21-02-2026, 05:29 PM
दरवाज़े पर इतनी जोर से दस्तक हुई कि मेरी रूह काँप गई।
एक सेकंड में सारा नशा, सारा जोश उड़ गया।
मैंने झटके से पजामा ऊपर खींच लिया—जल्दी-जल्दी, हाथ काँप रहे थे।
टॉप अभी भी पहना हुआ था, लेकिन नीचे सब गड़बड़।
"क्या नेहा है?"
ये सवाल दिमाग में चमक गया।
शायद वो जाग गई होगी।
मुझे ढूँढ रही होगी।
कमरे में नहीं मिली तो बाहर निकल आई होगी।
रात के 2:30 बजे... होटल के कॉरिडोर में... हर दरवाज़े पर दस्तक दे रही होगी।
"सैम... सैम कहाँ हो?"
या... शायद मेरी आहें... "ओह्ह सैंडी..." वाली आवाज़... बाहर तक पहुँच गई होंगी।
लेकिन पिछले 15 मिनट से मैंने तो एक शब्द भी नहीं बोला था।
फिर भी... क्या पता।
सैंडी भी तुरंत खड़ी हो गई।
टॉवल जल्दी से कमर पर लपेट लिया।
एक हाथ से स्तन ढके, दूसरे से चूत—दीवार से सटकर खड़ी हो गई, जैसे छुप रही हो।
उसकी आँखें सबके चेहरों पर घूम रही थीं—टेंशन में, लेकिन कंट्रोल्ड।
अलोक, विशाल, डेविड—सब नॉर्मल लग रहे थे।
कोई घबराहट नहीं।
जैसे ये उनके लिए रोज़ का सीन हो।
शायद सिक्युरिटी हो... या होटल स्टाफ... या कोई और गेस्ट।
लेकिन इन तीनों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
मेरा दिमाग अब पूरी तरह पैनिक मोड में था।
एक मिनट बीत चुका था दस्तक के बाद—कोई और आवाज़ नहीं।
लेकिन मेरे दिमाग में हर न्यूज़ चैनल का फेस दिख रहा था—मेरा चेहरा, मेरी नेहा का नाम, "होटल में अवैध एक्टिविटी"।
"मैरिड मैन विद प्रॉस्टिट्यूट्स"।
फोटो... वीडियो... सब कुछ।
ये गलती थी।
मुझे इस कमरे में नहीं आना चाहिए था।
"इट्स ओके... मैंने रूम बॉय को बोल दिया है चादर बदलने के लिए," विशाल ने कैजुअली कहा, जैसे ये कोई आम बात हो।
"कम इन!" उसने जोर से चिल्लाया।
मेरा दिल एकदम मुंह में आ गया।
मैं इतना मज़े में डूबा हुआ था—सैंडी की जीभ, वो सब—कि बाहर की दुनिया भूल ही गया था।
विशाल जब टॉयलेट गया था, तभी उसने रूम सर्विस को कॉल कर दिया था।
और मैं... मैंने कुछ नोटिस ही नहीं किया।
दरवाज़ा खुला।
वही वेटर।
सुबह वाला।
जिसने नेहा को देखा था।
उसकी आँखें थोड़ी बड़ी हो गईं—लेकिन ज्यादा नहीं।
होटल स्टाफ हैं, ऐसे सीन देखते रहते हैं।
उसके हाथ में नई चादरें थीं—फोल्डेड, साफ।
कमरे का सीन उसके सामने था—
चार आदमी।
तीन लगभग नंगे—अलोक, विशाल, डेविड—लुंड बाहर, पसीने से तर, सिगरेट हाथ में।
एक ड्रेस्ड—मैं—पजामा ऊपर खींचा हुआ, लेकिन गीला, चिपचिपा।
और एक हॉट लड़की—सैंडी—दीवार से सटी खड़ी, टॉवल सिर्फ़ कमर पर लिपटा हुआ।
टॉवल इतना छोटा कि स्तन आधे दिख रहे थे, निप्पल्स हल्के से छुपे हुए, और नीचे चूत भी मुश्किल से ढकी हुई।
अगर वो अब बाथरूम जाना भी चाहे... तो पीठ पूरी खुली, गांड हिलती हुई दिखेगी।
वेटर ने कमरे में एक नज़र डाली—चार आदमी, तीन लगभग नंगे, एक ड्रेस्ड (मैं), और सैंडी दीवार से सटी खड़ी, टॉवल से मुश्किल से ढकी हुई।
उसकी आँखें सबसे पहले मुझ पर टिकीं।
"सर... आप यहाँ?"
उसने बस इतना कहा—एक छोटा सा सवाल, लेकिन आँखों में कोई हैरानी नहीं, कोई जजमेंट नहीं।
मैंने कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन वो मेरे जवाब का इंतज़ार भी नहीं किया।
नज़रें तुरंत अलोक की तरफ मुड़ गईं।
उसके चेहरे पर एक मुस्कान फैल गई—एक तरह की चालाक, जानकार वाली मुस्कान।
अलोक ने सिर हिलाया, आवाज़ में वही क्लास वाली हल्की विनम्रता।
"सॉरी... इतनी रात को डिस्टर्ब कर दिया।"
वेटर ने कंधे उचकाए, जैसे ये कोई बड़ी बात नहीं।
"इट्स ओके सर... ये हमारा ड्यूटी है।"
फिर उसने सैंडी की तरफ देखा—धीरे से, लेकिन लंबे समय तक।
उसकी नंगी बॉडी पर नज़रें घूमीं—स्तनों से लेकर जांघों तक, कमर पर लिपटा टॉवल तक।
हर इंच साफ़ दिख रहा था—पसीना, हिक्कीज़, दाँतों के निशान, चूत से अभी भी लीक होता कम।
वेटर की आँखों में लस्ट साफ़ झलक रहा था—भूखी, लेकिन कंट्रोल्ड।
"और आप जानते हैं ना सर... जब भी आप आते हैं... होटल में हमारी सट्टेबाज़ी लगती है कि रात में कौन सर्व करेगा।"
उसने हल्के से हँसा।
"और आज मेरी लकी डे है।"
उसकी नज़र फिर सैंडी पर टिकी—जैसे वो उसे नाप रहा हो, कल्पना कर रहा हो।
"कभी-कभी... लकी डे में कुछ ज़्यादा ही मिल जाता है।"
टर ने बेड की तरफ देखा—चादर पर फैले धब्बे, पसीना, कम के निशान—सब कुछ साफ़ दिख रहा था।
वो हल्के से हँसा—एक कैजुअल, जानकार वाली हँसी।
"ओह्ह... लगता है बेड ने बहुत कुछ झेल लिया।
कितने राउंड हुए डेविड सर?"
डेविड ने जोर से हँसा—उसकी हँसी कमरे में गूंज गई।
"चार... पाँच... गिनती कौन करता है भाई।
बस मज़ा ले रहे थे।"
वेटर ने कंधे उचकाए, जैसे ये कोई रोज़ की बात हो।
फिर पुरानी चादरें उठाईं, नई बिछानी शुरू कर दी—तेज़ी से, प्रोफेशनल तरीके से।
कोई शर्म नहीं, कोई सवाल नहीं।
बस काम कर रहा था—जैसे ऐसे सीन वो रोज़ देखता हो।
सैंडी ने अलोक की तरफ देखा—हाथ से इशारा किया, जैसे पूछ रही हो "बाथरूम जा सकती हूँ?"
