14-02-2026, 08:59 AM
‘आग की रानी’ की सफलता के बाद शिवानी मुंबई की सबसे हॉट सनसनी बन चुकी थी। फैंस, मीडिया, और इंडस्ट्री – सब उसके पीछे पागल थे। प्रिंस अब बिजनेस और घर संभालता था, आरव और आराध्या कॉलेज-खेल में व्यस्त। शिवानी की प्यास अब स्टेज से ऊपर उठ चुकी थी – वो अब प्राइवेट पार्टियों में जाती, जहां अमीर लोग, सेलिब्रिटी, और हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स मिलते। एक रात मुंबई के एक सबसे एक्सक्लूसिव क्लब में प्राइवेट पार्टी का इनवाइट आया – सिर्फ VIPs के लिए, कोई मीडिया नहीं। शिवानी ने प्रिंस से कहा, “आज अकेली जाऊँगी। तुम घर पर रहो… बच्चों के साथ।” प्रिंस ने मुस्कुरा कर कहा, “ठीक है जान… लेकिन डिटेल्स बताना।” शिवानी ने आँख मारी – “पक्का।”
पार्टी में शिवानी काली मिनी ड्रेस में आई – डीप नेक, बैकलेस, स्लिट से टाँगें। उसके स्तन उभरे हुए, कमर पतली, कूल्हे गोल। क्लब अंधेरा था – लाल लाइट्स, लाउड म्यूजिक, लोग नाच रहे थे। शिवानी बार पर गई – वाइन ऑर्डर की। तभी एक आदमी पास आया – नाम था जेम्स। अफ्रीकी, 35 साल का, 6 फीट 5 इंच लंबा, काला रंग, मस्कुलर बॉडी, चौड़ा सीना, मजबूत बाहें, छोटी दाढ़ी। वो दुबई से आया था – बिजनेसमैन, लेकिन पार्टी में मजा लेने। उसकी आँखें शिवानी पर टिक गईं। “हैलो… तुम शिवानी हो ना? फिल्म स्टार।” उसकी आवाज गहरी, भारी। शिवानी मुस्कुराई – “हाँ… और तुम?” जेम्स ने कहा, “जेम्स… अफ्रीका से। मैंने तुम्हारी फिल्म देखी… तुम्हारी बॉडी… कमाल है।” शिवानी की साँसें तेज हो गईं। जेम्स का लहजा डायरेक्ट था – “मैं तुझे चाहता हूँ… आज रात। पैसे दूँगा… जितने कहो।” शिवानी ने सोचा – “ये नया… अफ्रीकी… बड़ा… गहरा…” वो बोली, “50 हजार डॉलर… और मुझे संतुष्ट करो।” जेम्स हँसा – “डील।”
जेम्स ने शिवानी को क्लब के प्राइवेट सुइट में ले जाया – बड़ा बेड, मिरर दीवारें, मंद लाइट्स। दरवाजा बंद। जेम्स ने शिवानी को दीवार से सटा दिया। चुंबन शुरू – जंगली। उसकी जीभ शिवानी के मुँह में घुस गई, गले तक। शिवानी सिसकारी, “आह… जेम्स… गहरा…” जेम्स की बड़ी-बड़ी हथेलियाँ शिवानी की कमर पर – दबा रहा था। ड्रेस ऊपर की। शिवानी की पैंटी गीली। जेम्स ने ड्रेस फाड़ दी। शिवानी नंगी। उसके बड़े हाथों ने शिवानी के स्तनों को पकड़ा – इतना जोर से कि शिवानी चीखी, “आह… दबाओ… मेरे स्तन… फाड़ दो…” जेम्स ने मुँह में लिया – चूसने लगा, काटने लगा। शिवानी की सिसकारियाँ – “उफ्फ… जेम्स… चूसो… मेरे निप्पल्स… दर्द दो…” जेम्स ने दाँत से खींचा – दर्द इतना कि शिवानी की आँखों में आँसू, लेकिन चूत से पानी बह रहा था।
जेम्स ने शिवानी को बेड पर पटका। टाँगें फैलाईं। उसकी जीभ चूत पर – क्लिट चूसने लगा। शिवानी चीखी, “आह… जेम्स… जीभ अंदर… चाटो मेरी चूत… रस पी लो…” जेम्स ने उँगलियाँ डालीं – चार, तेज-तेज। शिवानी का शरीर काँप रहा था – “आह… उँगलियाँ… और तेज… मेरी चूत… फाड़ो…” वो झड़ गई – पानी जेम्स के मुँह पर। जेम्स ने पैंट उतारी। लंड बाहर – 12 इंच, सबसे मोटा, काला, नसें फूली। शिवानी की आँखें फैल गईं – “जेम्स… ये… नहीं आएगा…” जेम्स हँसा – “आएगा… और फाड़ेगा।”
