04-03-2026, 07:31 PM
भाग 3
अगले दिन जैसे तय हुआ था, अंकिता और आकाश जीजु हमें पिकअप करने आए, और हम निकल गए वॉटर रिसॉर्ट के लिए। जीजू ड्राइव कर रहे थे, और अंकिता उनके पास बैठी थी। पीछे की सीट पर मैं और दीपक थे।
अंकिता ने हमेशा की तरह दीपक से फ्लर्ट करना शुरू कर दिया, और दीपक भी मजे ले रहे थे। मैं और आकाश जीजू उन दोनों की मस्ती देख रहे थे बस।
अंकिता बोली: यार, तुम दोनों इतना चुप क्यों हो? तुम दोनों भी आपस में मस्ती करो। हमारी परमिशन है। क्यों जीजू?
और दीपक ने भी बोला: इतने शांत रहोगे तो क्या मजे करोगे वहां?
फिर आकाश जीजू बोले: यहां शांत हैं क्योंकि सारी एनर्जी वॉटर पार्क के लिए बचा के रख रहे हैं। वहां तो धूम मचाने वाले हैं। क्यों मनीषा?
मैंने भी बोला: हां और क्या।
ऐसे ही मजाक-मस्ती करते-करते हम पहुँच गए। फिर टिकट लेकर हम अंदर गए, और सबसे पहले कपड़े बदलने गए। मैंने एक स्लीवलेस लूज टी-शर्ट और छोटे शॉर्ट्स पहना, और अंदर ब्रा पैंटी।
अंकिता ने एक टाइट शॉर्ट, टी-शर्ट पहना, जिसमें उसका पेट पूरा दिखाई दे रहा था, और नेक भी गहरा था। नीचे मिनी शॉर्ट्स पहना, जिससे सिर्फ उसके नितंब ही ढके थे, बाकी पूरी टांगें उसकी जांघों तक दिख रही थीं। एकदम पटाखा लग रही थी वो।
मैंने उसे बोला: आज तो पानी में आग लगने वाली है।
वो भी हंसने लगी। दोनों मर्दों ने टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने थे। सबसे पहले हम एक पूल में गए, और वहां मस्ती की। दीपक मेरे साथ था, और आकाश जीजू अंकिता के साथ। पर दीपक अंकिता को देख रहा था, और जीजू मुझे। पानी के अंदर दीपक मुझे छेड़ रहा था, कभी नितंब दबा रहा था, तो कभी चूची छूकर मसल रहा था।
अंकिता वहां जीजू का शोर्ट सहला रही थी पानी के अंदर। ये उसके एक्शन से समझ आ रहा था। उस दिन वहां उतनी पब्लिक नहीं थी, तो हम दोनों कपल बिंदास मस्ती कर रहे थे। जीजू गले तक पानी में बैठ गए, और अंकिता उनकी गोद में जाकर बैठ गई। वो कपड़ों के ऊपर से ही लंड चूत पर रगड़ के मजे ले रहे थे शायद। उनको देख दीपक ने भी मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। उनका कड़ा लंड मुझे नीचे महसूस हो रहा था।
फिर दीपक ने एक हाथ नीचे से मेरी टी-शर्ट में डाल दिया, और ब्रा के ऊपर से मेरे स्तनों को दबाने लगे। मैंने उन्हें धीरे से बोला।
मैं: क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा तो?
वो बोले: कोई नहीं देखेगा, तुम मजे करो.
फिर दीपक ने बोला: उधर देखो, अंकिता क्या कर रही है.
अंकिता जीजू के पास बैठी थी.
मैंने बोला: बैठी तो है बगल में.
तो दीपक बोला: आकाश के चेहरे को देखो, अंकिता पक्का अभी शॉर्ट्स के अंदर से उसका लंड सहला रही है.
फिर मैंने देखा तो आकाश के एक्सप्रेशन्स सच में वैसे ही थे. अंकिता के एक्शन से भी यही लग रहा था.
थोड़ी देर बाद दीपक ने बोला: चलो, ब्रेकफ़ास्ट कर लेते हैं, नहीं तो बंद हो जाएगा.
हम पूल से बाहर आ गए. मेरी टी-शर्ट और शॉर्ट्स मेरी बॉडी से चिपक गए थे, मम्मों और चूतडों का पूरा शेप दिख रहा था. आकाश जीजू मेरे मम्मों को ही देख रहे थे. अंकिता भी भीगने के बाद और हॉट लग रही थी.
दीपक ने तो उसे बोल भी दिया: अब तो ज़्यादा हॉट लग रही हो.
अंकिता ने भी स्माइल करते हुए थैंक यू बोला. जीजू सिर्फ इशारों से मुझे बोल रहे थे कि मैं भी एकदम हॉट लग रही थी, और मैं भी स्माइल करते हुए उनको देख रही थी.
फिर हमने ब्रेकफास्ट किया। ब्रेकफास्ट करते हुए मैंने नोटिस किया कि कुछ लड़के अंकिता को ही घूर रहे थे। मैंने अंकिता को ये बात बताई, तो वो बोलने लगी-
अंकिता: देखने दो बिचारों को, देख के ही मजा ले लें।
और मुझे भी दिखाया कि कुछ लोग मुझे भी देख रहे थे, और बोलने लगी-
अंकिता: ये सब हमें देख रहे हैं, इसका मतलब हम दोनों ही आज सेक्सी लग रही हैं (और हम दोनों ही हंसने लगी)।
ब्रेकफास्ट के बाद हमने वॉटर राइड्स की। डबल वाले राइड में अंकिता आकाश जीजू के साथ बैठी, और मैं दीपक के साथ। राइड के बीच में दीपक ने पीछे से मेरे मम्मे पकड़ लिए, और दबाने लगा। मुझे भी मजा आ रहा था। ऐसे ही 2-3 बार उस राइड में बैठे, और दीपक ने कभी मेरे चूतड़ दबाए, तो कभी मेरी चूची सहलाई। मुझे लगा कि अंकिता और आकाश जीजू भी ऐसे ही मस्ती कर रहे होंगे।
फिर हम सब वेव पूल में गए। वहां भी पब्लिक कम ही थी। जो थे, मोस्टली कपल ही थे जो आपस में मस्ती कर रहे थे। हम सब भी सबसे एंड में जाकर साइड में खड़े हो गए। वहां पानी गले तक था। वहां एक कपल के एक्शन से लग रहा जैसे उनकी चुदाई चल रही है। हम चारों उन्हें देख के हंस रहे थे बस, और गर्म भी हो गए थे।
अंकिता आकाश जीजू के पास गई, और उन्हें किस करने लगी। उसका एक हाथ जीजू के गले में था, और दूसरा हाथ पानी के अंदर। शायद जीजू के शॉर्ट्स के अंदर। उन्हें देख के दीपक भी मूड में आ गए, और मुझे अपने आगे खड़ा कर दिया, और मेरे मम्मे दबाने लगे। मैंने भी हाथ पीछे किया, और उनका लंड उनके शॉर्ट्स के ऊपर से दबाने लगी। हमने थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती की। फिर लंच का टाइम हो गया।
हम सब लंच कर रहे थे। अंकिता कुछ लेने गई, तभी एक लड़का अंकिता के पास गया, और उसे पूछने लगा कि तुम अंकिता हो न।
अंकिता ने बोला: हाँ, पर तुम कौन हो? मैंने पहचाना नहीं।
तो उसने अपना इंट्रोडक्शन दिया, कि उसका नाम संजय था, और वो कॉलेज में अंकिता का जूनियर था। अंकिता ने भी उसे पहचान लिया। फिर वो बातें करने लगे। तभी दीपक उनके पास गया तो संजय को लगा दीपक अंकिता का पति था। और फिर वो उन दोनों से बात करने लगा, कि शादी कब हुई आप दोनों की और फैमिली आगे बढ़ी कि नहीं। अंकिता ने भी उसकी ग़लतफ़हमी दूर नहीं की।
फिर जब संजय गया तो मैं और आकाश जीजू उनके पास गए, और मैंने उसे पूछा: तुने बताया क्यों नहीं उसको?
