9 hours ago
आरव अब 2 साल का हो चुका था। छोटा-सा, शरारती, लेकिन उसकी आँखें – वो गहरी काली आँखें – कभी-कभी शिवानी को अहमद की याद दिलातीं। पटना की गलियाँ अब भी वैसी ही थीं – व्यस्त, गर्म, और रहस्यों से भरी। अहमद जेल में था, लेकिन उसके कनेक्शन अभी भी जिंदा थे। प्रिंस अब कंपनी का हेड था, नेहा उसके साथ काम करती थी, और रिया – वो दिल्ली वाली दोस्त – अब पटना में ही शिफ्ट हो गई थी। रिया का हसबैंड विदेश में था, और वो शिवानी और प्रिंस के साथ अक्सर समय बिताती। तीनों का रिश्ता अब एक सेक्रेट बॉन्ड बन चुका था – दिन में दोस्त, रात में जंगली प्रेमी। लेकिन शिवानी की जिंदगी में अब एक नया चेहरा आने वाला था – नाम था करण। 30 साल का, पटना सिक्युरिटी में इंस्पेक्टर, लंबा कद, चौड़ा सीना, और वो आँखें जो किसी को भी स्कैन कर लेतीं।
एक शाम शिवानी घर पर अकेली थी। आरव अपनी दादी के घर गया था। प्रिंस नेहा के साथ मीटिंग में लेट था, रिया दिल्ली गई हुई थी। दरवाजे की घंटी बजी। शिवानी ने खोला – करण खड़ा था, यूनिफॉर्म में। “मैम, मैं इंस्पेक्टर करण हूँ। अहमद के केस के सिलसिले में आया हूँ।” शिवानी का दिल धड़क उठा। वो उसे अंदर ले आई। “क्या हुआ? अहमद तो जेल में है।” करण ने कहा, “हाँ, लेकिन उसके कुछ साथी बाहर हैं। उन्होंने धमकी दी है – आरव को ले जाने की। आपको प्रोटेक्शन चाहिए।” शिवानी रो पड़ी। “भगवान… वो फिर से?”
करण ने शिवानी को सांत्वना दी। उसका हाथ शिवानी की कमर पर गया। शिवानी सिहर उठी। करण की आँखें शिवानी के सेक्सी फिगर पर थीं – 26 साल बाद भी वो 5 फीट की ऊँचाई के साथ पतली कमर, भरे स्तन, गोल गांड। करण बोला, “मैम… आप डरिए मत। मैं 24/7 आपके साथ रहूँगा।” शिवानी की आँखें मिलीं – वो आँखें चाहत से भरी थीं। “करण… आप… कितने स्ट्रॉंग लगते हो।” करण मुस्कुराया। “मैम, सिक्युरिटी वाले ऐसे ही होते हैं।”
उसी रात प्रिंस लौटा। नेहा उसके साथ थी। “जान, नेहा आज रुक जाएगी।” शिवानी ने करण को इंट्रोड्यूस किया। नेहा की आँखें चमक उठीं – करण का मस्कुलर बॉडी। रिया को फोन आया – वो भी आ गई। अब घर में पूरा कास्ट – शिवानी, प्रिंस, नेहा, रिया, करण, और दूर से अहमद का साया। डिनर के बाद सब सोफे पर। वाइन खुली। बातें गर्म हुईं। नेहा बोली, “करण सर… सिक्युरिटी वाले कितने हॉट होते हैं।” करण हँसा। रिया ने कहा, “हाँ… क्या कभी थ्रीसम ट्राई किया?” करण चौंका। प्रिंस ने शिवानी की तरफ देखा। शिवानी मुस्कुराई – “आज रात… सब कुछ ट्राई करते हैं। आरव नहीं है घर पर।”
बेडरूम में। नेहा ने शिवानी को किस किया। रिया ने प्रिंस को। करण देख रहा था। नेहा ने करण का शर्ट उतारा। उसके चौड़े सीने पर हाथ फेरा। “वाह… कितना स्ट्रॉंग…” करण ने नेहा को गोद में उठाया, किस किया। शिवानी ने रिया की ड्रेस उतारी। सब नंगे हो गए। शिवानी की चूत गीली हो चुकी थी। नेहा ने शिवानी को लिटाया, चूत चाटने लगी। शिवानी सिसकारी, “आह… नेहा… जीभ अंदर… चूसो… उफ्फ…” रिया ने प्रिंस का लंड चूसा। करण ने रिया की चूत में लंड डाला – उसका लंड 9 इंच का, सबसे मोटा। रिया चीखी, “आह… करण… फाड़ दो… जोर से…”
