20-02-2026, 03:44 PM
अब रात के 12 बज चुके थे।
मैं आधी नींद में था—दिमाग में वही विचार घूम रहे थे: वेटर, नेहा के अंडरगारमेंट्स, उसकी ब्रा की खुशबू, और वो सब कल्पनाएँ जो मुझे सोने नहीं दे रही थीं।
अचानक एक जोरदार म्यूजिक की आवाज़ आई—बेस हेवी, पार्टी वाला।
शायद बगल वाले कमरे से... या ऊपर से।
वीकेंड था, और ऐसे रिसॉर्ट में लोग गेटअवे के लिए आते हैं—पार्टी, ड्रिंक्स, लेट नाइट।
मैं तो सोचता हूँ कि अगर कोई डिस्टर्ब हो रहा है तो क्या फर्क पड़ता है... हम खुद भी तो अभी-अभी सोए हैं, लेकिन ये म्यूजिक ने मुझे पूरी तरह जगा दिया।
मैंने धीरे से नेहा को अपने से अलग किया—वो गहरी नींद में थी, सिर मेरी छाती पर टिका हुआ, एक हाथ मेरी कमर पर।
मैं नहीं चाहता था कि वो जागे।
धीरे-धीरे बिस्तर से उतरा, अभी भी नंगा।
वॉशरूम गया, एक लूज नाइट गाउन पहना—वो पतला वाला, जो मुश्किल से ढकता है।
सिगरेट का पैकेट उठाया और बालकनी की तरफ चला गया।
बाहर ठंडी हवा चल रही थी—रात की साइलेंस, सड़क पर बहुत कम गाड़ियाँ।
कूल ब्रिज़ ने मेरे चेहरे को छुआ, अच्छा लगा।
मैंने सिगरेट जलाई, एक गहरा कश लिया, धुआँ ऊपर की तरफ छोड़ा।
म्यूजिक अब और तेज़ लग रहा था—साफ-साफ सुनाई दे रहा था कि सोर्स कहाँ से आ रहा है।
बगल वाली बालकनी से।
उनका दरवाज़ा खुला हुआ था—लाइट्स ऑन, और अंदर से म्यूजिक और हँसी की आवाज़ें।
मैंने झुककर देखा।
वो आदमी वहाँ खड़ा था—वही, जो रिसेप्शन पर नेहा से बात करने की कोशिश कर रहा था।
लंबा, डार्क स्किन, सफेद बाल, लेट 50s में।
एक हाथ में ड्रिंक का ग्लास, दूसरे में सिगरेट।
वो बालकनी की रेलिंग पर टिका हुआ था, अकेला लग रहा था, लेकिन म्यूजिक उसके कमरे से आ रहा था—शायद अंदर कोई और भी हों।
वो मेरी तरफ देखा—एक सेकंड के लिए आँखें मिलीं।
उसने हल्के से सिर हिलाया, जैसे "हैलो" कह रहा हो, या शायद पहचान गया हो।
मैंने सिगरेट का एक और कश लिया, धुआँ उसके कमरे की तरफ फेंका।
दिमाग में फिर वही विचार घूमने लगा—ये आदमी... रिसेप्शन पर नेहा को देखकर कितनी देर तक घूर रहा था।
उसकी आँखें नेहा के चेहरे से नीचे सरक रही थीं—स्तनों पर, कमर पर।
शायद वो सोच रहा होगा कि नेहा जैसी औरत उसके साथ होती तो क्या होता।
या शायद वो अब भी कल्पना कर रहा हो—हमारे कमरे की आवाज़ें सुनकर, या नेहा के बारे में सोचकर।
मैंने सोचा—अगर वो जानता कि अभी कुछ घंटे पहले नेहा मेरे लुंड को चाट रही थी, मुँह में ले रही थी, दरवाज़े के पास झुककर मुझे अंदर ले रही थी... तो क्या करता?
शायद वो भी सिगरेट पीते हुए सोच रहा हो—नेहा की वो डार्क ब्राउन आँखें, वो होंठ, वो बॉडी।
वो आदमी अभी भी वहाँ था—अब उसने ग्लास उठाकर मेरी तरफ देखा, जैसे टोस्ट कर रहा हो।
मैंने बस मुस्कुरा दिया—एक छोटी सी, लेकिन मतलब वाली मुस्कान।
"हाउ आर यू, यंग मैन?" उसने कहा, आवाज़ में वो पुरानी वाली दोस्ताना लेकिन थोड़ी शरारती टोन।
हमारी बालकनियाँ अडजॉइनिंग थीं, लेकिन इतनी करीब नहीं—4th फ्लोर पर, बीच में एक छोटी सी गैप, हवा में ठंडी हवा बह रही थी।
मैंने सिगरेट का एक और कश लिया, धुआँ ऊपर फेंका, और मुस्कुराकर जवाब दिया,
"गुड... गुड।"
"सो व्हेयर आर यू फ्रॉम?"
"पुणे।"
"यू?"
"नागपुर।"
"गुड... एंजॉयिंग विद फ्रेंड्स?"
मैं जानता था वो अकेला नहीं था—रिसेप्शन पर मैंने देखा था, उसके साथ दो और आदमी थे। शायद अंदर बैठे होंगे, म्यूजिक सुनते हुए।
"यस," मैंने हल्के से कहा।
"व्हेयर आर योर ड्रिंक्स, यंग मैन?"
"ओवर हो गई... मैं सोने वाला था।"
"टू सून... दैट्स नॉट फेयर।"
उसने एक झटके में ग्लास उठाया, फिर मेरी तरफ देखकर विंक किया—बिना किसी शर्म के, बिल्कुल अपोलोजेटिक।
"यू हैव ब्यूटीफुल कंपनी... आई वुड हैव बीन अप ऑल नाइट अगर मैं तुम्हारी जगह होता।"
उसकी बात सुनकर मेरे अंदर एक अजीब सा जोश आया।
मैं रूड नहीं होना चाहता था किसी स्ट्रेंजर से, लेकिन एक तरफ से मुझे अच्छा लग रहा था—जब लोग नेहा को देखकर जलते हैं, उसकी खूबसूरती पर जलन महसूस करते हैं, और वो जलन उनके चेहरे पर साफ दिखती है।
ये मुझे पावरफुल फील कराता है।
नेहा मेरी है, और वो सब बस देख सकते हैं।
"व्हाट टू डू... बार क्लोज़्ड है, और ड्रिंक ओवर," मैंने कहा।
"व्हाट यू वर हैविंग?"
"बीयर।"
वो हँसा—एक गहरी, थकी हुई लेकिन खुश वाली हँसी।
"वेट..."
वो अंदर चला गया।
मैं बालकनी पर टिका रहा, सिगरेट खत्म करते हुए।
कुछ सेकंड बाद वो वापस आया—हाथ में एक फ्रेश कोल्ड बियर की बोतल।
उसने उसे मेरी तरफ बढ़ाया।
"हैव इट, यंग मैन।"
"नो, इट्स ओके..."
"नो नो... हैव इट।"
उसने फिर हँसा, "वी हैव गोडाउन," और जोर से हँसा—जैसे वो खुद को बहुत कूल फील कर रहा हो।
मैंने बोतल ली—ठंडी, ओस से भरी हुई।
हम दोनों ने बोतलें हवा में उठाईं—"चियर्स!"