अलोक ने हाथ उठाकर इशारा किया—रुक जा, यहीं रह।
सैंडी रुक गई—दीवार से सटी, टॉवल से ढकी हुई।
उसकी आँखें वेटर पर टिकीं—वो काम करता रहा, लेकिन बीच-बीच में उसकी तरफ देखता रहा।
उसकी नज़रें सैंडी के नंगे स्तनों पर, कमर पर, जांघों पर घूम रही थीं—भूखी, लेकिन कंट्रोल्ड।
वेटर ने चादर बिछाई, किनारे टक किए।
फिर पुरानी चादरें उठाईं—गंध आ रही थी, गीली थीं।
उसने सैंडी की तरफ देखा, फिर अलोक की तरफ।
अलोक ने उसे देखा, मुस्कुराया—एक जानकार, शरारती मुस्कान।
"क्या चाहिए तुझे?"
वेटर ने हल्के से सिर झुकाया, लेकिन आँखें सैंडी पर टिकी हुईं।
"सर... सिर्फ़ एक बार... प्लीज़..."
अलोक ने जोर से हँसा—मज़ाकिया अंदाज़ में।
"अरे... अब तुम लोग लिमिट क्रॉस कर रहे हो।"
मैं बस देखता रहा—मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
क्या चल रहा है?
क्या ये कोई रिचुअल है?
या रोज़ का सीन?
वेटर की आँखों में वो भूख साफ़ दिख रही थी—सैंडी को देखकर, उसके नंगे बदन को, टॉवल से छुपे हुए हिस्सों को।
अलोक ने फिर कहा,
"पहले ड्रिंक्स बना... फिर देखते हैं।"
वो रुका, मेरी तरफ मुड़ा।
"तेरा दरवाज़े का धक्का मारना... मेरे गेस्ट को होश में ला दिया।"
वो हँसा—एक गहरी, मतलब वाली हँसी।
वेटर ने सिर हिलाया, मुस्कुराया।
फिर बार की तरफ बढ़ा—ड्रिंक्स बनाने लगा।
सैंडी अब भी दीवार से सटी खड़ी थी—टॉवल से ढकी, लेकिन उसकी आँखें वेटर पर।
वेटर ड्रिंक्स बनाने लगा—बर्फ डालता, बॉटल खोलता, ग्लास में अम्बर लिक्विड डालता।
उसकी आँखें बार-बार सैंडी पर जा रही थीं—उसकी नंगी बॉडी पर, टॉवल से छुपे हुए हिस्सों पर।
वो बोला—आवाज़ में एक मिन्नत वाली, भूखी टोन।
"सर... लास्ट टाइम आपने मेरे साथी की ज़िंदगी बना दी थी... प्लीज़ सर... सिर्फ़ एक बार... स्पेशली आज... आपका टॉय... आज तो सपने जैसी लग रही है... पहले से ही मेरा लकी डे है... प्लीज़... इसे और स्पेशल बना दीजिए।"
वो बात करते हुए मेरी तरफ देख रहा था—सीधे आँखों में।
मैंने कुछ नहीं कहा।
बस ग्लास में बचा हुआ ड्रिंक एक घूँट में पी गया—गले में जलन हुई, लेकिन दिमाग अभी भी घूम रहा था।
अलोक ने भौंहें उठाईं।
"ओह्ह... स्पेशल? क्यों?"
वेटर ने हल्के से हँसा—एक शरारती हँसी।
"ओह्ह सर... आज वो आई है... जब वो आई... पूरी स्टाफ ने फिर से... उसके इंस्टा देखकर... सबने फिर से झड़ लिया।"
मैंने नोटिस किया—उसने "फिर से" कहा।
मतलब... पहले भी हुआ था।
सैंडी की इंस्टा... सब देखते हैं।
सैंडी अब भी दीवार से सटी खड़ी थी—टॉवल से ढकी, लेकिन उसकी आँखें वेटर पर टिकीं।
वो सुन रही थी—चुपचाप, मुस्कुराती हुई।
अलोक ने पूछा,
"क्या इंस्टा? वो फेमस है क्या?"
वेटर ने ट्रे टेबल पर रखी—सबको ड्रिंक्स सर्व किए।
फिर अपना फोन निकाला।
कुछ टाइप किया।
एक प्रोफाइल खोली।
"देखिए सर... ये है वो।"
स्क्रीन पर सैंडी—या जो भी उसका नाम था।
फोटोज़—लंदन में, जापान में, बीच पर बिकिनी में, शो में, पार्टी में।
वीडियोज़—डांस, ट्रैवल, लाइफस्टाइल।
उसका हैंडल—"belaqir"।
सैंडी नहीं।
बेलाकिर।
अलोक स्क्रॉल करता रहा।
कभी-कभी रुककर सैंडी की तरफ देखता—जैसे कंपेयर कर रहा हो।
सैंडी अब थोड़ी असहज लग रही थी—मुस्कुरा रही थी, लेकिन आँखें नीचे।
वेटर ने फोन अलोक को थमाया।
"सर... देखिए... कितनी हॉट है।
और आज... वो यहाँ... आपके साथ।
प्लीज़ सर... सिर्फ़ एक बार..."
वेटर ने फोन अलोक को थमाया था, लेकिन अलोक ने स्क्रॉल करते-करते एक रील पर रुक गया।
स्क्रीन पर एक रील चल रही थी—कैमरा शूट जैसा लग रहा था।
एक लड़की इंडियन अटायर में—साड़ी पहने, ब्राइडल लुक, सिंदूर, मंगलसूत्र, चूड़ियाँ, पायल—सब कुछ।
बैकग्राउंड में कोई नया घर, "हमारा नया घर" लिखा हुआ जिंगल बज रहा था।
एक तरह का रियल एस्टेट या होम डेकोर ऐड जैसा लग रहा था, लेकिन लड़की की साड़ी थोड़ी ट्रांसपेरेंट, ब्लाउज़ टाइट, और वो कैमरे की तरफ मुस्कुराते हुए पोज़ दे रही थी—सेक्सी लेकिन "ट्रेडिशनल" तरीके से।
अलोक ने रील को पॉज किया।
फिर मेरी तरफ देखा—एक गहरी मुस्कान के साथ।
फिर सैंडी की तरफ मुड़ा।
"एजेंसी ने मुझे ये वीडियो भेजा था... जब मैंने तुम्हें सिलेक्ट किया था।"
सैंडी ने हल्के से सिर झुकाया—मुस्कुराई, लेकिन आँखें नीचे।
अलोक ने फोन आगे बढ़ाया—रील फिर चलने लगी।
लड़की साड़ी में घूम रही थी, कैमरा उसके कर्व्स पर ज़ूम कर रहा था, जिंगल बज रहा था—"हमारा नया घर... नई शुरुआत..."
मैंने ग्लास में बचा हुआ ड्रिंक एक घूँट में पी लिया—गला जला, लेकिन दिमाग अभी भी घूम रहा था।
फिर एक और घूँट—तेज़ी से।
वेटर अब भी खड़ा था—ट्रे हाथ में, लेकिन आँखें फोन पर।
उसने सैंडी की तरफ देखा—फिर अलोक की तरफ।
"सर... स्पेशल रिक्वेस्ट... सिर्फ़ एक बार..."
मैंने भी सोचा था कि सैंडी को कहीं देखा है... लेकिन वो सोच बस एक पल के लिए आई थी और फिर गायब हो गई थी।
अब ये रील देखकर सब क्लियर हो गया।
वो ऐड... मैंने भी कई बार टीवी पर देखा था।
"हमारा नया घर" वाला।
फिगर वही था—वही कमर, वही कर्व्स, वही हाइट।
लेकिन उस ऐड में वो फुल मेकअप में थी—परफेक्ट लिपस्टिक, काजल, ब्लश, सब कुछ ट्रेडिशनल ब्राइडल ग्लो के साथ।
एकदम "परफेक्ट बहू" वाली इमेज।
और अब... सामने खड़ी सैंडी (या बेलाकिर)।
कम से कम तीन आदमियों के कम से तर-बतर।
चेहरा पसीने और कम से चिपचिपा, काजल बहा हुआ, होंठ सूजे हुए, बदन पर बाइट मार्क्स, हिक्कीज़, लाल निशान।
बाल बिखरे, टॉवल कमर पर लिपटा हुआ, स्तन खुले
वो "परफेक्ट बहू" वाली लड़की अब एकदम अलग लग रही थी—रॉ, इस्तेमाल की हुई, लेकिन अभी भी हॉट, अभी भी मुस्कुराती हुई।
वेटर अभी भी खड़ा था—फोन स्क्रीन पर रील पॉज करके।
उसकी आँखें सैंडी पर टिकीं—भूखी, लेकिन इंतज़ार में।
"सर... प्लीज़... सिर्फ़ एक बार..."
