11-02-2026, 03:12 PM
विश्वा:”क्यूकी, राजकुवर होने के नाते, धेट वाज़ एक्सपेक्टेड ऑफ मी।“
डॉक्टर: “तुमने अपनी बीवी के साथ जो किया।“
विश्वा: “मैं उसके लिए शर्मिंदा हू। यहा से जाते ही मैं मेनका से माफी माँगूंगा पर शायद हमारी शादी अब मैं निभा नही पाऊँगा। (हंसता है)। मैं भी क्या कह रहा हू! जो उस रात हुआ उसके बाद तो वो ही मेरे साथ नही रहना चाहेगी। मैने बहुत कोशिश की उसके साथ एक एमोशनल रिश्ता बने,डॉक्टर,पर ऐसा कभी हो नही पाया।“
डॉक्टर: “तो तुमने उसी से शादी क्यू की? किसी और राजकुमारी से भी कर सकते थे?”
थोड़ी देर चुप रहने के बाद विश्वा बोला,"डॉक्टर,वो बहुत खूबसूरत है। मैं बस,मैं बस उसके साथ हम बिस्तर होना चाहता था। उसे देखते ही मेरे दिल मे उसके जिस्म को हासिल करने का ख़याल आया था। शुरू मे मैने सोचा था कि इसी तरह हुमारे बीच प्यार भी हो जाएगा। वो बहुत अच्छी लड़की है। बहुत समझदार भी ,पर पता नही मेरे लिए वो कभी भी एक एक हसीन जिस्म से ज़्यादा क्यू नही बन पाई! मुझे कभी उस से प्यार नही हुआ।“
तभी डॉक्टर का फोन बजता है यह राजासाहब का है,होटेल को जाते हुए कार से कर रहे हैं।
"नमस्कार,राजा साब! हा,हा, विश्वा मे काफ़ी इंप्रूव्मेंट है। अभी मैं उसी की फाइल देख रहा था। सबसे बड़ी बात है कि वो खुद भी ठीक होना चाहता है। मैं कल आपको उसके बारे मे एक डीटेल्ड ई-मैल भेजता हू,फिर हम बात करेंगे। अच्छा राजासाहब,नमस्ते।"
चलिए वापस मुंबई चलते हैं, मेनका और राजा यशवीर होटेल मेरियट पहुँच गये हैं और राजासाहब रिसेप्षन पर अपना परिचय दे रहे हैं।
"हम,यशवीरसिंग हैं।हुमारे सेक्रेटरी ने राजपुरा से फोन पर यहा हुमारे नाम से 2 स्यूयीट्स बुक किए होंगे।"
"वेलकम सर,आपकी बुकिंग है पर एक सूयीट की।मैने ही राजपुरा से कॉल रिसीव की थी और मुझे कहा गया था कि राजा ।यशवीरसिंग और मिसेज़।सिंग के लिए सूयीट बुक करना है और हमने लोटस सूयीट आपके लिए रेडी कर दिया है।"
"ये कैसे हो सकता है।हमने साफ़ कहा था कि 2।-"
"इट'स ओके।हमारा सूयीट हमे दिखा दीजिए।",मेनका राजासाहब की बाँह पकड़ते हुए बोली,"चलिए।" मैत्री की पेशकश।
"शुवर मॅ'म।",कह कर रिसेप्षनिस्ट ने एक बेल बॉय को बुला कर उनके साथ कर दिया।
"आपने हमे बात क्यू नही करने दी?ऐसी ग़लती कोई कैसे कर सकता है।।",राजासाहब लिफ्ट मे घुसते हुए बोले।
"फोन पे अक्सर ऐसी ग़लत फहमी हो जाती है।सेक्रेटरी ने राजासाहब और मिसेज़।सिंग बोला होगा और इन्हे लगा होगा कि हम पति-पत्नी हैं।",जवाब देते हुए शर्म से मेनका के गाल लाल हो गये।
"अरे,जब आप बात समझ गयी थी तो उस रिसेप्षनिस्ट को बताया क्यू नही?"