जेम्स ने लंड चूत पर रगड़ा – क्लिट पर दबाव। शिवानी तड़प रही थी – “डालो… सहन नहीं होता…” जेम्स ने सिर डाला – धीरे-धीरे। शिवानी की चूत स्ट्रेच हो गई – दर्द इतना कि वो चीखी, “आआआह्ह… दर्द… फाड़ रहा है… लेकिन… मत रुको… पूरा…” जेम्स ने आधा अंदर किया, रुका। शिवानी की साँसें तेज – “जेम्स… महसूस कर… तेरा लंड मेरी चूत में… हर नस… गहरा…” जेम्स ने पूरा अंदर कर दिया। शिवानी का शरीर आर्क हो गया – दर्द और मजा का तूफान। “आह… पूरा… अब धक्के… जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…”
जेम्स ने धक्के शुरू किए – स्लो लेकिन बेहद गहरे। हर धक्के में पूरा बाहर, फिर पूरा अंदर। शिवानी की चूत उसके लंड को निचोड़ रही थी। “जेम्स… गहरा… महसूस कर… मेरी चूत तेरे लंड को प्यार कर रही है… अब तेज… फाड़ दो…” जेम्स ने स्पीड बढ़ाई – अब क्रूर धक्के। बेड हिल रहा था। थप-थप की आवाज कमरे में गूँज रही थी। शिवानी की छाती उछल रही थी। वो जेम्स की पीठ पर नाखून गाड़ रही थी – खून निकल आया। “जेम्स… जोर से… मेरी चूत… तेरे लंड के लिए बनी है… आह… हाँ… और गहरा… मैं झड़ रही हूँ…” शिवानी झड़ गई – उसकी चूत सिकुड़ी, पानी बहा। जेम्स नहीं रुका – और तेज। शिवानी की आँखें बंद, मुस्कान – “फाड़ दो… दर्द दो… मजा दो… मैं तेरी हूँ…”
पोजीशन बदली – शिवानी ऊपर। वो उछलने लगी – लंड अंदर-बाहर। “जेम्स… देख… मैं तेरे लंड पर नाच रही हूँ… मेरी चूत… तेरे लंड को निचोड़ रही है… आह… हाँ…” जेम्स नीचे से धक्के मार रहा था, शिवानी के कूल्हे पकड़े। वो शिवानी के स्तनों को दबा रहा था, निप्पल्स काट रहा था। शिवानी फिर झड़ गई – पानी जेम्स के लंड पर।
फिर डॉगी – शिवानी घुटनों पर। जेम्स पीछे से। बाल पकड़े। गांड पर थप्पड़ – जोरदार। शिवानी की गांड लाल। “तेरी गांड… आज इसे भी फाड़ूँगा।” जेम्स ने लुब्रिकेंट लगाया – उँगली से शिवानी की गांड में। शिवानी सिसकारी, “हाँ… उँगली… और अंदर… तैयार कर…” जेम्स ने लंड सिर डाला – धीरे-धीरे पूरा अंदर। शिवानी दर्द से चीखी – “आह… दर्द… फाड़ रहा है… लेकिन… मत रुको… पूरा… फाड़ दो मेरी गांड…” जेम्स ने धक्के शुरू – गहरे, तेज। शिवानी की चीखें मजा में – “उफ्फ… जेम्स… मेरी गांड… चोदो… जोर से… थप्पड़ मारो… बाल खींचो… आह… हाँ… मैं फिर झड़ रही हूँ…” जेम्स ने स्पीड बढ़ाई – हर धक्के में उसका शरीर शिवानी की गांड से टकराता। शिवानी का शरीर पसीने से तर, आँखें नम, लेकिन वो चिल्ला रही थी, “स्पर्म… मेरी गांड में… भर दो… गरम स्पर्म… आह…”
