10-02-2026, 06:55 PM
(This post was last modified: 12-02-2026, 05:33 PM by rajusethzee. Edited 4 times in total. Edited 4 times in total.)
मम्मी मुझे देखने लगी और फिर कुछ देर में वो मुझे देखते देखते कमरे से बाहर चली गई और उनके जाते ही मैं बेड पे लेट गया और अपना लण्ड बाहर निकाल के मुठ मारने लगा और साथ ही माँ की पैंटी को सूंघने लगा माँ की पैंटी से चूत हो मदहोश कर देने वाली महक आ रही थी की क्या ही बताऊँ ह्म्मम्म्म्म फिर मन तो कर रहा था की अपना पानी निकाल दू लेकिन मैंने सोच लिया की अब तो मेरे लण्ड का पानी माँ अपने हाथो से निकालेगी फिर मैं माँ की पैंटी सूंघते हुए सो गया सुबह आठ बजे मेरी आँख खुली तो पापा ऑफिस जा चुके थे .......फिर मैंने माँ की पैंटी अपने मुँह पे पहन लिया और उनके चूत की खुशबू अभी तक आ रही थी
और मेरा लण्ड पहले से ही खड़ा था और माँ के चूत के महक से और भी पत्थर बन गया......... और मैं मम्मी की चुदाई के बारे में सोचने लगा और सुबह सुबह ही मम्मी के चुदाई के सपने देखने लगा ऐसे ही लेटे लेटे एक घंटा बीत गया और मुझे पता ही नहीं चला ......और फिर 9 बजे माँ चाय लेके मेरे कमरे में आने लगी फिर मम्मी के आने से पहले अपना लण्ड अंडरवियर से थोड़ा बाहर कर दिया और मम्मी की पैंटी की चूत वाली जगह को अपने मुँह लगा के सोने का नाटक करने लगा मम्मी कमरे के बाहर से ही मुझे आवाज़ देने लगी की
माँ- उठ जा बेटा 9 बज गए है
आवाज़ देते हुए वो मेरे कमरे में जैसे ही कमरे के अंदर आई उनकी आवाज़ बंद हो गई और वो मेरे मुँह की तरफ देखने लगी जहा उनकी पैंटी मेरे मुँह पे थी फिर उनकी नज़र मेरे खड़े लण्ड पे गई जो की फुल टाइट मेरे अंडरवियर के बाहर आधा
निकला हुआ था मै नाटक करके सो रहा था दो मिनट तक वो मुझे देख ही रही थी ......उनकी नज़र कभी अपनी पैंटी पे जाती कभी मेरे लण्ड पर ऊऊफफफफफफफ फिर वो मेरे पास आई और चाय टेबल पर रख दी और मेरा कन्धा पकड़ के हिलाने लगी और बोली .......
माँ- उठ जा बेटा सुबह हो गई है
फिर मैं तुरंत उठ गया और मै मम्मी को देखने लगा और मम्मी मुझे देख रही थी फिर मम्मी बोली ......
माँ- बेटा ये सब क्या है .....तुम मुँह पे पैंटी लगा के सो रहे हो ......पापा ने देख लिया होता तो क्या होता ह्म्मम्म्म्म चल हटा इसे ....
मम्मी की बात सुन के मैं मुँह से पैंटी हटा दी और बोला.......
मैं- मम्मी आप डरो मत ये सब तो मैंने पापा के ऑफिस जाने के बाद ही कर रहा था मेरी नींद एक घंटे पहले ही खुल गई थी तभी मैंने देखा की पापा ऑफिस के लिए निकल रहे थे तभी मेरी नज़र आपकी पैंटी पे गई और मुझसे रहा नहीं गया और मैं आपकी पैंटी फिर से सूंघने लगा और सो गया पता नहीं क्या जादू है आपके पैंटी में की जब भी इसे सूंघता हु कुछ देर बाद मेरी आँख लग जाती है ........फिर आप मुझे जगाने आई तो मेरी आँख खुली ........ये लीजिये आपकी पैंटी ......
