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Adultery Adventure of sam and neha
#9
सैंडी ने मुझे देखा—मेरी आँखें आधी बंद, आधी खुली।


उसके होंठों का स्वाद अभी भी मेरे मुँह में था—नया स्वाद, नया टच, नई एनर्जी।

मैं हाई फील कर रहा था... शायद वो शॉट बहुत स्ट्रॉन्ग था, शायद ये कमरे का माहौल, या शायद दोनों।

एक सेकंड के लिए लगा—ये सच नहीं हो सकता।

मैं सपना देख रहा हूँ।

मैंने खुद को चुटकी काटी—दर्द हुआ।

सब मुझे देख रहे थे।

अलोक ने मेरे कंधे पर थपकी दी।

"यू आर नॉट ड्रीमिंग, यंग मैन," वो हँसते हुए बोला।

विशाल और डेविड—अभी भी हँस रहे थे, अपने लुंड हाथ में पकड़े हुए, जैसे कोई कॉमन जोक हो।

सैंडी अब मेरे पास से हट गई।

मुझे लगा जैसे मेरा फेवरेट खिलौना बस मेरे हाथ से दूर जा रहा है।

मुझे नहीं पता था कि मेरा उस पर कितना अधिकार है... या बिल्कुल भी है कि नहीं।

सब कुछ इतनी अचानक हो रहा था—एक पल पहले वो मेरे होंठों पर थी, लेमन का रस मेरे मुँह में छोड़कर, और अब वो अलोक की तरफ जा रही थी।

मैं बस देखता रहा।

कम से कम... मैंने सोचा... अगर वो थोड़ा और रुकती तो मैं उसके 36 साइज़ के परफेक्ट स्तनों को छू लेता।

उसकी स्किन इतनी सॉफ्ट, इतनी गर्म, इतनी चिकनी लग रही थी—बस एक बार टच करके महसूस कर लेता कि सच में वैसी ही है जैसी दिख रही है।

उसके निप्पल्स हार्ड थे, गुलाबी, जैसे अभी-अभी किसी ने उन्हें चूसा हो।

वो अलोक के सामने चली गई।

एक शॉट हाथ में लिया।

फिर धीरे से सोफे पर घुटनों के बल बैठ गई—अपनी मजबूत जांघें सोफे पर रखकर, बैलेंस बनाते हुए।

पहले अलोक को शॉट दिया—उसके होंठों पर ग्लास टिल्ट किया।

फिर लेमन उसके मुँह में रखा।

फिर किस—गहरा, लंबा।

लेकिन अब सैंडी का हाथ अलोक के अंडरवियर के अंदर सरक गया।

उसने धीरे से लुंड बाहर निकाला—हार्ड, गर्म, हवा में खड़ा।

उसने स्ट्रोक करना शुरू किया—धीरे-धीरे, ऊपर-नीचे।

और अलोक के दो उँगलियाँ उसकी चूत में गायब हो गईं।

मैं देख रहा था—उसकी चूत गर्म, गीली, उँगलियाँ अंदर-बाहर हो रही थीं।

वो महसूस कर रहा था—उसकी आँखें बंद, सिर पीछे।

किस 5 मिनट तक चला—लंबा, गहरा।

सैंडी का हाथ स्ट्रोक कर रहा था, अलोक की उँगलियाँ फिंगरिंग कर रही थीं।

गीली आवाज़ें—चप... चप...

फिर विशाल बोला,

"माय टर्न... माय टर्न!"