मैंने एक घूँट लिया, ठंडी बीयर गले से नीचे उतरी।
वो भी पीया, फिर मुस्कुराकर बोला,
"आई एम अलोक, बाय द वे।"
"सैम," मैंने कहा।
"व्हाट यू डू, सैम?"
"आई एम इन आईटी।"
"ओह्ह... सो वीकेंड गेटअवे विद योर ब्यूटीफुल वाइफ।"
"यस," मैंने हल्के से कहा, मुस्कुराते हुए।
उसकी बातें बार-बार नेहा पर आ रही थीं—कैजुअली, बिना किसी डिसरिस्पेक्ट के।
जैसे कोई सामान्य बात कर रहा हो, लेकिन आँखों में वो चमक थी जो कह रही थी कि वो नेहा को अच्छे से नोटिस कर चुका है।
मुझे अच्छा लग रहा था—एक अजीब सा पावर फील, कि कोई और मेरी वाइफ की तारीफ कर रहा है, जल रहा है, लेकिन मुझे छू नहीं सकता।
"व्हाट यू गाइज़ डूइंग हियर?" मैंने पूछा, बात को आगे बढ़ाते हुए।
अलोक ने हँसा—एक गहरी, थकी हुई लेकिन मजेदार हँसी।
"हेहे... व्हाट ओल्ड गाइज़ डू विद फ्रेंड्स... दारू, बिरयानी एंड लड़की," उसने कैजुअली कहा, जैसे ये सबसे नॉर्मल बात हो।
उसके शब्द सुनते ही मेरे दिमाग में वो सीन फ्लैश हो गया—जो मैंने पहले नोटिस किया था लेकिन इग्नोर कर दिया था।
रिसेप्शन पर वो "Hiii" वाली आवाज़—यंग, अट्रैक्टिव, थोड़ी प्लेफुल।
मैंने सोचा था शायद कोई होटल स्टाफ है, या कोई और गेस्ट।
लेकिन अब... अलोक की बात सुनकर क्यूरियॉसिटी बढ़ गई।
क्या उसके साथ कोई लड़की है?
कितनी यंग? कितनी अट्रैक्टिव?
और वो "लड़की" का मतलब क्या है—कोई फ्रेंड, या कुछ और?
मैंने बीयर का एक और घूँट लिया, बालकनी की रेलिंग पर टिका रहा।
"सो... वो लड़की... तुम्हारे साथ है?" मैंने कैजुअली पूछा, जैसे बस बात चल रही हो।
अलोक ने ग्लास घुमाया, मुस्कुराया—एक शरारती वाली मुस्कान।
अलोक ने ग्लास घुमाते हुए कहा,
"यस... वो लड़की हमारे साथ है। बर्थडे प्रेजेंट है मेरे फ्रेंड्स ने दिया।"
"बर्थडे प्रेजेंट?" मैंने थोड़ा कन्फ्यूज होकर पूछा।
उसने खुद की तरफ इशारा किया—एक शरारती मुस्कान के साथ।
मैं समझ गया।
"ओह्ह... हैप्पी बर्थडे!" मैंने हँसते हुए कहा।
हम दोनों ने बोतलें उठाईं—बॉटम्स अप।
ठंडी बीयर गले से नीचे उतरी, और वो ठंडक अब मेरे दिमाग में भी फैल रही थी।
"सो... हाउ ओल्ड आर यू?" मैंने पूछा।
"58," उसने कैजुअली कहा, जैसे कोई बड़ी बात नहीं।
मैंने मन ही मन सोचा—ये तो मेरे पापा की उम्र के आसपास है।
लेकिन उसके चेहरे पर कोई थकान नहीं—बल्कि एक एनर्जी थी, वो जो पार्टी और ड्रिंक्स से आती है।
"थैंक्स फॉर द बियर," मैंने कहा, बोतल खत्म करते हुए।
अलोक ने फिर मुस्कुराया—वो वाली मुस्कान जो कुछ छुपा रही हो।
"यू कैन कम टू आवर रूम फॉर मोर बियर... द नाइट इज स्टिल यंग।"
"हम्म... लेकिन मेरी वाइफ सो गई है," मैंने कहा।
उसने कंधे उचकाए, फिर विंक किया—बिना किसी शर्म के।
"तो क्या हुआ... मैं तो उसे बुला नहीं रहा। वैसे भी हमारे कमरे में जो चल रहा है, वो किसी अच्छी-खासी औरत के देखने लायक नहीं है।"
उसकी ये बात सुनकर मेरी उत्सुकता और बढ़ गई।
अंदर क्या हो रहा होगा?
वो लड़की कौन है?
क्या सच में कुछ गर्मागर्म चल रहा है?
मेरा दिमाग अब तेज़ी से सोचने लगा।कितनी यंग? क्या वो सच में "प्रेजेंट" जैसी है—जैसे कोई एस्कॉर्ट, या कोई फ्रेंड जो पार्टी में एक्स्ट्रा मज़ा दे रही हो?
और "नॉट अप्रोप्रिएट फॉर डीसेंट लेडी"—मतलब क्या?
डांस? स्ट्रिप? या कुछ और... इंटेंस?
मेरा दिमाग अब तेज़ी से चल रहा था।
नेहा सो रही थी—शांत, अनजान।
मैं बालकनी पर खड़ा था, दिमाग में दो आवाज़ें लड़ रही थीं।
एक तरफ ब्रेन चिल्ला रहा था—ये गलत है, नेहा जाग गई तो क्या सोचेगी? कहाँ गया ये आदमी रात के 12 बजे? मैं कह दूँगा कि नींद नहीं आ रही थी, बाहर टहलने गया था... या बार में... या कुछ भी। लेकिन नेहा को शक हो सकता है।
दूसरी तरफ... मेरा लुंड।
तीसरी बार रात में हार्ड हो रहा था—ये मेरे लिए खुद का वर्ल्ड रिकॉर्ड था।
आज रात तक जो भी मज़ा मिला है—नेहा के साथ वो सब—वो मेरे दिमाग की वजह से नहीं, मेरे लुंड की वजह से मिला।
दिमाग तो वेटर को पीट-पीटकर वीकेंड खराब कर देता, लेकिन लुंड... लुंड जानता है कि मज़ा कहाँ है।
अलोक अभी भी बालकनी पर खड़ा था, मेरे जवाब का इंतज़ार कर रहा था।
उसकी आँखों में वो चमक थी—जैसे वो पहले से जानता हो कि मैं क्या सोच रहा हूँ।
मैंने साँस ली, और बोल दिया,
"ओके... तुम्हारा रूम नंबर क्या है?"