अलोक ने वेटर की तरफ देखा, सिगरेट का एक और कश लिया, धुआँ छोड़ते हुए बोला—आवाज़ में वही कंट्रोल, वही मालिक वाली टोन।
"ओके... कर ले... लेकिन लिमिट में।"
वो रुका, फिर हल्के से हँसते हुए बोला,
डेविड "भेन के लोड़े... सिर्फ़ ऊपर... नीचे जाने का सोचना भी मत।"
वेटर की आँखें चमक उठीं।
"येस सर!" उसने खुशी से कहा—आवाज़ में एक बच्चे जैसी एक्साइटमेंट।
वो ट्रे हाथ में लिए सैंडी की तरफ बढ़ा—ट्रे पर आखिरी ड्रिंक का ग्लास।
सैंडी अभी भी दीवार से सटी खड़ी थी—टॉवल को दोनों हाथों से कसकर पकड़े हुए, स्तन और चूत ढके हुए।
वो ग्लास लेने के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ा रही थी—टॉवल छोड़ने का डर था।
वेटर अब सैंडी के इतने करीब खड़ा था कि उसकी साँसें सैंडी के चेहरे पर पड़ रही थीं।
उसकी आँखें सैंडी के बदन पर टिकी हुईं—स्तनों पर, कमर पर, टॉवल के नीचे छुपी चूत पर।
ट्रे अभी भी हाथ में थी, लेकिन उसकी पूरी अटेंशन सैंडी पर।
सैंडी स्टैच्यू की तरह खड़ी थी—नज़रें नीचे, टॉवल को दोनों हाथों से कसकर पकड़े हुए।
वो ग्लास लेने के लिए हाथ नहीं बढ़ा रही थी—जैसे डर रही हो, या इंतज़ार कर रही हो कि अलोक क्या कहेगा।
वेटर ने फिर अलोक की तरफ देखा—आवाज़ में मिन्नत, लेकिन भूख साफ़ झलक रही थी।
"सर... प्लीज़... सिर्फ़ एक बार... मैं बस देखना चाहता हूँ... मैम कितनी ब्यूटीफुल हैं... प्लीज़..."
सैंडी ने आखिरकार आवाज़ निकाली—धीमी, लेकिन साफ़।
"ये सब...?"
वो रुकी, जैसे कहना चाह रही हो कि ये बहुत हो रहा है।
फिर अलोक की तरफ देखा।
"वेटर... प्लीज़... नो..."
मैंने देखा—कुछ मिनट पहले वो मेरी गेंदों को चाट रही थी—बिना किसी हिचकिचाहट के, बिना किसी रोक-टोक के।
अब एक "लो लेवल" वेटर के सामने वो टॉवल नहीं छोड़ रही थी।
उसकी आँखों में एक अलग सी लाइन थी—शायद क्लास, शायद प्राइड, शायद बस कंट्रोल।
वेटर ने फिर मिन्नत की—आवाज़ काँपती हुई, लेकिन भूखी।
"ओह्ह मैम... प्लीज़... आप बहुत ब्यूटीफुल हैं... मैं बस देखना चाहता हूँ... नंगी... प्लीज़... बस एक बार... मदद कर दीजिए..."
वो बार-बार रिपीट कर रहा था—"प्लीज़... प्लीज़..."—आँखें सैंडी के बदन पर, लस्ट से भरी हुईं।
जब सैंडी ने "वेटर... प्लीज़... नो..." कहा, तो अलोक के चेहरे पर एक पल के लिए कुछ बदल गया।
उसकी आँखें सिकुड़ गईं, होंठों की मुस्कान गायब हो गई।
जैसे कोई पुराना घाव फिर से खुल गया हो।
वो एक सेकंड के लिए कहीं दूर चला गया—शायद उन दिनों में, जब वो गरीब था, जब लोग उसे "वेटर" या "कम वाला" कहकर तिरस्कार करते थे।
उसकी साँसें एक पल के लिए रुक गईं।
फिर अचानक वो जोर से हँसा—एक तेज़, कड़वी हँसी।
"हाहाहा... वेटर??"
उसने सैंडी की तरफ देखा—आँखें अब फिर से चमक रही थीं, लेकिन अब उसमें कोई नरमी नहीं थी।
"तुझे पता है डेविड और विशाल कौन हैं?"
वो रुका, सिगरेट का एक लंबा कश लिया।
धुआँ सैंडी के चेहरे पर फेंका।
"मैंने तुझे जो डबल पे किया... वो इसलिए किया क्योंकि मैं 'नो' नहीं सुनना चाहता।
और ये... ये बस देखना चाहता है?
बस देखना?"
उसने डेविड की तरफ इशारा किया।
"तू जानती है... तेरे बदन पर जो भी निशान हैं—बाइट, हिक्की, लाल मार्क्स—सब डेविड ने दिए हैं।
और डेविड... मेरा ड्राइवर है।"
फिर विशाल की तरफ देखा।
"और विशाल... मेरा बॉडीगार्ड है।"
सैंडी ने ट्रे से ग्लास उठाया—धीरे से, जैसे कोई रस्म निभा रही हो।
उसके हाथ टॉवल से हटे।
टॉवल अब सिर्फ़ निप्पल्स पर अटका हुआ था—जैसे दो छोटे हुक हों, जो उसे गिरने से रोक रहे हों।
वो ग्लास होंठों पर ले गई, एक घूँट लिया।
ग्लास नीचे रखा।
वेटर की आँखें उस पर टिकी हुईं—भूखी, लेकिन इंतज़ार में।
वो सुबह से ये पल देखना चाहता था।
अब मौका था।
सैंडी ने हल्का सा कंधा हिलाया।
टॉवल सरका।
धीरे-धीरे।
पहले एक स्तन पूरी तरह खुला—गोल, भारी, निप्पल अभी भी हल्का लाल, पसीने से चमकता हुआ।
फिर दूसरा।
वेटर की साँस रुक गई।
उसकी आँखें फैल गईं।
वो बस देखता रहा—जैसे कोई सपना सच हो रहा हो।
"मैम... वाह..."