किस टूटा।

सैंडी उठी।

अलोक ने उँगलियाँ बाहर निकालीं—चमकती हुई, गीली।

उसने मुझे दिखाया—उँगलियाँ पर सैंडी का रस चमक रहा था।

फिर उसी उँगली को सैंडी की तरफ दिखाया।

सैंडी समझ गई।

वो झुकी, उँगली मुँह में ली।

चाटी, साफ की—जीभ से हर बूंद सोखते हुए।

फिर अलोक ने वही गीली उँगली उसके स्तनों पर रगड़ी—जैसे कोई टॉवल हो।

सैंडी खुशी से कर रही थी—स्तन आगे करके, जैसे एंजॉय कर रही हो।

मैं बस देखता रहा।


सैंडी अब विशाल के सामने चली गई।

दोनों सोफे पर घुटनों के बल बैठे—वो उसके सामने, जैसे पहले अलोक के साथ किया था।

शॉट पहले—विशाल के होंठों पर ग्लास टिल्ट किया।

फिर लेमन उसके मुँह में रखा।

फिर किस—गहरा, लंबा, जीभें लड़ती हुई।

हर बार ये सीन एक जैसा लगता था, लेकिन हर बार नया महसूस होता था।

सैंडी की गिगलिंग—वो हल्की, प्लेफुल हँसी—हर बार अलग लगती थी।

जैसे वो सच में एंजॉय कर रही हो।

कोई फीलिंग नहीं आ रही थी कि ये सिर्फ़ पैसे के लिए है, जैसे "कस्टमर को खुश करना है"।

नहीं... वो इस जॉब को लव करती लग रही थी।

उसकी आँखों में, उसके होंठों की मुस्कान में, उसके हाथों की मूवमेंट में—सबमें एक तरह की खुशी थी।

इस बार विशाल ने उँगली नहीं इस्तेमाल की।

उसने अपना लुंड—पतला लेकिन लंबा, ब्राउन—सीधे उसकी चूत पर रखा।

एक झटके में, बिना ऊपर-नीचे किए, बिना फकिंग जैसा कुछ—बस पूरा अंदर।

एक स्विफ्ट मोशन में, जैसे अंदर का टेम्परेचर चेक कर रहा हो।

सैंडी की आँखें एक सेकंड के लिए बंद हुईं, फिर खुलीं—एक छोटी सी आह निकली, लेकिन वो किस जारी रख रही थी।

वो दोनों किस कर रहे थे—जीभें मिली हुईं, लेमन का रस अभी भी मिक्स हो रहा था।

विशाल का लुंड अंदर गहरा, स्टिल—बस महसूस कर रहा था उसकी गर्मी, उसकी टाइटनेस।

सैंडी का हाथ उसके कंधे पर, दूसरे से उसकी कमर पकड़ी हुई।

मैं बिना पलक झपकाए देख रहा था।

हर डिटेल—उसकी चूत में लुंड का अंदर जाना, उसके स्तनों का हल्का हिलना, उसके गालों पर बहता काजल, उसके होंठों पर लेमन का रस।

अलोक ने मुझे देखकर पूछा,

"हाउ इज इट? हाउ इज योर किस, बॉय?"

मैं जैसे होश में आया।

"गुड... इट्स गुड," मैंने धीरे से कहा।

अब दिमाग में एक ही सवाल घूम रहा था—"व्हाय मी?"

ये सब इतना अच्छा लग रहा था कि "टू गुड टू बी ट्रू" वाली फीलिंग आ गई।

क्या मैं सच में यहाँ हूँ?

क्या ये सब हो रहा है?

मैंने अलोक की तरफ देखा, और बोल दिया—जैसे कुछ और जानना चाहता हूँ,

"सर... आप सच में अच्छी चॉइस वाली औरतें चुनते हैं।"

अलोक ने जोर से हँसा।

"हाहा... ये औरतें नहीं हैं... ये टॉयज़ हैं।"

मैंने एक साँस ली, और एक साँस में बोल दिया,

"तो फिर आप बहुत अमीर होंगे... इतने अच्छे टॉयज़ लेने के लिए... और इतने हम्बल भी कि फ्रेंड्स और स्ट्रेंजर के साथ शेयर कर रहे हैं।"

अलोक ने मेरी तरफ देखा, शॉट का ग्लास हाथ में घुमाते हुए, और पूछा,

"डू यू नो द मीनिंग ऑफ 'अडल्ट मनी बॉय'?"

अब वो मुझे "यंग मैन" की जगह "बॉय" कहने लगा था।

शायद वो किस के बाद से उसे लगने लगा कि उसका कुछ अथॉरिटी है मुझ पर।

या शायद ये मेरी कल्पना थी—नशे में सब कुछ बड़ा लगता है।

मैंने सिर हिलाकर "नो" में जवाब दिया—धीरे से, बिना कुछ बोले।

मेरा सिर भारी था।

आज बहुत पी ली थी—मेरी कैपेसिटी से ज्यादा।

सुबह से नेहा के साथ जो मेहनत की थी—वो थकान अभी भी बॉडी में थी।

शाम को वो पहाड़ी चढ़ी थी सनसेट देखने के लिए—पैरों में हल्का दर्द, सिर में हल्की घूम।

