Thread Rating:
  • 2 Vote(s) - 3 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Romance शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी
#19
आरव अब 3 साल का हो चुका था। पटना की गलियाँ अब भी वही थीं – गंगा की लहरें, भीड़, और वो छिपे हुए राज। अहमद की मौत के बाद सब कुछ शांत हो गया था, लेकिन शिवानी की जिंदगी में एक नया तूफान आने वाला था। रिया अब दिल्ली वापस चली गई थी, नेहा प्रिंस की कंपनी में ही थी लेकिन अब वो सिर्फ प्रोफेशनल रह गई थी। करण – वो सिक्युरिटी वाला – अब शिवानी के घर के पास ही रहता था, प्रोटेक्शन के नाम पर। लेकिन असल वजह कुछ और थी। करण शिवानी को देखता रहता, उसकी आँखों में वो भूख थी जो छिप नहीं पाती थी।
एक शाम शिवानी पार्क में आरव को खेलने ले गई थी। वहाँ एक नया चेहरा दिखा – नाम था जावेद। 32 साल का, लंबा, मस्कुलर, घनी दाढ़ी, गहरी काली आँखें, और वो सफेद कुर्ता-पायजामा जो उसके मजबूत शरीर पर चिपका हुआ था। वो ,., था, पटना के पुराने इलाके से, एक बड़ा बिजनेसमैन – लेकिन उसका कारोबार काला था। जावेद अहमद का पुराना दोस्त था। अहमद की मौत के बाद जावेद ने वादा किया था – “शिवानी और उसका बच्चा… मेरा होगा।” वो पटना लौट आया था, बदला लेने और हासिल करने।
जावेद ने शिवानी को देखा। आरव खेल रहा था। जावेद पास आया। “शिवानी… कितने साल हो गए।” शिवानी चौंक गई। “आप… कौन?” जावेद मुस्कुराया, “अहमद का दोस्त। जावेद। आरव… कितना बड़ा हो गया। उसकी आँखें अहमद की तरह हैं।” शिवानी का चेहरा सफेद पड़ गया। वो आरव को गोद में उठाकर भागने लगी। लेकिन जावेद ने कहा, “रुको। मैं तुम्हें कुछ देना चाहता हूँ।” उसने एक एनवेलप दिया – अंदर अहमद की पुरानी फोटोज, वीडियो की USB। “ये सब प्रिंस को मिल जाए तो क्या होगा? या सिक्युरिटी को? मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो। बस… एक मुलाकात। मेरे साथ।”
शिवानी घर लौटी, काँप रही थी। प्रिंस को कुछ नहीं बताया। रात को प्रिंस लौटा। शिवानी ने उसे गले लगाया। “प्रिंस… आज रात… मुझे बहुत जोर से चाहिए।” प्रिंस मुस्कुराया। “ठीक है, जान।”
बेडरूम में। शिवानी ने प्रिंस को धक्का देकर बेड पर पटका। वो ऊपर चढ़ गई। “आज मैं कंट्रोल करूँगी।” शिवानी ने प्रिंस की शर्ट फाड़ दी। उसके सीने पर किस करने लगी, नाखून गाड़े। प्रिंस सिसकारा। शिवानी नीचे गई, पैंट उतारी। लंड बाहर – सख्त। शिवानी ने मुँह में लिया, गहराई तक। गले तक। गैगिंग कर रही थी। प्रिंस कराह रहा था, “शिवानी… कितनी भूखी हो आज…” शिवानी ने तेज-तेज चूसा, हाथ से सहलाया। लंड चाटा, बॉल्स चूसे। प्रिंस का शरीर काँप रहा था।
शिवानी ने अपना नाइट गाउन उतारा। नंगी हो गई। स्तन भरे, निप्पल्स सख्त। वो प्रिंस के चेहरे पर बैठ गई – फेस-सिटिंग। “चाटो मेरी चूत… पूरी तरह…” प्रिंस ने जीभ डाली, क्लिट चूसा। शिवानी उछल रही थी, “आह… हाँ… जीभ अंदर… चूसो… मेरी चूत का रस पी लो…” वो प्रिंस के मुँह पर रगड़ रही थी। प्रिंस ने उँगलियाँ डालीं, तेज फिंगर फक। शिवानी झड़ गई – पानी प्रिंस के मुँह में।
शिवानी ने प्रिंस को पलटा। डॉगी स्टाइल। वो पीछे से लंड पकड़ा, अपनी चूत में डाला। उछलने लगी। “प्रिंस… आज जोर से… मेरी चूत फाड़ दो…” प्रिंस नीचे से धक्के मार रहा था। शिवानी चिल्ला रही थी, “हार्ड… जोर से… आह… लंड पूरा अंदर… मेरी चूत जल रही है…” प्रिंस ने गांड पर थप्पड़ मारे। शिवानी की गांड लाल हो गई। वो बाल खींच रहा था। शिवानी फिर झड़ गई।
