9 hours ago
आरव अब 1 साल का हो चुका था। छोटा-सा, शरारती, लेकिन रात को अच्छे से सो जाता था। शिवानी और प्रिंस की जिंदगी अब रूटीन में ढल चुकी थी – दिन में घर, बच्चा, घरेलू काम; रात में प्रिंस के साथ प्यार, लेकिन वो पुरानी आग अब धीमी पड़ चुकी थी। प्रिंस थक जाता था ऑफिस से, शिवानी भी माँ बनकर थोड़ी थकी-थकी रहती। लेकिन शिवानी के अंदर की वो सेक्सुअल भूख कभी कम नहीं हुई। वो रात को बिस्तर पर लेटकर सोचती, “क्या मैं सिर्फ बीवी और माँ बनकर रह जाऊँगी? मेरी चूत अभी भी जलती है… वो जंगली प्यास… वो जोरदार धक्के… वो चीखें… सब कुछ चाहिए।”
एक दिन प्रिंस ने बताया, “जान, मेरी एक पुरानी दोस्त आ रही है पटना। नाम है रिया। दिल्ली से। वो 3-4 दिन रुकेगी। हम लोगों के साथ टाइम स्पेंड करेगी।” शिवानी ने पूछा, “कौन रिया?” प्रिंस हँसा, “कॉलेज टाइम की फ्रेंड। बहुत मस्त लड़की है। अब शादीशुदा है, लेकिन हसबैंड विदेश में है। अकेली घूमती-फिरती है।” शिवानी के मन में एक शरारत हुई। “अच्छा… तो मिलकर अच्छा लगेगा।”
रिया आई – 27 साल की, लंबी, फेयर स्किन, बॉडी बिल्कुल फिट – बड़े स्तन, पतली कमर, गोल मटोल गांड। बाल लंबे, लहरदार। वो जींस-टॉप में आई, लेकिन उसकी हर अदा में सेक्सीपन था। घर आते ही रिया ने शिवानी को गले लगाया, “वाह भाभी… कितनी हॉट लग रही हो! प्रिंस कितना लकी है।” शिवानी हँसी, लेकिन उसकी नजर रिया के क्लीवेज पर गई। “तुम भी कम नहीं हो रिया।”
पहली रात डिनर के बाद तीनों सोफे पर बैठे बातें कर रहे थे। आरव सो चुका था। वाइन खुली। बातें हल्की-फुल्की से गर्म होती गईं। रिया बोली, “प्रिंस, याद है कॉलेज में हम लोग कितना मस्ती करते थे?” प्रिंस हँसा। शिवानी ने पूछा, “कैसी मस्ती?” रिया ने आँख मारकर कहा, “वो सब… जो लड़के-लड़कियाँ करते हैं।” शिवानी का दिल तेज धड़का। वो बोली, “अब भी मस्ती कर सकते हो ना?”
रिया ने शिवानी की तरफ देखा। “भाभी… अगर आप और प्रिंस को बुरा न लगे… तो क्यों नहीं?” प्रिंस ने शिवानी की तरफ देखा। शिवानी ने मुस्कुराकर कहा, “मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं। आज रात… सब कुछ ट्राई करते हैं।” रिया की आँखें चमक उठीं। वो उठी, शिवानी के पास आई। शिवानी का चेहरा दोनों हाथों में लिया। धीरे से होंठ रख दिए। चुंबन शुरू – नरम, फिर गहरा। शिवानी ने जवाब दिया। उनकी जीभें खेलने लगीं। प्रिंस देख रहा था, उसका लंड सख्त हो गया।
रिया ने शिवानी की साड़ी का पल्लू सरकाया। ब्लाउज के हुक खोले। ब्रा उतारी। शिवानी के स्तन बाहर – अभी भी भरे हुए, निप्पल्स सख्त। रिया ने एक स्तन मुँह में लिया। चूसने लगी। शिवानी सिसकारी, “आह… रिया… कितना अच्छा लग रहा है… चूसो जोर से…” रिया ने दाँत से हल्के से काटा। शिवानी चीखी। प्रिंस ने अपनी शर्ट उतारी। पैंट उतारी। लंड बाहर – सख्त, नसें फूली। रिया ने देखा, मुस्कुराई। “प्रिंस… अभी भी वही मोटा लंड।”
रिया ने शिवानी को सोफे पर लिटाया। साड़ी पूरी उतार दी। शिवानी नंगी लेटी थी। रिया ने अपनी जींस उतारी, टॉप उतारा। ब्रा-पैंटी में थी। वो शिवानी की टाँगों के बीच बैठी। जीभ से चूत चाटने लगी। क्लिटोरिस पर जीभ घुमाई। शिवानी चिल्लाई, “उफ्फ… रिया… जीभ अंदर… चूसो मेरी चूत… आह… कितना मजा आ रहा है…” रिया ने उँगलियाँ डालीं – दो, फिर तीन। तेज-तेज अंदर-बाहर। शिवानी का शरीर काँप रहा था। वो झड़ गई – पानी रिया के मुँह पर। रिया ने चाट लिया।