हैलुसिनेशन जैसा फील हो रहा था—कभी लगता सब सच है, कभी लगता ये सपना है।

अलोक ने ग्लास टेबल पर रखा, फिर मेरी तरफ देखकर बोला—आवाज़ में अब वो पुरानी वाली दोस्ताना टोन नहीं थी, बल्कि एक तरह की गहराई थी, जैसे वो अपनी ज़िंदगी की कोई पुरानी बात बता रहा हो।

"अडल्ट मनी बॉय... मतलब वो पैसा जो तुम्हें तब मिलता है जब तुम मेच्योर हो जाते हो।"

वो रुका, एक लंबी साँस ली।

"जब तुम यंग थे... कॉलेज में, 20-25 की उम्र में... तब पैसा नहीं था।

फ्यूचर बनाने में बिज़ी थे—पढ़ाई, जॉब, करियर, EMI, फैमिली।

टाइम भी नहीं था, और पैसा भी नहीं था अपनी हर ख्वाहिश पूरी करने का।

'दिल चाहता है' वाली उम्र में—गोवा ट्रिप, लड़कियाँ, पार्टी, फ्रीडम—सब सपने थे, लेकिन पॉकेट खाली।

फिर साल बीतते गए... 30, 35, 40... मेहनत की, कमाया, लेकिन तब तक ज़िंदगी ने ढेर सारे रोल्स दे दिए—शादी, बच्चे, रिस्पॉन्सिबिलिटी।

और अब... 50 के आसपास... अचानक पैसा आ गया।

अडल्ट मनी।

वो पैसा जो अब 'अफोर्डेबल' लगता है।

अब जो चाहो खरीद सकते हो—ट्रिप्स, टॉयज़, एक्सपीरियंस।

इसलिए 50 साल के लोग गोवा जाते हैं—क्योंकि वो 'दिल चाहता है' वाली उम्र में नहीं जा सके थे।

इसलिए 50 साल के लोग प्लेस्टेशन खरीदते हैं—क्योंकि बचपन में नहीं खरीद पाए थे।

और मैं... मैं लकी हूँ।

मुझे इतना पैसा मिला कि अब 'अनलिमिटेड सप्लाई' जैसा फील होता है।

तो मैं टॉयज़ ले सकता हूँ... जैसे सैंडी।"

उसने सैंडी की तरफ देखा—वो अभी भी मुस्कुरा रही थी, जैसे ये सब उसकी रोज़ की बात हो।

"ये टॉय नहीं हैं... ये एक्सपीरियंस हैं।

जो मैं यंग में नहीं कर पाया... अब कर रहा हूँ।

और शेयर कर रहा हूँ—फ्रेंड्स के साथ, स्ट्रेंजर्स के साथ... क्योंकि अब पैसा है, टाइम है, और सबसे ज़रूरी—कोई रोक-टोक नहीं।"

वो फिर हँसा—एक थकी लेकिन संतुष्ट वाली हँसी।

अलोक की बातें सुनकर मुझे लगा जैसे कोई फिलॉसफी हो रही है—एक तरह की ज़िंदगी की सच्चाई, जो 50 साल की उम्र में ही समझ आती है।

वो बातें इतनी गहरी लग रही थीं कि मेरी आँखें उस पर टिक गईं।

वो सच में अमीर लग रहा था—न सिर्फ़ पैसों से, बल्कि उसकी बात करने के तरीके से।

आवाज़ में कॉन्फिडेंस, शब्दों में वो आराम जो सिर्फ़ वो लोग बोलते हैं जिन्हें अब कुछ साबित करने की ज़रूरत नहीं रहती।

मैंने उसकी कलाई पर नज़र डाली—वो घड़ी... शायद रोलैक्स या ओमेगा, ब्लैक डायल, गोल्ड बेज़ल, जो लाइट में चमक रही थी।

ऐसी घड़ी जो लाखों में आती है, और वो इसे कैजुअली पहने हुए था जैसे कोई 500 की कैसियो हो।