वेटर अब सैंडी के इतने करीब खड़ा था कि उसकी साँसें सैंडी के बदन पर पड़ रही थीं।
उसकी आँखें हर इंच को गौर से देख रही थीं—जैसे कोई कीमती चीज़ को नाप रहा हो।
वो धीरे से आगे बढ़ा।
सैंडी ने टॉवल को और ढीला किया।
टॉवल धीरे-धीरे सरका—पहले कमर से नीचे, फिर पूरी तरह गिर गया।
वेटर की साँसें रुक गईं।
उसका सिर धीरे-धीरे नीचे गया—सैंडी के गले से, स्तनों से, फिर पेट पर।
उसकी आँखें सैंडी की गहरी नाभि पर टिक गईं।
वो बस देखता रहा—नाभि की गहराई, उसके चारों तरफ की स्किन की चमक, पसीने की बूंदें जो अभी भी वहाँ जमा थीं।
उसकी साँसें तेज़ हो गईं—नाक से गर्म हवा सैंडी की स्किन पर लग रही थी।
सैंडी चुप खड़ी थी—आँखें नीचे, लेकिन बॉडी में हल्की कंपकंपी।
वेटर ने धीरे से हाथ बढ़ाया—नाभि के पास, लेकिन टच नहीं किया।
बस इतना करीब कि महसूस हो रहा था।
वेटर अब सैंडी के और करीब आ गया था—उसका सिर धीरे-धीरे नीचे जा रहा था।
सैंडी ने पैर क्रॉस कर लिए थे—जांघें सटी हुईं, चूत पूरी तरह छुपी हुई।
वेटर को ज्यादा कुछ दिख नहीं रहा था—बस एक हल्की सी झलक, गहराई में छुपी हुई।
वो घुटनों पर बैठ गया—लगभग ज़मीन पर, सैंडी के पैरों के सामने।
उसका चेहरा अब सैंडी की जांघों के ठीक सामने था।
वो हर एंगल से देख रहा था—बाएँ से, दाएँ से, नीचे से।
उसकी साँसें तेज़ थीं—गर्म हवा सैंडी की स्किन पर लग रही थी।
फिर उसने सैंडी के चेहरे की तरफ देखा।
उसकी आँखें अब मिन्नत कर रही थीं—एक साइलेंट रिक्वेस्ट।
"बस... थोड़ा और..."
सैंडी ने उसकी आँखों में देखा।
एक पल के लिए रुकी।
फिर मुस्कुराई—एक छोटी, शरारती मुस्कान।
वो धीरे से पैर फैलाए—धीरे-धीरे, लेकिन जानबूझकर।
जांघें और खुलीं।
चूत अब पूरी तरह दिख रही थी—गीली, चमकती हुई
क्लिट हल्का सा बाहर निकला हुआ
सैंडी अब भी नंगी खड़ी थी—टॉवल ज़मीन पर गिर चुका था।
वेटर घुटनों पर बैठा हुआ था, उसका चेहरा सैंडी की चूत के ठीक सामने।
वो धीरे-धीरे अपना नाक और करीब ले आया।
सैंडी की चूत से अभी भी गाढ़ा कम लीक हो रहा था—तीन आदमियों का मिला-जुला।
वेटर ने नाक से सूँघा—गहरी, लंबी साँस ली।
जैसे कोई दुर्लभ खुशबू को महसूस करना चाहता हो।
उसकी आँखें बंद हो गईं—मज़े में।
फिर खुलीं—हर इंच को गौर से देखने लगा।
क्लिटोरिस की हल्की सूजन, लिप्स की लालिमा, अंदर से बहता सफेद रस—सब कुछ।
जैसे वो सोच रहा हो—ये सेलिब्रिटी की चूत... ये कैसी दिखती है... कैसी सूँघती है... कैसी लगती है।
वो समय ले रहा था—जैसे हर डिटेल को याद करके ले जाना चाहता हो।
फिर उसने सैंडी के चेहरे की तरफ देखा—आँखों में मिन्नत।
"अलोक सर... सर... प्लीज़... क्या मैं टच कर सकता हूँ मैम को... सिर्फ़ एक बार... एक रिक्वेस्ट है..."
उसकी आवाज़ में अब वो चालाकी नहीं थी—बस एक सच्ची, बच्चे जैसी मिन्नत।
वो अब "क्यूट" लग रहा था—भूखी आँखों वाला, लेकिन इंसान।
अलोक ने सिगरेट का कश लिया।
फिर सैंडी की तरफ देखा—इस बार उसकी आँखों में सवाल था।
"तू क्या कहती है?"
सैंडी ने वेटर की तरफ देखा।
उसकी आँखें डेविड की तरफ गईं—वो काला, रफ, बेरहम।
फिर वेटर की तरफ—जो अब "क्यूट" लग रहा था, मिन्नत कर रहा था।
वो मुस्कुराई—एक हल्की, शरारती मुस्कान।
जैसे सोच रही हो—ये वाला तो डेविड से बेहतर है... कम से कम ये मिन्नत कर रहा है।
और शायद... अमीर भी होगा।
सैंडी ने धीरे से सिर हिलाया—हाँ में।
सैंडी मुस्कुराई—एक गहरी, थकी लेकिन सेक्सी मुस्कान।
वो अपना ग्लास उठाया।
एक घूँट में पूरा खत्म कर दिया—गले से जलन हुई, लेकिन चेहरा नहीं बदला।
ग्लास वेटर की तरफ बढ़ाया।
वेटर ने जल्दी से ट्रे पर रखा—हाथ काँप रहे थे।
सैंडी अब भी दीवार से सटी खड़ी थी।
धीरे से दोनों हाथ सिर के पीछे ले गई।
ये मूवमेंट से उसके स्तन और ऊपर उठे—और भी शेपली, गोल, भारी।
निप्पल्स हार्ड, लाल, हवा में खड़े।
उसकी बॉडी अब पूरी तरह एक्सपोज़्ड—पसीना, कम के निशान, हिक्कीज़, सब चमक रहे थे।
वेटर अब और करीब आया।
उसके हाथ सैंडी की कमर पर रखे—गर्म, हल्के से काँपते हुए।
फिर धीरे से उसकी गर्दन पर होंठ रखे—किस करने लगा।
धीरे-धीरे, गीले, गर्म।
सैंडी की साँसें तेज़ हो गईं।
वो सबको देख रही थी—अलोक, विशाल, डेविड, और मुझे—मुस्कुराती हुई।
जैसे कह रही हो—"देखो... ये सब मेरे लिए है।"
वेटर के हाथ अब उसके बदन पर घूम रहे थे—कमर से ऊपर, स्तनों के नीचे, फिर बगल में।
वो उसकी बगल में नाक लगाकर सूँघा—गहरी साँस ली।
फिर जीभ निकालकर चाटा—धीरे से, लंबे स्ट्रोक में।
सैंडी की बॉडी सिहर गई—"आह्ह..."
फिर वो नीचे आया—स्तनों पर।
एक निप्पल मुँह में लिया—चूसा, जीभ घुमाई।
दूसरे को हाथ से मसला।
सैंडी की साँसें अब और तेज़—"उफ्फ..."
फिर वो और नीचे—उसकी गहरी नाभि पर।
जीभ अंदर डाली—चाटा, घुमाया, जैसे कोई खजाना मिल गया हो।
सैंडी की कमर हल्की सी काँपी।
वो नीचे नहीं गया—चूत पर नहीं।
उसे पता था—वो फॉरबिडन फ्रूट है।
अलोक की लिमिट।
उसने सैंडी के पूरे बदन को चाटा—गर्दन से नाभि तक, बगल से स्तनों तक।
उसकी लार से सैंडी की स्किन अब चमक रही थी—गीली, ग्लिसनिंग।
फिर वो सीधा हुआ।
सैंडी के चेहरे के बहुत करीब आया।
उसकी आँखों में देखा—एक पल के लिए।
फिर होंठ उसके होंठों पर रख दिए।
सैंडी ने विरोध नहीं किया।
वो किस में शामिल हो गई—जीभ मिली, गहराई से।
वेटर का हाथ अब उसकी कमर पर था—उसे और करीब खींच रहा था।
वो ड्राई हंपिंग करने लगा—उसका लुंड पैंट के ऊपर से सैंडी की जांघों पर रगड़ रहा था।
तेज़, भूखा।
सैंडी ने अचानक कहा—आवाज़ में कंट्रोल, लेकिन सख्त।
"स्टॉप।"
वेटर तुरंत रुक गया।
पीछे हटा।
उसकी साँसें तेज़ थीं—चेहरे पर खुशी, संतुष्टि।
उसे मिल गया था—जो उसने सोचा भी नहीं था।
वो ज़्यादा खुश था जितना उम्मीद थी।
एक सेकंड में सारा नशा, सारा जोश उड़ गया।
मैंने झटके से पजामा ऊपर खींच लिया—जल्दी-जल्दी, हाथ काँप रहे थे।
टॉप अभी भी पहना हुआ था, लेकिन नीचे सब गड़बड़।
"क्या नेहा है?"
