप अंकिता को दीपक के साथ करने दोगे ना?
आकाश जीजू: हाँ।
मैं: क्यों?
आकाश जीजू: क्योंकि मुझे तुम्हारा साथ मिलेगा, और हम सब को एक्स्ट्रा खुशी भी मिलेगी।
मैं: वही तो मैं कह रही थी। दीपक को अंकिता जैसी सेक्सी लड़की का साथ मिलेगा तो वो भी आपको मौका देने को राजी हो जाएगा।
आकाश जीजू: ये बात भी सही है।
मैं: अब यह आपके ऊपर है कि आप दीपक से कैसे बात करते हो, और उसके बाद मुझे और अंकिता को कैसे मनाओगे यह सब करने के लिए। किसी को यह पता नहीं चलना चाहिए कि मैं इस प्लान में शुरू से आपके साथ मिली हुई थी.
आकाश जीजू: तुम टेंशन मत लो। दीपक मान गया तो हम दोनों मिलके तुम दोनों को मनाने का कुछ न कुछ इंतजाम कर लेंगे ।
मैं: ओके। बेस्ट ऑफ लक, जीजू।
आकाश जीजू: अब तो शनिवार तक इंतजार करना मुश्किल लग रहा है। हम दोनों अकेले साथ होंगे।
मैं: अब सब आपके ऊपर है।
आकाश जीजू: हाँ, तुम टेंशन मत लो। कुछ बढ़िया प्लान बनाता हूँ। तुम्हें अपनी प्रोमिस तो याद है ना?
मैं: हाँ जीजू, मुझे सब याद है, और मैं अपनी प्रोमिस पूरी करूंगी।
आकाश जीजू: तो आने दो शनिवार।
मैं: ठीक है। आप दीपक से बात करके सब सेट कीजिये।
फिर मैं अपने काम में लग गई। कुछ डेढ़ घंटा होने के बाद जीजू का मैसेज आया कि सब ठीक हो गया है। एक-दम बढ़िया प्लान बनाया है उन्होंने और दीपक ने मिल के। और शनिवार को हमारा प्लान सफल हो ही जाएगा। मैंने पूछा कि ऐसा क्या प्लान है? तो बोले कि वो तो शनिवार को ही पता चलेगा। मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया। मुझे तो बस नतीजे से मतलब था।
फिर मैं जब घर आई तो दीपक पहले से घर पे था। वो बहुत खुश लग रहा था। उसने मुझे बताया कि आकाश जीजू का कॉल आया था, शनिवार को उनके घर पे मिलने का प्लान है और हमें रात को वहीं रुकना है। पर अंकिता से बात हुई या नहीं, ये कुछ नहीं बोला उसने। मैं समझ गई कि दोनों पतियों ने मिल के कुछ तो खिचड़ी पकाई थी, और हमें अब शनिवार को ही पता चलेगा। पर मैं खुश थी कि मेरा प्लान सफल हो रहा था।
क्रमश:
अगली सुबह मैंने आकाश जीजू को मैसेज किया और पूछा -
मैं: जीजू, अंकिता ने बता दिया होगा कि कल दीपक ने और अंकिता ने क्या-क्या गुल खिलाए वहां वाटर पार्क में?
आकाश जीजू: हाँ, सब बताया उसने मुझे और मैंने भी सब बता दिया जो भी हमारे बीच हुआ।
मैं: अंकिता का रिएक्शन क्या था?
जीजू: वो तो बहुत खुश लग रही थी।
मैं: हाँ, दीपक भी काफी खुश लग रहा था।
जीजू: और तुम खुश नहीं हो?
मैं: मैं भी बहुत खुश हूँ।
जीजू: हमारा प्लान सही जा रहा है।
मैं: अब तक तो जो सोचा वही हो रहा है। पर अब एक लेवल आगे जाना होगा।
जीजू: बताओ, क्या प्लान है?