फिर मेरी नज़र नीचे गई।

उसका लुंड... अभी भी बाहर था, हवा में खड़ा।

मैंने पहले नोटिस नहीं किया था—नशे में, सैंडी के किस में, सब कुछ धुंधला था।

लेकिन अब... वो मासिव था।

मोटा, लंबा, नसों से भरा, हेड गहरा गुलाबी।

अभी भी हल्का सा पल्स कर रहा था, जैसे अभी-अभी इस्तेमाल हुआ हो।

और वो सब कुछ इतने कैजुअली बैठा था—जैसे कपड़े उतारना या लुंड बाहर रखना कोई बड़ी बात नहीं।

मैंने खुद को रोका नहीं—एक "वाह..." मेरे होंठों से निकल गया।

बस एक छोटी सी आवाज़, लेकिन वो इतनी सच्ची थी कि सबने सुन ली।

विशाल और डेविड हँस पड़े।

सैंडी ने मुस्कुराकर मुझे देखा—जैसे कह रही हो "देखा ना?"

अलोक ने मेरी तरफ देखा, फिर हल्के से हँसा।

"क्या हुआ बॉय? इम्प्रेस हो गया?"

मैंने शर्म से सिर झुका लिया, लेकिन मुस्कान नहीं रोक पाया।

"सॉरी... बस... वो... अच्छा है," मैंने बड़बड़ाया।

अलोक ने कंधे उचकाए।

"अरे कोई बात नहीं।

ये भी तो 'अडल्ट मनी' का हिस्सा है—जो चाहो, वो दिखा सकते हो, बिना किसी शर्म के।

अलोक ने फिर से बात शुरू की—इस बार उसकी आवाज़ में कोई शो-ऑफ नहीं था, बस एक पुरानी याद जैसी सादगी।

वो सोफे पर पीछे टिका हुआ था, ग्लास हाथ में घुमाते हुए, जैसे कोई पुरानी किताब खोल रहा हो।

"मैंने जवानी में बहुत मेहनत की थी... लेबर वाला काम।

कंस्ट्रक्शन साइट्स पर, धूप में, बारिश में।

हाथ देख..."

उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया—कठोर, रफ, उंगलियों पर पुराने घावों के निशान, पाम पर मोटी-मोटी चमड़ी।

"ये हाथ कभी-कभी बस में औरतों के नाक बंद करने का कारण बनते थे।

मेरा पसीने की बदबू... वो दूर से ही साफ़ महसूस हो जाती थी।

कोई पास नहीं आना चाहता था।"

वो रुका, एक लंबी साँस ली।

"फिर शादी हुई।

पर वो जो मैं चाहता था... वो कभी नहीं मिला।

मेरी बीवी... गरीबी में पली-बढ़ी थी, वो भी थकी हुई लगती थी।

बच्चों को जन्म दिया, घर चलाया, लेकिन वो 'प्लेज़र' वाला हिस्सा... बस ड्यूटी जैसा रह गया।

मैंने भी बच्चों को पाला, घर चलाया, लेकिन ज़िंदगी का वो मज़ा... लगभग भूल ही गया था।"

उसकी आँखें दूर कहीं टिक गईं।

"फिर 25 साल की मेहनत के बाद... रियल एस्टेट से पैसा आया।

अचानक बहुत।

बच्चे विदेश चले गए—अमेरिका, कनाडा।

बीवी... अब भगवान के पास।

अब मैं फ्री था।

एक दिन विदेश में... मैं एक स्ट्रिप क्लब के सामने से गुज़रा।

बस देखने के लिए गया—क्या होता है अंदर।

एक रशियन औरत ने मेरा लुंड देखा और बोली... 'इट्स स्टिल स्ट्रॉन्ग एंड प्लेज़रेबल।'

मैंने पहली बार महसूस किया—सच में?

मेरी बीवी के साथ कभी इतना नहीं हुआ था।

धीरे-धीरे मैं उन प्रीमियम क्लब्स में घुसा—जहाँ ऐसी 'टॉयज़' मिलती हैं जो कुछ भी करने को तैयार रहती हैं।

कोई रोक-टोक नहीं, कोई जजमेंट नहीं।

बस... जो मैं जवानी में नहीं कर पाया... अब कर रहा हूँ।"

सैंडी अब डेविड के पास चली गई—वो ब्लैक बियर जैसा, बड़ा पेट वाला, पूरी तरह नंगा, पसीने से तर।

वो तीनों में सबसे रफ था—कोई नरमी नहीं, कोई कोमलता नहीं।

वो सैंडी को अपनी गोद में खींच लिया।

उसके हाथों ने तुरंत उसके निप्पल्स पकड़े—जोर से पिंच किया, इतना जोर से कि सैंडी की बॉडी झटकी।

उसकी आहें अब पहले से भी कम, गहरी और दबी हुई निकल रही थीं—जैसे दर्द और प्लेज़र का मिक्स।

"आह्ह... डेविड... हाँ..."

