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Misc. Erotica अदला-बदली
#9
भाग 4
 
मैंने पूछा: दोनों ने मजे किए पूरे
दीपक मेरा मुंह देखने लगा और पूछा कि क्या। 
मैंने बोला: दोनों राइड्स के मजे करने गए थे न, तो मजा आया कि नहीं
तो अंकिता ने बोला: हाँ, बहुत मजा आया, बहुत एंजॉय किया हमने। 
वो दोनों काफी खुश लग रहे थे। मैं तो तभी दीपक को पूछना चाहती थी कि क्या-क्या किया अंकिता के साथ। पर मैंने सोचा घर जाकर पूछूंगी। फिर हमने थोड़ी देर और टाइम पास किया वहां, और फिर निकल गए। इस बार अंकिता पीछे बैठ गई और बोली- 
अंकिता: मुझे नींद आ रही है, तो मैं पीछे बैठती हूँ। आगे बैठ के सोई तो मुझे देखकर आकाश को भी नींद आने लगेगी। मैं आगे आकाश जीजु के पास बैठ गई और दीपक पीछे अंकिता के पास। फिर हम निकल गए। हमने डिसाइड किया था कि हम घर के पास किसी रेस्टोरेंट में डिनर करेंगे, फिर घर जाएंगे। 
कार में पहले तो सब शांत थे, कोई कुछ नहीं बोल रहा था। सब शायद थोड़े थक गए थे। फिर अंकिता ने चुप्पी तोड़ी। 
अंकिता: आज सच में मजा आ गया। मैंने तो बहुत एंजॉय किया। 
मैंने बोला: हाँ, सब ने ही एंजॉय किया। 
दीपक बोला: हाँ यार, वॉटर पार्क में आने का प्लान बड़ा मस्त था। बहुत मजा आया। 
फिर मैंने बोला: ये आकाश जीजु का प्लान था। 
अंकिता: जिसका प्लान था वही कुछ नहीं बोल रहा। लगता है इसने एंजॉय नहीं किया, क्यों आकाश
फिर जीजु बोले: यार इतना एंजॉय तो मैंने कभी नहीं किया (और मुझे देखकर स्माइल करने लगे)।
मुझे तो शर्म आ गई। फिर अंकिता बोली: अच्छा, क्या बात है!
मैंने बोला: अंकिता तुझे तो नींद आ रही थी ना, क्या हुआ?
अंकिता बोली: नींद तो आ रही थी, लेकिन बातें करने में ज्यादा मज़ा आ रहा है।
तब आकाश जीजु बोले: उसे कोई नींद नहीं आ रही थी। उसे अपने नए पति के साथ बैठना था, इसलिए पीछे बैठी है। इस बार तो अंकिता को भी शर्म आ गई।
मैं भी अंकिता को छेड़ते हुए बोली: हाँ, मुझे भी ऐसा ही लग रहा है (फिर सब हंसने लगे)। हम ऐसे ही मज़ाक-मस्ती करते हुए रेस्टोरेंट पहुंचे। हम अपने-अपने पार्टनर के साथ बैठ गए, पर एक-दूसरे के पार्टनर के सामने। मतलब मेरे सामने आकाश जीजु थे, और दीपक के सामने अंकिता। दीपक और अंकिता तो बिंदास एक-दूसरे से फ्लर्ट कर रहे थे। पर मैं और जीजु सिर्फ इशारों में बातें कर रहे थे। वहाँ पे भी मैंने देखा कि टेबल के नीचे दीपक और अंकिता की टांगें एक-दूसरे के साथ खेल रही थीं। फिर हमने डिनर खत्म किया, और अपने-अपने घर चले गए। हम अपने घर आए तो दीपक बहुत खुश लग रहा था। खैर खुश तो मैं भी थी, आज का दिन काफी अच्छा गया था। उस रात बेड में हम दोनों बिलकुल नंगे एक-दूसरे को बाहों में लपेटे थे। मैंने दीपक से पूछा –
मैं: तो कैसा लगा आज?
