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Romance शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी
#31
अब्दुल्लाह के साथ दुबई की वो रातें और 1 मिलियन डॉलर का गिफ्ट शिवानी और प्रिंस की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल चुका था। पटना में उनका नया विला अब लग्जरी का प्रतीक बन चुका था – बड़ा स्विमिंग पूल, प्राइवेट जिम, गार्डन, और आरव के लिए सबसे अच्छा प्ले रूम। प्रिंस अब बिजनेस में था – अब्दुल्लाह के कनेक्शन से विदेशी इन्वेस्टमेंट आ रहे थे। वो अमीर हो चुके थे, लेकिन शिवानी की आँखों में वो पुरानी भूख कभी कम नहीं हुई। प्रिंस अब उसका गुलाम बन चुका था – घर में वो शिवानी के हर आदेश मानता। लेकिन शिवानी को लगता – “ये सब अच्छा है… लेकिन मुझे और चाहिए… वो थ्रिल… वो नई बॉडी… वो नया आदमी जो मुझे पूरी तरह तोड़ दे।”
एक दिन प्रिंस ने बताया, “जान… एक बड़ा बिजनेसमैन पटना आ रहा है। नाम है रोहन मेहरा। मुंबई का। रियल एस्टेट का बड़ा प्लेयर। वो हमारे साथ पार्टनरशिप करना चाहता है। कल डिनर पर आएगा।” शिवानी की आँखें चमक उठीं। रोहन मेहरा – 42 साल का, लंबा, फिट, चेहरा तेज, आँखें शार्प। वो अमीर था – करोड़ों की प्रॉपर्टी, लेकिन उसकी अफवाह थी कि वो औरतों का शौकीन है। शिवानी ने सोचा, “ये मौका है… नया अफेयर… नया मजा।”
कल शाम रोहन आया – ब्लैक सूट में, महँगी घड़ी, मुस्कान आकर्षक। आरव ने उसे “अंकल” कहकर गले लगाया। डिनर के दौरान रोहन शिवानी को देखता रहा – उसकी साड़ी में उभरे स्तन, पतली कमर, गोल कूल्हे। शिवानी ने भी उसे देखा – उसकी चौड़ी छाती, मजबूत हाथ। डिनर के बाद प्रिंस ने कहा, “रोहन जी… आप आज रुक जाइए। गेस्ट रूम तैयार है।” रोहन मुस्कुराया, “ठीक है… लेकिन शिवानी जी… क्या आप मुझे घर दिखा सकती हैं?” प्रिंस ने हाँ कहा – वो जानता था शिवानी क्या चाहती है।
शिवानी रोहन को ऊपर ले गई – टेरेस पर। रात थी, तारे चमक रहे थे। रोहन ने कहा, “शिवानी… तुम बहुत खूबसूरत हो। प्रिंस लकी है।” शिवानी ने मुस्कुरा कर कहा, “प्रिंस अच्छा है… लेकिन मैं… थोड़ी और चाहती हूँ।” रोहन ने उसका हाथ पकड़ा। “तो आज रात… मुझे दो।” शिवानी ने हाँ में सिर हिलाया। रोहन ने उसे गले लगाया। चुंबन शुरू – गहरा, जीभें लड़ रही थीं। रोहन की जीभ शिवानी के मुँह में घुस गई, गले तक। शिवानी सिसकारी, “आह… रोहन… गहरा… और जोर से…” रोहन ने शिवानी की साड़ी का पल्लू सरकाया। ब्लाउज खोला। स्तन बाहर – निप्पल्स सख्त। रोहन ने चूसा – जोर से, काटा। शिवानी चीखी, “आह… चूसो… मेरे निप्पल्स फाड़ दो… दर्द दो…” रोहन ने दाँत से खींचा। शिवानी की पीठ काँप रही थी।
रोहन ने शिवानी को टेरेस की रेलिंग से सटाया। साड़ी ऊपर की। पैंटी फाड़ दी। शिवानी की चूत नंगी – गीली, चमक रही थी। रोहन ने उँगलियाँ डालीं – दो, फिर तीन। तेज-तेज अंदर-बाहर। शिवानी चिल्लाई, “आह… उँगलियाँ… और तेज… मेरी चूत… फाड़ो…” रोहन ने क्लिट चूसा। शिवानी झड़ गई – पानी बहा। रोहन ने लंड निकाला – 9 इंच, मोटा, नसें फूली। शिवानी ने देखा, “रोहन… डालो…” रोहन ने एक झटके में पूरा अंदर कर दिया। शिवानी चीखी, “आआह्ह… गहरा… फाड़ दो मेरी चूत…” रोहन धक्के मारने लगा – जोरदार, तेज। टेरेस हिल रहा था। शिवानी की छाती उछल रही थी। वो रेलिंग पकड़े चिल्ला रही थी, “रोहन… जोर से… मेरी चूत… तेरे लंड से भर दो… आह… हाँ… और गहरा…”
रोहन ने शिवानी को पलटा – डॉगी स्टाइल। बाल पकड़े। गांड पर थप्पड़ – लाल निशान। “तेरी गांड… कितनी सेक्सी…” उसने लुब्रिकेंट लगाया। लंड गांड में डाला – धीरे-धीरे पूरा। शिवानी दर्द से चीखी, “आह… दर्द… लेकिन… मत रुको… पूरा… फाड़ दो मेरी गांड…” रोहन ने धक्के शुरू – गहरे, तेज। शिवानी की चीखें मजा में – “उफ्फ… रोहन… मेरी गांड… चोदो… जोर से… थप्पड़ मारो… बाल खींचो… आह… हाँ… मैं झड़ रही हूँ…” रोहन ने स्पीड बढ़ाई। शिवानी फिर झड़ गई। रोहन ने स्पर्म गांड में छोड़ा। शिवानी काँप उठी।
रोहन ने शिवानी को गोद में उठाया। बेडरूम में ले गया। प्रिंस सो रहा था – लेकिन शिवानी ने उसे जगाया। “प्रिंस… देख… रोहन ने मुझे चोदा।” प्रिंस की आँखें खुलीं – वो देखने लगा। रोहन ने शिवानी को फिर चोदा – प्रिंस के सामने। शिवानी चिल्लाई, “प्रिंस… देख… रोहन का लंड… मेरी चूत में… मजा आ रहा है?” प्रिंस हिलाने लगा। रोहन ने शिवानी की चूत में फिर स्पर्म छोड़ा। शिवानी झड़ गई।
सुबह रोहन बोला, “शिवानी… मैं तुम्हें हर हफ्ते बुलाऊँगा। प्रिंस… तू देखेगा।” प्रिंस ने हाँ कहा – उसे मजा आ रहा था। शिवानी अब रोहन के साथ अफेयर में थी – हर हफ्ते दिल्ली या मुंबई। प्रिंस देखता, और शिवानी की प्यास मिटती। आरव घर में खेलता – “मम्मी… पापा… मैं बड़ा होकर अमीर बनूँगा।” शिवानी मुस्कुराती – “हाँ बेटा… हम सब अमीर हैं।”
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RE: शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी - by Shivani4u - 2 hours ago



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