9 hours ago
शिवानी और प्रिंस की कहानी – अगला भाग (जावेद और शिवानी सबके सामने)
जावेद का दबाव अब दिन-ब-दिन बढ़ रहा था। वो शिवानी को मैसेज करता रहता – “आज शाम मेरे ऑफिस आ। नहीं आई तो प्रिंस को सब वीडियो भेज दूँगा। आरव की फोटोज भी।” शिवानी का दिल डर से धड़कता। वो प्रिंस से कुछ कह नहीं पा रही थी। करण को भी पता था – वो सिक्युरिटी वाला – लेकिन करण खुद शिवानी पर लाइन मार रहा था। “मैम… अगर जावेद को रोकना है तो मुझे कुछ देना पड़ेगा।” शिवानी समझ गई – करण भी जावेद जैसा ही था, बस यूनिफॉर्म में।
एक शाम जावेद ने शिवानी को मैसेज किया – “आज रात 8 बजे मेरे क्लब में आ। सब लोग होंगे – प्रिंस, नेहा, करण, रिया भी। मैंने सबको पार्टी का इनवाइट भेज दिया है। तू आएगी… और सबके सामने मेरी होगी। नहीं आई तो कल सुबह सब वीडियो ऑनलाइन होंगे।”
शिवानी का दिमाग सुन्न हो गया। क्लब – पटना का सबसे प्राइवेट, हाई-प्रोफाइल क्लब, जहाँ अमीर लोग पार्टी करते थे। वो प्रिंस को बताया नहीं। बस बोली, “आज शाम बाहर जाना है।” प्रिंस ने कहा, “ठीक है, मैं भी आ रहा हूँ। नेहा और रिया भी आ रही हैं। करण ने भी कहा है वो आएगा।” शिवानी का दिल बैठ गया। सब लोग… एक जगह… और जावेद का प्लान।
रात 8 बजे क्लब पहुँचे। अंदर म्यूजिक तेज, लाइट्स डिम, लोग डांस कर रहे थे। जावेद VIP लाउंज में बैठा था – सफेद कुर्ता, दाढ़ी सँवारी, चारों तरफ उसके गुंडे। वो सबको देखकर मुस्कुराया। “आओ… सब आए हो। अच्छा लगा।” प्रिंस ने हाथ मिलाया। “जावेद भाई… क्या बात है?” जावेद ने शिवानी को देखा – वो लाल साड़ी में, लो बैक ब्लाउज, पेट अभी भी थोड़ा उभरा लेकिन सेक्सी लग रही थी।
जावेद ने सबको ड्रिंक्स दी। बातें हुईं। धीरे-धीरे जावेद ने माइक लिया। क्लब का म्यूजिक रुक गया। सबकी नजरें उस पर। “दोस्तों… आज एक स्पेशल अनाउंसमेंट है।” वो शिवानी की तरफ मुड़ा। “शिवानी… ये लड़की… मेरी है। अहमद की मौत के बाद मैंने वादा किया था – उसका बच्चा और उसकी औरत… मेरी होगी।” क्लब में सन्नाटा छा गया। प्रिंस उठ खड़ा हुआ। “क्या बकवास कर रहे हो?” नेहा और रिया चौंकीं। करण ने हाथ पिस्तौल पर रखा।
जावेद हँसा। “प्रिंस… तू जानता है शिवानी कितनी बार मेरे साथ सोई है? वो वीडियो सबके पास हैं।” उसने फोन निकाला। स्क्रीन पर वीडियो प्ले हुआ – शिवानी और जावेद का सेक्स, ऑफिस में। शिवानी रो पड़ी। प्रिंस का चेहरा सफेद। नेहा ने कहा, “ये… ये सच है?” करण ने कहा, “जावेद… तू गिरफ्तार है।”
लेकिन जावेद के गुंडे आगे आए। “कोई हिलेगा नहीं।” जावेद ने शिवानी का हाथ पकड़ा। “आज सबके सामने… शिवानी मेरी बनेगी।” वो शिवानी को स्टेज पर ले गया। म्यूजिक फिर शुरू। जावेद ने शिवानी की साड़ी का पल्लू सरकाया। सब देख रहे थे। शिवानी काँप रही थी। “नहीं… जावेद… मत…” लेकिन जावेद ने ब्लाउज के हुक खोल दिए। शिवानी के स्तन बाहर – ब्रा नहीं थी। निप्पल्स सख्त। क्लब में सिसकारी और सीटी।