दीपक: बहुत ही मज़ेदार रहा आज का दिन।
मैं: ऐसा क्या किया, मुझे भी तो बताओ?
दीपक: तुम भी तो खुश लग रही हो, तो पहले तुम बताओ कि तुमने आज क्या-क्या किया?
मैं: पहले तुम बताओ, फिर मैं भी तुम्हें सब बताऊंगी।
दीपक: चलो ठीक है। आज पूरे दिन तुमने देखा था ना अंकिता मेरे साथ कैसे थी? मेरे इतने करीब थी कि मेरा हाथ कितनी बार उसकी बॉडी को टच हुआ।
मैं: ओह, टच हुआ या तुमने जान-बूझकर टच किया?
दीपक: क्या यार तुम भी। अब समझ जाओ ना।
मैं: तो बताओ कहाँ-कहाँ टच किया, और वॉटर राइड्स करने गए थे वहाँ क्या हुआ?
दीपक: वो इतनी करीब थी कि मेरा हाथ कितनी ही बार उसकी कमर और नितंब पर टच हुआ। उसकी चूचियाँ मेरे सीने पर दबी, और डांस करते हुए तो मैंने उसके चूतड़ अच्छे से सहलाए। वो भी डांस करते हुए मुझसे इतनी चिपकी थी कि उसकी चूचियाँ मेरे सीने पर रगड़ रही थीं। इन सब से मेरा लंड तो पूरी अकड़ में आ गया था, और शायद उसे नीचे अपनी चूत पर फील हो रहा था। अंकिता मुझे ऐसे देख रही थी, जैसे उसे भी इन सब में मजा आ रहा था।
मैं: हाँ, वो तो मैंने भी देखा था। डांस करते हुए तुम दोनों ही एक-दूसरे से काफी चिपके हुए थे, और तुम पूरा चांस मार रहे थे।
दीपक: अब वो खुद से चांस दे रही थी, तो मैं क्या करता?
मैं: आग दोनों तरफ लगी थी ना। अब आगे क्या हुआ ये बताओ ।
दीपक: फिर हम जब वापस वेव पूल में गए, तो अंकिता वहाँ भी मेरे से चिपक के ही खड़ी थी। वो मेरे आगे खड़ी होकर अपने चूतड़ मेरे लंड पर रगड़ रही थी। मेरा तो लंड बेकाबू हो गया था। मेरा हाथ उसकी चूचियों पे चला गया, उसने भी कुछ नहीं कहा।
मैं: तुम लोग हमारे सामने इतना कुछ कर रहे थे, और हमें पता भी नहीं चला।
दीपक: गले तक पानी में थे हम, और तुम दोनों भी तो अपने मजे ले रहे थे, तो हमें कहाँ से देखते।
मैं: तुम्हारे जितना तो मजा नहीं लिया हमने। खैर अब आगे बताओ।
दीपक: फिर अंकिता ने बोला कि मुझे आपके साथ वाटर राइड करनी है। तो मैंने सोचा पहले तुमके साथ करूंगा, फिर उसके साथ भी कर लूँगा। पर तुमने मना कर दिया और फिर आकाश ने भी मना कर दिया। तो हम ये मौका कैसे छोड़ सकते थे। हम दोनों ही चले गए।
दीपक: जब हम दोनों राइड्स पे बैठे तो पहली राइड में तो वो मेरे आगे बैठी और मैं उसके पीछे। उसने मेरा हाथ पकड़ा, बस इतना ही हुआ। पर फिर उसने बोला चलो फिर से करते हैं। और इस बार राइड में उसने खुद मेरे हाथ पकड़ के अपने मम्मो पे रख दिए, और मुझे आँख मार दी। वो बोली कि अच्छे से पकड़ो, मुझे डर लग रहा है। मेरी तो जैसे लॉटरी लग गई। मैं दोनों चूचियों को पकड़ के दबाने लगा।
दीपक: मैंने उसकी चूचियाँ अच्छे से मसली. क्या मज़ा आ रहा था यार। वो भी इंजॉय कर रही थी। ऐसे ही ये राइड भी पूरी की। हम फिर दूसरी लंबी वाली राइड में गए जो बंद पाइप में से होकर गुजरती है। उसमें भी मैंने उसके मम्मे अच्छे से दबाए और इस बार तो उसने भी अपना हाथ पीछे करके मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी। मैं तो जन्नत में था, यार। 
मैं: तुम लोग तो फुल इंजॉय कर रहे थे। ये सुनके ही मेरी चूत गीली हो रही है। 
दीपक: ज़रा दिखाना कितनी गीली हुई