"411," उसने मुस्कुराकर कहा।
"ओके... वेट, मैं 15 मिनट में आता हूँ।"
मैं कमरे में वापस आया।
नेहा गहरी नींद में थी—नंगी, चादर थोड़ी सरकी हुई, स्तन हल्के से ऊपर-नीचे हो रहे थे साँसों के साथ।
मैंने धीरे से चादर ठीक की, उसे अच्छे से कवर किया ताकि वो कोज़ी रहे।
उसके माथे पर हल्का किस किया—वो सोते हुए भी हल्का सा मुस्कुराई।
फिर धीरे-धीरे मैंने मेन डोर खोला।
हाथ काँप रहे थे।
दरवाज़ा बंद किया, कॉरिडोर में निकला।
रात का सन्नाटा, सिर्फ़ एसी की हल्की आवाज़।
411 का दरवाज़ा ठीक बगल में था।
मैंने शेकिंग हैंड से डोरबेल दबाई।
अलोक ने तुरंत दरवाज़ा खोला।
अंदर से जोरदार म्यूजिक आ रहा था—धब चिक... धब चिक... बेस इतना हेवी कि सीने में महसूस हो रहा था।
और उसके साथ... लाउड मॉन्स।
एक औरत की आवाज़—ऊँची, रसीली, "आह्ह... हाँ... और जोर से..."
मेरा लुंड तुरंत ट्विच कर गया—एकदम सख्त।
अलोक ने मुझे अंदर आने का इशारा किया, मुस्कुराकर।
"आ गए यंग मैन... कम इन।"
मैं कदम रखा।
दरवाज़ा बंद हुआ।
और जैसे ही मैंने अंदर देखा... मेरी आँखें चौड़ी हो गईं।
शॉक में साँस रुक गई।
कमरे में ब्राइट लाइट थी—कोई डिम नहीं, फुल ऑन लाइट्स।
जैसे कोई स्टेज हो, और सब कुछ साफ-साफ दिख रहा हो।
बेड पर वो लड़की—बहुत यंग, बहुत अट्रैक्टिव, पूरी तरह नंगी।
वो चारों हाथ-पैरों पर थी—ऑन हर फोर्स।
उसके पीछे एक ब्राउन स्किन वाला पतला लड़का—शायद 45-46 का—जोर-जोर से धक्के दे रहा था।
हर थ्रस्ट के साथ उसकी बॉडी हिल रही थी, आहें निकल रही थीं।
सामने एक छोटा कद का आदमी—पेट बहुत बड़ा, पॉट जैसा—खड़ा था।
उसका लुंड हार्ड था, वो बस उसे लड़की के क्यूट फेस पर टैप कर रहा था—टिप से प्रीकम निकल रहा था, उसके गालों, होंठों पर फैला रहा था।
उसके हाथ में व्हिस्की का ग्लास था।
और पीछे वाला लड़का—जिसका लुंड अंदर था—उसने अपना व्हिस्की ग्लास लड़की की गांड पर रख दिया था।
ग्लास बैलेंस हो रहा था उसके मूवमेंट्स के साथ, जैसे कोई ट्रिक हो।
मैं अंदर घुसा।
सबने मुझे देखा।
आँखें मिलीं।
लेकिन कोई शॉक नहीं, कोई शर्म नहीं।
जैसे वो लोग सिर्फ़ कॉफी पी रहे हों, या टीवी देख रहे हों—न कि किसी लड़की को चोद रहे हों, जो उम्र में उनकी बेटी जितनी हो सकती है।
पीछे वाला लड़का—जिसका लुंड अंदर था—उसने ग्लास उठाया, मेरी तरफ देखकर बोला,
"दैट्स विशाल," और ग्लास फिर से लड़की की गांड पर रख दिया।
सामने वाला—पॉट वाला—मुझे देखकर बस भौंहें उठाईं, जैसे "हाय" कह रहा हो।
उसका फोकस लड़की के चेहरे पर था—अपने प्रीकम से उसके होंठों को पेंट कर रहा था।
फिर अलोक ने लड़की की तरफ देखकर कहा,
"और ये... क्या नाम बताया था Bhenchod इसने?"
विशाल ने हँसते हुए कहा,
"सैंडी... हेहे।"
"हाँ सैंडी... पता नहीं असली नाम है या आज रात का," अलोक ने कहा।
तब तक मुझे समझ आ गया—ये लड़की प्रॉस्टिट्यूट है।
पेड, पार्टी के लिए बुलाई गई।
बर्थडे गिफ्ट।
अलोक के फ्रेंड्स ने उसे दिया होगा—या शायद ग्रुप में शेयर कर रहे हैं।
सैंडी ने मुझे देखा—आँखें मिलीं।
उसकी आँखें थकी हुई लेकिन प्रोफेशनल थीं—कोई शर्म नहीं, बस काम कर रही थी।
वो मुस्कुराई हल्के से, जैसे कह रही हो "जॉइन कर लो"।
मेरा लुंड अब दर्द कर रहा था—तीसरी बार, और अब ये सब देखकर और भी सख्त।
दिमाग में नेहा का विचार आया—वो सो रही है, अनजान।
लेकिन यहाँ... यहाँ कुछ और चल रहा था।
अलोक ने मेरे कंधे पर हाथ रखा।
"बीयर ले लो, सैम। बैठो। एंजॉय करो।"
मैं बेड के पास वाली टेबल तक पहुँचा—जहाँ सारी बीयर की बोतलें रखी हुई थीं।
लेकिन मेरी आँखें एक सेकंड के लिए भी उस लड़की से हट नहीं रही थीं।
वो इतनी सेक्सी थी... इतनी... परफेक्ट।
फुल प्रोपोर्शनेट जिम बॉडी—कमर पतली, हिप्स चौड़े, लेकिन सब बैलेंस्ड।
वो चारों हाथ-पैरों पर थी, इसलिए उसके स्तन नीचे लटक रहे थे—भारी, गोल, निप्पल्स हार्ड और गुलाबी।
मिल्की व्हाइट स्किन—जैसे दूध में डूबी हो, लेकिन अब पूरी तरह रेड मार्क्स से भरी हुई।
हिक्कीज़—गले पर, कंधों पर, स्तनों के ऊपर—लाल-नीले निशान।
कंधों और गर्दन पर दाँतों के निशान—किसी ने जोर से काटा था।
उसका मेकअप पूरी तरह बिगड़ चुका था—काजल आँखों से बहकर गालों पर काली लाइनें बना रहा था, जो उसे और भी वाइल्ड और अट्रैक्टिव बना रहा था।
चेहरे पर कम के ट्रेस—सफेद लाइनें, कुछ सूख चुकी थीं, कुछ अभी गीली।
गालों पर, होंठों के किनारे, ठोड़ी पर—सब जगह फैली हुई।
वो पोज़िशन मेंटेन करना मुश्किल था—पीछे से धक्के, सामने से लुंड फेस पर टैप—लेकिन वो बैलेंस कर रही थी।
दोनों तरफ से दो लुंड—एक अंदर, एक मुँह के पास।
विशाल (पीछे वाला) ने फिर धक्का दिया—जोर से।
सैंडी की बॉडी हिली, स्तन लटके हुए हिले, एक आह निकली—"आह्ह... हाँ... फाड़ दो..."
डेविड (पॉट वाला) ने अपना लुंड उसके होंठों पर रगड़ा, प्रीकम फैलाते हुए।
"ओपन कर... और चूस।"
"ले लो, सैम। बैठ जाओ। अच्छा शो चल रहा है ना?"