तो वो बोलने लगी: इतने हैंडसम आदमी को वो मेरा पति समझ रहा था, तो मैं क्यों बताती उसे (और हंसने लगी)।
उसकी बात पर हम सभी हंसने लगे। फिर वो पूरे लंच के टाइम दीपक के पास ही खड़ी थी, और बोल रही थी कि वो संजय वापस आए तो उसे लगना चाहिए कि मैं अपने पति के साथ ही हूँ।
फिर लंच के बाद थोड़ी देर पूल में एन्जॉय किया। उसके बाद हम सब रेन डांस के लिए गए। वहाँ पहुँचते ही हमने देखा कि वो संजय पहले से वहाँ था, और एक लड़की के साथ डांस कर रहा था। वो उसकी पत्नी या प्रेमिका थी शायद, क्योंकि वो उससे चिपक के डांस कर रहा था। फिर अंकिता ने दीपक का हाथ पकड़ लिया और बोलने लगी-
अंकिता: प्लीज आप मेरे साथ ही डांस करना। संजय को लगना चाहिए कि हम पति-पत्नी हैं। दीपक मुझे देखने लगा तो मैंने इशारे से बोल दिया कि करो।
तभी आकाश जीजू बोले: हाँ ठीक है, मैं और मनीषा साथ में डांस करेंगे।
अब अंकिता और दीपक साथ में डांस कर रहे थे, और मैं और आकाश जीजू साथ में डांस कर रहे थे। अंकिता तो पूरा चिपक के डांस कर रही थी, और दीपक भी पूरा चांस मार रहा था। वो कभी उसकी पीठ पे, तो कभी उसके चूतड़ों पे हाथ फेर रहा था। पर आकाश जीजू और मैं नॉर्मली ही डांस कर रहे थे। पर जिस तरह से वो मुझे देख रहे थे, मुझे उनमें वासना नहीं प्यार दिखाई दे रहा था। फिर जब एक रोमांटिक गीत बजा, तो हम कपल डांस करने लगे। तब पहली बार आकाश जीजू का हाथ मेरी बॉडी में लगा। उनका एक हाथ मेरे कंधे पे था, और दूसरा हाथ मेरी कमर पे, और वो लगातार मेरी आँखों में देख रहे थे। सच बोलूँ तो मेरा मन तो उन्हें किस करने को हो रहा था, पर मैंने खुद को कंट्रोल किया। आकाश जीजू ने कहीं गलत जगह टच करने की कोशिश नहीं की, बस हम ऐसे ही रोमांटिक डांस करते रहे। जब मैंने अंकिता और दीपक को देखा, तो वो दोनों फुल मस्ती के मूड में थे। दीपक उसकी पीठ से लेकर नितंबों तक हाथ फेर रहा था, और अंकिता भी उससे पूरी चिपकी हुई थी। अंकिता के मम्मे दीपक के सीने पे दब गए थे। और लगता था कि दीपक का लंड भी टाइट होके अंकिता की चूत को टच हो रहा होगा। वो दोनों एक-दूसरे के साथ ऐसा बिहेव कर रहे थे जैसे वो सच में मियां-बीवी हैं। थोड़ी देर डांस करने के बाद हम वहाँ से निकल के फिर से वेव पूल में आए, और इस बार अंकिता ने बोला-
अंकिता: मैं और दीपक जीजू साथ ही रहेंगे अब। क्योंकि क्या पता संजय कब कहाँ से आ जाए और देख ले।
तो मैंने पूछा: दीपक इतना पसंद आ गया क्या?
अंकिता बोली: इतना हैंडसम आदमी किसे पसंद नहीं आएगा (और हम सब हंसने लगे)।
अंकिता और दीपक साथ-साथ चिपक के चलते हुए पानी में अंदर जाने लगे। मैंने आकाश जीजू को देखा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया। फिर हम भी पानी के अंदर जाने लगे। आखिर में साइड में जाकर हम चारों खड़े हो गए। वहां सभी कपल ही थे जो आपस में बहुत मस्ती कर रहे थे।
अंकिता और दीपक भी एक-दूसरे पे पानी उछाल रहे थे, तो कभी लिपट रहे थे। उन्हें देखकर आकाश जीजू भी मेरे पास आए मुझे हग करने लगे। पर मैंने उन्हें इशारे से मना किया तो वो रुक गए। फिर वो मुझ पर पानी उड़ाने लगे। मैंने भी उनपे पानी उड़ाया। ऐसे ही हम सब मस्ती कर रहे थे।
फिर कुछ देर बाद दीपक बोला कि उसे फिर से वाटर राइड्स करनी थी। पर मैं थक गई थी तो मैंने मना कर दिया। फिर आकाश जीजू ने बोला कि यार मैं भी थक गया हूँ। तो अंकिता बोली कि मेरे टेम्पररी हस्बैंड, चलो हम दोनों राइड्स करते हैं। दीपक मुझे देख रहा था तो मैंने इशारे में बोल दिया कि जाओ मज़े करो।
फिर हम सब वेव पूल से बाहर आए। दीपक और अंकिता चले गए राइड्स करने। मैं और आकाश जीजू वहीं वेव पूल के पास में बैठ गए। पानी पैरों को छूते हुए जा रहा था। बड़ा मस्त लग रहा था।
वेव्स की वजह से मेरा शॉर्ट्स एकदम ऊपर हो गया था, और मेरी जांघें दिखने लगी थीं। जीजू मेरी जाँघों को ही देख रहे थे, पर जब मैं उन्हें देखती तो वो नजर हटा लेते। मुझे उनको देखकर हंसी भी आ रही थी, और उनपर तरस भी आ रहा था।
मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया, और बोला: जीजू, आप बहुत अच्छे हो। मुझे बुरा न लगे इसलिये आप ठीक से देख भी नहीं रहे, और मुझे आपकी यही बात अच्छी लगती है। इसलिए मुझे आपसे प्यार हो गया है।
वो मेरी आँखों में देखने लगे प्यार से। कसम से मेरा बहुत मन कर रहा था उन्हें किस करने का, लेकिन मैं चाहती थी कि वो खुद बोले।
फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने बोला: ये दीपक और अंकिता क्या कर रहे होंगे?