जावेद ने शिवानी को स्टेज पर लिटाया। साड़ी पूरी उतार दी। शिवानी सिर्फ पैंटी में। जावेद ने पैंटी फाड़ दी। शिवानी की चूत नंगी – गीली, चमक रही थी। जावेद ने अपनी पैंट उतारी। लंड बाहर – 10 इंच, मोटा, नसें फूली। सब देख रहे थे। प्रिंस चिल्लाया, “छोड़ उसे!” लेकिन गुंडों ने उसे पकड़ लिया।
जावेद ने शिवानी की टाँगें फैलाईं। लंड चूत पर रगड़ा। शिवानी रो रही थी, “नहीं… सबके सामने… प्लीज…” लेकिन जावेद ने एक झटके में पूरा अंदर कर दिया। शिवानी चीखी – “आआआह्ह्ह… जावेद… इतना गहरा… दर्द… लेकिन… आह…” जावेद धक्के मारने लगा – जोरदार, तेज, बेरहम। स्टेज हिल रहा था। थप-थप की आवाज म्यूजिक से ऊपर गूँज रही थी। शिवानी की छाती उछल रही थी। वो चिल्ला रही थी, “जावेद… जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… सब देख रहे हैं… आह… हाँ… और तेज…” उसकी आँखें बंद, लेकिन शरीर जवाब दे रहा था।
जावेद ने शिवानी को पलटा – डॉगी स्टाइल। गांड ऊपर। लंड फिर अंदर। थप्पड़ मार रहा था गांड पर – लाल निशान। “देखो सब… ये शिवानी… मेरी रंडी है… प्रिंस… तू देख… तेरी बीवी कितनी चुद रही है…” प्रिंस रो रहा था। नेहा और रिया डरी हुई। करण ने कोशिश की लेकिन गुंडे पकड़े हुए थे।
जावेद ने शिवानी के बाल पकड़े। “बोल… तू मेरी है?” शिवानी रोते हुए बोली, “हाँ… मैं तेरी हूँ… चोद मुझे… सबके सामने… मेरी चूत… गांड… सब तेरी…” जावेद ने लुब्रिकेंट लगाया, लंड गांड में डाला। शिवानी चीखी – “आह… दर्द… लेकिन… डालो पूरा… फाड़ दो मेरी गांड…” जावेद धक्के मारने लगा। शिवानी की चीखें मजा में बदल गईं – “उफ्फ… जावेद… मेरी गांड… चोदो… हार्ड… सब देखो… मैं जावेद की हूँ…”
जावेद ने स्पीड बढ़ाई। शिवानी कई बार झड़ गई – पानी बहता रहा। क्लब में लोग तालियाँ बजा रहे थे। जावेद ने जोर का धक्का मारा – स्पर्म शिवानी की गांड में। शिवानी काँप उठी, फिर झड़ गई। दोनों थक कर लेटे। जावेद ने शिवानी को गोद में उठाया। “अब ये मेरी है। आरव भी मेरा।”
लेकिन तभी करण ने गुंडों से छुटकारा पाया। पिस्तौल निकाली। “जावेद… हाथ ऊपर!” सिक्युरिटी की सायरन बजने लगी। जावेद के गुंडे भागे। जावेद ने शिवानी को छोड़ा। सिक्युरिटी ने उसे पकड़ लिया। शिवानी रो रही थी – अपमान, डर, और अजीब सी राहत। प्रिंस दौड़कर आया। शिवानी को गले लगाया। “जान… सब ठीक हो जाएगा।”
क्लब खाली हो गया। शिवानी घर लौटी। प्रिंस ने उसे नहलाया। बेड पर लिटाया। “शिवानी… तू मेरी है। हमेशा।” वो धीरे से किस किया। शिवानी रो पड़ी। “प्रिंस… मैंने सबके सामने… अपमान…” प्रिंस ने कहा, “मुझे फर्क नहीं पड़ता। तू मेरी बीवी है।”
रात को प्रिंस ने शिवानी को बहुत प्यार से चोदा – धीमा, गहरा। शिवानी ने कहा, “प्रिंस… आज से सिर्फ तू… कोई और नहीं।” लेकिन मन में वो इंटेंस पल याद आ रहे थे। जावेद जेल में था। लेकिन शिवानी जानती थी – उसकी प्यास कभी पूरी नहीं होगी।