ये सवाल दिमाग में चमक गया।
शायद वो जाग गई होगी।
मुझे ढूँढ रही होगी।
कमरे में नहीं मिली तो बाहर निकल आई होगी।
रात के 2:30 बजे... होटल के कॉरिडोर में... हर दरवाज़े पर दस्तक दे रही होगी।
"सैम... सैम कहाँ हो?"
या... शायद मेरी आहें... "ओह्ह सैंडी..." वाली आवाज़... बाहर तक पहुँच गई होंगी।
लेकिन पिछले 15 मिनट से मैंने तो एक शब्द भी नहीं बोला था।
फिर भी... क्या पता।
सैंडी भी तुरंत खड़ी हो गई।
टॉवल जल्दी से कमर पर लपेट लिया।
एक हाथ से स्तन ढके, दूसरे से चूत—दीवार से सटकर खड़ी हो गई, जैसे छुप रही हो।
उसकी आँखें सबके चेहरों पर घूम रही थीं—टेंशन में, लेकिन कंट्रोल्ड।
अलोक, विशाल, डेविड—सब नॉर्मल लग रहे थे।
कोई घबराहट नहीं।
जैसे ये उनके लिए रोज़ का सीन हो।
शायद सिक्युरिटी हो... या होटल स्टाफ... या कोई और गेस्ट।
लेकिन इन तीनों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।
मेरा दिमाग अब पूरी तरह पैनिक मोड में था।
एक मिनट बीत चुका था दस्तक के बाद—कोई और आवाज़ नहीं।
लेकिन मेरे दिमाग में हर न्यूज़ चैनल का फेस दिख रहा था—मेरा चेहरा, मेरी नेहा का नाम, "होटल में अवैध एक्टिविटी"।
"मैरिड मैन विद प्रॉस्टिट्यूट्स"।
फोटो... वीडियो... सब कुछ।
ये गलती थी।
मुझे इस कमरे में नहीं आना चाहिए था।
"इट्स ओके... मैंने रूम बॉय को बोल दिया है चादर बदलने के लिए," विशाल ने कैजुअली कहा, जैसे ये कोई आम बात हो।
"कम इन!" उसने जोर से चिल्लाया।
मेरा दिल एकदम मुंह में आ गया।
मैं इतना मज़े में डूबा हुआ था—सैंडी की जीभ, वो सब—कि बाहर की दुनिया भूल ही गया था।
विशाल जब टॉयलेट गया था, तभी उसने रूम सर्विस को कॉल कर दिया था।
और मैं... मैंने कुछ नोटिस ही नहीं किया।
दरवाज़ा खुला।
वही वेटर।
सुबह वाला।
जिसने नेहा को देखा था।
उसकी आँखें थोड़ी बड़ी हो गईं—लेकिन ज्यादा नहीं।
होटल स्टाफ हैं, ऐसे सीन देखते रहते हैं।
उसके हाथ में नई चादरें थीं—फोल्डेड, साफ।
कमरे का सीन उसके सामने था—
चार आदमी।
तीन लगभग नंगे—अलोक, विशाल, डेविड—लुंड बाहर, पसीने से तर, सिगरेट हाथ में।
एक ड्रेस्ड—मैं—पजामा ऊपर खींचा हुआ, लेकिन गीला, चिपचिपा।
और एक हॉट लड़की—सैंडी—दीवार से सटी खड़ी, टॉवल सिर्फ़ कमर पर लिपटा हुआ।
टॉवल इतना छोटा कि स्तन आधे दिख रहे थे, निप्पल्स हल्के से छुपे हुए, और नीचे चूत भी मुश्किल से ढकी हुई।
अगर वो अब बाथरूम जाना भी चाहे... तो पीठ पूरी खुली, गांड हिलती हुई दिखेगी।
वेटर ने कमरे में एक नज़र डाली—चार आदमी, तीन लगभग नंगे, एक ड्रेस्ड (मैं), और सैंडी दीवार से सटी खड़ी, टॉवल से मुश्किल से ढकी हुई।
उसकी आँखें सबसे पहले मुझ पर टिकीं।
"सर... आप यहाँ?"
उसने बस इतना कहा—एक छोटा सा सवाल, लेकिन आँखों में कोई हैरानी नहीं, कोई जजमेंट नहीं।
मैंने कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन वो मेरे जवाब का इंतज़ार भी नहीं किया।
नज़रें तुरंत अलोक की तरफ मुड़ गईं।
उसके चेहरे पर एक मुस्कान फैल गई—एक तरह की चालाक, जानकार वाली मुस्कान।
अलोक ने सिर हिलाया, आवाज़ में वही क्लास वाली हल्की विनम्रता।
"सॉरी... इतनी रात को डिस्टर्ब कर दिया।"
वेटर ने कंधे उचकाए, जैसे ये कोई बड़ी बात नहीं।
"इट्स ओके सर... ये हमारा ड्यूटी है।"
फिर उसने सैंडी की तरफ देखा—धीरे से, लेकिन लंबे समय तक।
उसकी नंगी बॉडी पर नज़रें घूमीं—स्तनों से लेकर जांघों तक, कमर पर लिपटा टॉवल तक।
हर इंच साफ़ दिख रहा था—पसीना, हिक्कीज़, दाँतों के निशान, चूत से अभी भी लीक होता कम।
वेटर की आँखों में लस्ट साफ़ झलक रहा था—भूखी, लेकिन कंट्रोल्ड।
"और आप जानते हैं ना सर... जब भी आप आते हैं... होटल में हमारी सट्टेबाज़ी लगती है कि रात में कौन सर्व करेगा।"
उसने हल्के से हँसा।
"और आज मेरी लकी डे है।"
उसकी नज़र फिर सैंडी पर टिकी—जैसे वो उसे नाप रहा हो, कल्पना कर रहा हो।
"कभी-कभी... लकी डे में कुछ ज़्यादा ही मिल जाता है।"
टर ने बेड की तरफ देखा—चादर पर फैले धब्बे, पसीना, कम के निशान—सब कुछ साफ़ दिख रहा था।
वो हल्के से हँसा—एक कैजुअल, जानकार वाली हँसी।
"ओह्ह... लगता है बेड ने बहुत कुछ झेल लिया।
कितने राउंड हुए डेविड सर?"
डेविड ने जोर से हँसा—उसकी हँसी कमरे में गूंज गई।
"चार... पाँच... गिनती कौन करता है भाई।
बस मज़ा ले रहे थे।"
वेटर ने कंधे उचकाए, जैसे ये कोई रोज़ की बात हो।
फिर पुरानी चादरें उठाईं, नई बिछानी शुरू कर दी—तेज़ी से, प्रोफेशनल तरीके से।
कोई शर्म नहीं, कोई सवाल नहीं।
बस काम कर रहा था—जैसे ऐसे सीन वो रोज़ देखता हो।
सैंडी ने अलोक की तरफ देखा—हाथ से इशारा किया, जैसे पूछ रही हो "बाथरूम जा सकती हूँ?"