तो मैंने बोला: आपको क्या लगता है?
उन्होंने बोला: तुमने उन्हें डांस करते देखा था क्या? दोनों कितने करीब थे एक-दूसरे के।
मैंने बोला: कहीं आपको जलन तो नहीं हो रही कि टेम्पररी पति आपकी बीवी के इतने करीब था?
तो उन्होंने बोला: नहीं यार, ये तो हमारी ही प्लानिंग थी ना, उन दोनों को करीब लाने की। और उसकी वजह से आज मैं तुम्हारे इतने करीब बैठ के तुमसे बातें कर रहा हूँ।
मैंने बोला: अच्छा जी, तो क्या बात करनी है बोलो?
वो बोले: वो दोनों तो पता नहीं क्या-क्या कर चुके होंगे अभी तक।
तो मैंने बोला: हाँ उन्होंने किस तो पक्का कर ही ली होगी।
वो बोले: सिर्फ किस नहीं, बहुत कुछ कर चुके होंगे।
तो मैं उनका मुंह देखने लगी। फिर उन्होंने बोला कि-
आकाश जीजु: मुझे कुछ पूछना है तुमसे।
मैं: हाँ पूछो ना जीजु।
जीजु: तुम गुस्सा तो नहीं करोगी?
मैं: आपकी किसी बात का गुस्सा किया है क्या मैंने?
जीजु: पहले प्रॉमिस करो तुम गुस्सा नहीं करोगी। अगर तुम्हे नहीं करना, तो ना बोल देना, पर गुस्सा नहीं करना प्लीज।
मैं: अच्छा प्रॉमिस, मैं गुस्सा नहीं करूँगी। अब बोलो भी।
जीजु: मैं तुम्हे किस करना चाहता हूँ।
मैं (शर्मा के): यहाँ सब के सामने मैं किस नहीं कर सकती, जीजु।
जीजु: अगर तुम्हारी हाँ है तो हम कोई जगह देखते हैं, जहाँ कोई ना हो।
मैं: चलिए।
जीजु: सच में ना?
मैं: हाँ जीजु, अब चलो।
हम वहाँ से उठ के जगह देखने लगे। थोड़ा ढूंढने के बाद एक जगह मिल गई। एक कोने में फर्स्ट एड के लिए एक छोटे रूम जैसा बना हुआ था। उसके पीछे जगह थी काफी। वहाँ से हमें कोई नहीं देख सकता था। जीजु मुझे उस रूम के पीछे ले गए।
आकाश जीजु: तुम करना चाहती हो ना। सिर्फ मेरी खुशी के लिए तो हाँ नहीं बोल रही हो ना?
मैं: नहीं जीजु, मेरा तो कब से मन हो रहा था। मैं तो आपके बोलने का वेट कर रही थी।
जीजु: तो तुम खुद ही बोल देती।
मैं: ऐसी बातें लड़कियाँ नहीं करती।
जीजु: चलो कोई बात नहीं। क्या अब किस कर सकता हूँ तुम्हें?
मैं: हाँ।
वो मेरे एकदम करीब आ गए। मेरी आँखों में देखने लगे, और मैं उनकी आँखों में। फिर वे धीरे-धीरे अपने होंठ मेरे होंठों के पास लाने लगे। जैसे ही उनके होंठ मेरे होंठों से टच हुए, एक करंट सा लगा मुझे, और मैं हिल गई। उन्होंने होंठ दूर कर लिए, और पूछने लगे-
जीजु: क्या हुआ, बुरा लगा क्या?
फिर इस बार मैंने अपने होंठ उनके होंठों पे रख दिए। हम दोनों की किस स्टार्ट हो गई। हम दोनों आँखें बंद करके बस वो लम्हे एंजॉय कर रहे थे। वो कभी मेरे ऊपर का होंठ चूसते, तो कभी नीचे का। मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी।
उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और मेरे हाथ उनके गले में। हम अपनी किस में जैसे खो ही गए थे। उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। मैं अपनी ज़ुबान से उनकी ज़ुबान को टच करते हुए एंजॉय कर रही थी। तभी अचानक उनका एक हाथ मेरी कमर से ऊपर होते हुए मेरे स्तन पे आ गया। मुझे थोड़ा अजीब लगा, तो मैंने धीरे से उनका हाथ फिर से मेरी कमर पे रख दिया।
लेकिन हम दोनों की किस लगातार चलती रही। कभी उनकी जीभ मेरे मुंह में तो कभी मेरी जीभ उनके मुंह में। थोड़ी देर बाद उनका हाथ मेरे नितंब पे टच हुआ। पर इस बार मैंने कोई एतराज नहीं किया। फिर वो धीरे-धीरे मेरे नितंब सहलाने लगे।
हमारी किस तो चालू ही थी, और मैं भी वो एंजॉय कर रही थी। उनका दूसरा हाथ फिर से मेरी चूची पे आ गया। मैंने आँख खोल के देखा, पर उनकी आँखें बंद थीं। फिर मैंने भी कुछ नहीं बोला और आँख बंद करके फिर से एंजॉय करने लगी।
वो एक हाथ से मेरा नितम्ब सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी चूची को। उनकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। और मैं किसी दूसरी ही दुनिया में चली गई थी। जिजू का मुझे ऐसा छूना बहुत अच्छा लग रहा था। वो बारी-बारी मेरी दोनों चूचियों को सहला रहे थे।
उनका टच बहुत ही प्यार वाला था। करीब 15 मिनट हमारी किस चली, और उनके हाथ मेरे अंगों से खेलते रहे। फिर हम अलग हुए। मुझे बहुत शर्म आ रही थी। मैं तो उनकी तरफ देख भी नहीं रही थी। मैं वहाँ से बाहर आ गई। जिजू भी आ गए और मेरे साथ-साथ चलने लगे।
जीजू ने मुझे थैंक्स बोला। मैंने उन्हें देखा और बस स्माइल दी।
जीजू बोले: ये दिन मैं कभी नहीं भूलूंगा।
मैंने बोला: मैं भी नहीं भूलूंगी।
फिर हम एक पूल में अपनी टांगें डाल के बैठ गए, और बातें करने लगे। जिजू मुझसे एकदम चिपक के बैठे थे। वो कभी मेरी जांघों को सहलाते तो कभी मेरी पीठ को। मुझे भी वो सब अच्छा लग रहा था। शायद इन सब की वजह से उनका लंड खड़ा हो गया था । उनके शॉर्ट्स में उसका शेप दिखने लगा था।