मैं: आप अंकिता को और उकसाओ, ताकि वो दीपक के और करीब आए। इतना कि उससे चुस्वाने का मन हो जाए उसका।
जीजू: कल जिस तरह से वो बता रही थी, मुझे तो लगता है कि कल अगर मौका मिलता तो कल ही चुसवा लेती वो।
मैं: अब उन्हें थोड़ा और उकसाना है ताकि अगली बार जब हम मिले, तो प्लान सफल हो जाना चाहिए।
जीजू: अंकिता को थोड़ा पुश करने की ज़रूरत है बस। वो तो भरी पड़ी है। तुम दीपक को तैयार करो।
मैं: हाँ, मैं वहीं कर रही हूँ। दीपक भी पूरे मूड में है अब।
जीजू: और फिर हमारा मिलन भी होगा ना।
मैं: मैंने जितना वादा किया है उतना तो होगा। उससे ज़्यादा मैं अभी कुछ नहीं बोल सकती।
जीजू: जैसा तुम बोलोगी वैसा ही होगा, डियर। मुझे सिर्फ तुम्हारे साथ वक्त बिताना है। फिर चाहे वो साथ लेटे हुए हो, या सिर्फ बैठे हुए।
मैं: थैंक्स जिजू, मुझे समझने के लिए।
जीजू: पर मैंने कल एक रिक्वेस्ट की थी। वो तो पूरी करोगी न?
मैं: हाँ याद है, जिजू। जिस दिन हमारा प्लान सफल होगा, उस दिन आप मेरा सब कुछ देख पाएंगे, और गले लगने का मौका भी मिलेगा। अब खुश?
जीजू: आय हाय मर जावां, इतना बहुत है मेरे लिए।
मैं: तो अब लग जाओ प्लान पे।
जीजू: हां मैं बताता रहूँगा तुम्हें कि क्या प्रगति है।
मैं: हां ठीक है। आई लव यू।
जीजू: आई लव यू टू, डीयर।
और हमने चैट बंद की।
जिजू से चैट करने के बाद मैंने अंकिता को कॉल किया, और उससे पूछा-
मैं: कल तो तूने बड़े मजे किए दीपक के साथ।
अंकिता: अच्छा, तो जिजू ने सब बता दिया तुझे?
मैं: वो तो बताएंगे ही ना।
अंकिता: तूने भी तो आकाश के साथ मजे किए ना।
मैं: हां, पर तेरे जितने नहीं।
अंकिता: तुझे बुरा लगा क्या?
मैं: अरे नहीं रे पागल, उल्टा ये तो अच्छा हुआ।
अंकिता: वो कैसे?
मैं: रात को दीपक जब मुझे सब बता रहे थे, तो उनकी आंखों में एक अलग ही खुशी थी। और जब उन्होंने मुझे पेला, तो एक अलग ही जुनून था उनमें। एक अलग ही जोश था। ऐसे लग रहा था जैसे मैं पहली बार चुद रही थी।
अंकिता: वही हाल मेरा भी था, यार। कल आकाश जब मुझे चोद रहे थे, तब कुछ अलग ही दुनिया में थे वो। हमें भी ऐसा ही लगा जैसे हम पहली बार चुदाई कर रहे हों।
मैं: पता है ऐसा क्यों हुआ?
अंकिता: क्यूं?
मैं: क्योंकि दोनों मर्दों को कुछ एक्स्ट्रा मिला कल, जिसकी वजह से दोनों मर्द जोश में आ गए।
अंकिता: सही बोल रही है।
मैं: सोच, सिर्फ इतना हुआ तो उन दोनों का ये हाल है, और हमारी चुदाई कितनी मजेदार लग रही है। अगर दोनों मर्दों को कुछ और एक्स्ट्रा मिल जाए तो वो तो हमारे साथ बिस्तर पर तबाही मचा देंगे।
अंकिता: तू बोलना क्या चाहती है, साफ बता?
मैं: देख, मेरी और दीपक की शादीशुदा जिंदगी थोड़ी बोर हो गई थी। पर जब से वो तेरे साथ क्लोज हुए हैं, तब से ही हमारी जिंदगी में जैसे नयापन आ गया है। उनका ऊर्जा लेवल, उनका जोश कुछ अलग ही है। और शायद तेरे साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा।
अंकिता: हां, ये बात तो है। हमारी चुदाई में भी कुछ नयापन तो आ गया है। आकाश मुझे खुलके चोदने लगा है।
मैं: वही तो मैं बोल रही हूँ, डियर। सोच उन्होंने सिर्फ ऊपर-ऊपर से मस्ती की तो उन दोनों का ये हाल है। अगर पूरी मस्ती करने को मिल जाए, तो हमारी जिंदगी में कितना मजा आ जाएगा।
अंकिता: तुम खुल के बोलो ना जो बोलना है। ऐसे पहेली मत बुझाओ। पूरी मस्ती करने से क्या मतलब है?
मैं: देख यार, तू गुस्सा तो नहीं करेगी?