डेविड किस नहीं कर रहा था।

वो उसके होंठ काट रहा था—सच में काट रहा था।

नीचे होंठ को दाँतों से दबाया, खींचा, फिर ऊपर वाले को।

सैंडी की आँखें बंद हो गईं, लेकिन वो विरोध नहीं कर रही थी—बल्कि उसकी जांघें और फैल रही थीं, जैसे वो ये रफनेस एंजॉय कर रही हो।

मैं सोफे पर बैठा था, बीयर हाथ में, लेकिन आँखें सैंडी पर टिकी हुईं।

अलोक की फिलॉसफी वाली बातें मेरे कान में अभी भी गूंज रही थीं—हर शब्द ध्यान से सुन रहा था, "अडल्ट मनी", "टॉयज़", "जवानी में नहीं मिला"।

लेकिन सामने का सीन... वो डिस्ट्रैक्ट कर रहा था।

सैंडी की चूत अब डेविड के लुंड से भरी हुई—वो मोटा, ब्लैक, पर्पल हेड वाला लुंड अंदर-बाहर हो रहा था, जोरदार थ्रस्ट्स में।

हर धक्के के साथ सैंडी की बॉडी हिल रही थी, स्तन उछल रहे थे, और उसके निप्पल्स अब लाल हो चुके थे—पिंच से।

डेविड ने एक हाथ से उसकी गर्दन पकड़ी—जोर से नहीं, लेकिन कंट्रोल में।

दूसरे हाथ से उसकी गांड मसल रहा था, उँगलियाँ अंदर सरकाती हुई।

सैंडी की आहें अब और गहरी—"उफ्फ... हाँ... और जोर से..."

मैं बिना पलक झपकाए देख रहा था।

अलोक ने मेरी तरफ देखा, मुस्कुराकर कहा,

"देख रहा है बॉय? डेविड रफ है... लेकिन सैंडी को पसंद है।

अलोक ने ग्लास साइड में रखा, फिर मेरी तरफ देखकर धीरे से बोला—आवाज़ में अब एक पुरानी, थकी हुई लेकिन सच्ची वाली टोन थी।

"औरतें रफ पसंद करती हैं... लेकिन सिर्फ़ यंग वाली।"

वो रुका, सैंडी की तरफ देखा—जो अभी भी डेविड के साथ थी, उसकी आहें अब और गहरी, दबी हुई।

डेविड उसे रफ तरीके से पकड़े हुए था—निप्पल्स पिंच कर रहा था, होंठ काट रहा था, धक्के जोरदार लेकिन कंट्रोल्ड।

"यंग बटरफ्लाई... वो फ्रेशनेस, वो एनर्जी, वो टाइटनेस... वो सब कुछ नया लगता है।

उनकी स्किन पर वो ग्लो, वो खुशबू जो अभी-अभी खिली हो।

रफनेस उन्हें एक्साइट करती है क्योंकि वो अभी एक्सप्लोर कर रही होती हैं—दर्द और प्लेज़र का मिक्स उन्हें नया लगता है।

लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है... वो फ्रेशनेस ख़त्म हो जाती है।

फिर वो नरमी चाहती हैं, प्यार, केयर... वो रफनेस अब दर्द लगने लगती है।"

अलोक ने फिर से ग्लास उठाया, एक घूँट लिया, और मेरी तरफ देखकर बोला—इस बार उसकी आवाज़ में एक अलग ही गहराई थी, जैसे वो कोई राज़ खोलने वाला हो।

"मेरे कॉन्टैक्ट्स हमेशा मुझे इसी तरह की औरतें देते हैं—यंग, फ्रेश, बटरफ्लाई जैसी।

मैं इन्हें कुतिया की तरह ट्रीट करता हूँ... लेकिन वो कुतिया जो यंग लड़के डेट करना चाहते हैं।