मैंने जीजाजी को बोला: चलो जीजाजी, पूल के अंदर जाते हैं। फिर हम पूल में उतर गए, और एक साइड में जाकर पानी में खेलने लगे। हम एक-दूसरे पर पानी उड़ाते हुए मस्ती कर रहे थे। पानी गले तक था वहाँ। थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती करने के बाद जीजाजी मेरे एकदम करीब आ गए। वो मेरे पीछे आए, और अपने हाथ मेरी कमर से आगे लाते हुए मुझे एकदम करीब खींच लिया। अब मैं उनसे चिपकी हुई खड़ी थी। उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और उनका कड़क लंड मेरे नितंबों के बीच फील हो रहा था। फिर उनके दोनों हाथ मेरी चूचियों पर आ गए। पानी के अंदर किसी को कुछ नहीं दिख रहा था। वो धीरे-धीरे चूचियों से खेल रहे थे। मैंने उनके हाथ हटाए नहीं, पर उन्हें धीरे से बोला कि जीजाजी प्लीज ये सब यहाँ मत करो। उन्होंने जोर से मेरे दोनों मम्मे दबा दिए, और हाथ वापस कमर पे रख दिया। मेरी आह निकल गई उनके जोर से दबाने से। मैं उन्हें देखने लगी। फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ घुमा दिया। मैं उनकी आँखों में देख रही थी, और वो मेरी आँखों में। कोई कुछ नहीं बोल रहा था। फिर पता नहीं मुझे अचानक क्या हुआ, मैंने अपना हाथ उनकी शॉर्ट्स के ऊपर से उनके लंड पर रख दिया। उनकी आँखें एकदम बड़ी हो गई, जैसे मेरी इस हरकत से उन्हें शॉक लगा हो। मैंने स्माइल दी और आँख मार दी। वो हंसने लगे।
फिर मैं धीरे-धीरे उनके शॉर्ट्स के ऊपर से ही उनका लंड सहलाने लगी । उनका हाथ भी मेरी कमर से हटकर मेरे नितंबों पर आ गया था। वो धीरे-धीरे नितंब दबा रहे थे, और मैं उनका लंड दबा रही थी। बड़ा ही कामुक माहौल हो गया था हमारे बीच।
हम दोनों ने ही हमारे बीच की कुछ लिमिट्स आज क्रॉस कर दी थीं, और दोनों ने ही बहुत एंजॉय किया। फिर थोड़ी देर बाद एक लड़का हमारे पास से गुज़रा तो हमने अपने हाथ एक-दूसरे से हटा लिए, और थोड़े दूर हो गए। फिर मैं पूल से बाहर आ गई।
मेरे पीछे आकाश जीजू भी बाहर आ गए। फिर हम दोनों ऐसे ही टहलने लगे। उन्होंने मेरा हाथ ऐसे पकड़ा हुआ था, जैसे मैं उनकी पत्नी हूं। मैंने उन्हें बोला-
मैं: प्लीज़ आप ये सब किसी को बताना मत, अंकिता को भी नहीं।
तो वो बोले: अंकिता को तो बताना पड़ेगा। तभी तो हमारा प्लान आगे बढ़ेगा। और वैसे भी वो दोनों तो हमसे कुछ ज़्यादा ही कर चुके होंगे।
फिर मैंने बोला: ठीक है, पर पहले अंकिता को पूछना कि उसने दीपक के साथ क्या-क्या किया। फिर आप बताना हमारे बारे में।
तो उन्होंने बोला: जैसा तुम बोलो, डार्लिंग।
मैंने बोला: अच्छा जी, सीधे डार्लिंग!
वो बोले: अब तो डार्लिंग बोल ही सकता हूं।
मैंने भी स्माइल कर दी। फिर वो बोलने लगे: अब जल्दी से हमारा प्लान फाइनल स्टेज पे आ जाना चाहिए।
मैंने बोला: आप श्योर हो ना, क्योंकि प्लान का फाइनल स्टेज क्या होगा पता है ना। दीपक और अंकिता सिर्फ चूमा-चाटी पर नहीं रुकेंगे। बहुत आगे तक जाएंगे।
वो बोलने लगे: हां, वही तो प्लान है ना हमारा। तभी तो तुम मेरे पास रहोगी।
मैंने बोला: वो दोनों तो सब कुछ करेंगे, पर मैं आपके साथ वो सब कर पाऊंगी या नहीं मुझे भी नहीं पता।
तो वो बोले: मुझे सिर्फ तुम्हें एक बार देखना है।
मैंने बोला: अभी नहीं दिख रही क्या मैं?
तो वो बोले: ऐसे नहीं यार, उस तरह से।
मैंने बोला: किस तरह से?
वो बोले: तुम समझ क्यों नहीं रही? मुझे तुम्हें अंदर से देखना है।
मैं समझ तो गई थी कि वो मुझे नंगी देखना चाहते थे। पर मैं उनसे बुलवाना चाहती थी, तो उनसे पूछा-
मैं: अंदर से मतलब?
वो बोले: यार, मतलब कपड़ों के बिना।
मैं उन्हें बड़ी आँखें करके देखने लगी। वो चुप हो गए। फिर मैंने उन्हें स्माइल दी, और बोली-
मैं: अगर हमारा प्लान सफल हो गया तो आप मुझे वैसे देख सकते हो। पर मैं कुछ करने दूंगी कि नहीं, ये मुझे भी नहीं पता।
वो बोले: तुम्हारी मर्जी के बिना मैं तुम्हें टच भी नहीं करूंगा।
फिर मैंने उन्हें स्माइल दी, और थैंक्स बोला। उन्होंने मुझे आई लव यू बोला। मैंने भी उन्हें आई लव यू बोला। फिर हमें अंकिता और दीपक आते हुए दिखाई दिए, तो जीजु ने मेरा हाथ छोड़ दिया और थोड़े दूर हो गए। मुझे यह जान के अच्छा लगा कि उन्हें अपनी हद पता थी, किसके सामने कैसे बर्ताव करना था। अंकिता और दीपक हमारे पास आ गए।
क्रमश:
अगले दिन जैसे तय हुआ था, अंकिता और आकाश जीजु हमें पिकअप करने आए, और हम निकल गए वॉटर रिसॉर्ट के लिए। जीजू ड्राइव कर रहे थे, और अंकिता उनके पास बैठी थी। पीछे की सीट पर मैं और दीपक थे।
अंकिता ने हमेशा की तरह दीपक से फ्लर्ट करना शुरू कर दिया, और दीपक भी मजे ले रहे थे। मैं और आकाश जीजू उन दोनों की मस्ती देख रहे थे बस।
अंकिता बोली: यार, तुम दोनों इतना चुप क्यों हो? तुम दोनों भी आपस में मस्ती करो। हमारी परमिशन है। क्यों जीजू?