मैंने बोतल ली, लेकिन बैठा नहीं।
बस खड़ा रहा—आँखें सैंडी पर।
उसकी स्किन पर पसीना चमक रहा था, बाल बिखरे हुए, साँसें तेज़।
वो मुझे देख रही थी—आँखें मिलीं, एक सेकंड के लिए।
उसकी आँखों में कोई शर्म नहीं—बस काम, और शायद थोड़ा सा प्लेज़र।
मेरा लुंड अब दर्द कर रहा था—नाइट गाउन के नीचे फड़क रहा था।
तीसरी बार...
विशाल ने ग्लास फिर से उसकी गांड पर रखा—बैलेंस करते हुए धक्के जारी।
मैं बीयर की बोतल हाथ में लेकर सोफे की तरफ चला गया।
अलोक मेरे साथ था—अब वो सिर्फ़ अंडरवियर में था।
उसका टेंट बहुत बड़ा था—बाहर से ही साफ़ दिख रहा था कि वो पूरी तरह हार्ड है।
मैंने सोफे पर होकर बीयर का एक घूँट लिया।
फिर बोतल को अपने पेल्विस पर रख दिया—जैसे ठंडक महसूस हो रही हो।
अचानक अलोक का हाथ मेरी क्रॉच की तरफ बढ़ा।
मैं एकदम अलर्ट हो गया—दिल धड़कने लगा।
लेकिन अगले ही सेकंड राहत हुई—उसने मेरी बीयर पकड़ ली।
"सैम... ये ठंडी नहीं रही... छोड़ दे," उसने कहा।
मैं इतना सैंडी को देखने में खोया हुआ था कि बीयर की टेम्परेचर का तो मुझे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था।
"इट्स ओके... चलो शॉट्स लेते हैं," मैंने कहा।
"नो नो... मैंने आज काफी पी ली है," मैंने मना किया।
"नहीं यार... ये मेरा बर्थडे है... मैं इंसिस्ट करता हूँ," अलोक ने कहा।
मैंने कुछ नहीं कहा—ना हाँ, ना ना।
बस चुप रहा।
"सैंडी... हमारे लिए कुछ शॉट्स बना!" अलोक ने जोर से चिल्लाया।
सैंडी तुरंत अलर्ट हो गई—वो अभी भी चारों हाथ-पैरों पर थी।
"अरे यार... मत कर... मैं तो मज़े में था bhenchod," डेविड ने शिकायत की।
"अरे यार... पूरी रात तेरी है... अगर तुझे पसंद आए तो मैं कल पूरे दिन के लिए उसे अकेले बुक कर दूँगा," अलोक ने कहा।
डेविड ने निराशा से सैंडी को छोड़ा—उसका लुंड अभी भी हार्ड, प्रीकम टपक रहा था।
वो और विशाल दोनों सोफे की तरफ आए।
सैंडी उठी—नंगी, बॉडी पर सारे निशान, चेहरा मेकअप से बिगड़ा हुआ, काजल बहा हुआ।
वो मिनी बार की तरफ गई।
इस बार मैंने उनके लुंड्स को अच्छे से नोटिस किया।
विशाल का—ब्राउन, अच्छा साइज़ लेकिन पतला, उसके बॉडी टाइप जैसा।
डेविड का—डार्क ब्लैक, पर्पल हेड वाला, मोटा और भारी, दोनों से प्रीकम लीक हो रहा था।
दोनों 2-सीटर सोफे पर बैठ गए—मेरे ठीक सामने।
मैं और अलोक दूसरे सोफे पर थे।
अचानक वो मेरे ठीक सामने आ खड़ी हुई—पूरी तरह नंगी।
मैं सोफे पर बैठा था, वो खड़ी—इसलिए उसकी चूत मेरे चेहरे के ठीक सामने, इतनी करीब कि उसकी गंध सीधे मेरी नाक में आ रही थी। गर्म, नमकीन, औरत की वो खास खुशबू—जो आज रात की मेहनत से और भी तेज़ हो गई थी।
इससे पहले मैंने ज़िंदगी में सिर्फ़ दो चूतें रियल लाइफ में देखी थीं—पहली अपनी कॉलेज गर्लफ्रेंड की, और दूसरी नेहा की।
दोनों के लिए मुझे बहुत स्ट्रगल करना पड़ा था—घंटों कोर्टिंग, इमोशनल गेम, प्यार का नाटक, और फिर भी बहुत मेहनत के बाद ही वो पल आया था।
लेकिन सैंडी की चूत... ये तो बस शीयर लक थी।
कोई मेहनत नहीं, कोई स्ट्रगल नहीं।
बस कमरे में घुसा, और वो मेरे सामने—नंगी, तैयार, खुशबू फैलाती हुई।
जैसे कोई गिफ्ट मिल गया हो—बिना किसी कोशिश के।
मैं बस उसे देखता रहा—यंग, हेयरलेस, गुलाबी, अभी भी गीली और चमकती हुई।
क्लिट थोड़ा बाहर निकला हुआ, जैसे अभी-अभी बहुत काम हुआ हो।
मेरा लुंड नाइट गाउन के नीचे फड़क रहा था—दर्द करने लगा था।
"सर... शॉट्स," उसने फिर धीरे से कहा।
मैंने ऊपर देखा—उसका सपाट पेट, पतली कमर, 36 साइज़ के भारी स्तन लटकते हुए, निप्पल्स हार्ड।
चेहरा—मुस्कान के साथ, लेकिन काजल बहा हुआ, होंठ सूजे, कम के निशान।
वो चेहरा... कहीं जाना-पहचाना लग रहा था, लेकिन नशे में याद नहीं आ रहा था।
मैं ट्रे की तरफ हाथ बढ़ाने ही वाला था कि पीछे से ज़ोरदार थप्पड़—फट्ट! सैंडी की गांड पर।
"ये तरीका है गेस्ट को ऑफर करने का? लेमन कहाँ है?" अलोक ने कहा।
"सॉरी... सॉरी," वो जल्दी से बोली।
ट्रे टेबल पर रखी, लेमन लेने बार एरिया गई।
उसकी गांड हिलती हुई—रेड मार्क्स से भरी, डांस करती हुई।
वो जल्दी लौटी, लेमन हाथ में।
उसने ग्लास उठाया।
मैंने हाथ बढ़ाया, लेकिन वो बोली,
"नो नो सर... जस्ट रिलैक्स।"
वो झुकी—स्तन मेरे चेहरे के सामने लटक आए।
ग्लास मेरे होंठों पर—शॉट गले में गया, जलन हुई।
फिर लेमन उसके मुँह में।
वो और झुकी—होंठ मेरे होंठों से मिले।
लेमन दबाया—खट्टा रस मेरे मुँह में।
और फिर गहरा किस।
हमारी जीभें लड़ रही थीं—लेमन के रस के साथ, उसके होंठों का स्वाद, कम का नमकीन।
मैंने उसके होंठ चूसे, जीभ अंदर डाली—जैसे लड़ रहे हों।
किस खत्म हुआ।
वो पीछे हटी, मुस्कुराई।
"अच्छा लगा सर?"
अलोक हँसा,
"देखा... सैंडी अच्छी सर्विस देती है।"
विशाल और डेविड भी हँसे।
सैंडी अब सामने खड़ी—इंतज़ार में।
मेरा लुंड अब फटने को तैयार।
नेहा कमरे में सो रही है...
