Thread Rating:
  • 2 Vote(s) - 3 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Romance शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी
#6
अहमद के जाने का फैसला शिवानी के दिल को चीर रहा था, लेकिन उस रात जब वो प्रिंस के साथ बेड पर लेटी, तो सब कुछ बदल गया। प्रिंस ने महसूस किया कि शिवानी कुछ अलग है – उसकी आँखों में दर्द, लेकिन साथ ही एक भूख जो छिप नहीं रही थी। प्रिंस ने उसे अपनी बाहों में खींचा, होंठ उसके होंठों पर रख दिए। चुंबन शुरू हुआ – पहले धीमा, फिर जंगली। प्रिंस की जीभ शिवानी के मुँह में घुस गई, दोनों एक-दूसरे को चूसने लगे जैसे सालों बाद मिले हों।
शिवानी का अपराधबोध अभी भी था, लेकिन प्रिंस का स्पर्श उसे सब भुला रहा था। वो सोच रही थी, “अहमद जा रहा है… अब सिर्फ प्रिंस… मुझे उसे सब कुछ देना है… उसे साबित करना है कि मैं सिर्फ उसकी हूँ।” उसने प्रिंस की शर्ट फाड़ दी, उसके चौड़े सीने पर नाखून फिराए। प्रिंस ने शिवानी की टी-शर्ट उतारी – ब्रा नहीं थी, उसके स्तन बाहर आ गए, निप्पल्स पहले से सख्त। प्रिंस ने उन्हें मुँह में लिया, जोर-जोर से चूसने लगा, काटने लगा। शिवानी चीख उठी, “आह… प्रिंस… चूसो जोर से… मेरे निप्पल्स फाड़ दो…”
प्रिंस ने शिवानी को बेड पर पटका, उसकी शॉर्ट्स उतारी। पैंटी गीली हो चुकी थी। प्रिंस ने उसे फाड़ दिया – शिवानी की चूत नंगी, बाल साफ, गुलाबी और चमकदार। प्रिंस ने अपनी जीभ अंदर डाली, क्लिटोरिस को चूसने लगा जैसे भूखा शेर हो। शिवानी का शरीर काँप रहा था, वो चिल्ला रही थी, “प्रिंस… उफ्फ… जीभ अंदर डालो… चाटो मेरी चूत… आह… मैं झड़ जाऊँगी…” प्रिंस ने दो उँगलियाँ अंदर डालीं, तेज-तेज फिंगर फक करते हुए क्लिट चूस रहा था। शिवानी ने पहला ऑर्गेज्म पकड़ा – उसकी चूत से गरम पानी निकला, प्रिंस के मुँह पर।
प्रिंस ने अपना लंड निकाला – 8 इंच का मोटा, नसें फूली हुईं, सिर लाल और चमकदार। शिवानी ने उसे देखा, आँखें फैल गईं। “प्रिंस… आज इसे मेरे अंदर दफन कर दो… पूरी तरह…” वो बोली। प्रिंस ने शिवानी की टाँगें कंधों पर रखीं, एक झटके में पूरा लंड अंदर डाल दिया। शिवानी चीखी, “आआह्ह्ह… इतना गहरा… फाड़ दोगे मेरी चूत…” लेकिन उसकी आँखें खुशी से चमक रही थीं। प्रिंस ने धक्के मारने शुरू किए – जोरदार, तेज, बिना रुके। बेड हिल रहा था, थप-थप की आवाज कमरे में गूँज रही थी।
शिवानी चिल्ला रही थी, “फक मी हार्ड… जोर से… मेरी चूत तुम्हारी है… पेलो मुझे… आह… यस… और तेज…” प्रिंस ने स्पीड बढ़ा दी, हर धक्के में लंड पूरी तरह बाहर- अंदर। शिवानी की छाती उछल रही थी, वो प्रिंस की पीठ पर नाखून गाड़ रही थी, खून निकल आया। प्रिंस ने उसे पलटा, डॉगी स्टाइल में किया। शिवानी की गांड ऊपर, प्रिंस पीछे से पेल रहा था। वो गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मार रहा था – लाल निशान पड़ गए। “तेरी गांड… कितनी सेक्सी… आज इसे भी फाड़ूँगा,” प्रिंस बोला।