और दीपक ने भी बोला: इतने शांत रहोगे तो क्या मजे करोगे वहां?
फिर आकाश जीजू बोले: यहां शांत हैं क्योंकि सारी एनर्जी वॉटर पार्क के लिए बचा के रख रहे हैं। वहां तो धूम मचाने वाले हैं। क्यों मनीषा?
मैंने भी बोला: हां और क्या।
ऐसे ही मजाक-मस्ती करते-करते हम पहुँच गए। फिर टिकट लेकर हम अंदर गए, और सबसे पहले कपड़े बदलने गए। मैंने एक स्लीवलेस लूज टी-शर्ट और छोटे शॉर्ट्स पहना, और अंदर ब्रा पैंटी।
अंकिता ने एक टाइट शॉर्ट, टी-शर्ट पहना, जिसमें उसका पेट पूरा दिखाई दे रहा था, और नेक भी गहरा था। नीचे मिनी शॉर्ट्स पहना, जिससे सिर्फ उसके नितंब ही ढके थे, बाकी पूरी टांगें उसकी जांघों तक दिख रही थीं। एकदम पटाखा लग रही थी वो।
मैंने उसे बोला: आज तो पानी में आग लगने वाली है।
वो भी हंसने लगी। दोनों मर्दों ने टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने थे। सबसे पहले हम एक पूल में गए, और वहां मस्ती की। दीपक मेरे साथ था, और आकाश जीजू अंकिता के साथ। पर दीपक अंकिता को देख रहा था, और जीजू मुझे। पानी के अंदर दीपक मुझे छेड़ रहा था, कभी नितंब दबा रहा था, तो कभी चूची छूकर मसल रहा था।
अंकिता वहां जीजू का शोर्ट सहला रही थी पानी के अंदर। ये उसके एक्शन से समझ आ रहा था। उस दिन वहां उतनी पब्लिक नहीं थी, तो हम दोनों कपल बिंदास मस्ती कर रहे थे। जीजू गले तक पानी में बैठ गए, और अंकिता उनकी गोद में जाकर बैठ गई। वो कपड़ों के ऊपर से ही लंड चूत पर रगड़ के मजे ले रहे थे शायद। उनको देख दीपक ने भी मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। उनका कड़ा लंड मुझे नीचे महसूस हो रहा था।
फिर दीपक ने एक हाथ नीचे से मेरी टी-शर्ट में डाल दिया, और ब्रा के ऊपर से मेरे स्तनों को दबाने लगे। मैंने उन्हें धीरे से बोला।
मैं: क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा तो?
वो बोले: कोई नहीं देखेगा, तुम मजे करो.
फिर दीपक ने बोला: उधर देखो, अंकिता क्या कर रही है.
अंकिता जीजू के पास बैठी थी.
मैंने बोला: बैठी तो है बगल में.
तो दीपक बोला: आकाश के चेहरे को देखो, अंकिता पक्का अभी शॉर्ट्स के अंदर से उसका लंड सहला रही है.
फिर मैंने देखा तो आकाश के एक्सप्रेशन्स सच में वैसे ही थे. अंकिता के एक्शन से भी यही लग रहा था.
थोड़ी देर बाद दीपक ने बोला: चलो, ब्रेकफ़ास्ट कर लेते हैं, नहीं तो बंद हो जाएगा.
हम पूल से बाहर आ गए. मेरी टी-शर्ट और शॉर्ट्स मेरी बॉडी से चिपक गए थे, मम्मों और चूतडों का पूरा शेप दिख रहा था. आकाश जीजू मेरे मम्मों को ही देख रहे थे. अंकिता भी भीगने के बाद और हॉट लग रही थी.
दीपक ने तो उसे बोल भी दिया: अब तो ज़्यादा हॉट लग रही हो.
अंकिता ने भी स्माइल करते हुए थैंक यू बोला. जीजू सिर्फ इशारों से मुझे बोल रहे थे कि मैं भी एकदम हॉट लग रही थी, और मैं भी स्माइल करते हुए उनको देख रही थी.
फिर हमने ब्रेकफास्ट किया। ब्रेकफास्ट करते हुए मैंने नोटिस किया कि कुछ लड़के अंकिता को ही घूर रहे थे। मैंने अंकिता को ये बात बताई, तो वो बोलने लगी-
अंकिता: देखने दो बिचारों को, देख के ही मजा ले लें।
और मुझे भी दिखाया कि कुछ लोग मुझे भी देख रहे थे, और बोलने लगी-
अंकिता: ये सब हमें देख रहे हैं, इसका मतलब हम दोनों ही आज सेक्सी लग रही हैं (और हम दोनों ही हंसने लगी)।
ब्रेकफास्ट के बाद हमने वॉटर राइड्स की। डबल वाले राइड में अंकिता आकाश जीजू के साथ बैठी, और मैं दीपक के साथ। राइड के बीच में दीपक ने पीछे से मेरे मम्मे पकड़ लिए, और दबाने लगा। मुझे भी मजा आ रहा था। ऐसे ही 2-3 बार उस राइड में बैठे, और दीपक ने कभी मेरे चूतड़ दबाए, तो कभी मेरी चूची सहलाई। मुझे लगा कि अंकिता और आकाश जीजू भी ऐसे ही मस्ती कर रहे होंगे।
फिर हम सब वेव पूल में गए। वहां भी पब्लिक कम ही थी। जो थे, मोस्टली कपल ही थे जो आपस में मस्ती कर रहे थे। हम सब भी सबसे एंड में जाकर साइड में खड़े हो गए। वहां पानी गले तक था। वहां एक कपल के एक्शन से लग रहा जैसे उनकी चुदाई चल रही है। हम चारों उन्हें देख के हंस रहे थे बस, और गर्म भी हो गए थे।
अंकिता आकाश जीजू के पास गई, और उन्हें किस करने लगी। उसका एक हाथ जीजू के गले में था, और दूसरा हाथ पानी के अंदर। शायद जीजू के शॉर्ट्स के अंदर। उन्हें देख के दीपक भी मूड में आ गए, और मुझे अपने आगे खड़ा कर दिया, और मेरे मम्मे दबाने लगे। मैंने भी हाथ पीछे किया, और उनका लंड उनके शॉर्ट्स के ऊपर से दबाने लगी। हमने थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती की। फिर लंच का टाइम हो गया।
हम सब लंच कर रहे थे। अंकिता कुछ लेने गई, तभी एक लड़का अंकिता के पास गया, और उसे पूछने लगा कि तुम अंकिता हो न।
अंकिता ने बोला: हाँ, पर तुम कौन हो? मैंने पहचाना नहीं।
तो उसने अपना इंट्रोडक्शन दिया, कि उसका नाम संजय था, और वो कॉलेज में अंकिता का जूनियर था। अंकिता ने भी उसे पहचान लिया। फिर वो बातें करने लगे। तभी दीपक उनके पास गया तो संजय को लगा दीपक अंकिता का पति था। और फिर वो उन दोनों से बात करने लगा, कि शादी कब हुई आप दोनों की और फैमिली आगे बढ़ी कि नहीं। अंकिता ने भी उसकी ग़लतफ़हमी दूर नहीं की।
फिर जब संजय गया तो मैं और आकाश जीजू उनके पास गए, और मैंने उसे पूछा: तुने बताया क्यों नहीं उसको?