और मैं यहाँ...
मैं आधी नींद में था—दिमाग में वही विचार घूम रहे थे: वेटर, नेहा के अंडरगारमेंट्स, उसकी ब्रा की खुशबू, और वो सब कल्पनाएँ जो मुझे सोने नहीं दे रही थीं।
अचानक एक जोरदार म्यूजिक की आवाज़ आई—बेस हेवी, पार्टी वाला।
शायद बगल वाले कमरे से... या ऊपर से।
वीकेंड था, और ऐसे रिसॉर्ट में लोग गेटअवे के लिए आते हैं—पार्टी, ड्रिंक्स, लेट नाइट।
मैं तो सोचता हूँ कि अगर कोई डिस्टर्ब हो रहा है तो क्या फर्क पड़ता है... हम खुद भी तो अभी-अभी सोए हैं, लेकिन ये म्यूजिक ने मुझे पूरी तरह जगा दिया।
मैंने धीरे से नेहा को अपने से अलग किया—वो गहरी नींद में थी, सिर मेरी छाती पर टिका हुआ, एक हाथ मेरी कमर पर।
मैं नहीं चाहता था कि वो जागे।
धीरे-धीरे बिस्तर से उतरा, अभी भी नंगा।
वॉशरूम गया, एक लूज नाइट गाउन पहना—वो पतला वाला, जो मुश्किल से ढकता है।
सिगरेट का पैकेट उठाया और बालकनी की तरफ चला गया।
बाहर ठंडी हवा चल रही थी—रात की साइलेंस, सड़क पर बहुत कम गाड़ियाँ।
कूल ब्रिज़ ने मेरे चेहरे को छुआ, अच्छा लगा।
मैंने सिगरेट जलाई, एक गहरा कश लिया, धुआँ ऊपर की तरफ छोड़ा।
म्यूजिक अब और तेज़ लग रहा था—साफ-साफ सुनाई दे रहा था कि सोर्स कहाँ से आ रहा है।
बगल वाली बालकनी से।
उनका दरवाज़ा खुला हुआ था—लाइट्स ऑन, और अंदर से म्यूजिक और हँसी की आवाज़ें।
मैंने झुककर देखा।
वो आदमी वहाँ खड़ा था—वही, जो रिसेप्शन पर नेहा से बात करने की कोशिश कर रहा था।
लंबा, डार्क स्किन, सफेद बाल, लेट 50s में।
एक हाथ में ड्रिंक का ग्लास, दूसरे में सिगरेट।
वो बालकनी की रेलिंग पर टिका हुआ था, अकेला लग रहा था, लेकिन म्यूजिक उसके कमरे से आ रहा था—शायद अंदर कोई और भी हों।
वो मेरी तरफ देखा—एक सेकंड के लिए आँखें मिलीं।
उसने हल्के से सिर हिलाया, जैसे "हैलो" कह रहा हो, या शायद पहचान गया हो।
मैंने सिगरेट का एक और कश लिया, धुआँ उसके कमरे की तरफ फेंका।
दिमाग में फिर वही विचार घूमने लगा—ये आदमी... रिसेप्शन पर नेहा को देखकर कितनी देर तक घूर रहा था।
उसकी आँखें नेहा के चेहरे से नीचे सरक रही थीं—स्तनों पर, कमर पर।
शायद वो सोच रहा होगा कि नेहा जैसी औरत उसके साथ होती तो क्या होता।
या शायद वो अब भी कल्पना कर रहा हो—हमारे कमरे की आवाज़ें सुनकर, या नेहा के बारे में सोचकर।
मैंने सोचा—अगर वो जानता कि अभी कुछ घंटे पहले नेहा मेरे लुंड को चाट रही थी, मुँह में ले रही थी, दरवाज़े के पास झुककर मुझे अंदर ले रही थी... तो क्या करता?
शायद वो भी सिगरेट पीते हुए सोच रहा हो—नेहा की वो डार्क ब्राउन आँखें, वो होंठ, वो बॉडी।
वो आदमी अभी भी वहाँ था—अब उसने ग्लास उठाकर मेरी तरफ देखा, जैसे टोस्ट कर रहा हो।
मैंने बस मुस्कुरा दिया—एक छोटी सी, लेकिन मतलब वाली मुस्कान।
"हाउ आर यू, यंग मैन?" उसने कहा, आवाज़ में वो पुरानी वाली दोस्ताना लेकिन थोड़ी शरारती टोन।
हमारी बालकनियाँ अडजॉइनिंग थीं, लेकिन इतनी करीब नहीं—4th फ्लोर पर, बीच में एक छोटी सी गैप, हवा में ठंडी हवा बह रही थी।
मैंने सिगरेट का एक और कश लिया, धुआँ ऊपर फेंका, और मुस्कुराकर जवाब दिया,
"गुड... गुड।"
"सो व्हेयर आर यू फ्रॉम?"
"पुणे।"
"यू?"
"नागपुर।"
"गुड... एंजॉयिंग विद फ्रेंड्स?"
मैं जानता था वो अकेला नहीं था—रिसेप्शन पर मैंने देखा था, उसके साथ दो और आदमी थे। शायद अंदर बैठे होंगे, म्यूजिक सुनते हुए।
"यस," मैंने हल्के से कहा।
"व्हेयर आर योर ड्रिंक्स, यंग मैन?"
"ओवर हो गई... मैं सोने वाला था।"
"टू सून... दैट्स नॉट फेयर।"
उसने एक झटके में ग्लास उठाया, फिर मेरी तरफ देखकर विंक किया—बिना किसी शर्म के, बिल्कुल अपोलोजेटिक।
"यू हैव ब्यूटीफुल कंपनी... आई वुड हैव बीन अप ऑल नाइट अगर मैं तुम्हारी जगह होता।"
उसकी बात सुनकर मेरे अंदर एक अजीब सा जोश आया।
मैं रूड नहीं होना चाहता था किसी स्ट्रेंजर से, लेकिन एक तरफ से मुझे अच्छा लग रहा था—जब लोग नेहा को देखकर जलते हैं, उसकी खूबसूरती पर जलन महसूस करते हैं, और वो जलन उनके चेहरे पर साफ दिखती है।
ये मुझे पावरफुल फील कराता है।
नेहा मेरी है, और वो सब बस देख सकते हैं।
"व्हाट टू डू... बार क्लोज़्ड है, और ड्रिंक ओवर," मैंने कहा।
"व्हाट यू वर हैविंग?"
"बीयर।"
वो हँसा—एक गहरी, थकी हुई लेकिन खुश वाली हँसी।
"वेट..."
वो अंदर चला गया।
मैं बालकनी पर टिका रहा, सिगरेट खत्म करते हुए।
कुछ सेकंड बाद वो वापस आया—हाथ में एक फ्रेश कोल्ड बियर की बोतल।
उसने उसे मेरी तरफ बढ़ाया।
"हैव इट, यंग मैन।"
"नो, इट्स ओके..."
"नो नो... हैव इट।"
उसने फिर हँसा, "वी हैव गोडाउन," और जोर से हँसा—जैसे वो खुद को बहुत कूल फील कर रहा हो।
मैंने बोतल ली—ठंडी, ओस से भरी हुई।
हम दोनों ने बोतलें हवा में उठाईं—"चियर्स!"