जेम्स ने जोर का धक्का मारा – गरम स्पर्म शिवानी की गांड में छोड़ दिया। शिवानी काँप उठी – उसका सबसे गहरा ऑर्गेज्म। दोनों थक कर लेटे। जेम्स ने कहा, “शिवानी… तू सबसे अच्छी है। पैसे… 1 लाख डॉलर।” शिवानी मुस्कुराई – “अगली बार और ज्यादा।” वो उठी, कपड़े पहने। घर लौटी। प्रिंस इंतजार कर रहा था। शिवानी ने सब बताया – “प्रिंस… आज एक अफ्रीकी मर्द ने मुझे चोदा… इतना गहरा… इतना मोटा…” प्रिंस उत्तेजित हो गया – “जान… डिटेल्स…” शिवानी ने बताते हुए प्रिंस को चोदा। दोनों झड़े।
पार्टी में शिवानी काली मिनी ड्रेस में आई – डीप नेक, बैकलेस, स्लिट से टाँगें। उसके स्तन उभरे हुए, कमर पतली, कूल्हे गोल। क्लब अंधेरा था – लाल लाइट्स, लाउड म्यूजिक, लोग नाच रहे थे। शिवानी बार पर गई – वाइन ऑर्डर की। तभी एक आदमी पास आया – नाम था जेम्स। अफ्रीकी, 35 साल का, 6 फीट 5 इंच लंबा, काला रंग, मस्कुलर बॉडी, चौड़ा सीना, मजबूत बाहें, छोटी दाढ़ी। वो दुबई से आया था – बिजनेसमैन, लेकिन पार्टी में मजा लेने। उसकी आँखें शिवानी पर टिक गईं। “हैलो… तुम शिवानी हो ना? फिल्म स्टार।” उसकी आवाज गहरी, भारी। शिवानी मुस्कुराई – “हाँ… और तुम?” जेम्स ने कहा, “जेम्स… अफ्रीका से। मैंने तुम्हारी फिल्म देखी… तुम्हारी बॉडी… कमाल है।” शिवानी की साँसें तेज हो गईं। जेम्स का लहजा डायरेक्ट था – “मैं तुझे चाहता हूँ… आज रात। पैसे दूँगा… जितने कहो।” शिवानी ने सोचा – “ये नया… अफ्रीकी… बड़ा… गहरा…” वो बोली, “50 हजार डॉलर… और मुझे संतुष्ट करो।” जेम्स हँसा – “डील।”
जेम्स ने शिवानी को क्लब के प्राइवेट सुइट में ले जाया – बड़ा बेड, मिरर दीवारें, मंद लाइट्स। दरवाजा बंद। जेम्स ने शिवानी को दीवार से सटा दिया। चुंबन शुरू – जंगली। उसकी जीभ शिवानी के मुँह में घुस गई, गले तक। शिवानी सिसकारी, “आह… जेम्स… गहरा…” जेम्स की बड़ी-बड़ी हथेलियाँ शिवानी की कमर पर – दबा रहा था। ड्रेस ऊपर की। शिवानी की पैंटी गीली। जेम्स ने ड्रेस फाड़ दी। शिवानी नंगी। उसके बड़े हाथों ने शिवानी के स्तनों को पकड़ा – इतना जोर से कि शिवानी चीखी, “आह… दबाओ… मेरे स्तन… फाड़ दो…” जेम्स ने मुँह में लिया – चूसने लगा, काटने लगा। शिवानी की सिसकारियाँ – “उफ्फ… जेम्स… चूसो… मेरे निप्पल्स… दर्द दो…” जेम्स ने दाँत से खींचा – दर्द इतना कि शिवानी की आँखों में आँसू, लेकिन चूत से पानी बह रहा था।
जेम्स ने शिवानी को बेड पर पटका। टाँगें फैलाईं। उसकी जीभ चूत पर – क्लिट चूसने लगा। शिवानी चीखी, “आह… जेम्स… जीभ अंदर… चाटो मेरी चूत… रस पी लो…” जेम्स ने उँगलियाँ डालीं – चार, तेज-तेज। शिवानी का शरीर काँप रहा था – “आह… उँगलियाँ… और तेज… मेरी चूत… फाड़ो…” वो झड़ गई – पानी जेम्स के मुँह पर। जेम्स ने पैंट उतारी। लंड बाहर – 12 इंच, सबसे मोटा, काला, नसें फूली। शिवानी की आँखें फैल गईं – “जेम्स… ये… नहीं आएगा…” जेम्स हँसा – “आएगा… और फाड़ेगा।”