अंकिता: तुझसे कभी गुस्सा हुई हूँ मैं?
मैं: देख, हमें पति का पूरा सुख मिल सकता है। पर उसके लिए तेरी रज़ामंदी ज़रूरी है। अगर तू मानेगी तो ही होगा सब।
अंकिता: मुझे किस चीज़ के लिए रज़ामंद होना है ये तो बता?
मैं: अच्छा, पहले ये बता कि तू दीपक से और क्लोज़ होना चाहती है? क्या तू उसके साथ सो सकती है?
अंकिता: क्या बोल रही है तू? हम सिर्फ थोड़ी सी मस्ती कर रहे थे। तू मुझे गलत समझ रही है।
मैं: मैं तुझे ठीक समझने की कोशिश कर रही हूं. मैं जो पूछ रही हूँ, वो सच में हो सकता है। देख जो तेरे मन में है, खुल के बोल।
अंकिता: तू मजाक तो नहीं कर रही है?
मैं: यह मजाक नहीं है और तू मान जाये तो मुझे कोई एतराज़ नहीं है. अब बता तू।
अंकिता: अगर तुझे एतराज़ नहीं है तो मैं एक बार तो जीजू के साथ सोना चाहती हूँ।
मैं: ये हुई न बात। अब मैं एक बात पूछूँ तुझसे?
अंकिता: हाँ, पूछ न।
मैं: क्या तू भी आकाश जीजू को एक बार मेरे साथ सोने देगी? देख अगर तेरी ना है, तो भी मुझे कोई एतराज़ नहीं है। तू दीपक के साथ फिर भी सो सकती है।
अंकिता: अब मैं तुझे एक बात बताती हूं। मैं और आकाश तुम लोगों के साथ अदला-बदली करने की बात बहुत बार कर चुके हैं।
मैं: मतलब तुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है? अगर ये हो जाए तो हमारी ज़िंदगी में कितना लुत्फ आ जाएगा, कितनी खुशी आ जाएगी।
अंकिता: पर ये होगा कैसे।
मैं: ये हम दोनों को मिल के करना है। हम दोनों को अपने पति और एक-दूसरे के पति को उकसाना है। मतलब तुझे आकाश जीजू को उकसाना है कि वो मेरे और नज़दीक आए, और दीपक को भी अपनी तरफ खींचना है ताकि वो तेरे साथ सोने को उतावला हो जाए। और यही सब मैं भी करूंगी. मैं दीपक और आकाश जीजू को उकसाऊंगी।
अंकिता: ये होगा तो सच में मज़ा आ जाएगा, यार।
मैं: पर ये ध्यान रखना की उन्हें पता नहीं चलना चाहिए कि ये हम दोनों का प्लान है। उन्हें यह लगना चाहिए कि प्लान उन दोनों का है और हम किसी तरह तैयार हो गयी हैं। फिर देखना ये दोनों मर्द आपस में मिलकर बीवियों की अदला-बदली का प्लान बनाएंगे।
अंकिता: बड़ी पहुंची हुई चीज है तू। क्या जबर्दस्त प्लान बनाया है।
मैं: ज़िंदगी में मज़ा चाहिए तो ये सब सोचना पड़ता है। नहीं तो हमारी शादीशुदा ज़िंदगी में बोरियत आ जाएगी।
अंकिता: बात तो सही है। तो फिर लग जाते हैं काम पर। मैं दीपक जीजू को उकसाती हूं, और तुम आकाश को उकसा।
मैं: और साथ में अपने खुद के पति को भी उकसाना है।
अंकिता: हां-हां, वो भी।
मैं: हां, अपना प्लान सीक्रेट है, ये भी ध्यान रखना।
अंकिता: हां डियर, चिंता मत कर। मैं ध्यान रखूंगी।
फिर कुछ दिन मैंने आकाश जीजू से लगातार चैट की, और उनसे बहुत सारी रोमांटिक बातें की। जी भर के फ्लर्ट किया, और उन्होंने भी वैसे ही जवाब दिया। उधर अंकिता तो एक कदम आगे निकली। उसने तो दीपक को अपनी गर्म पिक्स भेजनी शुरू कर दी थी, शॉर्ट ड्रेस में, झीनी नाईटी में और यहां तक कि ब्रा पैंटी में भी।