मैं उन्हें स्पेशल फील करवाता हूँ—ऐसा स्पेशल कि वो उन सॉफ्ट, रोमांटिक लड़कों के पास कभी वापस नहीं जाना चाहतीं।

मैं उन्हें बताता हूँ—तुम्हें अब 'बॉय' नहीं चाहिए, तुम्हें मर्द चाहिए।

मर्द वो जो तुम्हें पकड़े, तुम्हें कंट्रोल करे, तुम्हें रफ तरीके से इस्तेमाल करे... और तुम्हें वो प्लेज़र दे जो तुमने कभी सोचा भी नहीं था।

ये सॉफ्ट बॉयज... वो शादी कर लेंगे, घर बसाएंगे, लेकिन रात में जब वो अकेली होंगी... उन्हें याद आएगा कि असली मर्द के साथ क्या होता है।

वो सेटल तो हो जाएंगी... लेकिन दिल में हमेशा वो खालीपन रहेगा—क्योंकि वो जानती हैं कि असली मर्द क्या होता है।"

वो मुस्कुराया, फिर मेरी तरफ झुका और आँख मारकर बोला,

"लेकिन मैं तुम्हें एक बात बताना चाहता हूँ... अगर तुम ऑफेंड नहीं होगे।"

मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।

क्या कहना चाहता है ये?

क्या नेहा के बारे में कुछ? या मेरे बारे में?

मैंने सिर हिलाया—हाँ में।

"बताओ..."

अलोक ने एक लंबी साँस ली, फिर मुस्कुराकर बोला,

"तुम जानते हो... हर चीज़ पैसे से नहीं खरीदी जा सकती।

जैसे ज़िंदगी... जैसे तुम्हारे पास जो है।

तुम्हें 'अडल्ट मनी' की ज़रूरत नहीं पड़ेगी प्लेज़र के लिए... लेट इन लाइफ।

क्योंकि तुम्हारे पास पहले से ही वो है—तुम्हारी बीवी।

यंग, खूबसूरत तितली।"

मैं चुप रहा।

दिल अभी भी तेज़ धड़क रहा था।

उसकी बातें सही लग रही थीं—बहुत सही।

नेहा मेरी तितली है।

तभी सामने का सीन बदल गया।

सैंडी अब पीठ के बल लेटी हुई थी—बेड पर।

उसका सिर विशाल की गोद में था।

विशाल बैठा हुआ था, उसके लुंड को उसके गाल से रगड़ रहा था—धीरे-धीरे, ब्रशिंग करते हुए।

उसके बालों में उँगलियाँ फेर रहा था, कभी-कभी उँगली उसके मुँह में डालकर चूसवा रहा था।

डेविड ने उसके पैर फैलाए—जोर से।

फिर अपना मोटा, काला लुंड अंदर डाला—वाइल्ड तरीके से।

जोर-जोर से धक्के दे रहा था, हर थ्रस्ट में सैंडी की बॉडी हिल रही थी।

उसकी आहें अब ऊँची और तेज़—"आह्ह... डेविड... और... फाड़ दो..."

विशाल उसके चेहरे पर अपना लुंड रगड़ रहा था—गालों पर, होंठों पर।

उसकी उँगली उसके मुँह में अंदर-बाहर हो रही थी।

अलोक ने मेरी आँखों में देखा, फिर धीरे से मुस्कुराकर बोला—जैसे कोई पुराना राज़ खोल रहा हो।

"मैं तुम्हें एक बात बताऊँ... अगर तुम्हें बुरा न लगे।"

मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।

क्या कहने वाला है ये?

क्या नेहा के बारे में कुछ?

मैंने सिर हिलाया—हाँ में।

"बताओ..."

वो थोड़ा आगे झुका, आवाज़ और नीची कर ली।

"सुबह जब हम रिसेप्शन पर थे... और नेहा वहाँ खड़ी थी...

मैंने उसे देखा तो सबसे पहले यही लगा कि एजेंसी ने हमें यही भेजा है।

तुम नहीं जानते... कितनी खुशी हुई थी मुझे।

मैं हमेशा यंग मैरिड वाली को पसंद करता हूँ।

मैंने उसकी पायल देखी, चूड़ियाँ देखीं, मंगलसूत्र... सब कुछ।

दिल में एक अलग ही एक्साइटमेंट हो गया।

इसलिए मैंने उससे पूछा था—'क्या आप एजेंसी से आई हैं?'"

