Thread Rating:
  • 10 Vote(s) - 1.6 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Incest खेल ससुर बहु का
थोड़ी देर पहले मैने आपको बताया था कि जब्बार एक छोटी मछली के बारे मे बात कर रहा था जिसे वो फाँसना चाहता था। आइए जानते हैं आख़िर उस छोटी मछली के बारे मे उसे पता कैसे चला। इसके लिए हमे समय मे थोडा पीछे जाना पड़ेगा। तो चलें!!!


जब्बार अभी तक इस बात पे कॉन्सेंट्रेट कर रहा था कि, विश्वा इलाज के लिए कहा जा सकता है  और  इसमे उसका समय भी बर्बाद हो रहा था, उपर से नाकामयाबी  झेलनी पड़ रही थी। पर फिर उसके शैतानी दिमाग़ ने थोडा दूसरी तरह से सोचना शुरू किया। उसने सोचा कि जहा भी गया हो राजा जाएगा तो प्लेन से ही  और  प्लेन या तो एरलाइन्स के पास होता है या फिर चार्टर कंपनी के पास। जब उसे दुनिया से ये बात छुपनो थी की उसका बेटा इलाज के लिए कहा जा रहा है तो वो एरलाइन्स तो कभी नही इस्तेमाल करेगा।

और फिर चार्टर को। का नाम पता लगा कर वहा पहुँचना तो उसके बाए हाथ का खेल था। जब शाम को दफ़्तर खाली हो गया तो वो एक दूप्लिकेट चाबी (जिनका एक गुच्छा हुमेशा उसकी जेब मे रहता था),की मदद से अंदर घुस गया। ये चाबियाँ वो क्यू  रखता था, आगे आपको ज़रूर पता चलेगा। नहीं चलेगा तो मै बता दूंगी। मैत्री की पेशकश

आइए अभी अंदर चल कर देखते हैं वो क्या कर रहा है। अंदर जब्बार कंप्यूटर के सामने बैठा था पर पासवर्ड ना मालूम होने के कारण वो फाइल्स खोल नही पा रहा था। झल्ला कर उसने मशीन बंद की और उठ कर गुस्से से एक फाइलिंग कॅबिनेट पर हाथ मारा। कॅबिनेट खुल गया और  उसमे से कुछ कागज़ात गिर गये। उसने जल्दी से दरवाज़े की तरफ देखा-कहीं किसी ने कुछ सुना तो नही था।

वो पेपर्स उठा कर वापस रखने लगा की एक फाइल पर उसकी नज़र गयी। उसने उसे खोला तो उसकी बाँछें खिल गयी।

पाइलट: माजिद सुलेमान

लास्ट चार्टर: मुंबई

करेंट स्टेटस: ऑन रेस्ट

लास्ट चार्टर क्लाइंट्स: राजकुल ग्रूप

नेक्स्ट चार्टर: न्यू देल्ही. मैत्री की लेखनी

ये राजकुल ग्रूप के चार्ट्स की फाइल थी, उसने पलटते हुए वो डेट खोजनी शुरू की जब राजा अपने बेटे को लेकर गया होगा, पर उस दिन की एंट्री थी ही नही। कहीं राजा ने दूसरी चार्टर सर्विस तो नही उसे की। नही, वो हुमेशा इसी को उसे करता है। तो फिर जानबुझ कर उस फ्लाइट की एंट्री नही की गयी है। उसने फिर से फाइल को स्टडी करना शुरू किया  और  पिछले 3 महीनो मे राजा की फ्लाइट्स उड़ाने वाले पाइलट्स का नाम,पता और फोन नंबर नोट कर लिया। सबसे ज़्यादा बार इसी माजिद सुलेमान ने फ्लाइट्स पाइलट की थी, उस मिस्सिंग एंट्री के पहले वाली फ्लाइट और उस मिस्सिंग एंट्री के बाद वाली फ्लाइट जो की आखरी फ्लाइट भी थी, भी उसी ने पाइलट की थी। उसे अंधेरे मे रोशनी की बस एक किरण नज़र आ गयी और ये उस हैवान के लिए काफ़ी था।

अब अतीत से वापस वर्तमान मे आ जाते हैं  और  महल चलते हैं जहा 2 बेचैन दिल बस इस बात का इंतेज़ार कर रहे हैं की कब नौकर-चाकर बाहर जाएँ और वो फिर से एक-दूसरे मे खो जाएँ। रात के 10:30 बज गये हैं  और  नौकर बस दिन के काम निपटाने वाले हैं,मेनका अपने कमरे मे है और राजासाहब नीचे बेचैनी से चहल कदमी कर रहे हैं।

जैसे ही नौकर काम ख़तम कर के बाहर निकले, राजासाहब ने बटन दबा कर सारे दरवाज़े बंद कर दिए  और  सारी लाइट्स भी बुझा दी, सिर्फ़ 2 हल्की रोशनी वाले लॅंप्स जलने दिए। वो उपर जाने के लिए मुड़े तो देखा मेनका सीढ़ियों से उतर रही है। राजासाहब तो उसे देखते ही रह गये। वो साक्षात स्वर्ग की अप्सरा मेनका लग रही थी।
[+] 1 user Likes maitripatel's post
Like Reply


Messages In This Thread
RE: खेल ससुर बहु का - by maitripatel - Yesterday, 01:08 PM



Users browsing this thread: 5 Guest(s)