मैं भी दीपक को उकसा रही थी। जब वो मुझे बताता कि अंकिता ने उसे पिक भेजी, तो मैं बोलती कि वो तो तुम्हारे साथ सोने के लिए उतावली हो रही है । उधर अंकिता भी आकाश जीजू और मेरी चैट पढ़ के उन्हें बोलती कि मनीषा तो तुम्हारे पर फिदा हो गयी है।
दीपक अंकिता पर लट्टू हो गए थे और आकाश जीजू मेरे पर। अब बस आखिरी हथौड़ा मारना था। मैंने अंकिता को कॉल किया और उसे बोला –
मैं: देख, हमारे पति हमारे प्लान के हिसाब से सेट हो गये हैं। अब हमें मिलने का ऐसा प्रोग्राम बनाना है कि रात भर वहां सिर्फ हम चारों हो, और कोई नहीं।
अंकिता: तो मेरे घर पे ही मिलते हैं। दो बेडरूम भी हैं, और कोई डिस्टर्ब करने वाला भी नहीं।
मैं: हाँ, ये बढ़िया होगा, और सुरक्षित भी। शनिवार की रात का प्लान करते हैं। रात भर मस्ती कर सकते हैं। अगले दिन रविवार होगा तो कोई प्रॉब्लम भी नहीं होगी।
अंकिता: आज बुधवार है। शनिवार बिल्कुल सही होगा। तब तक हम उन्हें पूरी तरह अपने बस में कर लेंगे।
मैं: हाँ, और तू ये प्रोग्राम जीजू को बता। और उन्हें बोल कि वो दीपक को और मुझे बताये।
अंकिता: ऐसा क्यों?
मैं: अरे यार, तेरे घर पे मिलने का प्लान है तो तू ही उन्हें बोल। फिर आकाश जीजू और दीपक आपस में बात करेंगे। तब हो सकता है कि दोनों अपनी-अपनी इच्छा एक-दूसरे को बता दें और हमारा काम आसान हो जाए।
अंकिता: अगर उन्होंने एक-दूसरे को कुछ नहीं बोला तो?
मैं: तो दूसरा प्लान भी है। उन दोनों को जमके पिला देंगे। फिर नशे में तो कुछ भी हो सकता है, समझी तू?
अंकिता: सच में क्या गज़ब का दिमाग है तेरा । मैं अभी तेरे जीजू को कॉल करके बता देती हूँ शनिवार के प्रोग्राम का।
मैं: हाँ ठीक है, और ये भी बोल देना कि वो दीपक को और मुझे इस प्रोग्राम के बारे में बता दें।
अंकिता: हाँ, ठीक है।
इस तरह सब सेट तो हो गया।
अंकिता से बात करने के बाद मैंने आकाश जीजू को मैसेज किया –
मैं: नमस्ते जीजू।
आकाश जीजू: नमस्ते डार्लिंग, कैसे हो?
मैं: मैं तो अच्छी हूँ, आप कैसे हो?
आकाश जीजू: मैं भी मस्त हूँ।
मैं: मुझे आपको कुछ बताना है।
आकाश जीजू: बताओ ना, क्या बात है?
मैं: अभी अंकिता ने और मैंने मिलके ये सोचा है कि इस शनिवार की शाम को आपके यहाँ सब मिलेंगे और हम रात को वहीं रहेंगे।
आकाश जीजू: वाह, ये तो बढ़िया विचार है। शायद हमारा प्लान भी कामयाब हो जाए शनिवार को।
मैं: हमारा प्लान सफल हो उसके लिए आपको कुछ करना पड़ेगा।
आकाश जीजू: क्या करना है बताओ ना?
मैं: अभी आपको दीपक को कॉल करके इस प्लान के बारे में बताना है।
आकाश जीजू: तुमने बता तो दिया। अब दीपक को क्यों कॉल करना है?
मैं: आप पहले पूरी बात सुन तो लो।
आकाश: अच्छा सॉरी, बोलो।
मैं: दीपक को अभी इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है । अंकिता अभी आपको बताएगी और फिर आपको दीपक को इनवाईट करना है।
आकाश जीजू: मैं कुछ समझा नहीं। अंकिता ने तुम्हें बुलाया है तो दीपक भी तो साथ में आएगा.
मैं: मैं चाहती हूं कि आप दोनों आपस में बात करो।
आकाश जीजू: मैं अब भी समझा नहीं, कैसी बात?