प्रिंस अब नहीं रुक सका। वो रिया के पीछे आया। रिया की पैंटी उतारी। उसकी चूत गीली, शेव्ड। प्रिंस ने लंड रगड़ा, फिर पूरा अंदर डाल दिया। रिया चीखी, “आह… प्रिंस… कितना मोटा… फाड़ दो मेरी चूत…” प्रिंस धक्के मारने लगा। जोरदार। रिया शिवानी की चूत चाट रही थी, और प्रिंस उसे पीछे से पेल रहा था। शिवानी ने रिया के स्तनों को दबाया, निप्पल्स चूसे। तीनों की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।
पोजीशन बदली। शिवानी घुटनों पर। प्रिंस पीछे से शिवानी को चोद रहा था। रिया शिवानी के सामने लेटी, टाँगें फैलाकर। शिवानी रिया की चूत चाट रही थी। रिया बाल पकड़कर शिवानी का मुँह अपनी चूत पर दबा रही थी। “भाभी… जीभ और अंदर… चूसो क्लिट… आह… हाँ…” प्रिंस शिवानी की गांड पर थप्पड़ मार रहा था। “शिवानी… तेरी चूत आज कितनी गीली है… रिया की वजह से?” शिवानी चिल्लाई, “हाँ… दोनों की वजह से… चोदो जोर से… दोनों को…”
रिया ने स्ट्रैप-ऑन निकाला – बड़ा, काला। उसने पहना। शिवानी को लिटाया। स्ट्रैप-ऑन चूत में डाला। शिवानी चीखी, “आह… रिया… इतना मोटा… फाड़ दो…” रिया धक्के मार रही थी। प्रिंस ने अपना लंड रिया की गांड में डाला। अब रिया बीच में – आगे से शिवानी को चोद रही थी, पीछे से प्रिंस उसे। तीनों एक साथ हिल रहे थे। कमरा थप-थप, चीखों और सिसकारियों से भर गया।
शिवानी बोली, “रिया… मेरी गांड में भी… प्रिंस… तुम दोनों मिलकर…” प्रिंस ने लंड निकाला, शिवानी की गांड में डाला। रिया स्ट्रैप-ऑन से चूत में। डबल पेनेट्रेशन। शिवानी पागल हो गई। “आआह्ह… दोनों… फाड़ दो मुझे… मेरी चूत… गांड… सब कुछ… जोर से… आह… मैं झड़ रही हूँ…” वो कई बार झड़ी। पानी बहता रहा। प्रिंस और रिया भी झड़े – प्रिंस ने शिवानी की गांड में स्पर्म छोड़ा, रिया स्ट्रैप-ऑन से चूत में दबाव डालती रही।
फिर तीनों शावर में। पानी के नीचे फिर शुरू। रिया ने शिवानी को दीवार से सटाकर चूत चाटी। प्रिंस ने रिया को पीछे से चोदा। शिवानी ने प्रिंस का लंड चूसा। फिर प्रिंस ने शिवानी को गोद में उठाया, स्टैंडिंग में चोदा। रिया नीचे से शिवानी की चूत और प्रिंस के बॉल्स चाट रही थी। पानी बहता रहा, सिसकारियाँ गूँजती रहीं।
बेडरूम में वापस। रात भर चुदाई। कभी शिवानी और रिया 69 में – एक-दूसरे की चूत चाटतीं। प्रिंस उन्हें बारी-बारी चोदता। कभी प्रिंस और रिया शिवानी को बीच में रखकर। कभी शिवानी प्रिंस का लंड चूसती, रिया उसकी गांड में उँगली। सब कुछ – जोरदार, जंगली, बिना रुके। शिवानी की प्यास पूरी तरह बुझ गई। वो चिल्लाती रही, “हाँ… और… दोनों… मुझे पूरी तरह भर दो… मेरी चूत… गांड… मुँह… सब कुछ…”
सुबह तीनों थक कर लेटे। शिवानी बोली, “रिया… तुम कितने दिनों रुकोगी?” रिया हँसी, “जितने दिन तुम चाहो। मेरी प्यास भी अभी बुझी नहीं।” प्रिंस ने कहा, “तो अब हम तीनों… साथ।” शिवानी मुस्कुराई। “हाँ… लेकिन आरव को पता नहीं चलना चाहिए।”
रिया पटना में ही रुक गई – एक फ्लैट लिया पास में। अब रातें तीनों की होतीं। कभी शिवानी और रिया अकेले – लेस्बियन प्ले। कभी प्रिंस के साथ थ्रीसम। शिवानी की सेक्स की प्यास अब पूरी तरह मिट गई – या कहें, और बढ़ गई। वो सोचती, “ये नई जिंदगी… ये नया मजा… अब मैं कभी रुकूँगी नहीं।”
लेकिन पटना की गलियों में एक पुराना साया अभी भी था – अहमद जेल से बाहर आने वाला था। क्या वो वापस आएगा? या शिवानी की नई दुनिया अब हमेशा के लिए बदल चुकी है?