"फक... फक... फक..."

मेरा दिमाग एकदम घूम गया।

सुबह वाला सीन फ्लैश हो गया—अलोक नेहा के पास गया था, बात करने की कोशिश की थी, और नेहा ने बस मुस्कुराकर इग्नोर किया था।

अब सब क्लियर हो गया।

ये बूढ़ा आदमी... नेहा को... प्रॉस्टिट्यूट समझ रहा था।

एक नाइट का टॉय।

एक कुतिया जो पैसे के लिए सब कुछ करे।

यंग मैरिड, मंगलसूत्र वाली... लेकिन एजेंसी की लड़की।

मेरा दिमाग तुरंत इमेजिन करने लगा।

सैंडी की जगह नेहा।

नेहा विशाल की गोद में—उसका लुंड उसके गाल पर रगड़ रहा हो।

डेविड उसके पैर फैलाकर रफ तरीके से चोद रहा हो—जोर-जोर से धक्के, निप्पल्स पिंच कर रहा हो, होंठ काट रहा हो।

उसके बदन पर सारे बाइट मार्क्स, हिक्कीज़, दाँतों के निशान।

शॉट उसके मुँह में... लेमन उसके होंठों से... किस... सब कुछ।

बिना सोचे मेरा हाथ अपने लुंड पर चला गया।

वो रॉक हार्ड था—फड़क रहा था, दर्द कर रहा था।

मुझे गुस्सा आना चाहिए था।

बहुत गुस्सा।

इस बूढ़े को मारना चाहिए था।

उसे नेहा के बारे में ऐसा सोचने के लिए... उसे नेहा को कुतिया समझने के लिए...

लेकिन...

मेरा लुंड...

मेरा शरीर...

क्यों एक्साइट हो रहा था?

क्या हो रहा है मुझे?

क्यों ये इमेजिनेशन... मुझे और हार्ड कर रहा है?
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Messages In This Thread
Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-02-2026, 04:03 PM
RE: Adventure of sam and neha - by rangeeladesi - 17-02-2026, 10:06 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-02-2026, 04:47 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-02-2026, 06:31 PM
RE: Adventure of sam and neha - by rangeeladesi - 19-02-2026, 10:42 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 10:51 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 02:14 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 03:44 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 06:03 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 20-02-2026, 11:00 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 21-02-2026, 05:29 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 21-02-2026, 05:35 PM
RE: Adventure of sam and neha - by rangeeladesi - 21-02-2026, 07:04 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 22-02-2026, 11:55 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 22-02-2026, 12:15 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 24-02-2026, 12:04 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 25-02-2026, 01:03 PM
RE: Adventure of sam and neha - by BHOG LO - 25-02-2026, 01:21 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 28-02-2026, 02:02 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 28-02-2026, 04:06 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 03-03-2026, 12:20 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 03-03-2026, 12:24 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 07-03-2026, 12:08 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 09-03-2026, 12:27 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 12-03-2026, 10:56 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 12-03-2026, 11:02 AM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 12-03-2026, 01:09 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 14-03-2026, 07:22 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 15-03-2026, 01:35 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Vkpawar - 15-03-2026, 12:53 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 16-03-2026, 02:35 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 16-03-2026, 05:28 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 17-03-2026, 09:39 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 17-03-2026, 09:49 AM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 17-03-2026, 05:53 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-03-2026, 02:06 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-03-2026, 02:13 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 19-03-2026, 03:35 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 19-03-2026, 05:57 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 25-03-2026, 08:11 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 31-03-2026, 05:15 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 31-03-2026, 05:25 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 31-03-2026, 05:27 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 02-04-2026, 12:57 AM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 02-04-2026, 03:30 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 02-04-2026, 03:34 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 02-04-2026, 03:58 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - 09-04-2026, 03:45 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Glenlivet - 09-04-2026, 07:33 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 09-04-2026, 07:59 PM
RE: Adventure of sam and neha - by vishalisji - 12-04-2026, 01:04 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-04-2026, 12:02 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-04-2026, 12:22 PM
RE: Adventure of sam and neha - by Life_is_short - 15-04-2026, 12:25 PM
RE: Adventure of sam and neha - by sahebraopawar - Yesterday, 12:00 AM



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