मैंने एक घूँट लिया, ठंडी बीयर गले से नीचे उतरी।
वो भी पीया, फिर मुस्कुराकर बोला,
"आई एम अलोक, बाय द वे।"
"सैम," मैंने कहा।
"व्हाट यू डू, सैम?"
"आई एम इन आईटी।"
"ओह्ह... सो वीकेंड गेटअवे विद योर ब्यूटीफुल वाइफ।"
"यस," मैंने हल्के से कहा, मुस्कुराते हुए।
उसकी बातें बार-बार नेहा पर आ रही थीं—कैजुअली, बिना किसी डिसरिस्पेक्ट के।
जैसे कोई सामान्य बात कर रहा हो, लेकिन आँखों में वो चमक थी जो कह रही थी कि वो नेहा को अच्छे से नोटिस कर चुका है।
मुझे अच्छा लग रहा था—एक अजीब सा पावर फील, कि कोई और मेरी वाइफ की तारीफ कर रहा है, जल रहा है, लेकिन मुझे छू नहीं सकता।
"व्हाट यू गाइज़ डूइंग हियर?" मैंने पूछा, बात को आगे बढ़ाते हुए।
अलोक ने हँसा—एक गहरी, थकी हुई लेकिन मजेदार हँसी।
"हेहे... व्हाट ओल्ड गाइज़ डू विद फ्रेंड्स... दारू, बिरयानी एंड लड़की," उसने कैजुअली कहा, जैसे ये सबसे नॉर्मल बात हो।
उसके शब्द सुनते ही मेरे दिमाग में वो सीन फ्लैश हो गया—जो मैंने पहले नोटिस किया था लेकिन इग्नोर कर दिया था।
रिसेप्शन पर वो "Hiii" वाली आवाज़—यंग, अट्रैक्टिव, थोड़ी प्लेफुल।
मैंने सोचा था शायद कोई होटल स्टाफ है, या कोई और गेस्ट।
लेकिन अब... अलोक की बात सुनकर क्यूरियॉसिटी बढ़ गई।
क्या उसके साथ कोई लड़की है?
कितनी यंग? कितनी अट्रैक्टिव?
और वो "लड़की" का मतलब क्या है—कोई फ्रेंड, या कुछ और?
मैंने बीयर का एक और घूँट लिया, बालकनी की रेलिंग पर टिका रहा।
"सो... वो लड़की... तुम्हारे साथ है?" मैंने कैजुअली पूछा, जैसे बस बात चल रही हो।
अलोक ने ग्लास घुमाया, मुस्कुराया—एक शरारती वाली मुस्कान।
अलोक ने ग्लास घुमाते हुए कहा,
"यस... वो लड़की हमारे साथ है। बर्थडे प्रेजेंट है मेरे फ्रेंड्स ने दिया।"
"बर्थडे प्रेजेंट?" मैंने थोड़ा कन्फ्यूज होकर पूछा।
उसने खुद की तरफ इशारा किया—एक शरारती मुस्कान के साथ।
मैं समझ गया।
"ओह्ह... हैप्पी बर्थडे!" मैंने हँसते हुए कहा।
हम दोनों ने बोतलें उठाईं—बॉटम्स अप।
ठंडी बीयर गले से नीचे उतरी, और वो ठंडक अब मेरे दिमाग में भी फैल रही थी।
"सो... हाउ ओल्ड आर यू?" मैंने पूछा।
"58," उसने कैजुअली कहा, जैसे कोई बड़ी बात नहीं।
मैंने मन ही मन सोचा—ये तो मेरे पापा की उम्र के आसपास है।
लेकिन उसके चेहरे पर कोई थकान नहीं—बल्कि एक एनर्जी थी, वो जो पार्टी और ड्रिंक्स से आती है।
"थैंक्स फॉर द बियर," मैंने कहा, बोतल खत्म करते हुए।
अलोक ने फिर मुस्कुराया—वो वाली मुस्कान जो कुछ छुपा रही हो।
"यू कैन कम टू आवर रूम फॉर मोर बियर... द नाइट इज स्टिल यंग।"
"हम्म... लेकिन मेरी वाइफ सो गई है," मैंने कहा।
उसने कंधे उचकाए, फिर विंक किया—बिना किसी शर्म के।
"तो क्या हुआ... मैं तो उसे बुला नहीं रहा। वैसे भी हमारे कमरे में जो चल रहा है, वो किसी अच्छी-खासी औरत के देखने लायक नहीं है।"
उसकी ये बात सुनकर मेरी उत्सुकता और बढ़ गई।
अंदर क्या हो रहा होगा?
वो लड़की कौन है?
क्या सच में कुछ गर्मागर्म चल रहा है?
मेरा दिमाग अब तेज़ी से सोचने लगा।कितनी यंग? क्या वो सच में "प्रेजेंट" जैसी है—जैसे कोई एस्कॉर्ट, या कोई फ्रेंड जो पार्टी में एक्स्ट्रा मज़ा दे रही हो?
और "नॉट अप्रोप्रिएट फॉर डीसेंट लेडी"—मतलब क्या?
डांस? स्ट्रिप? या कुछ और... इंटेंस?
मेरा दिमाग अब तेज़ी से चल रहा था।
नेहा सो रही थी—शांत, अनजान।
मैं बालकनी पर खड़ा था, दिमाग में दो आवाज़ें लड़ रही थीं।
एक तरफ ब्रेन चिल्ला रहा था—ये गलत है, नेहा जाग गई तो क्या सोचेगी? कहाँ गया ये आदमी रात के 12 बजे? मैं कह दूँगा कि नींद नहीं आ रही थी, बाहर टहलने गया था... या बार में... या कुछ भी। लेकिन नेहा को शक हो सकता है।
दूसरी तरफ... मेरा लुंड।
तीसरी बार रात में हार्ड हो रहा था—ये मेरे लिए खुद का वर्ल्ड रिकॉर्ड था।
आज रात तक जो भी मज़ा मिला है—नेहा के साथ वो सब—वो मेरे दिमाग की वजह से नहीं, मेरे लुंड की वजह से मिला।
दिमाग तो वेटर को पीट-पीटकर वीकेंड खराब कर देता, लेकिन लुंड... लुंड जानता है कि मज़ा कहाँ है।
अलोक अभी भी बालकनी पर खड़ा था, मेरे जवाब का इंतज़ार कर रहा था।
उसकी आँखों में वो चमक थी—जैसे वो पहले से जानता हो कि मैं क्या सोच रहा हूँ।
मैंने साँस ली, और बोल दिया,
"ओके... तुम्हारा रूम नंबर क्या है?"