तो वो बोलने लगी: इतने हैंडसम आदमी को वो मेरा पति समझ रहा था, तो मैं क्यों बताती उसे (और हंसने लगी)।
उसकी बात पर हम सभी हंसने लगे। फिर वो पूरे लंच के टाइम दीपक के पास ही खड़ी थी, और बोल रही थी कि वो संजय वापस आए तो उसे लगना चाहिए कि मैं अपने पति के साथ ही हूँ।
फिर लंच के बाद थोड़ी देर पूल में एन्जॉय किया। उसके बाद हम सब रेन डांस के लिए गए। वहाँ पहुँचते ही हमने देखा कि वो संजय पहले से वहाँ था, और एक लड़की के साथ डांस कर रहा था। वो उसकी पत्नी या प्रेमिका थी शायद, क्योंकि वो उससे चिपक के डांस कर रहा था। फिर अंकिता ने दीपक का हाथ पकड़ लिया और बोलने लगी-
अंकिता: प्लीज आप मेरे साथ ही डांस करना। संजय को लगना चाहिए कि हम पति-पत्नी हैं। दीपक मुझे देखने लगा तो मैंने इशारे से बोल दिया कि करो।
तभी आकाश जीजू बोले: हाँ ठीक है, मैं और मनीषा साथ में डांस करेंगे।
अब अंकिता और दीपक साथ में डांस कर रहे थे, और मैं और आकाश जीजू साथ में डांस कर रहे थे। अंकिता तो पूरा चिपक के डांस कर रही थी, और दीपक भी पूरा चांस मार रहा था। वो कभी उसकी पीठ पे, तो कभी उसके चूतड़ों पे हाथ फेर रहा था। पर आकाश जीजू और मैं नॉर्मली ही डांस कर रहे थे। पर जिस तरह से वो मुझे देख रहे थे, मुझे उनमें वासना नहीं प्यार दिखाई दे रहा था। फिर जब एक रोमांटिक गीत बजा, तो हम कपल डांस करने लगे। तब पहली बार आकाश जीजू का हाथ मेरी बॉडी में लगा। उनका एक हाथ मेरे कंधे पे था, और दूसरा हाथ मेरी कमर पे, और वो लगातार मेरी आँखों में देख रहे थे। सच बोलूँ तो मेरा मन तो उन्हें किस करने को हो रहा था, पर मैंने खुद को कंट्रोल किया। आकाश जीजू ने कहीं गलत जगह टच करने की कोशिश नहीं की, बस हम ऐसे ही रोमांटिक डांस करते रहे। जब मैंने अंकिता और दीपक को देखा, तो वो दोनों फुल मस्ती के मूड में थे। दीपक उसकी पीठ से लेकर नितंबों तक हाथ फेर रहा था, और अंकिता भी उससे पूरी चिपकी हुई थी। अंकिता के मम्मे दीपक के सीने पे दब गए थे। और लगता था कि दीपक का लंड भी टाइट होके अंकिता की चूत को टच हो रहा होगा। वो दोनों एक-दूसरे के साथ ऐसा बिहेव कर रहे थे जैसे वो सच में मियां-बीवी हैं। थोड़ी देर डांस करने के बाद हम वहाँ से निकल के फिर से वेव पूल में आए, और इस बार अंकिता ने बोला-
अंकिता: मैं और दीपक जीजू साथ ही रहेंगे अब। क्योंकि क्या पता संजय कब कहाँ से आ जाए और देख ले।
तो मैंने पूछा: दीपक इतना पसंद आ गया क्या?
अंकिता बोली: इतना हैंडसम आदमी किसे पसंद नहीं आएगा (और हम सब हंसने लगे)।
अंकिता और दीपक साथ-साथ चिपक के चलते हुए पानी में अंदर जाने लगे। मैंने आकाश जीजू को देखा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया। फिर हम भी पानी के अंदर जाने लगे। आखिर में साइड में जाकर हम चारों खड़े हो गए। वहां सभी कपल ही थे जो आपस में बहुत मस्ती कर रहे थे।
अंकिता और दीपक भी एक-दूसरे पे पानी उछाल रहे थे, तो कभी लिपट रहे थे। उन्हें देखकर आकाश जीजू भी मेरे पास आए मुझे हग करने लगे। पर मैंने उन्हें इशारे से मना किया तो वो रुक गए। फिर वो मुझ पर पानी उड़ाने लगे। मैंने भी उनपे पानी उड़ाया। ऐसे ही हम सब मस्ती कर रहे थे।
फिर कुछ देर बाद दीपक बोला कि उसे फिर से वाटर राइड्स करनी थी। पर मैं थक गई थी तो मैंने मना कर दिया। फिर आकाश जीजू ने बोला कि यार मैं भी थक गया हूँ। तो अंकिता बोली कि मेरे टेम्पररी हस्बैंड, चलो हम दोनों राइड्स करते हैं। दीपक मुझे देख रहा था तो मैंने इशारे में बोल दिया कि जाओ मज़े करो।
फिर हम सब वेव पूल से बाहर आए। दीपक और अंकिता चले गए राइड्स करने। मैं और आकाश जीजू वहीं वेव पूल के पास में बैठ गए। पानी पैरों को छूते हुए जा रहा था। बड़ा मस्त लग रहा था।
वेव्स की वजह से मेरा शॉर्ट्स एकदम ऊपर हो गया था, और मेरी जांघें दिखने लगी थीं। जीजू मेरी जाँघों को ही देख रहे थे, पर जब मैं उन्हें देखती तो वो नजर हटा लेते। मुझे उनको देखकर हंसी भी आ रही थी, और उनपर तरस भी आ रहा था।
मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया, और बोला: जीजू, आप बहुत अच्छे हो। मुझे बुरा न लगे इसलिये आप ठीक से देख भी नहीं रहे, और मुझे आपकी यही बात अच्छी लगती है। इसलिए मुझे आपसे प्यार हो गया है।
वो मेरी आँखों में देखने लगे प्यार से। कसम से मेरा बहुत मन कर रहा था उन्हें किस करने का, लेकिन मैं चाहती थी कि वो खुद बोले।
फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने बोला: ये दीपक और अंकिता क्या कर रहे होंगे?