जावेद का दबाव अब दिन-ब-दिन बढ़ रहा था। वो शिवानी को मैसेज करता रहता – “आज शाम मेरे ऑफिस आ। नहीं आई तो प्रिंस को सब वीडियो भेज दूँगा। आरव की फोटोज भी।” शिवानी का दिल डर से धड़कता। वो प्रिंस से कुछ कह नहीं पा रही थी। करण को भी पता था – वो सिक्युरिटी वाला – लेकिन करण खुद शिवानी पर लाइन मार रहा था। “मैम… अगर जावेद को रोकना है तो मुझे कुछ देना पड़ेगा।” शिवानी समझ गई – करण भी जावेद जैसा ही था, बस यूनिफॉर्म में।
एक शाम जावेद ने शिवानी को मैसेज किया – “आज रात 8 बजे मेरे क्लब में आ। सब लोग होंगे – प्रिंस, नेहा, करण, रिया भी। मैंने सबको पार्टी का इनवाइट भेज दिया है। तू आएगी… और सबके सामने मेरी होगी। नहीं आई तो कल सुबह सब वीडियो ऑनलाइन होंगे।”
शिवानी का दिमाग सुन्न हो गया। क्लब – पटना का सबसे प्राइवेट, हाई-प्रोफाइल क्लब, जहाँ अमीर लोग पार्टी करते थे। वो प्रिंस को बताया नहीं। बस बोली, “आज शाम बाहर जाना है।” प्रिंस ने कहा, “ठीक है, मैं भी आ रहा हूँ। नेहा और रिया भी आ रही हैं। करण ने भी कहा है वो आएगा।” शिवानी का दिल बैठ गया। सब लोग… एक जगह… और जावेद का प्लान।
रात 8 बजे क्लब पहुँचे। अंदर म्यूजिक तेज, लाइट्स डिम, लोग डांस कर रहे थे। जावेद VIP लाउंज में बैठा था – सफेद कुर्ता, दाढ़ी सँवारी, चारों तरफ उसके गुंडे। वो सबको देखकर मुस्कुराया। “आओ… सब आए हो। अच्छा लगा।” प्रिंस ने हाथ मिलाया। “जावेद भाई… क्या बात है?” जावेद ने शिवानी को देखा – वो लाल साड़ी में, लो बैक ब्लाउज, पेट अभी भी थोड़ा उभरा लेकिन सेक्सी लग रही थी।
जावेद ने सबको ड्रिंक्स दी। बातें हुईं। धीरे-धीरे जावेद ने माइक लिया। क्लब का म्यूजिक रुक गया। सबकी नजरें उस पर। “दोस्तों… आज एक स्पेशल अनाउंसमेंट है।” वो शिवानी की तरफ मुड़ा। “शिवानी… ये लड़की… मेरी है। अहमद की मौत के बाद मैंने वादा किया था – उसका बच्चा और उसकी औरत… मेरी होगी।” क्लब में सन्नाटा छा गया। प्रिंस उठ खड़ा हुआ। “क्या बकवास कर रहे हो?” नेहा और रिया चौंकीं। करण ने हाथ पिस्तौल पर रखा।
जावेद हँसा। “प्रिंस… तू जानता है शिवानी कितनी बार मेरे साथ सोई है? वो वीडियो सबके पास हैं।” उसने फोन निकाला। स्क्रीन पर वीडियो प्ले हुआ – शिवानी और जावेद का सेक्स, ऑफिस में। शिवानी रो पड़ी। प्रिंस का चेहरा सफेद। नेहा ने कहा, “ये… ये सच है?” करण ने कहा, “जावेद… तू गिरफ्तार है।”
लेकिन जावेद के गुंडे आगे आए। “कोई हिलेगा नहीं।” जावेद ने शिवानी का हाथ पकड़ा। “आज सबके सामने… शिवानी मेरी बनेगी।” वो शिवानी को स्टेज पर ले गया। म्यूजिक फिर शुरू। जावेद ने शिवानी की साड़ी का पल्लू सरकाया। सब देख रहे थे। शिवानी काँप रही थी। “नहीं… जावेद… मत…” लेकिन जावेद ने ब्लाउज के हुक खोल दिए। शिवानी के स्तन बाहर – ब्रा नहीं थी। निप्पल्स सख्त। क्लब में सिसकारी और सीटी।