अलोक ने हाथ उठाकर इशारा किया—रुक जा, यहीं रह।
सैंडी रुक गई—दीवार से सटी, टॉवल से ढकी हुई।
उसकी आँखें वेटर पर टिकीं—वो काम करता रहा, लेकिन बीच-बीच में उसकी तरफ देखता रहा।
उसकी नज़रें सैंडी के नंगे स्तनों पर, कमर पर, जांघों पर घूम रही थीं—भूखी, लेकिन कंट्रोल्ड।
वेटर ने चादर बिछाई, किनारे टक किए।
फिर पुरानी चादरें उठाईं—गंध आ रही थी, गीली थीं।
उसने सैंडी की तरफ देखा, फिर अलोक की तरफ।
अलोक ने उसे देखा, मुस्कुराया—एक जानकार, शरारती मुस्कान।
"क्या चाहिए तुझे?"
वेटर ने हल्के से सिर झुकाया, लेकिन आँखें सैंडी पर टिकी हुईं।
"सर... सिर्फ़ एक बार... प्लीज़..."
अलोक ने जोर से हँसा—मज़ाकिया अंदाज़ में।
"अरे... अब तुम लोग लिमिट क्रॉस कर रहे हो।"
मैं बस देखता रहा—मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।
क्या चल रहा है?
क्या ये कोई रिचुअल है?
या रोज़ का सीन?
वेटर की आँखों में वो भूख साफ़ दिख रही थी—सैंडी को देखकर, उसके नंगे बदन को, टॉवल से छुपे हुए हिस्सों को।
अलोक ने फिर कहा,
"पहले ड्रिंक्स बना... फिर देखते हैं।"
वो रुका, मेरी तरफ मुड़ा।
"तेरा दरवाज़े का धक्का मारना... मेरे गेस्ट को होश में ला दिया।"
वो हँसा—एक गहरी, मतलब वाली हँसी।
वेटर ने सिर हिलाया, मुस्कुराया।
फिर बार की तरफ बढ़ा—ड्रिंक्स बनाने लगा।
सैंडी अब भी दीवार से सटी खड़ी थी—टॉवल से ढकी, लेकिन उसकी आँखें वेटर पर।
वेटर ड्रिंक्स बनाने लगा—बर्फ डालता, बॉटल खोलता, ग्लास में अम्बर लिक्विड डालता।
उसकी आँखें बार-बार सैंडी पर जा रही थीं—उसकी नंगी बॉडी पर, टॉवल से छुपे हुए हिस्सों पर।
वो बोला—आवाज़ में एक मिन्नत वाली, भूखी टोन।
"सर... लास्ट टाइम आपने मेरे साथी की ज़िंदगी बना दी थी... प्लीज़ सर... सिर्फ़ एक बार... स्पेशली आज... आपका टॉय... आज तो सपने जैसी लग रही है... पहले से ही मेरा लकी डे है... प्लीज़... इसे और स्पेशल बना दीजिए।"
वो बात करते हुए मेरी तरफ देख रहा था—सीधे आँखों में।
मैंने कुछ नहीं कहा।
बस ग्लास में बचा हुआ ड्रिंक एक घूँट में पी गया—गले में जलन हुई, लेकिन दिमाग अभी भी घूम रहा था।
अलोक ने भौंहें उठाईं।
"ओह्ह... स्पेशल? क्यों?"
वेटर ने हल्के से हँसा—एक शरारती हँसी।
"ओह्ह सर... आज वो आई है... जब वो आई... पूरी स्टाफ ने फिर से... उसके इंस्टा देखकर... सबने फिर से झड़ लिया।"
मैंने नोटिस किया—उसने "फिर से" कहा।
मतलब... पहले भी हुआ था।
सैंडी की इंस्टा... सब देखते हैं।
सैंडी अब भी दीवार से सटी खड़ी थी—टॉवल से ढकी, लेकिन उसकी आँखें वेटर पर टिकीं।
वो सुन रही थी—चुपचाप, मुस्कुराती हुई।
अलोक ने पूछा,
"क्या इंस्टा? वो फेमस है क्या?"
वेटर ने ट्रे टेबल पर रखी—सबको ड्रिंक्स सर्व किए।
फिर अपना फोन निकाला।
कुछ टाइप किया।
एक प्रोफाइल खोली।
"देखिए सर... ये है वो।"
स्क्रीन पर सैंडी—या जो भी उसका नाम था।
फोटोज़—लंदन में, जापान में, बीच पर बिकिनी में, शो में, पार्टी में।
वीडियोज़—डांस, ट्रैवल, लाइफस्टाइल।
उसका हैंडल—"belaqir"।
सैंडी नहीं।
बेलाकिर।
अलोक स्क्रॉल करता रहा।
कभी-कभी रुककर सैंडी की तरफ देखता—जैसे कंपेयर कर रहा हो।
सैंडी अब थोड़ी असहज लग रही थी—मुस्कुरा रही थी, लेकिन आँखें नीचे।
वेटर ने फोन अलोक को थमाया।
"सर... देखिए... कितनी हॉट है।
और आज... वो यहाँ... आपके साथ।
प्लीज़ सर... सिर्फ़ एक बार..."
वेटर ने फोन अलोक को थमाया था, लेकिन अलोक ने स्क्रॉल करते-करते एक रील पर रुक गया।
स्क्रीन पर एक रील चल रही थी—कैमरा शूट जैसा लग रहा था।
एक लड़की इंडियन अटायर में—साड़ी पहने, ब्राइडल लुक, सिंदूर, मंगलसूत्र, चूड़ियाँ, पायल—सब कुछ।
बैकग्राउंड में कोई नया घर, "हमारा नया घर" लिखा हुआ जिंगल बज रहा था।
एक तरह का रियल एस्टेट या होम डेकोर ऐड जैसा लग रहा था, लेकिन लड़की की साड़ी थोड़ी ट्रांसपेरेंट, ब्लाउज़ टाइट, और वो कैमरे की तरफ मुस्कुराते हुए पोज़ दे रही थी—सेक्सी लेकिन "ट्रेडिशनल" तरीके से।
अलोक ने रील को पॉज किया।
फिर मेरी तरफ देखा—एक गहरी मुस्कान के साथ।
फिर सैंडी की तरफ मुड़ा।
"एजेंसी ने मुझे ये वीडियो भेजा था... जब मैंने तुम्हें सिलेक्ट किया था।"
सैंडी ने हल्के से सिर झुकाया—मुस्कुराई, लेकिन आँखें नीचे।
अलोक ने फोन आगे बढ़ाया—रील फिर चलने लगी।
लड़की साड़ी में घूम रही थी, कैमरा उसके कर्व्स पर ज़ूम कर रहा था, जिंगल बज रहा था—"हमारा नया घर... नई शुरुआत..."
मैंने ग्लास में बचा हुआ ड्रिंक एक घूँट में पी लिया—गला जला, लेकिन दिमाग अभी भी घूम रहा था।
फिर एक और घूँट—तेज़ी से।
वेटर अब भी खड़ा था—ट्रे हाथ में, लेकिन आँखें फोन पर।
उसने सैंडी की तरफ देखा—फिर अलोक की तरफ।
"सर... स्पेशल रिक्वेस्ट... सिर्फ़ एक बार..."
मैंने भी सोचा था कि सैंडी को कहीं देखा है... लेकिन वो सोच बस एक पल के लिए आई थी और फिर गायब हो गई थी।
अब ये रील देखकर सब क्लियर हो गया।
वो ऐड... मैंने भी कई बार टीवी पर देखा था।
"हमारा नया घर" वाला।
फिगर वही था—वही कमर, वही कर्व्स, वही हाइट।
लेकिन उस ऐड में वो फुल मेकअप में थी—परफेक्ट लिपस्टिक, काजल, ब्लश, सब कुछ ट्रेडिशनल ब्राइडल ग्लो के साथ।
एकदम "परफेक्ट बहू" वाली इमेज।
और अब... सामने खड़ी सैंडी (या बेलाकिर)।
कम से कम तीन आदमियों के कम से तर-बतर।
चेहरा पसीने और कम से चिपचिपा, काजल बहा हुआ, होंठ सूजे हुए, बदन पर बाइट मार्क्स, हिक्कीज़, लाल निशान।
बाल बिखरे, टॉवल कमर पर लिपटा हुआ, स्तन खुले
वो "परफेक्ट बहू" वाली लड़की अब एकदम अलग लग रही थी—रॉ, इस्तेमाल की हुई, लेकिन अभी भी हॉट, अभी भी मुस्कुराती हुई।
वेटर अभी भी खड़ा था—फोन स्क्रीन पर रील पॉज करके।
उसकी आँखें सैंडी पर टिकीं—भूखी, लेकिन इंतज़ार में।
"सर... प्लीज़... सिर्फ़ एक बार..."