फिर दीपक मेरी चूत के पास आए और उसे चाटने लग गए। और मैं उनके सिर पे हाथ फेर रही थी। दीपक अपनी ज़ुबान का जलवा दिखा रहा था, और मैं सातवे आसमान पर थी। मैं अपने को ज़्यादा देर रोक नहीं पाई, और मेरा पानी निकल गया। दीपक ने सारा पानी चाट लिया और फिर वो ऊपर आया और हम किस करने लगे। फिर थोड़ी देर बाद मैंने बोला - 
मैं: अब आगे भी तो बताओ, और क्या हुआ?
दीपक: फिर उस राइड के बाद अंकिता ने मेरा हाथ पकड़ लिया, और मुझे कहीं ले जाने लगी। मैंने पूछा कहाँ जाना है तो वो बोली कि आप चलो तो। फिर वो मुझे जहाँ हमने डांस किया था, वहाँ ले गई। मैंने पूछा कि फिर से डांस करने का मन है क्या? वो बोली कि नहीं और मुझे पीछे वहाँ ले गई जहाँ कोई नहीं था। 
दीपक: मैंने बोला कि यहाँ क्यों ले आई? वो मेरे एक-दम करीब आ गई और मुझे बोला अब कुछ मत बोलो। उसने मेरे हाथ अपनी कमर पर रखे, और अपने हाथ मेरे गले में डाले, और धीरे-धीरे मेरे करीब आने लगी। फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रखे, और उन्हें चूसने लगी। मैं उसे देख रहा था, और उसने अपनी आँखें बंद कर ली थीं। 
दीपक: फिर मैं भी उसके होंठ चूसने लगा। हमारी ज़ुबान एक-दूसरे के मुँह में घूमने लगी। मेरे हाथ कब उसके कमर पर चले गए, पता ही नहीं चला। ऊपर हमारा चुम्बन चल रहा था, और नीचे मैं उसकी जांघों के साथ खेल रहा था।
दीपक: मुझे उसकी पैंटी से समझ में आ गया कि उसका काम हो गया था। फिर हम दोनों ने अपने हाथ बाहर निकाल लिए। अंकिता ने मुझे जोर से गले लगाया, और आई लव यू बोला। मैंने भी उसके लिप्स को चूमा और आई लव यू टू बोला। फिर हम वहाँ से बाहर आ गए। 
दीपक: अंकिता बोली कि जिजू आप तो उस्ताद निकले। मैंने बोला कि तुम भी कुछ कम नहीं हो। और हम दोनों ही हंसने लगे। फिर हम लोग तुम लोगों के पास आ गए। वापस आते हुए भी कार में वो मेरा लंड मसल रही थी। 
मैं: काफी कुछ कर लिया यार तुम लोगों ने, मौके का पूरा फायदा उठा लिया। अंकिता तो काफी तेज निकली। थोड़ी देर और रुकते तो शायद तुम्हारा लंड उसकी चूत की सैर कर लेता। 
दीपक: हा हा हा! क्या कुछ भी। इतना कुछ हुआ वही बड़ी बात है, यार। चलो, अब तुम बताओ तुम लोगों ने क्या-क्या किया
मैं: तुम लोगों जितना तो नहीं, पर थोड़ा मजा तो किया। 
फिर मैंने भी दीपक को सब बता दिया कि कैसे हमने किस की, जिजू ने मेरी चूचियां और मेरे चूतड़ दबाए, और पूल में मैंने उनके शॉर्ट्स के ऊपर से उनका लंड भी सहलाया । 
दीपक: मतलब अब तुमने भी शर्म छोड़ के मजा करना सीख ही लिया। 
मैं: (शर्माकर): यार, अब ऐसा मत बोलो। 
दीपक: तुमने मजा तो किया न
मैं: सच बोलूं तो हां, बहुत मजा आया आज। जब जिजू मुझे किस कर रहे थे, तो मैं अलग ही दुनिया में थी मैं। जब उनका हाथ मेरी बॉडी पर चल रहा था, मेरी चूचियों पर, मेरे चूतड़ों पर, तो अलग ही एहसास था वो। 
दीपक: यह सुनकर मेरा तो लंड खड़ा हो गया, यार। अब तुम्हे ही कुछ करना पड़ेगा। 
मैं: हां, अभी तो मैं ही हूँ यहां। 
दीपक: तुम ही हो और हमेशा तुम ही रहोगी, डार्लिंग। तुम तो मेरी जिंदगी हो।
मैं: हां, मुझे पता है, मेरे राजा।