एक दिन प्रिंस ने बताया, “जान, मेरी एक पुरानी दोस्त आ रही है पटना। नाम है रिया। दिल्ली से। वो 3-4 दिन रुकेगी। हम लोगों के साथ टाइम स्पेंड करेगी।” शिवानी ने पूछा, “कौन रिया?” प्रिंस हँसा, “कॉलेज टाइम की फ्रेंड। बहुत मस्त लड़की है। अब शादीशुदा है, लेकिन हसबैंड विदेश में है। अकेली घूमती-फिरती है।” शिवानी के मन में एक शरारत हुई। “अच्छा… तो मिलकर अच्छा लगेगा।”
रिया आई – 27 साल की, लंबी, फेयर स्किन, बॉडी बिल्कुल फिट – बड़े स्तन, पतली कमर, गोल मटोल गांड। बाल लंबे, लहरदार। वो जींस-टॉप में आई, लेकिन उसकी हर अदा में सेक्सीपन था। घर आते ही रिया ने शिवानी को गले लगाया, “वाह भाभी… कितनी हॉट लग रही हो! प्रिंस कितना लकी है।” शिवानी हँसी, लेकिन उसकी नजर रिया के क्लीवेज पर गई। “तुम भी कम नहीं हो रिया।”
पहली रात डिनर के बाद तीनों सोफे पर बैठे बातें कर रहे थे। आरव सो चुका था। वाइन खुली। बातें हल्की-फुल्की से गर्म होती गईं। रिया बोली, “प्रिंस, याद है कॉलेज में हम लोग कितना मस्ती करते थे?” प्रिंस हँसा। शिवानी ने पूछा, “कैसी मस्ती?” रिया ने आँख मारकर कहा, “वो सब… जो लड़के-लड़कियाँ करते हैं।” शिवानी का दिल तेज धड़का। वो बोली, “अब भी मस्ती कर सकते हो ना?”
रिया ने शिवानी की तरफ देखा। “भाभी… अगर आप और प्रिंस को बुरा न लगे… तो क्यों नहीं?” प्रिंस ने शिवानी की तरफ देखा। शिवानी ने मुस्कुराकर कहा, “मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं। आज रात… सब कुछ ट्राई करते हैं।” रिया की आँखें चमक उठीं। वो उठी, शिवानी के पास आई। शिवानी का चेहरा दोनों हाथों में लिया। धीरे से होंठ रख दिए। चुंबन शुरू – नरम, फिर गहरा। शिवानी ने जवाब दिया। उनकी जीभें खेलने लगीं। प्रिंस देख रहा था, उसका लंड सख्त हो गया।
रिया ने शिवानी की साड़ी का पल्लू सरकाया। ब्लाउज के हुक खोले। ब्रा उतारी। शिवानी के स्तन बाहर – अभी भी भरे हुए, निप्पल्स सख्त। रिया ने एक स्तन मुँह में लिया। चूसने लगी। शिवानी सिसकारी, “आह… रिया… कितना अच्छा लग रहा है… चूसो जोर से…” रिया ने दाँत से हल्के से काटा। शिवानी चीखी। प्रिंस ने अपनी शर्ट उतारी। पैंट उतारी। लंड बाहर – सख्त, नसें फूली। रिया ने देखा, मुस्कुराई। “प्रिंस… अभी भी वही मोटा लंड।”
रिया ने शिवानी को सोफे पर लिटाया। साड़ी पूरी उतार दी। शिवानी नंगी लेटी थी। रिया ने अपनी जींस उतारी, टॉप उतारा। ब्रा-पैंटी में थी। वो शिवानी की टाँगों के बीच बैठी। जीभ से चूत चाटने लगी। क्लिटोरिस पर जीभ घुमाई। शिवानी चिल्लाई, “उफ्फ… रिया… जीभ अंदर… चूसो मेरी चूत… आह… कितना मजा आ रहा है…” रिया ने उँगलियाँ डालीं – दो, फिर तीन। तेज-तेज अंदर-बाहर। शिवानी का शरीर काँप रहा था। वो झड़ गई – पानी रिया के मुँह पर। रिया ने चाट लिया।
प्रिंस अब नहीं रुक सका। वो रिया के पीछे आया। रिया की पैंटी उतारी। उसकी चूत गीली, शेव्ड। प्रिंस ने लंड रगड़ा, फिर पूरा अंदर डाल दिया। रिया चीखी, “आह… प्रिंस… कितना मोटा… फाड़ दो मेरी चूत…” प्रिंस धक्के मारने लगा। जोरदार। रिया शिवानी की चूत चाट रही थी, और प्रिंस उसे पीछे से पेल रहा था। शिवानी ने रिया के स्तनों को दबाया, निप्पल्स चूसे। तीनों की सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।
