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Romance शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी
#7
कुछ हफ्ते बीत गए थे। अहमद पटना छोड़कर चला गया था – उसकी ट्रेन की आवाज अब भी शिवानी के कानों में गूँजती थी, लेकिन वो खुद को समझा रही थी कि सब खत्म हो गया। प्रिंस के साथ उसकी जिंदगी अब पहले से ज्यादा मजबूत लग रही थी। हर रात हार्डकोर सेक्स, प्यार भरी बातें, शादी की तैयारियाँ – सब कुछ परफेक्ट। लेकिन पिछले कुछ दिनों से शिवानी को कुछ अजीब लग रहा था। उल्टियाँ, थकान, ब्रेस्ट में दर्द, और पीरियड्स लेट। वो डर रही थी, लेकिन प्रिंस को कुछ नहीं बताया।
एक सुबह शिवानी ने फार्मेसी से प्रेग्नेंसी टेस्ट किट खरीदी। बाथरूम में जाकर टेस्ट किया। दो लाइनें – पॉजिटिव। शिवानी का हाथ काँपने लगा। वो आईने में खुद को देख रही थी – आँखें नम, चेहरा पीला। “ये… प्रिंस का नहीं हो सकता,” वो फुसफुसाई। क्योंकि आखिरी बार प्रिंस के साथ जब वो इतनी जोरदार चुदाई हुई थी, वो उसके बाद का समय था। लेकिन अहमद के साथ… वो कार वाली रात, दुकान वाली पूरी रात – वो सब बिना प्रोटेक्शन के था। टाइमिंग मैच कर रही थी। बच्चा अहमद का था।
शिवानी का दिल टूट रहा था। वो फर्श पर बैठ गई, रोने लगी। “भगवान… मैंने क्या कर दिया? प्रिंस… वो खुश होगा… लेकिन ये उसका नहीं है। अहमद… वो तो जा चुका है। मैं क्या करूँ?” अपराधबोध, डर, और एक अजीब सी खुशी – बच्चे की। वो पेट पर हाथ रखकर बोली, “तू… तू अहमद का है… लेकिन मैं तुझे कैसे बताऊँ?”
शाम को प्रिंस घर आया। खुश था, हाथ में फूलों का गुलदस्ता। “जान… आज स्पेशल डिनर! शादी की डेट फाइनल हो गई है।” शिवानी मुस्कुराने की कोशिश की, लेकिन आँखें छिप नहीं पा रही थीं। डिनर के बाद प्रिंस ने उसे बाहों में लिया। “क्या हुआ? आज कुछ उदास लग रही हो।” शिवानी ने हिम्मत जुटाई। “प्रिंस… मुझे कुछ बताना है।”
वो बेड पर बैठी। प्रिंस उसके सामने। शिवानी ने टेस्ट किट निकाली। “मैं… प्रेग्नेंट हूँ।” प्रिंस की आँखें चमक उठीं। वो खुशी से चीखा, “सच में? ओह माय गॉड… शिवानी! हमारा बच्चा!” वो उसे गले लगाने लगा, किस करने लगा। लेकिन शिवानी रो पड़ी। प्रिंस रुक गया। “क्यों रो रही हो? खुशी के आँसू?”
शिवानी ने सिर झुका लिया। “प्रिंस… ये बच्चा… तुम्हारा नहीं है।” कमरे में सन्नाटा छा गया। प्रिंस का चेहरा सफेद पड़ गया। “क्या… मतलब?” शिवानी रोते हुए बोली, “अहमद… वो ,., लड़का… जिससे मैं मिलती थी… वो… वो बच्चे का बाप है। मैंने धोखा दिया… मैं सॉरी हूँ… मैंने सब बर्बाद कर दिया।”
प्रिंस उठ खड़ा हुआ। उसकी आँखें लाल, गुस्सा और दर्द। “तू… तूने मुझे धोखा दिया? इतने दिनों से? और अब… बच्चा किसी और का?” वो चिल्लाया। शिवानी घुटनों पर बैठ गई, उसके पैर पकड़े। “प्रिंस… प्लीज… मैं प्यार करती हूँ तुमसे… लेकिन वो गलती हो गई… मैं कन्फ्यूज थी… लेकिन अब… मैं तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ। बच्चे को… तुम अपना मान लो ना?”
प्रिंस ने उसे झटका। “अपना मान लूँ? किसी ,., का बच्चा? पटना में सब जानेंगे… हमारी इज्जत… सब कुछ…” वो दीवार से सिर टकराने लगा। शिवानी रो रही थी, “प्रिंस… मार दो मुझे… लेकिन छोड़ना मत… मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकती।”
प्रिंस कुछ देर चुप रहा। फिर धीरे से बोला, “शिवानी… मैं तुझे प्यार करता हूँ… बहुत ज्यादा। लेकिन ये… ये सहन नहीं होगा।” वो बाहर चला गया। शिवानी अकेली रोती रही। रात भर नहीं सोई। सुबह प्रिंस लौटा। उसकी आँखें सूजी हुईं। वो शिवानी के पास बैठा। “मैंने सोचा है। बच्चा… अगर तू चाहे तो… मैं उसका बाप बन सकता हूँ। लेकिन शर्त है – अहमद से कभी संपर्क नहीं। और ये राज हमेशा राज रहेगा।”
शिवानी ने उसे गले लगाया। “प्रिंस… थैंक यू… मैं वादा करती हूँ।” लेकिन अंदर से वो टूट रही थी। प्रिंस ने उसे किस किया – लेकिन वो किस पहले जैसा नहीं था। अब वो बच्चे के साथ सेक्स नहीं कर सकता था जैसे पहले करता था। वो धीरे-धीरे, केयरफुली छूता। लेकिन शिवानी की बॉडी अब बदल रही थी – पेट उभरने लगा, स्तन भरे हुए।
एक रात प्रिंस ने कहा, “शिवानी… प्रेग्नेंसी में सेक्स सेफ है… लेकिन अब… मैं नहीं कर पाता। तू किसी और की… लगता है।” शिवानी रो पड़ी। लेकिन वो जानती थी – ये उसकी सजा है। वो अकेले पेट सहलाती, बच्चे से बात करती – “तू अहमद का है… लेकिन मैं तुझे प्रिंस के नाम से पालूँगी।”
कुछ महीनों बाद शिवानी का पेट बड़ा हो गया। प्रिंस बाहर से खुश दिखता, लेकिन अंदर दर्द था। शिवानी अब सिर्फ प्रिंस की थी – लेकिन बच्चा याद दिलाता रहता कि एक गलती ने सब बदल दिया। उनका प्यार अब दर्द और जिम्मेदारी का मिश्रण था। पटना की गलियों में वो जोड़ी अब अलग लगती – खुश, लेकिन टूटी हुई।
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RE: शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी - by Shivani4u - Yesterday, 07:21 AM



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