"आपने भी तो माल मे सेलेज़्गर्ल को नही बताया था।",बेल्लबोय के पीछे सूयीट मे घुसते हुए मेनका बोली।
राजासाहब की बोलती बंद हो गयी,"। तो इसने सुन लिया था।",उन्होने सोचा।
सूयीट मे दाखिल होते ही एक लाउंज था जहा एक सोफा सेट लगा था और उसके बाद बड़ा सा बेडरूम जिसमे एक तरफ 4 चेर्स और एक टेबल थी और एक स्टडी डेस्क था जिसपे कंप्यूटर और फोन थे और दूसरी तरफ था एक विशाल पलंग जिसे देख कर बस यही ख़याल आता था कि यह तो चुदाइ के लिए ही बना है। मैत्री निर्मित।
बने रहिये कहानी के साथ आगे और भी लिख रही हूँ।
डॉक्टर: “तुमने अपनी बीवी के साथ जो किया।“
विश्वा: “मैं उसके लिए शर्मिंदा हू। यहा से जाते ही मैं मेनका से माफी माँगूंगा पर शायद हमारी शादी अब मैं निभा नही पाऊँगा। (हंसता है)। मैं भी क्या कह रहा हू! जो उस रात हुआ उसके बाद तो वो ही मेरे साथ नही रहना चाहेगी। मैने बहुत कोशिश की उसके साथ एक एमोशनल रिश्ता बने,डॉक्टर,पर ऐसा कभी हो नही पाया।“
डॉक्टर: “तो तुमने उसी से शादी क्यू की? किसी और राजकुमारी से भी कर सकते थे?”
थोड़ी देर चुप रहने के बाद विश्वा बोला,"डॉक्टर,वो बहुत खूबसूरत है। मैं बस,मैं बस उसके साथ हम बिस्तर होना चाहता था। उसे देखते ही मेरे दिल मे उसके जिस्म को हासिल करने का ख़याल आया था। शुरू मे मैने सोचा था कि इसी तरह हुमारे बीच प्यार भी हो जाएगा। वो बहुत अच्छी लड़की है। बहुत समझदार भी ,पर पता नही मेरे लिए वो कभी भी एक एक हसीन जिस्म से ज़्यादा क्यू नही बन पाई! मुझे कभी उस से प्यार नही हुआ।“
तभी डॉक्टर का फोन बजता है यह राजासाहब का है,होटेल को जाते हुए कार से कर रहे हैं।
"नमस्कार,राजा साब! हा,हा, विश्वा मे काफ़ी इंप्रूव्मेंट है। अभी मैं उसी की फाइल देख रहा था। सबसे बड़ी बात है कि वो खुद भी ठीक होना चाहता है। मैं कल आपको उसके बारे मे एक डीटेल्ड ई-मैल भेजता हू,फिर हम बात करेंगे। अच्छा राजासाहब,नमस्ते।"
चलिए वापस मुंबई चलते हैं, मेनका और राजा यशवीर होटेल मेरियट पहुँच गये हैं और राजासाहब रिसेप्षन पर अपना परिचय दे रहे हैं।
"हम,यशवीरसिंग हैं।हुमारे सेक्रेटरी ने राजपुरा से फोन पर यहा हुमारे नाम से 2 स्यूयीट्स बुक किए होंगे।"
"वेलकम सर,आपकी बुकिंग है पर एक सूयीट की।मैने ही राजपुरा से कॉल रिसीव की थी और मुझे कहा गया था कि राजा ।यशवीरसिंग और मिसेज़।सिंग के लिए सूयीट बुक करना है और हमने लोटस सूयीट आपके लिए रेडी कर दिया है।"
"ये कैसे हो सकता है।हमने साफ़ कहा था कि 2।-"
"इट'स ओके।हमारा सूयीट हमे दिखा दीजिए।",मेनका राजासाहब की बाँह पकड़ते हुए बोली,"चलिए।" मैत्री की पेशकश।
"शुवर मॅ'म।",कह कर रिसेप्षनिस्ट ने एक बेल बॉय को बुला कर उनके साथ कर दिया।
"आपने हमे बात क्यू नही करने दी?ऐसी ग़लती कोई कैसे कर सकता है।।",राजासाहब लिफ्ट मे घुसते हुए बोले।
"फोन पे अक्सर ऐसी ग़लत फहमी हो जाती है।सेक्रेटरी ने राजासाहब और मिसेज़।सिंग बोला होगा और इन्हे लगा होगा कि हम पति-पत्नी हैं।",जवाब देते हुए शर्म से मेनका के गाल लाल हो गये।
"अरे,जब आप बात समझ गयी थी तो उस रिसेप्षनिस्ट को बताया क्यू नही?"
"आपने भी तो माल मे सेलेज़्गर्ल को नही बताया था।",बेल्लबोय के पीछे सूयीट मे घुसते हुए मेनका बोली।
राजासाहब की बोलती बंद हो गयी,"। तो इसने सुन लिया था।",उन्होने सोचा।
सूयीट मे दाखिल होते ही एक लाउंज था जहा एक सोफा सेट लगा था और उसके बाद बड़ा सा बेडरूम जिसमे एक तरफ 4 चेर्स और एक टेबल थी और एक स्टडी डेस्क था जिसपे कंप्यूटर और फोन थे और दूसरी तरफ था एक विशाल पलंग जिसे देख कर बस यही ख़याल आता था कि यह तो चुदाइ के लिए ही बना है। मैत्री निर्मित।
बने रहिये कहानी के साथ आगे और भी लिख रही हूँ।


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