फिर मैंने दीपक का लंड पकड़ लिया और अपना हाथ ऊपर-नीचे करने लगी। वो भी मेरी चूचियों से खेलने लगे। फिर हम 69 में आकर एक-दूसरे को चूसने-चाटने लगे। मैं दीपक का लंड चूस रही थी, और वो मेरी चूत चाट रहा था। फिर कुछ देर बाद मैं उसके ऊपर चढ़ गई, और उसका लंड अपनी चूत में लेकर जंप मारने लगी। दीपक ने मेरे उछलते हुए मम्में पकड़ लिये और नीचे से धक्के देने लगा। हम दोनों जैसे एक-दूसरे में खो गए। इस बार की चुदाई कुछ अलग ही थी। अलग ही जुनून था हम दोनों में, अलग लेवल की ऊर्जा थी। फिर हम दोनों ऐसे ही नंगे एक-दूसरे की बाहों में सो गए।
 
क्रमश:
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Messages In This Thread
अदला-बदली - by rangeeladesi - 02-03-2026, 06:33 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 03-03-2026, 04:02 PM
RE: अदला-बदली - by Glenlivet - 03-03-2026, 06:38 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 04-03-2026, 07:28 PM
RE: अदला-बदली - by ratipremi - 03-03-2026, 11:58 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 04-03-2026, 07:29 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 04-03-2026, 07:31 PM
RE: अदला-बदली - by Loveakb18 - 05-03-2026, 07:51 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 06-03-2026, 10:13 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 05-03-2026, 04:13 PM
RE: अदला-बदली - by ratipremi - 05-03-2026, 11:02 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 06-03-2026, 10:14 AM
RE: अदला-बदली - by Vikrant pelu - 06-03-2026, 12:08 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 06-03-2026, 10:15 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 07-03-2026, 12:38 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 07-03-2026, 10:19 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 09-03-2026, 05:46 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 10-03-2026, 05:11 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 11-03-2026, 05:17 PM
RE: अदला-बदली - by poorangyan - 11-03-2026, 06:23 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 11-03-2026, 08:19 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 12-03-2026, 04:42 PM
RE: अदला-बदली - by Glenlivet - 12-03-2026, 11:54 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 13-03-2026, 10:53 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 13-03-2026, 04:04 PM
RE: अदला-बदली - by poorangyan - 14-03-2026, 11:42 AM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 16-03-2026, 04:50 PM
RE: अदला-बदली - by ratipremi - 17-03-2026, 12:32 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 20-03-2026, 09:43 AM
RE: अदला-बदली - by Glenlivet - 24-03-2026, 03:24 PM
RE: अदला-बदली - by rangeeladesi - 27-03-2026, 12:49 PM



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