जेम्स ने लंड चूत पर रगड़ा – क्लिट पर दबाव। शिवानी तड़प रही थी – “डालो… सहन नहीं होता…” जेम्स ने सिर डाला – धीरे-धीरे। शिवानी की चूत स्ट्रेच हो गई – दर्द इतना कि वो चीखी, “आआआह्ह… दर्द… फाड़ रहा है… लेकिन… मत रुको… पूरा…” जेम्स ने आधा अंदर किया, रुका। शिवानी की साँसें तेज – “जेम्स… महसूस कर… तेरा लंड मेरी चूत में… हर नस… गहरा…” जेम्स ने पूरा अंदर कर दिया। शिवानी का शरीर आर्क हो गया – दर्द और मजा का तूफान। “आह… पूरा… अब धक्के… जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…”
जेम्स ने धक्के शुरू किए – स्लो लेकिन बेहद गहरे। हर धक्के में पूरा बाहर, फिर पूरा अंदर। शिवानी की चूत उसके लंड को निचोड़ रही थी। “जेम्स… गहरा… महसूस कर… मेरी चूत तेरे लंड को प्यार कर रही है… अब तेज… फाड़ दो…” जेम्स ने स्पीड बढ़ाई – अब क्रूर धक्के। बेड हिल रहा था। थप-थप की आवाज कमरे में गूँज रही थी। शिवानी की छाती उछल रही थी। वो जेम्स की पीठ पर नाखून गाड़ रही थी – खून निकल आया। “जेम्स… जोर से… मेरी चूत… तेरे लंड के लिए बनी है… आह… हाँ… और गहरा… मैं झड़ रही हूँ…” शिवानी झड़ गई – उसकी चूत सिकुड़ी, पानी बहा। जेम्स नहीं रुका – और तेज। शिवानी की आँखें बंद, मुस्कान – “फाड़ दो… दर्द दो… मजा दो… मैं तेरी हूँ…”
पोजीशन बदली – शिवानी ऊपर। वो उछलने लगी – लंड अंदर-बाहर। “जेम्स… देख… मैं तेरे लंड पर नाच रही हूँ… मेरी चूत… तेरे लंड को निचोड़ रही है… आह… हाँ…” जेम्स नीचे से धक्के मार रहा था, शिवानी के कूल्हे पकड़े। वो शिवानी के स्तनों को दबा रहा था, निप्पल्स काट रहा था। शिवानी फिर झड़ गई – पानी जेम्स के लंड पर।
फिर डॉगी – शिवानी घुटनों पर। जेम्स पीछे से। बाल पकड़े। गांड पर थप्पड़ – जोरदार। शिवानी की गांड लाल। “तेरी गांड… आज इसे भी फाड़ूँगा।” जेम्स ने लुब्रिकेंट लगाया – उँगली से शिवानी की गांड में। शिवानी सिसकारी, “हाँ… उँगली… और अंदर… तैयार कर…” जेम्स ने लंड सिर डाला – धीरे-धीरे पूरा अंदर। शिवानी दर्द से चीखी – “आह… दर्द… फाड़ रहा है… लेकिन… मत रुको… पूरा… फाड़ दो मेरी गांड…” जेम्स ने धक्के शुरू – गहरे, तेज। शिवानी की चीखें मजा में – “उफ्फ… जेम्स… मेरी गांड… चोदो… जोर से… थप्पड़ मारो… बाल खींचो… आह… हाँ… मैं फिर झड़ रही हूँ…” जेम्स ने स्पीड बढ़ाई – हर धक्के में उसका शरीर शिवानी की गांड से टकराता। शिवानी का शरीर पसीने से तर, आँखें नम, लेकिन वो चिल्ला रही थी, “स्पर्म… मेरी गांड में… भर दो… गरम स्पर्म… आह…”
जेम्स ने जोर का धक्का मारा – गरम स्पर्म शिवानी की गांड में छोड़ दिया। शिवानी काँप उठी – उसका सबसे गहरा ऑर्गेज्म। दोनों थक कर लेटे। जेम्स ने कहा, “शिवानी… तू सबसे अच्छी है। पैसे… 1 लाख डॉलर।” शिवानी मुस्कुराई – “अगली बार और ज्यादा।” वो उठी, कपड़े पहने। घर लौटी। प्रिंस इंतजार कर रहा था। शिवानी ने सब बताया – “प्रिंस… आज एक अफ्रीकी मर्द ने मुझे चोदा… इतना गहरा… इतना मोटा…” प्रिंस उत्तेजित हो गया – “जान… डिटेल्स…” शिवानी ने बताते हुए प्रिंस को चोदा। दोनों झड़े।


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