जावेद ने शिवानी को स्टेज पर लिटाया। साड़ी पूरी उतार दी। शिवानी सिर्फ पैंटी में। जावेद ने पैंटी फाड़ दी। शिवानी की चूत नंगी – गीली, चमक रही थी। जावेद ने अपनी पैंट उतारी। लंड बाहर – 10 इंच, मोटा, नसें फूली। सब देख रहे थे। प्रिंस चिल्लाया, “छोड़ उसे!” लेकिन गुंडों ने उसे पकड़ लिया।
जावेद ने शिवानी की टाँगें फैलाईं। लंड चूत पर रगड़ा। शिवानी रो रही थी, “नहीं… सबके सामने… प्लीज…” लेकिन जावेद ने एक झटके में पूरा अंदर कर दिया। शिवानी चीखी – “आआआह्ह्ह… जावेद… इतना गहरा… दर्द… लेकिन… आह…” जावेद धक्के मारने लगा – जोरदार, तेज, बेरहम। स्टेज हिल रहा था। थप-थप की आवाज म्यूजिक से ऊपर गूँज रही थी। शिवानी की छाती उछल रही थी। वो चिल्ला रही थी, “जावेद… जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… सब देख रहे हैं… आह… हाँ… और तेज…” उसकी आँखें बंद, लेकिन शरीर जवाब दे रहा था।
जावेद ने शिवानी को पलटा – डॉगी स्टाइल। गांड ऊपर। लंड फिर अंदर। थप्पड़ मार रहा था गांड पर – लाल निशान। “देखो सब… ये शिवानी… मेरी रंडी है… प्रिंस… तू देख… तेरी बीवी कितनी चुद रही है…” प्रिंस रो रहा था। नेहा और रिया डरी हुई। करण ने कोशिश की लेकिन गुंडे पकड़े हुए थे।
जावेद ने शिवानी के बाल पकड़े। “बोल… तू मेरी है?” शिवानी रोते हुए बोली, “हाँ… मैं तेरी हूँ… चोद मुझे… सबके सामने… मेरी चूत… गांड… सब तेरी…” जावेद ने लुब्रिकेंट लगाया, लंड गांड में डाला। शिवानी चीखी – “आह… दर्द… लेकिन… डालो पूरा… फाड़ दो मेरी गांड…” जावेद धक्के मारने लगा। शिवानी की चीखें मजा में बदल गईं – “उफ्फ… जावेद… मेरी गांड… चोदो… हार्ड… सब देखो… मैं जावेद की हूँ…”
जावेद ने स्पीड बढ़ाई। शिवानी कई बार झड़ गई – पानी बहता रहा। क्लब में लोग तालियाँ बजा रहे थे। जावेद ने जोर का धक्का मारा – स्पर्म शिवानी की गांड में। शिवानी काँप उठी, फिर झड़ गई। दोनों थक कर लेटे। जावेद ने शिवानी को गोद में उठाया। “अब ये मेरी है। आरव भी मेरा।”
लेकिन तभी करण ने गुंडों से छुटकारा पाया। पिस्तौल निकाली। “जावेद… हाथ ऊपर!” सिक्युरिटी की सायरन बजने लगी। जावेद के गुंडे भागे। जावेद ने शिवानी को छोड़ा। सिक्युरिटी ने उसे पकड़ लिया। शिवानी रो रही थी – अपमान, डर, और अजीब सी राहत। प्रिंस दौड़कर आया। शिवानी को गले लगाया। “जान… सब ठीक हो जाएगा।”
क्लब खाली हो गया। शिवानी घर लौटी। प्रिंस ने उसे नहलाया। बेड पर लिटाया। “शिवानी… तू मेरी है। हमेशा।” वो धीरे से किस किया। शिवानी रो पड़ी। “प्रिंस… मैंने सबके सामने… अपमान…” प्रिंस ने कहा, “मुझे फर्क नहीं पड़ता। तू मेरी बीवी है।”
रात को प्रिंस ने शिवानी को बहुत प्यार से चोदा – धीमा, गहरा। शिवानी ने कहा, “प्रिंस… आज से सिर्फ तू… कोई और नहीं।” लेकिन मन में वो इंटेंस पल याद आ रहे थे। जावेद जेल में था। लेकिन शिवानी जानती थी – उसकी प्यास कभी पूरी नहीं होगी।


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