अलोक ने वेटर की तरफ देखा, सिगरेट का एक और कश लिया, धुआँ छोड़ते हुए बोला—आवाज़ में वही कंट्रोल, वही मालिक वाली टोन।
"ओके... कर ले... लेकिन लिमिट में।"
वो रुका, फिर हल्के से हँसते हुए बोला,
डेविड "भेन के लोड़े... सिर्फ़ ऊपर... नीचे जाने का सोचना भी मत।"
वेटर की आँखें चमक उठीं।
"येस सर!" उसने खुशी से कहा—आवाज़ में एक बच्चे जैसी एक्साइटमेंट।
वो ट्रे हाथ में लिए सैंडी की तरफ बढ़ा—ट्रे पर आखिरी ड्रिंक का ग्लास।
सैंडी अभी भी दीवार से सटी खड़ी थी—टॉवल को दोनों हाथों से कसकर पकड़े हुए, स्तन और चूत ढके हुए।
वो ग्लास लेने के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ा रही थी—टॉवल छोड़ने का डर था।
वेटर अब सैंडी के इतने करीब खड़ा था कि उसकी साँसें सैंडी के चेहरे पर पड़ रही थीं।
उसकी आँखें सैंडी के बदन पर टिकी हुईं—स्तनों पर, कमर पर, टॉवल के नीचे छुपी चूत पर।
ट्रे अभी भी हाथ में थी, लेकिन उसकी पूरी अटेंशन सैंडी पर।
सैंडी स्टैच्यू की तरह खड़ी थी—नज़रें नीचे, टॉवल को दोनों हाथों से कसकर पकड़े हुए।
वो ग्लास लेने के लिए हाथ नहीं बढ़ा रही थी—जैसे डर रही हो, या इंतज़ार कर रही हो कि अलोक क्या कहेगा।
वेटर ने फिर अलोक की तरफ देखा—आवाज़ में मिन्नत, लेकिन भूख साफ़ झलक रही थी।
"सर... प्लीज़... सिर्फ़ एक बार... मैं बस देखना चाहता हूँ... मैम कितनी ब्यूटीफुल हैं... प्लीज़..."
सैंडी ने आखिरकार आवाज़ निकाली—धीमी, लेकिन साफ़।
"ये सब...?"
वो रुकी, जैसे कहना चाह रही हो कि ये बहुत हो रहा है।
फिर अलोक की तरफ देखा।
"वेटर... प्लीज़... नो..."
मैंने देखा—कुछ मिनट पहले वो मेरी गेंदों को चाट रही थी—बिना किसी हिचकिचाहट के, बिना किसी रोक-टोक के।
अब एक "लो लेवल" वेटर के सामने वो टॉवल नहीं छोड़ रही थी।
उसकी आँखों में एक अलग सी लाइन थी—शायद क्लास, शायद प्राइड, शायद बस कंट्रोल।
वेटर ने फिर मिन्नत की—आवाज़ काँपती हुई, लेकिन भूखी।
"ओह्ह मैम... प्लीज़... आप बहुत ब्यूटीफुल हैं... मैं बस देखना चाहता हूँ... नंगी... प्लीज़... बस एक बार... मदद कर दीजिए..."
वो बार-बार रिपीट कर रहा था—"प्लीज़... प्लीज़..."—आँखें सैंडी के बदन पर, लस्ट से भरी हुईं।
जब सैंडी ने "वेटर... प्लीज़... नो..." कहा, तो अलोक के चेहरे पर एक पल के लिए कुछ बदल गया।
उसकी आँखें सिकुड़ गईं, होंठों की मुस्कान गायब हो गई।
जैसे कोई पुराना घाव फिर से खुल गया हो।
वो एक सेकंड के लिए कहीं दूर चला गया—शायद उन दिनों में, जब वो गरीब था, जब लोग उसे "वेटर" या "कम वाला" कहकर तिरस्कार करते थे।
उसकी साँसें एक पल के लिए रुक गईं।
फिर अचानक वो जोर से हँसा—एक तेज़, कड़वी हँसी।
"हाहाहा... वेटर??"
उसने सैंडी की तरफ देखा—आँखें अब फिर से चमक रही थीं, लेकिन अब उसमें कोई नरमी नहीं थी।
"तुझे पता है डेविड और विशाल कौन हैं?"
वो रुका, सिगरेट का एक लंबा कश लिया।
धुआँ सैंडी के चेहरे पर फेंका।
"मैंने तुझे जो डबल पे किया... वो इसलिए किया क्योंकि मैं 'नो' नहीं सुनना चाहता।
और ये... ये बस देखना चाहता है?
बस देखना?"
उसने डेविड की तरफ इशारा किया।
"तू जानती है... तेरे बदन पर जो भी निशान हैं—बाइट, हिक्की, लाल मार्क्स—सब डेविड ने दिए हैं।
और डेविड... मेरा ड्राइवर है।"
फिर विशाल की तरफ देखा।
"और विशाल... मेरा बॉडीगार्ड है।"
सैंडी ने ट्रे से ग्लास उठाया—धीरे से, जैसे कोई रस्म निभा रही हो।
उसके हाथ टॉवल से हटे।
टॉवल अब सिर्फ़ निप्पल्स पर अटका हुआ था—जैसे दो छोटे हुक हों, जो उसे गिरने से रोक रहे हों।
वो ग्लास होंठों पर ले गई, एक घूँट लिया।
ग्लास नीचे रखा।
वेटर की आँखें उस पर टिकी हुईं—भूखी, लेकिन इंतज़ार में।
वो सुबह से ये पल देखना चाहता था।
अब मौका था।
सैंडी ने हल्का सा कंधा हिलाया।
टॉवल सरका।
धीरे-धीरे।
पहले एक स्तन पूरी तरह खुला—गोल, भारी, निप्पल अभी भी हल्का लाल, पसीने से चमकता हुआ।
फिर दूसरा।
वेटर की साँस रुक गई।
उसकी आँखें फैल गईं।
वो बस देखता रहा—जैसे कोई सपना सच हो रहा हो।
"मैम... वाह..."