तो मैंने बोला: आपको क्या लगता है?
उन्होंने बोला: तुमने उन्हें डांस करते देखा था क्या? दोनों कितने करीब थे एक-दूसरे के।
मैंने बोला: कहीं आपको जलन तो नहीं हो रही कि टेम्पररी पति आपकी बीवी के इतने करीब था?
तो उन्होंने बोला: नहीं यार, ये तो हमारी ही प्लानिंग थी ना, उन दोनों को करीब लाने की। और उसकी वजह से आज मैं तुम्हारे इतने करीब बैठ के तुमसे बातें कर रहा हूँ।
मैंने बोला: अच्छा जी, तो क्या बात करनी है बोलो?
वो बोले: वो दोनों तो पता नहीं क्या-क्या कर चुके होंगे अभी तक।
तो मैंने बोला: हाँ उन्होंने किस तो पक्का कर ही ली होगी।
वो बोले: सिर्फ किस नहीं, बहुत कुछ कर चुके होंगे।
तो मैं उनका मुंह देखने लगी। फिर उन्होंने बोला कि-
आकाश जीजु: मुझे कुछ पूछना है तुमसे।
मैं: हाँ पूछो ना जीजु।
जीजु: तुम गुस्सा तो नहीं करोगी?
मैं: आपकी किसी बात का गुस्सा किया है क्या मैंने?
जीजु: पहले प्रॉमिस करो तुम गुस्सा नहीं करोगी। अगर तुम्हे नहीं करना, तो ना बोल देना, पर गुस्सा नहीं करना प्लीज।
मैं: अच्छा प्रॉमिस, मैं गुस्सा नहीं करूँगी। अब बोलो भी।
जीजु: मैं तुम्हे किस करना चाहता हूँ।
मैं (शर्मा के): यहाँ सब के सामने मैं किस नहीं कर सकती, जीजु।
जीजु: अगर तुम्हारी हाँ है तो हम कोई जगह देखते हैं, जहाँ कोई ना हो।
मैं: चलिए।
जीजु: सच में ना?
मैं: हाँ जीजु, अब चलो।
हम वहाँ से उठ के जगह देखने लगे। थोड़ा ढूंढने के बाद एक जगह मिल गई। एक कोने में फर्स्ट एड के लिए एक छोटे रूम जैसा बना हुआ था। उसके पीछे जगह थी काफी। वहाँ से हमें कोई नहीं देख सकता था। जीजु मुझे उस रूम के पीछे ले गए।
आकाश जीजु: तुम करना चाहती हो ना। सिर्फ मेरी खुशी के लिए तो हाँ नहीं बोल रही हो ना?
मैं: नहीं जीजु, मेरा तो कब से मन हो रहा था। मैं तो आपके बोलने का वेट कर रही थी।
जीजु: तो तुम खुद ही बोल देती।
मैं: ऐसी बातें लड़कियाँ नहीं करती।
जीजु: चलो कोई बात नहीं। क्या अब किस कर सकता हूँ तुम्हें?
मैं: हाँ।
वो मेरे एकदम करीब आ गए। मेरी आँखों में देखने लगे, और मैं उनकी आँखों में। फिर वे धीरे-धीरे अपने होंठ मेरे होंठों के पास लाने लगे। जैसे ही उनके होंठ मेरे होंठों से टच हुए, एक करंट सा लगा मुझे, और मैं हिल गई। उन्होंने होंठ दूर कर लिए, और पूछने लगे-
जीजु: क्या हुआ, बुरा लगा क्या?
फिर इस बार मैंने अपने होंठ उनके होंठों पे रख दिए। हम दोनों की किस स्टार्ट हो गई। हम दोनों आँखें बंद करके बस वो लम्हे एंजॉय कर रहे थे। वो कभी मेरे ऊपर का होंठ चूसते, तो कभी नीचे का। मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी।
उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और मेरे हाथ उनके गले में। हम अपनी किस में जैसे खो ही गए थे। उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। मैं अपनी ज़ुबान से उनकी ज़ुबान को टच करते हुए एंजॉय कर रही थी। तभी अचानक उनका एक हाथ मेरी कमर से ऊपर होते हुए मेरे स्तन पे आ गया। मुझे थोड़ा अजीब लगा, तो मैंने धीरे से उनका हाथ फिर से मेरी कमर पे रख दिया।
लेकिन हम दोनों की किस लगातार चलती रही। कभी उनकी जीभ मेरे मुंह में तो कभी मेरी जीभ उनके मुंह में। थोड़ी देर बाद उनका हाथ मेरे नितंब पे टच हुआ। पर इस बार मैंने कोई एतराज नहीं किया। फिर वो धीरे-धीरे मेरे नितंब सहलाने लगे।
हमारी किस तो चालू ही थी, और मैं भी वो एंजॉय कर रही थी। उनका दूसरा हाथ फिर से मेरी चूची पे आ गया। मैंने आँख खोल के देखा, पर उनकी आँखें बंद थीं। फिर मैंने भी कुछ नहीं बोला और आँख बंद करके फिर से एंजॉय करने लगी।
वो एक हाथ से मेरा नितम्ब सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी चूची को। उनकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। और मैं किसी दूसरी ही दुनिया में चली गई थी। जिजू का मुझे ऐसा छूना बहुत अच्छा लग रहा था। वो बारी-बारी मेरी दोनों चूचियों को सहला रहे थे।
उनका टच बहुत ही प्यार वाला था। करीब 15 मिनट हमारी किस चली, और उनके हाथ मेरे अंगों से खेलते रहे। फिर हम अलग हुए। मुझे बहुत शर्म आ रही थी। मैं तो उनकी तरफ देख भी नहीं रही थी। मैं वहाँ से बाहर आ गई। जिजू भी आ गए और मेरे साथ-साथ चलने लगे।
जीजू ने मुझे थैंक्स बोला। मैंने उन्हें देखा और बस स्माइल दी।
जीजू बोले: ये दिन मैं कभी नहीं भूलूंगा।
मैंने बोला: मैं भी नहीं भूलूंगी।