मैं: वही बता रही हूँ, आप सुनो तो।
आकाश जीजू: हाँ बोलो।
मैं: जब आप कॉल करेंगे तो आप ऐसा दिखाना जैसे आप हम दोनों से मिलने के लिए बहुत उतावले हो।
आकाश जीजू: फिर।
मैं: फिर आप बातों-बातों में ये भी बोल देना कि आपको पता है कि दीपक अंकिता को कितना चाहता है।
आकाश जीजू: ऐसे सीधा बोल दूं उसे?
मैं: हाँ, टेंशन मत लो। मैंने उससे बात की हुई है। और वो तो मर रहा है अंकिता के साथ करने के लिए।
आकाश जीजू: अच्छा।
मैं: और फिर ये बोलना कि आप भी मुझे चाहते हो।
आकाश जीजू: कहीं वो गुस्सा तो नहीं हो जाएगा?
मैं: गुस्सा नहीं होगा। मैंने बोला ना मैंने उससे बात की हुई है।
आकाश जीजू: अच्छा, ठीक है।
मैं: और उसे ये भी बोलना कि अंकिता तो बोल्ड और बिंदास है। पर मैं सब के सामने बहुत शर्माती हूँ । पर जब आप और मैं अकेले होते हैं, तो मैं खुल के बात करती हूँ। इसलिये आप दोनों को एक-दूसरे की बीवी के साथ अकेले में वक्त बिताना चाहिए ताकि आप दोनों के मन में जो है, वो सब एक-दूसरे की बीवी के साथ कर पाओ।
आकाश जीजू: पर क्या दीपक तुम्हें मेरे साथ कुछ करने देगा?
मैं: आप अंकिता को दीपक के साथ करने दोगे ना?
आकाश जीजू: हाँ।
मैं: क्यों?
आकाश जीजू: क्योंकि मुझे तुम्हारा साथ मिलेगा, और हम सब को एक्स्ट्रा खुशी भी मिलेगी।
मैं: वही तो मैं कह रही थी। दीपक को अंकिता जैसी सेक्सी लड़की का साथ मिलेगा तो वो भी आपको मौका देने को राजी हो जाएगा।
आकाश जीजू: ये बात भी सही है।
मैं: अब यह आपके ऊपर है कि आप दीपक से कैसे बात करते हो, और उसके बाद मुझे और अंकिता को कैसे मनाओगे यह सब करने के लिए। किसी को यह पता नहीं चलना चाहिए कि मैं इस प्लान में शुरू से आपके साथ मिली हुई थी.
आकाश जीजू: तुम टेंशन मत लो। दीपक मान गया तो हम दोनों मिलके तुम दोनों को मनाने का कुछ न कुछ इंतजाम कर लेंगे ।
मैं: ओके। बेस्ट ऑफ लक, जीजू।
आकाश जीजू: अब तो शनिवार तक इंतजार करना मुश्किल लग रहा है। हम दोनों अकेले साथ होंगे।
मैं: अब सब आपके ऊपर है।
आकाश जीजू: हाँ, तुम टेंशन मत लो। कुछ बढ़िया प्लान बनाता हूँ। तुम्हें अपनी प्रोमिस तो याद है ना?
मैं: हाँ जीजू, मुझे सब याद है, और मैं अपनी प्रोमिस पूरी करूंगी।
आकाश जीजू: तो आने दो शनिवार।
मैं: ठीक है। आप दीपक से बात करके सब सेट कीजिये।
फिर मैं अपने काम में लग गई। कुछ डेढ़ घंटा होने के बाद जीजू का मैसेज आया कि सब ठीक हो गया है। एक-दम बढ़िया प्लान बनाया है उन्होंने और दीपक ने मिल के। और शनिवार को हमारा प्लान सफल हो ही जाएगा। मैंने पूछा कि ऐसा क्या प्लान है? तो बोले कि वो तो शनिवार को ही पता चलेगा। मैंने भी ज्यादा जोर नहीं दिया। मुझे तो बस नतीजे से मतलब था।
फिर मैं जब घर आई तो दीपक पहले से घर पे था। वो बहुत खुश लग रहा था। उसने मुझे बताया कि आकाश जीजू का कॉल आया था, शनिवार को उनके घर पे मिलने का प्लान है और हमें रात को वहीं रुकना है। पर अंकिता से बात हुई या नहीं, ये कुछ नहीं बोला उसने। मैं समझ गई कि दोनों पतियों ने मिल के कुछ तो खिचड़ी पकाई थी, और हमें अब शनिवार को ही पता चलेगा। पर मैं खुश थी कि मेरा प्लान सफल हो रहा था।
क्रमश:


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