प्रिंस ने शिवानी को डॉगी में किया। पीछे से पेल रहा था। नेहा शिवानी के स्तनों को चूस रही थी। रिया करण को राइड कर रही थी। कमरा सिसकारियों से भर गया। शिवानी चिल्लाई, “प्रिंस… जोर से… मेरी चूत… नेहा… निप्पल्स काटो…” नेहा ने काटा। शिवानी झड़ गई। करण ने रिया को पलटा, गांड में ट्राई किया। रिया दर्द से चीखी, “उफ्फ… करण… धीरे… लेकिन मजा आ रहा है…” प्रिंस ने नेहा को चोदा। शिवानी रिया की चूत चाट रही थी।
फिर सब मिक्स। करण ने शिवानी को गोद में उठाया, स्टैंडिंग में चोदा। शिवानी उछल रही थी, “आह… करण… तुम्हारा लंड… सबसे बड़ा… फाड़ दो मुझे…” नेहा प्रिंस का लंड चूस रही थी। रिया स्ट्रैप-ऑन से नेहा को चोद रही थी। शिवानी की चूत से पानी बह रहा था। करण ने स्पीड बढ़ाई, “शिवानी… तेरी चूत कितनी टाइट… सिक्युरिटी वाले ऐसे ही चोदते हैं…” शिवानी फिर झड़ गई।
रात भर ग्रुप सेक्स। कभी चार लड़कियाँ करण को – सब मिलकर उसका लंड चूसतीं, उछलतीं। कभी प्रिंस और करण डबल पेनेट्रेशन – शिवानी की चूत में प्रिंस, गांड में करण। शिवानी पागल हो गई, “आआह्ह… दोनों… फाड़ दो… मेरी प्यास… बुझाओ… जोर से… आह… यस…” नेहा और रिया एक-दूसरे को चाट रही थीं। अंत में सब झड़े – स्पर्म, पानी, सब मिक्स।
लेकिन सस्पेंस। अगले दिन करण ने बताया, “अहमद जेल से भाग गया है। उसके साथी ने मदद की। वो आरव को लेने आएगा।” शिवानी डर गई। प्रिंस ने कहा, “हम मिलकर लड़ेंगे।” नेहा और रिया ने भी कहा, “हम साथ हैं।” लेकिन रात को घर में कोई घुसा – अहमद। वो आरव को लेने आया था। झगड़ा हुआ। करण ने उसे पकड़ा, लेकिन अहमद ने चाकू निकाला। नेहा ने पीछे से हमला किया। सिक्युरिटी आई। अहमद फिर गिरफ्तार। लेकिन इस बार मौत हो गई – लड़ाई में।
अब सब सुरक्षित। लेकिन शिवानी की प्यास अब पूरी हो चुकी थी – करण, नेहा, रिया, प्रिंस के साथ। वो सब मिलकर रहने लगे – एक बड़ा परिवार, जुनून से भरा। पटना की वो जोड़ी अब एक ग्रुप थी। रातें अब और लंबी, और हॉट।
एक शाम शिवानी घर पर अकेली थी। आरव अपनी दादी के घर गया था। प्रिंस नेहा के साथ मीटिंग में लेट था, रिया दिल्ली गई हुई थी। दरवाजे की घंटी बजी। शिवानी ने खोला – करण खड़ा था, यूनिफॉर्म में। “मैम, मैं इंस्पेक्टर करण हूँ। अहमद के केस के सिलसिले में आया हूँ।” शिवानी का दिल धड़क उठा। वो उसे अंदर ले आई। “क्या हुआ? अहमद तो जेल में है।” करण ने कहा, “हाँ, लेकिन उसके कुछ साथी बाहर हैं। उन्होंने धमकी दी है – आरव को ले जाने की। आपको प्रोटेक्शन चाहिए।” शिवानी रो पड़ी। “भगवान… वो फिर से?”
