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Romance शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी
#35
शिवानी की गर्भावस्था अब 9 महीने पूरे होने वाली थी। रोहन मेहरा का बच्चा पेट में पल रहा था – वो बच्चा जो शिवानी की जिंदगी का सबसे बड़ा राज था। प्रिंस ने सब माफ कर दिया था। वो कहता, “जान… बच्चा चाहे किसी का भी हो… वो हमारा है। मैं उसे अपना बेटा/बेटी मानूँगा।” शिवानी रोती, लेकिन खुश भी थी। आरव अब 5 साल का हो गया था – कॉलेज जाता, मम्मी-पापा के साथ खेलता, और कभी-कभी पूछता, “मम्मी… पेट में कौन है?” शिवानी मुस्कुराकर कहती, “तेरा छोटा भाई या बहन… जल्दी आएगा।”
एक रात शिवानी को दर्द शुरू हुआ। प्रिंस घबरा गया – “जान… चलो अस्पताल!” कार में रोहन को फोन किया गया। रोहन मुंबई से तुरंत फ्लाइट ली और पटना पहुँचा। अस्पताल में शिवानी का ऑपरेशन हुआ – सी-सेक्शन। बच्ची हुई – गोरी, काली आँखें, रोहन जैसी नाक। नाम रखा गया “आराध्या”। शिवानी ने बच्ची को गोद में लिया, आँसू बहाए – “ये… रोहन का है… लेकिन हमारा भी।” प्रिंस ने बच्ची को देखा, मुस्कुराया – “बहुत सुंदर है… हमारी बेटी।” आरव ने बहन को देखकर खुशी से ताली बजाई – “बहन आई!”
रोहन अस्पताल में था। वो शिवानी के पास बैठा – “शिवानी… ये मेरी बेटी है। मैंने वादा किया था… मैं तुझे और तुम्हारे परिवार को दुनिया दूँगा।” उसने प्रिंस की तरफ देखा – “प्रिंस… तूने सब सह लिया। अब मैं एक गिफ्ट दे रहा हूँ।” रोहन ने एक डॉक्यूमेंट निकाला – मुंबई में एक लग्जरी विला का पेपर। “ये मुंबई के बांद्रा में है – 5 बेडरूम, प्राइवेट बीच एक्सेस, इन्फिनिटी पूल, गार्डन। 50 करोड़ का। अब ये तुम्हारा है।” प्रिंस चौंक गया – “रोहन जी… इतना बड़ा गिफ्ट?” रोहन बोला, “ये मेरी बेटी के लिए है… और शिवानी के लिए। तुम सब मुंबई आ जाओ। मैंने सब तैयार कर दिया है।”
कुछ हफ्ते बाद परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया। नया विला – समुद्र किनारे, हवा में नमकीन खुशबू। आरव और आराध्या के लिए बड़ा प्ले रूम। शिवानी अब माँ थी – लेकिन उसकी भूख अभी भी जिंदा थी। रोहन अब हर हफ्ते मुंबई आता। एक रात रोहन आया। आरव और आराध्या सो चुके थे। प्रिंस ने कहा, “रोहन जी… आज रात आप हमारे साथ।” शिवानी ने मुस्कुरा कर कहा, “प्रिंस… आज तू देखेगा… रोहन मुझे चोदेगा… और तुझे मजा आएगा।”
बेडरूम में। शिवानी ने ब्लैक लेस की नाइटी पहनी थी – पारदर्शी, उसके भरे स्तन (दूध से) और गीली चूत साफ दिख रही थी। रोहन ने उसे बाहों में लिया। चुंबन शुरू – गहरा, जीभें लड़ रही थीं। रोहन की जीभ शिवानी के मुँह में घुस गई, गले तक। शिवानी सिसकारी, “आह… रोहन… गहरा… और जोर से…” रोहन ने नाइटी उतार दी। शिवानी नंगी – स्तन भरे, निप्पल्स से दूध टपक रहा था। रोहन ने स्तनों को दबाया – दूध निकला। वो मुँह में लिया – चूसने लगा। शिवानी चीखी, “आह… चूसो… मेरे दूध… पी लो… आराध्या के लिए बचा हुआ…” रोहन ने जोर से चूसा, दूध उसके मुँह में आया। शिवानी की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। प्रिंस बाहर से देख रहा था – उसका लंड सख्त।
रोहन ने शिवानी को बेड पर लिटाया। टाँगें फैलाईं। चूत पर जीभ डाली – क्लिट चूसने लगा। शिवानी चीखी, “आह… रोहन… जीभ अंदर… चाटो मेरी चूत… रस पी लो…” रोहन ने उँगलियाँ डालीं – तीन, तेज-तेज। शिवानी झड़ गई – पानी निकला। “प्रिंस… देख… रोहन मेरी चूत चाट रहा है…” प्रिंस हिलाने लगा।
रोहन ने लंड निकाला – 9 इंच, मोटा। शिवानी ने देखा, “रोहन… डालो…” रोहन ने लंड चूत में डाला – पूरा। शिवानी चीखी, “आआह्ह… गहरा… फाड़ दो…” रोहन धक्के मारने लगा – जोरदार। शिवानी चिल्लाई, “प्रिंस… देख… रोहन मुझे चोद रहा है… उसका लंड मेरी चूत में… मजा आ रहा है…” रोहन ने स्पीड बढ़ाई – थप-थप। शिवानी झड़ गई। रोहन ने स्पर्म अंदर छोड़ा।
फिर डॉगी – शिवानी घुटनों पर। रोहन पीछे से। बाल पकड़े। गांड पर थप्पड़। शिवानी चीखी, “आह… गांड में भी…” रोहन ने लंड गांड में डाला। शिवानी दर्द से चीखी – “आह… फाड़ दो…” रोहन धक्के मारने लगा। शिवानी की चीखें मजा में – “उफ्फ… रोहन… मेरी गांड… चोदो… जोर से…” रोहन ने स्पर्म गांड में छोड़ा। शिवानी झड़ गई।
रात भर चली। रोहन ने शिवानी को कई बार चोदा – चूत, गांड, मुँह। प्रिंस देखता रहा, हिलाता रहा। सुबह रोहन बोला, “शिवानी… ये बच्ची मेरी है… लेकिन मैं तुम्हें और प्रिंस को कभी नहीं छोड़ूँगा।” शिवानी ने रोहन को किस किया – “रोहन… तू हमारा है… हम तेरे हैं।”
आरव और आराध्या बड़े हो रहे थे – अमीर घर में। शिवानी की प्यास अब तीनों से मिट रही थी – प्रिंस, रोहन, और कभी-कभी अब्दुल्लाह का कॉल। लेकिन अब सब खुश थे – पैसा, सेक्स, और परिवार।
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RE: शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी - by Shivani4u - 14-02-2026, 08:24 AM



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