शिवानी बोली, “हाँ… मेरी गांड में डालो… पहली बार नहीं… लेकिन आज जोर से…” प्रिंस ने लुब्रिकेंट लगाया, फिर धीरे से लंड गांड में डाला। शिवानी दर्द से चीखी, “आह… दर्द… लेकिन रुको मत… पूरा डालो…” प्रिंस ने पूरा अंदर कर दिया, फिर धक्के शुरू। शिवानी की चीखें मजा में बदल गईं, “उफ्फ… प्रिंस… मेरी गांड… चोदो… हार्ड… गहरा… आह…” प्रिंस बाल खींच रहा था, गांड पर थप्पड़ मार रहा था, लंड तेज-तेज अंदर-बाहर।
फिर प्रिंस ने शिवानी को गोद में उठाया, स्टैंडिंग पोजीशन में। शिवानी उसकी कमर पर टाँगें लपेटे, उछल रही थी। प्रिंस उसे चोद रहा था, दीवार से सटाकर। शिवानी चिल्ला रही थी, “प्रिंस… तुम्हारा लंड… मेरी चूत में… हमेशा रहना चाहिए… आह… मैं फिर झड़ रही हूँ…” उसकी चूत काँप उठी, दूसरा ऑर्गेज्म। प्रिंस ने उसे बेड पर पटका, मिशनरी में फिर से शुरू। अब वो और जंगली हो गया – लंड चूत में धक्के, हाथ से क्लिट रगड़ रहा था। शिवानी रो रही थी मजा से, “प्रिंस… कम इनसाइड… मुझे तुम्हारा स्पर्म चाहिए… भर दो मेरी चूत…”
प्रिंस ने जोर का धक्का मारा, गरम स्पर्म अंदर छोड़ दिया। दोनों थक कर लेट गए, लेकिन शिवानी अभी रुकी नहीं। वो प्रिंस के लंड को फिर से मुँह में ले लिया – क्लीनअप ब्लोजॉब। वो चूस रही थी, गले तक ले रही थी, गैगिंग कर रही थी। प्रिंस फिर सख्त हो गया। इस बार शिवानी ऊपर चढ़ी – काउगर्ल पोजीशन। वो उछल रही थी, लंड अंदर-बाहर, छाती उछाल रही थी। “प्रिंस… देखो… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… आज पूरी रात चोदो मुझे…” वो बोली। प्रिंस ने उसके निप्पल्स पकड़े, नीचे से धक्के मार रहे थे।
रात भर चुदाई चलती रही। बीच-बीच में ब्रेक – पानी पीते, फिर शुरू। एक बार किचन में – शिवानी काउंटर पर बैठी, प्रिंस खड़ा चोद रहा था। फिर बाथरूम में शावर के नीचे – पानी बहता, प्रिंस दीवार से सटाकर पेल रहा था। शिवानी की सिसकारियाँ गूँज रही थीं, “प्रिंस… तुम्हारा लंड… मेरी जान… फाड़ दो सब कुछ…”
सुबह होने तक दोनों पसीने और स्पर्म से तर। शिवानी प्रिंस की छाती पर सिर रखे लेटी थी। उसका अपराधबोध अब कम हो चुका था – वो सोच रही थी, “अहमद जा रहा है… अब सिर्फ प्रिंस… मैंने उसे सब कुछ दे दिया… ये मेरा फैसला है।” प्रिंस ने उसके माथे पर किस किया, “शिवानी… आज रात… तुमने मुझे महसूस कराया कि तुम सिर्फ मेरी हो। आई लव यू… हमेशा।”
शिवानी मुस्कुराई, लेकिन आँखों में एक हल्का सा दर्द अभी भी था। वो जानती थी कि अहमद की ट्रेन सुबह निकल चुकी होगी। लेकिन अब वो प्रिंस के साथ पूरी तरह थी – या कम से कम कोशिश कर रही थी। उनका जुनून अब और गहरा हो चुका था, हर रात ऐसी ही हार्डकोर, ऐसी ही जंगली।
Like Reply


Messages In This Thread
RE: शिवानी और प्रिंस की प्रेम कहानी - by Shivani4u - Yesterday, 07:20 AM



Users browsing this thread: 7 Guest(s)