"411," उसने मुस्कुराकर कहा।
"ओके... वेट, मैं 15 मिनट में आता हूँ।"
मैं कमरे में वापस आया।
नेहा गहरी नींद में थी—नंगी, चादर थोड़ी सरकी हुई, स्तन हल्के से ऊपर-नीचे हो रहे थे साँसों के साथ।
मैंने धीरे से चादर ठीक की, उसे अच्छे से कवर किया ताकि वो कोज़ी रहे।
उसके माथे पर हल्का किस किया—वो सोते हुए भी हल्का सा मुस्कुराई।
फिर धीरे-धीरे मैंने मेन डोर खोला।
हाथ काँप रहे थे।
दरवाज़ा बंद किया, कॉरिडोर में निकला।
रात का सन्नाटा, सिर्फ़ एसी की हल्की आवाज़।
411 का दरवाज़ा ठीक बगल में था।
मैंने शेकिंग हैंड से डोरबेल दबाई।
अलोक ने तुरंत दरवाज़ा खोला।
अंदर से जोरदार म्यूजिक आ रहा था—धब चिक... धब चिक... बेस इतना हेवी कि सीने में महसूस हो रहा था।
और उसके साथ... लाउड मॉन्स।
एक औरत की आवाज़—ऊँची, रसीली, "आह्ह... हाँ... और जोर से..."
मेरा लुंड तुरंत ट्विच कर गया—एकदम सख्त।
अलोक ने मुझे अंदर आने का इशारा किया, मुस्कुराकर।
"आ गए यंग मैन... कम इन।"
मैं कदम रखा।
दरवाज़ा बंद हुआ।
और जैसे ही मैंने अंदर देखा... मेरी आँखें चौड़ी हो गईं।
शॉक में साँस रुक गई।
कमरे में ब्राइट लाइट थी—कोई डिम नहीं, फुल ऑन लाइट्स।
जैसे कोई स्टेज हो, और सब कुछ साफ-साफ दिख रहा हो।
बेड पर वो लड़की—बहुत यंग, बहुत अट्रैक्टिव, पूरी तरह नंगी।
वो चारों हाथ-पैरों पर थी—ऑन हर फोर्स।
उसके पीछे एक ब्राउन स्किन वाला पतला लड़का—शायद 45-46 का—जोर-जोर से धक्के दे रहा था।
हर थ्रस्ट के साथ उसकी बॉडी हिल रही थी, आहें निकल रही थीं।
सामने एक छोटा कद का आदमी—पेट बहुत बड़ा, पॉट जैसा—खड़ा था।
उसका लुंड हार्ड था, वो बस उसे लड़की के क्यूट फेस पर टैप कर रहा था—टिप से प्रीकम निकल रहा था, उसके गालों, होंठों पर फैला रहा था।
उसके हाथ में व्हिस्की का ग्लास था।
और पीछे वाला लड़का—जिसका लुंड अंदर था—उसने अपना व्हिस्की ग्लास लड़की की गांड पर रख दिया था।
ग्लास बैलेंस हो रहा था उसके मूवमेंट्स के साथ, जैसे कोई ट्रिक हो।
मैं अंदर घुसा।
सबने मुझे देखा।
आँखें मिलीं।
लेकिन कोई शॉक नहीं, कोई शर्म नहीं।
जैसे वो लोग सिर्फ़ कॉफी पी रहे हों, या टीवी देख रहे हों—न कि किसी लड़की को चोद रहे हों, जो उम्र में उनकी बेटी जितनी हो सकती है।
पीछे वाला लड़का—जिसका लुंड अंदर था—उसने ग्लास उठाया, मेरी तरफ देखकर बोला,
"दैट्स विशाल," और ग्लास फिर से लड़की की गांड पर रख दिया।
सामने वाला—पॉट वाला—मुझे देखकर बस भौंहें उठाईं, जैसे "हाय" कह रहा हो।
उसका फोकस लड़की के चेहरे पर था—अपने प्रीकम से उसके होंठों को पेंट कर रहा था।
फिर अलोक ने लड़की की तरफ देखकर कहा,
"और ये... क्या नाम बताया था Bhenchod इसने?"
विशाल ने हँसते हुए कहा,
"सैंडी... हेहे।"
"हाँ सैंडी... पता नहीं असली नाम है या आज रात का," अलोक ने कहा।
तब तक मुझे समझ आ गया—ये लड़की प्रॉस्टिट्यूट है।
पेड, पार्टी के लिए बुलाई गई।
बर्थडे गिफ्ट।
अलोक के फ्रेंड्स ने उसे दिया होगा—या शायद ग्रुप में शेयर कर रहे हैं।
सैंडी ने मुझे देखा—आँखें मिलीं।
उसकी आँखें थकी हुई लेकिन प्रोफेशनल थीं—कोई शर्म नहीं, बस काम कर रही थी।
वो मुस्कुराई हल्के से, जैसे कह रही हो "जॉइन कर लो"।
मेरा लुंड अब दर्द कर रहा था—तीसरी बार, और अब ये सब देखकर और भी सख्त।
दिमाग में नेहा का विचार आया—वो सो रही है, अनजान।
लेकिन यहाँ... यहाँ कुछ और चल रहा था।
अलोक ने मेरे कंधे पर हाथ रखा।
"बीयर ले लो, सैम। बैठो। एंजॉय करो।"
मैं बेड के पास वाली टेबल तक पहुँचा—जहाँ सारी बीयर की बोतलें रखी हुई थीं।
लेकिन मेरी आँखें एक सेकंड के लिए भी उस लड़की से हट नहीं रही थीं।
वो इतनी सेक्सी थी... इतनी... परफेक्ट।
फुल प्रोपोर्शनेट जिम बॉडी—कमर पतली, हिप्स चौड़े, लेकिन सब बैलेंस्ड।
वो चारों हाथ-पैरों पर थी, इसलिए उसके स्तन नीचे लटक रहे थे—भारी, गोल, निप्पल्स हार्ड और गुलाबी।
मिल्की व्हाइट स्किन—जैसे दूध में डूबी हो, लेकिन अब पूरी तरह रेड मार्क्स से भरी हुई।
हिक्कीज़—गले पर, कंधों पर, स्तनों के ऊपर—लाल-नीले निशान।
कंधों और गर्दन पर दाँतों के निशान—किसी ने जोर से काटा था।
उसका मेकअप पूरी तरह बिगड़ चुका था—काजल आँखों से बहकर गालों पर काली लाइनें बना रहा था, जो उसे और भी वाइल्ड और अट्रैक्टिव बना रहा था।
चेहरे पर कम के ट्रेस—सफेद लाइनें, कुछ सूख चुकी थीं, कुछ अभी गीली।
गालों पर, होंठों के किनारे, ठोड़ी पर—सब जगह फैली हुई।
वो पोज़िशन मेंटेन करना मुश्किल था—पीछे से धक्के, सामने से लुंड फेस पर टैप—लेकिन वो बैलेंस कर रही थी।
दोनों तरफ से दो लुंड—एक अंदर, एक मुँह के पास।
विशाल (पीछे वाला) ने फिर धक्का दिया—जोर से।
सैंडी की बॉडी हिली, स्तन लटके हुए हिले, एक आह निकली—"आह्ह... हाँ... फाड़ दो..."
डेविड (पॉट वाला) ने अपना लुंड उसके होंठों पर रगड़ा, प्रीकम फैलाते हुए।
"ओपन कर... और चूस।"
"ले लो, सैम। बैठ जाओ। अच्छा शो चल रहा है ना?"