फिर हम एक पूल में अपनी टांगें डाल के बैठ गए, और बातें करने लगे। जिजू मुझसे एकदम चिपक के बैठे थे। वो कभी मेरी जांघों को सहलाते तो कभी मेरी पीठ को। मुझे भी वो सब अच्छा लग रहा था। शायद इन सब की वजह से उनका लंड खड़ा हो गया था । उनके शॉर्ट्स में उसका शेप दिखने लगा था।
मैंने जीजाजी को बोला: चलो जीजाजी, पूल के अंदर जाते हैं। फिर हम पूल में उतर गए, और एक साइड में जाकर पानी में खेलने लगे। हम एक-दूसरे पर पानी उड़ाते हुए मस्ती कर रहे थे। पानी गले तक था वहाँ। थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती करने के बाद जीजाजी मेरे एकदम करीब आ गए। वो मेरे पीछे आए, और अपने हाथ मेरी कमर से आगे लाते हुए मुझे एकदम करीब खींच लिया। अब मैं उनसे चिपकी हुई खड़ी थी। उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और उनका कड़क लंड मेरे नितंबों के बीच फील हो रहा था। फिर उनके दोनों हाथ मेरी चूचियों पर आ गए। पानी के अंदर किसी को कुछ नहीं दिख रहा था। वो धीरे-धीरे चूचियों से खेल रहे थे। मैंने उनके हाथ हटाए नहीं, पर उन्हें धीरे से बोला कि जीजाजी प्लीज ये सब यहाँ मत करो। उन्होंने जोर से मेरे दोनों मम्मे दबा दिए, और हाथ वापस कमर पे रख दिया। मेरी आह निकल गई उनके जोर से दबाने से। मैं उन्हें देखने लगी। फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ घुमा दिया। मैं उनकी आँखों में देख रही थी, और वो मेरी आँखों में। कोई कुछ नहीं बोल रहा था। फिर पता नहीं मुझे अचानक क्या हुआ, मैंने अपना हाथ उनकी शॉर्ट्स के ऊपर से उनके लंड पर रख दिया। उनकी आँखें एकदम बड़ी हो गई, जैसे मेरी इस हरकत से उन्हें शॉक लगा हो। मैंने स्माइल दी और आँख मार दी। वो हंसने लगे।
फिर मैं धीरे-धीरे उनके शॉर्ट्स के ऊपर से ही उनका लंड सहलाने लगी । उनका हाथ भी मेरी कमर से हटकर मेरे नितंबों पर आ गया था। वो धीरे-धीरे नितंब दबा रहे थे, और मैं उनका लंड दबा रही थी। बड़ा ही कामुक माहौल हो गया था हमारे बीच।
हम दोनों ने ही हमारे बीच की कुछ लिमिट्स आज क्रॉस कर दी थीं, और दोनों ने ही बहुत एंजॉय किया। फिर थोड़ी देर बाद एक लड़का हमारे पास से गुज़रा तो हमने अपने हाथ एक-दूसरे से हटा लिए, और थोड़े दूर हो गए। फिर मैं पूल से बाहर आ गई।
मेरे पीछे आकाश जीजू भी बाहर आ गए। फिर हम दोनों ऐसे ही टहलने लगे। उन्होंने मेरा हाथ ऐसे पकड़ा हुआ था, जैसे मैं उनकी पत्नी हूं। मैंने उन्हें बोला-
मैं: प्लीज़ आप ये सब किसी को बताना मत, अंकिता को भी नहीं।
तो वो बोले: अंकिता को तो बताना पड़ेगा। तभी तो हमारा प्लान आगे बढ़ेगा। और वैसे भी वो दोनों तो हमसे कुछ ज़्यादा ही कर चुके होंगे।
फिर मैंने बोला: ठीक है, पर पहले अंकिता को पूछना कि उसने दीपक के साथ क्या-क्या किया। फिर आप बताना हमारे बारे में।
तो उन्होंने बोला: जैसा तुम बोलो, डार्लिंग।
मैंने बोला: अच्छा जी, सीधे डार्लिंग!
वो बोले: अब तो डार्लिंग बोल ही सकता हूं।
मैंने भी स्माइल कर दी। फिर वो बोलने लगे: अब जल्दी से हमारा प्लान फाइनल स्टेज पे आ जाना चाहिए।
मैंने बोला: आप श्योर हो ना, क्योंकि प्लान का फाइनल स्टेज क्या होगा पता है ना। दीपक और अंकिता सिर्फ चूमा-चाटी पर नहीं रुकेंगे। बहुत आगे तक जाएंगे।
वो बोलने लगे: हां, वही तो प्लान है ना हमारा। तभी तो तुम मेरे पास रहोगी।
मैंने बोला: वो दोनों तो सब कुछ करेंगे, पर मैं आपके साथ वो सब कर पाऊंगी या नहीं मुझे भी नहीं पता।
तो वो बोले: मुझे सिर्फ तुम्हें एक बार देखना है।
मैंने बोला: अभी नहीं दिख रही क्या मैं?
तो वो बोले: ऐसे नहीं यार, उस तरह से।
मैंने बोला: किस तरह से?
वो बोले: तुम समझ क्यों नहीं रही? मुझे तुम्हें अंदर से देखना है।
मैं समझ तो गई थी कि वो मुझे नंगी देखना चाहते थे। पर मैं उनसे बुलवाना चाहती थी, तो उनसे पूछा-
मैं: अंदर से मतलब?
वो बोले: यार, मतलब कपड़ों के बिना।
मैं उन्हें बड़ी आँखें करके देखने लगी। वो चुप हो गए। फिर मैंने उन्हें स्माइल दी, और बोली-
मैं: अगर हमारा प्लान सफल हो गया तो आप मुझे वैसे देख सकते हो। पर मैं कुछ करने दूंगी कि नहीं, ये मुझे भी नहीं पता।
वो बोले: तुम्हारी मर्जी के बिना मैं तुम्हें टच भी नहीं करूंगा।
फिर मैंने उन्हें स्माइल दी, और थैंक्स बोला। उन्होंने मुझे आई लव यू बोला। मैंने भी उन्हें आई लव यू बोला। फिर हमें अंकिता और दीपक आते हुए दिखाई दिए, तो जीजु ने मेरा हाथ छोड़ दिया और थोड़े दूर हो गए। मुझे यह जान के अच्छा लगा कि उन्हें अपनी हद पता थी, किसके सामने कैसे बर्ताव करना था। अंकिता और दीपक हमारे पास आ गए।
क्रमश:


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