करण ने शिवानी को सांत्वना दी। उसका हाथ शिवानी की कमर पर गया। शिवानी सिहर उठी। करण की आँखें शिवानी के सेक्सी फिगर पर थीं – 26 साल बाद भी वो 5 फीट की ऊँचाई के साथ पतली कमर, भरे स्तन, गोल गांड। करण बोला, “मैम… आप डरिए मत। मैं 24/7 आपके साथ रहूँगा।” शिवानी की आँखें मिलीं – वो आँखें चाहत से भरी थीं। “करण… आप… कितने स्ट्रॉंग लगते हो।” करण मुस्कुराया। “मैम, सिक्युरिटी वाले ऐसे ही होते हैं।”
उसी रात प्रिंस लौटा। नेहा उसके साथ थी। “जान, नेहा आज रुक जाएगी।” शिवानी ने करण को इंट्रोड्यूस किया। नेहा की आँखें चमक उठीं – करण का मस्कुलर बॉडी। रिया को फोन आया – वो भी आ गई। अब घर में पूरा कास्ट – शिवानी, प्रिंस, नेहा, रिया, करण, और दूर से अहमद का साया। डिनर के बाद सब सोफे पर। वाइन खुली। बातें गर्म हुईं। नेहा बोली, “करण सर… सिक्युरिटी वाले कितने हॉट होते हैं।” करण हँसा। रिया ने कहा, “हाँ… क्या कभी थ्रीसम ट्राई किया?” करण चौंका। प्रिंस ने शिवानी की तरफ देखा। शिवानी मुस्कुराई – “आज रात… सब कुछ ट्राई करते हैं। आरव नहीं है घर पर।”
बेडरूम में। नेहा ने शिवानी को किस किया। रिया ने प्रिंस को। करण देख रहा था। नेहा ने करण का शर्ट उतारा। उसके चौड़े सीने पर हाथ फेरा। “वाह… कितना स्ट्रॉंग…” करण ने नेहा को गोद में उठाया, किस किया। शिवानी ने रिया की ड्रेस उतारी। सब नंगे हो गए। शिवानी की चूत गीली हो चुकी थी। नेहा ने शिवानी को लिटाया, चूत चाटने लगी। शिवानी सिसकारी, “आह… नेहा… जीभ अंदर… चूसो… उफ्फ…” रिया ने प्रिंस का लंड चूसा। करण ने रिया की चूत में लंड डाला – उसका लंड 9 इंच का, सबसे मोटा। रिया चीखी, “आह… करण… फाड़ दो… जोर से…”
प्रिंस ने शिवानी को डॉगी में किया। पीछे से पेल रहा था। नेहा शिवानी के स्तनों को चूस रही थी। रिया करण को राइड कर रही थी। कमरा सिसकारियों से भर गया। शिवानी चिल्लाई, “प्रिंस… जोर से… मेरी चूत… नेहा… निप्पल्स काटो…” नेहा ने काटा। शिवानी झड़ गई। करण ने रिया को पलटा, गांड में ट्राई किया। रिया दर्द से चीखी, “उफ्फ… करण… धीरे… लेकिन मजा आ रहा है…” प्रिंस ने नेहा को चोदा। शिवानी रिया की चूत चाट रही थी।
फिर सब मिक्स। करण ने शिवानी को गोद में उठाया, स्टैंडिंग में चोदा। शिवानी उछल रही थी, “आह… करण… तुम्हारा लंड… सबसे बड़ा… फाड़ दो मुझे…” नेहा प्रिंस का लंड चूस रही थी। रिया स्ट्रैप-ऑन से नेहा को चोद रही थी। शिवानी की चूत से पानी बह रहा था। करण ने स्पीड बढ़ाई, “शिवानी… तेरी चूत कितनी टाइट… सिक्युरिटी वाले ऐसे ही चोदते हैं…” शिवानी फिर झड़ गई।
रात भर ग्रुप सेक्स। कभी चार लड़कियाँ करण को – सब मिलकर उसका लंड चूसतीं, उछलतीं। कभी प्रिंस और करण डबल पेनेट्रेशन – शिवानी की चूत में प्रिंस, गांड में करण। शिवानी पागल हो गई, “आआह्ह… दोनों… फाड़ दो… मेरी प्यास… बुझाओ… जोर से… आह… यस…” नेहा और रिया एक-दूसरे को चाट रही थीं। अंत में सब झड़े – स्पर्म, पानी, सब मिक्स।
लेकिन सस्पेंस। अगले दिन करण ने बताया, “अहमद जेल से भाग गया है। उसके साथी ने मदद की। वो आरव को लेने आएगा।” शिवानी डर गई। प्रिंस ने कहा, “हम मिलकर लड़ेंगे।” नेहा और रिया ने भी कहा, “हम साथ हैं।” लेकिन रात को घर में कोई घुसा – अहमद। वो आरव को लेने आया था। झगड़ा हुआ। करण ने उसे पकड़ा, लेकिन अहमद ने चाकू निकाला। नेहा ने पीछे से हमला किया। सिक्युरिटी आई। अहमद फिर गिरफ्तार। लेकिन इस बार मौत हो गई – लड़ाई में।
अब सब सुरक्षित। लेकिन शिवानी की प्यास अब पूरी हो चुकी थी – करण, नेहा, रिया, प्रिंस के साथ। वो सब मिलकर रहने लगे – एक बड़ा परिवार, जुनून से भरा। पटना की वो जोड़ी अब एक ग्रुप थी। रातें अब और लंबी, और हॉट।


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