वेटर अब सैंडी के इतने करीब खड़ा था कि उसकी साँसें सैंडी के बदन पर पड़ रही थीं।
उसकी आँखें हर इंच को गौर से देख रही थीं—जैसे कोई कीमती चीज़ को नाप रहा हो।
वो धीरे से आगे बढ़ा।
सैंडी ने टॉवल को और ढीला किया।
टॉवल धीरे-धीरे सरका—पहले कमर से नीचे, फिर पूरी तरह गिर गया।
वेटर की साँसें रुक गईं।
उसका सिर धीरे-धीरे नीचे गया—सैंडी के गले से, स्तनों से, फिर पेट पर।
उसकी आँखें सैंडी की गहरी नाभि पर टिक गईं।
वो बस देखता रहा—नाभि की गहराई, उसके चारों तरफ की स्किन की चमक, पसीने की बूंदें जो अभी भी वहाँ जमा थीं।
उसकी साँसें तेज़ हो गईं—नाक से गर्म हवा सैंडी की स्किन पर लग रही थी।
सैंडी चुप खड़ी थी—आँखें नीचे, लेकिन बॉडी में हल्की कंपकंपी।
वेटर ने धीरे से हाथ बढ़ाया—नाभि के पास, लेकिन टच नहीं किया।
बस इतना करीब कि महसूस हो रहा था।
वेटर अब सैंडी के और करीब आ गया था—उसका सिर धीरे-धीरे नीचे जा रहा था।
सैंडी ने पैर क्रॉस कर लिए थे—जांघें सटी हुईं, चूत पूरी तरह छुपी हुई।
वेटर को ज्यादा कुछ दिख नहीं रहा था—बस एक हल्की सी झलक, गहराई में छुपी हुई।
वो घुटनों पर बैठ गया—लगभग ज़मीन पर, सैंडी के पैरों के सामने।
उसका चेहरा अब सैंडी की जांघों के ठीक सामने था।
वो हर एंगल से देख रहा था—बाएँ से, दाएँ से, नीचे से।
उसकी साँसें तेज़ थीं—गर्म हवा सैंडी की स्किन पर लग रही थी।
फिर उसने सैंडी के चेहरे की तरफ देखा।
उसकी आँखें अब मिन्नत कर रही थीं—एक साइलेंट रिक्वेस्ट।
"बस... थोड़ा और..."
सैंडी ने उसकी आँखों में देखा।
एक पल के लिए रुकी।
फिर मुस्कुराई—एक छोटी, शरारती मुस्कान।
वो धीरे से पैर फैलाए—धीरे-धीरे, लेकिन जानबूझकर।
जांघें और खुलीं।
चूत अब पूरी तरह दिख रही थी—गीली, चमकती हुई
क्लिट हल्का सा बाहर निकला हुआ
सैंडी अब भी नंगी खड़ी थी—टॉवल ज़मीन पर गिर चुका था।
वेटर घुटनों पर बैठा हुआ था, उसका चेहरा सैंडी की चूत के ठीक सामने।
वो धीरे-धीरे अपना नाक और करीब ले आया।
सैंडी की चूत से अभी भी गाढ़ा कम लीक हो रहा था—तीन आदमियों का मिला-जुला।
वेटर ने नाक से सूँघा—गहरी, लंबी साँस ली।
जैसे कोई दुर्लभ खुशबू को महसूस करना चाहता हो।
उसकी आँखें बंद हो गईं—मज़े में।
फिर खुलीं—हर इंच को गौर से देखने लगा।
क्लिटोरिस की हल्की सूजन, लिप्स की लालिमा, अंदर से बहता सफेद रस—सब कुछ।
जैसे वो सोच रहा हो—ये सेलिब्रिटी की चूत... ये कैसी दिखती है... कैसी सूँघती है... कैसी लगती है।
वो समय ले रहा था—जैसे हर डिटेल को याद करके ले जाना चाहता हो।
फिर उसने सैंडी के चेहरे की तरफ देखा—आँखों में मिन्नत।
"अलोक सर... सर... प्लीज़... क्या मैं टच कर सकता हूँ मैम को... सिर्फ़ एक बार... एक रिक्वेस्ट है..."
उसकी आवाज़ में अब वो चालाकी नहीं थी—बस एक सच्ची, बच्चे जैसी मिन्नत।
वो अब "क्यूट" लग रहा था—भूखी आँखों वाला, लेकिन इंसान।
अलोक ने सिगरेट का कश लिया।
फिर सैंडी की तरफ देखा—इस बार उसकी आँखों में सवाल था।
"तू क्या कहती है?"
सैंडी ने वेटर की तरफ देखा।
उसकी आँखें डेविड की तरफ गईं—वो काला, रफ, बेरहम।
फिर वेटर की तरफ—जो अब "क्यूट" लग रहा था, मिन्नत कर रहा था।
वो मुस्कुराई—एक हल्की, शरारती मुस्कान।
जैसे सोच रही हो—ये वाला तो डेविड से बेहतर है... कम से कम ये मिन्नत कर रहा है।
और शायद... अमीर भी होगा।
सैंडी ने धीरे से सिर हिलाया—हाँ में।
सैंडी मुस्कुराई—एक गहरी, थकी लेकिन सेक्सी मुस्कान।
वो अपना ग्लास उठाया।
एक घूँट में पूरा खत्म कर दिया—गले से जलन हुई, लेकिन चेहरा नहीं बदला।
ग्लास वेटर की तरफ बढ़ाया।
वेटर ने जल्दी से ट्रे पर रखा—हाथ काँप रहे थे।
सैंडी अब भी दीवार से सटी खड़ी थी।
धीरे से दोनों हाथ सिर के पीछे ले गई।
ये मूवमेंट से उसके स्तन और ऊपर उठे—और भी शेपली, गोल, भारी।
निप्पल्स हार्ड, लाल, हवा में खड़े।
उसकी बॉडी अब पूरी तरह एक्सपोज़्ड—पसीना, कम के निशान, हिक्कीज़, सब चमक रहे थे।
वेटर अब और करीब आया।
उसके हाथ सैंडी की कमर पर रखे—गर्म, हल्के से काँपते हुए।
फिर धीरे से उसकी गर्दन पर होंठ रखे—किस करने लगा।
धीरे-धीरे, गीले, गर्म।
सैंडी की साँसें तेज़ हो गईं।
वो सबको देख रही थी—अलोक, विशाल, डेविड, और मुझे—मुस्कुराती हुई।
जैसे कह रही हो—"देखो... ये सब मेरे लिए है।"
वेटर के हाथ अब उसके बदन पर घूम रहे थे—कमर से ऊपर, स्तनों के नीचे, फिर बगल में।
वो उसकी बगल में नाक लगाकर सूँघा—गहरी साँस ली।
फिर जीभ निकालकर चाटा—धीरे से, लंबे स्ट्रोक में।
सैंडी की बॉडी सिहर गई—"आह्ह..."
फिर वो नीचे आया—स्तनों पर।
एक निप्पल मुँह में लिया—चूसा, जीभ घुमाई।
दूसरे को हाथ से मसला।
सैंडी की साँसें अब और तेज़—"उफ्फ..."
फिर वो और नीचे—उसकी गहरी नाभि पर।
जीभ अंदर डाली—चाटा, घुमाया, जैसे कोई खजाना मिल गया हो।
सैंडी की कमर हल्की सी काँपी।
वो नीचे नहीं गया—चूत पर नहीं।
उसे पता था—वो फॉरबिडन फ्रूट है।
अलोक की लिमिट।
उसने सैंडी के पूरे बदन को चाटा—गर्दन से नाभि तक, बगल से स्तनों तक।
उसकी लार से सैंडी की स्किन अब चमक रही थी—गीली, ग्लिसनिंग।
फिर वो सीधा हुआ।
सैंडी के चेहरे के बहुत करीब आया।
उसकी आँखों में देखा—एक पल के लिए।
फिर होंठ उसके होंठों पर रख दिए।
सैंडी ने विरोध नहीं किया।
वो किस में शामिल हो गई—जीभ मिली, गहराई से।
वेटर का हाथ अब उसकी कमर पर था—उसे और करीब खींच रहा था।
वो ड्राई हंपिंग करने लगा—उसका लुंड पैंट के ऊपर से सैंडी की जांघों पर रगड़ रहा था।
तेज़, भूखा।
सैंडी ने अचानक कहा—आवाज़ में कंट्रोल, लेकिन सख्त।
"स्टॉप।"
वेटर तुरंत रुक गया।
पीछे हटा।
उसकी साँसें तेज़ थीं—चेहरे पर खुशी, संतुष्टि।
उसे मिल गया था—जो उसने सोचा भी नहीं था।
वो ज़्यादा खुश था जितना उम्मीद थी।


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