पोजीशन बदली। शिवानी घुटनों पर। प्रिंस पीछे से शिवानी को चोद रहा था। रिया शिवानी के सामने लेटी, टाँगें फैलाकर। शिवानी रिया की चूत चाट रही थी। रिया बाल पकड़कर शिवानी का मुँह अपनी चूत पर दबा रही थी। “भाभी… जीभ और अंदर… चूसो क्लिट… आह… हाँ…” प्रिंस शिवानी की गांड पर थप्पड़ मार रहा था। “शिवानी… तेरी चूत आज कितनी गीली है… रिया की वजह से?” शिवानी चिल्लाई, “हाँ… दोनों की वजह से… चोदो जोर से… दोनों को…”
रिया ने स्ट्रैप-ऑन निकाला – बड़ा, काला। उसने पहना। शिवानी को लिटाया। स्ट्रैप-ऑन चूत में डाला। शिवानी चीखी, “आह… रिया… इतना मोटा… फाड़ दो…” रिया धक्के मार रही थी। प्रिंस ने अपना लंड रिया की गांड में डाला। अब रिया बीच में – आगे से शिवानी को चोद रही थी, पीछे से प्रिंस उसे। तीनों एक साथ हिल रहे थे। कमरा थप-थप, चीखों और सिसकारियों से भर गया।
शिवानी बोली, “रिया… मेरी गांड में भी… प्रिंस… तुम दोनों मिलकर…” प्रिंस ने लंड निकाला, शिवानी की गांड में डाला। रिया स्ट्रैप-ऑन से चूत में। डबल पेनेट्रेशन। शिवानी पागल हो गई। “आआह्ह… दोनों… फाड़ दो मुझे… मेरी चूत… गांड… सब कुछ… जोर से… आह… मैं झड़ रही हूँ…” वो कई बार झड़ी। पानी बहता रहा। प्रिंस और रिया भी झड़े – प्रिंस ने शिवानी की गांड में स्पर्म छोड़ा, रिया स्ट्रैप-ऑन से चूत में दबाव डालती रही।
फिर तीनों शावर में। पानी के नीचे फिर शुरू। रिया ने शिवानी को दीवार से सटाकर चूत चाटी। प्रिंस ने रिया को पीछे से चोदा। शिवानी ने प्रिंस का लंड चूसा। फिर प्रिंस ने शिवानी को गोद में उठाया, स्टैंडिंग में चोदा। रिया नीचे से शिवानी की चूत और प्रिंस के बॉल्स चाट रही थी। पानी बहता रहा, सिसकारियाँ गूँजती रहीं।
बेडरूम में वापस। रात भर चुदाई। कभी शिवानी और रिया 69 में – एक-दूसरे की चूत चाटतीं। प्रिंस उन्हें बारी-बारी चोदता। कभी प्रिंस और रिया शिवानी को बीच में रखकर। कभी शिवानी प्रिंस का लंड चूसती, रिया उसकी गांड में उँगली। सब कुछ – जोरदार, जंगली, बिना रुके। शिवानी की प्यास पूरी तरह बुझ गई। वो चिल्लाती रही, “हाँ… और… दोनों… मुझे पूरी तरह भर दो… मेरी चूत… गांड… मुँह… सब कुछ…”
सुबह तीनों थक कर लेटे। शिवानी बोली, “रिया… तुम कितने दिनों रुकोगी?” रिया हँसी, “जितने दिन तुम चाहो। मेरी प्यास भी अभी बुझी नहीं।” प्रिंस ने कहा, “तो अब हम तीनों… साथ।” शिवानी मुस्कुराई। “हाँ… लेकिन आरव को पता नहीं चलना चाहिए।”
रिया पटना में ही रुक गई – एक फ्लैट लिया पास में। अब रातें तीनों की होतीं। कभी शिवानी और रिया अकेले – लेस्बियन प्ले। कभी प्रिंस के साथ थ्रीसम। शिवानी की सेक्स की प्यास अब पूरी तरह मिट गई – या कहें, और बढ़ गई। वो सोचती, “ये नई जिंदगी… ये नया मजा… अब मैं कभी रुकूँगी नहीं।”
लेकिन पटना की गलियों में एक पुराना साया अभी भी था – अहमद जेल से बाहर आने वाला था। क्या वो वापस आएगा? या शिवानी की नई दुनिया अब हमेशा के लिए बदल चुकी है?


![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)