मैंने बोतल ली, लेकिन बैठा नहीं।
बस खड़ा रहा—आँखें सैंडी पर।
उसकी स्किन पर पसीना चमक रहा था, बाल बिखरे हुए, साँसें तेज़।
वो मुझे देख रही थी—आँखें मिलीं, एक सेकंड के लिए।
उसकी आँखों में कोई शर्म नहीं—बस काम, और शायद थोड़ा सा प्लेज़र।
मेरा लुंड अब दर्द कर रहा था—नाइट गाउन के नीचे फड़क रहा था।
तीसरी बार...
विशाल ने ग्लास फिर से उसकी गांड पर रखा—बैलेंस करते हुए धक्के जारी।
मैं बीयर की बोतल हाथ में लेकर सोफे की तरफ चला गया।
अलोक मेरे साथ था—अब वो सिर्फ़ अंडरवियर में था।
उसका टेंट बहुत बड़ा था—बाहर से ही साफ़ दिख रहा था कि वो पूरी तरह हार्ड है।
मैंने सोफे पर होकर बीयर का एक घूँट लिया।
फिर बोतल को अपने पेल्विस पर रख दिया—जैसे ठंडक महसूस हो रही हो।
अचानक अलोक का हाथ मेरी क्रॉच की तरफ बढ़ा।
मैं एकदम अलर्ट हो गया—दिल धड़कने लगा।
लेकिन अगले ही सेकंड राहत हुई—उसने मेरी बीयर पकड़ ली।
"सैम... ये ठंडी नहीं रही... छोड़ दे," उसने कहा।
मैं इतना सैंडी को देखने में खोया हुआ था कि बीयर की टेम्परेचर का तो मुझे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था।
"इट्स ओके... चलो शॉट्स लेते हैं," मैंने कहा।
"नो नो... मैंने आज काफी पी ली है," मैंने मना किया।
"नहीं यार... ये मेरा बर्थडे है... मैं इंसिस्ट करता हूँ," अलोक ने कहा।
मैंने कुछ नहीं कहा—ना हाँ, ना ना।
बस चुप रहा।
"सैंडी... हमारे लिए कुछ शॉट्स बना!" अलोक ने जोर से चिल्लाया।
सैंडी तुरंत अलर्ट हो गई—वो अभी भी चारों हाथ-पैरों पर थी।
"अरे यार... मत कर... मैं तो मज़े में था bhenchod," डेविड ने शिकायत की।
"अरे यार... पूरी रात तेरी है... अगर तुझे पसंद आए तो मैं कल पूरे दिन के लिए उसे अकेले बुक कर दूँगा," अलोक ने कहा।
डेविड ने निराशा से सैंडी को छोड़ा—उसका लुंड अभी भी हार्ड, प्रीकम टपक रहा था।
वो और विशाल दोनों सोफे की तरफ आए।
सैंडी उठी—नंगी, बॉडी पर सारे निशान, चेहरा मेकअप से बिगड़ा हुआ, काजल बहा हुआ।
वो मिनी बार की तरफ गई।
इस बार मैंने उनके लुंड्स को अच्छे से नोटिस किया।
विशाल का—ब्राउन, अच्छा साइज़ लेकिन पतला, उसके बॉडी टाइप जैसा।
डेविड का—डार्क ब्लैक, पर्पल हेड वाला, मोटा और भारी, दोनों से प्रीकम लीक हो रहा था।
दोनों 2-सीटर सोफे पर बैठ गए—मेरे ठीक सामने।
मैं और अलोक दूसरे सोफे पर थे।
अचानक वो मेरे ठीक सामने आ खड़ी हुई—पूरी तरह नंगी।
मैं सोफे पर बैठा था, वो खड़ी—इसलिए उसकी चूत मेरे चेहरे के ठीक सामने, इतनी करीब कि उसकी गंध सीधे मेरी नाक में आ रही थी। गर्म, नमकीन, औरत की वो खास खुशबू—जो आज रात की मेहनत से और भी तेज़ हो गई थी।
इससे पहले मैंने ज़िंदगी में सिर्फ़ दो चूतें रियल लाइफ में देखी थीं—पहली अपनी कॉलेज गर्लफ्रेंड की, और दूसरी नेहा की।
दोनों के लिए मुझे बहुत स्ट्रगल करना पड़ा था—घंटों कोर्टिंग, इमोशनल गेम, प्यार का नाटक, और फिर भी बहुत मेहनत के बाद ही वो पल आया था।
लेकिन सैंडी की चूत... ये तो बस शीयर लक थी।
कोई मेहनत नहीं, कोई स्ट्रगल नहीं।
बस कमरे में घुसा, और वो मेरे सामने—नंगी, तैयार, खुशबू फैलाती हुई।
जैसे कोई गिफ्ट मिल गया हो—बिना किसी कोशिश के।
मैं बस उसे देखता रहा—यंग, हेयरलेस, गुलाबी, अभी भी गीली और चमकती हुई।
क्लिट थोड़ा बाहर निकला हुआ, जैसे अभी-अभी बहुत काम हुआ हो।
मेरा लुंड नाइट गाउन के नीचे फड़क रहा था—दर्द करने लगा था।
"सर... शॉट्स," उसने फिर धीरे से कहा।
मैंने ऊपर देखा—उसका सपाट पेट, पतली कमर, 36 साइज़ के भारी स्तन लटकते हुए, निप्पल्स हार्ड।
चेहरा—मुस्कान के साथ, लेकिन काजल बहा हुआ, होंठ सूजे, कम के निशान।
वो चेहरा... कहीं जाना-पहचाना लग रहा था, लेकिन नशे में याद नहीं आ रहा था।
मैं ट्रे की तरफ हाथ बढ़ाने ही वाला था कि पीछे से ज़ोरदार थप्पड़—फट्ट! सैंडी की गांड पर।
"ये तरीका है गेस्ट को ऑफर करने का? लेमन कहाँ है?" अलोक ने कहा।
"सॉरी... सॉरी," वो जल्दी से बोली।
ट्रे टेबल पर रखी, लेमन लेने बार एरिया गई।
उसकी गांड हिलती हुई—रेड मार्क्स से भरी, डांस करती हुई।
वो जल्दी लौटी, लेमन हाथ में।
उसने ग्लास उठाया।
मैंने हाथ बढ़ाया, लेकिन वो बोली,
"नो नो सर... जस्ट रिलैक्स।"
वो झुकी—स्तन मेरे चेहरे के सामने लटक आए।
ग्लास मेरे होंठों पर—शॉट गले में गया, जलन हुई।
फिर लेमन उसके मुँह में।
वो और झुकी—होंठ मेरे होंठों से मिले।
लेमन दबाया—खट्टा रस मेरे मुँह में।
और फिर गहरा किस।
हमारी जीभें लड़ रही थीं—लेमन के रस के साथ, उसके होंठों का स्वाद, कम का नमकीन।
मैंने उसके होंठ चूसे, जीभ अंदर डाली—जैसे लड़ रहे हों।
किस खत्म हुआ।
वो पीछे हटी, मुस्कुराई।
"अच्छा लगा सर?"
अलोक हँसा,
"देखा... सैंडी अच्छी सर्विस देती है।"
विशाल और डेविड भी हँसे।
सैंडी अब सामने खड़ी—इंतज़ार में।
मेरा लुंड अब फटने को तैयार।
नेहा कमरे में सो रही है...
और मैं यहाँ...


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