प्रिंस ने शिवानी को उठाया। दीवार से सटाया। स्टैंडिंग मिशनरी। टाँगें कंधों पर। लंड पूरा अंदर। धक्के तेज। शिवानी चीख रही थी, “आआह्ह… प्रिंस… गहरा… फाड़ दो… मेरी चूत… गांड… सब कुछ… मैं तुम्हारी रंडी हूँ…” प्रिंस ने स्पीड बढ़ाई। हर धक्के में शिवानी का शरीर हिल रहा था। स्तन उछल रहे थे। प्रिंस ने निप्पल्स काटे। शिवानी दर्द और मजा में रो रही थी। “स्पर्म अंदर… भर दो मुझे… जोर से…”
प्रिंस ने जोर का धक्का मारा, गरम स्पर्म अंदर छोड़ दिया। शिवानी काँप उठी, फिर झड़ गई। दोनों थक कर लेटे। लेकिन शिवानी का मन शांत नहीं था। जावेद की धमकी।
अगले दिन शिवानी जावेद से मिलने गई – उसके ऑफिस में। जावेद ने दरवाजा बंद किया। “शिवानी… तू आई। अच्छा है।” वो पास आया। शिवानी डर रही थी। “क्या चाहते हो?” जावेद ने कहा, “तुझे… और आरव को। प्रिंस को छोड़।” शिवानी ने मना किया। जावेद ने उसे दीवार से सटाया। “तू मेरी होगी… जैसे अहमद की थी।” वो शिवानी की साड़ी ऊपर कर रहा था। शिवानी विरोध कर रही थी। लेकिन जावेद का हाथ उसकी चूत पर। गीली थी। “देख… तेरा शरीर झूठ नहीं बोलता।”
जावेद ने शिवानी को डेस्क पर लिटाया। साड़ी फाड़ दी। ब्लाउज खोला। स्तन बाहर। जावेद ने चूसे – जोर से। शिवानी चीखी, “नहीं… छोड़ो…” लेकिन उसकी सिसकारी मजा की थी। जावेद ने पैंट उतारी। लंड – 10 इंच का, मोटा, काला। शिवानी की आँखें फैल गईं। “इतना बड़ा…” जावेद ने लंड चूत पर रगड़ा। फिर एक झटके में पूरा अंदर। शिवानी चीखी, “आआह्ह… दर्द… लेकिन… मत रुको…” जावेद धक्के मारने लगा – जंगली, क्रूर। डेस्क हिल रहा था। शिवानी चिल्ला रही थी, “जावेद… जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… आह… गहरा… हाँ… और तेज…” जावेद ने बाल पकड़े, गांड पर थप्पड़ मारे। “तेरी चूत… मेरी है… प्रिंस कभी इतना नहीं दे सकता…”
शिवानी झड़ गई – कई बार। जावेद ने पोजीशन बदली। शिवानी को गोद में उठाया, चोदता रहा। शिवानी उछल रही थी, “जावेद… तुम्हारा लंड… मेरी जान… फाड़ दो… स्पर्म अंदर… भर दो…” जावेद ने जोर का धक्का मारा, स्पर्म अंदर। शिवानी काँप उठी।
शिवानी घर लौटी, पसीने से तर। प्रिंस को कुछ नहीं बताया। लेकिन अब जावेद का साया था। वो धमकी दे रहा था – “आरव को ले जाऊँगा… या तुझे।” शिवानी डर रही थी। लेकिन उसकी बॉडी में नई आग लग गई थी। वो सोच रही थी, “क्या मैं जावेद के साथ… फिर से? या प्रिंस को बताऊँ?”
रात को प्रिंस ने शिवानी को चोदा – लेकिन शिवानी के मन में जावेद था। वो चिल्लाई, “जोर से… फाड़ दो…” प्रिंस ने सोचा – शिवानी आज बहुत भूखी है। लेकिन सच कुछ और था।
जावेद का प्लान चल रहा था – वो आरव को लेने की साजिश रच रहा था। करण को पता चला। वो शिवानी से मिला। “मैम… जावेद खतरनाक है। मैं तुम्हें बचाऊँगा।” लेकिन करण की आँखों में भी वो भूख थी। शिवानी ने सोचा – “शायद करण मदद करेगा… लेकिन उसकी कीमत क्या?”
Like Reply


Messages In This Thread
RE: शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी - by Shivani4u - 9 hours ago



Users browsing this thread: 6 Guest(s)