माँ- अच्छा ठीक है बेटा अब चल उठजा फ्रेश होकर नास्ता करले ह्म्मम्म्म्म
मम्मी की बात सुन के मैं बेड से उठ गया और मम्मी के सामने अपने लण्ड को हाथ से पकड़ सेट करने लगा तभी मैंने देखा की मम्मी की नज़र मेरे लण्ड पे ही थी वो उसे देखे जा रही थी फिर मैंने माँ को देखा वो मुझे आखे बड़ी करके देखे जा रही थी फिर मैंने माँ को देख के मुस्कुराया और फिर मम्मी भी मुझे देख के मुस्कुराई और फिर मैं कमरे से बाहर चला गया फिर रुक गया और दरवाजे के कोने से देखने लगा मम्मी अपने पैंटी को ध्यान से देख रही थी जिसको मैं चूत वाले हिस्से को मैं चाट चाट के गीला कर दिया था तभी मैं एकदम से अंदर आगया तो मम्मी ने अपने हाथ में ली हुई पैंटी पीछे छुपा ली और बोली .......
माँ - क्या हुआ बेटा ......
मैं- कुछ नहीं मम्मी बस अपने मोबाइल को चार्जर पे लगाने आया था .....
माँ- चल बेटा मुँह हाथ धोले ह्म्म्मम्म ......
मम्मी के कहने पर मै फ्रेश होने चला गया फ्रेश होक आया तो मम्मी नहाने चली गई फिर मैं तुरंत बाथरूम के पास चला गया और माँ को देखने लगा माँ ऊपर से पूरी नंगी थी और बैठ के नहा रही थी कुछ देर बाद जब मम्मी खड़ी हुई तो उनके चूतर पे उनका गीला पेटीकोट चिपका हुआ था जिसे देख कर मेरी हालत ख़राब हो रही थी ....फिर मम्मी पलट गई तो मेरे सामने माँ की सेक्सी दोनों चूचियां थी जिस पर पानी की बूंदे चमक रही थी ह्म्म्मम्म्म्म और पानी की बूंदे माँ के नाभि से होते हुए माँ के पेटीकोट में चूत की तरफ जा रही थी जिसे देख में मेरा हाथ मेरे लण्ड पे चला गया और मसलने लगा ऊऊफफफफफफ फिर माँ नया पेटीकोट पहनने लगी तो उनकी सेक्सी गांड मुझे दिखाई दी ......फिर वो बाहर निकलने वाली थी उससे पहले मै उनके कमरे में जाके बैठ गया .......और मुझे पता था की बाकी कपडे वो रूम में आके पहनती है .....फिर मैं मम्मी के आने का इंतज़ार करने लगा और फिर माँ जैसे ही कमरे में आई तो मैंने देखा की ब्लाउज़ और पेटीकोट पहन कर कमरे में आई है ऐसा पहली बार हुआ है .....कमरे में आके मम्मी मुझे देखने लगी मैं समझ गया की कल रात वाली बात से माँ ने ऐसा किया है क्युकी उससे पहले माँ कमरे में ही ब्रा और ब्लाउज़ पहनती थी ......वो साड़ी छोड़ के बाकी कपडे पहन कर आई थी फिर कपडे पहन कर बोली ....
माँ- बेटा मैं पूजा कर लू फिर नास्ता देती हु हम्म्म्म
मैं - ठीक है मम्मी .....
फिर माँ पूजा करने लगी और फिर उन्होंने मुझे नास्ता दिया और नास्ता करके मैं कालेज निकल गया और फिर माँ अपने काम में लग गई फिर मैं दोपहर में घर आया तो मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और मैं सोफे पे अपना लण्ड पकड़ के बैठ गया .....तो माँ ने मुझे देखा ...और बोली .
माँ- क्या हुआ बेटा ऐसे क्यों बैठा है पेट में दर्द है क्या ..ह्म्म्मम्म
मैं - नहीं माँ पेट में नहीं उसमे दर्द है आअह्ह्ह
मेरी बात सुन के मम्मी की नज़र मेरे लण्ड पे गई जिसे मैं दबा रहा था ......तो माँ बोली ....
माँ- अरे बेटा तुझे दिन में भी चैन नहीं है ह्म्मम्म्म्म
माँ - क्या करू माँ मेरा लण्ड मेरे बस में ही नहीं है जब देखो खड़ा हो जाता है अह्ह्ह्हह
मेरे मुँह से लण्ड शब्द सुनकर माँ मुझे घूर के देखने लगी फिर मैं बोला ....
मैं- मम्मी आप मुझे ऐसे क्यों देख रही हैं...लण्ड बोल दिया इसीलिए ....
मम्मी मेरी बात सुन के कोई जवाब नहीं दी ....बस मुझे देखे जा रही थी ...
मैं- मम्मी आज कल सभी लोग ऐसे ही बोलते है .......मेरे दोस्त भी इसको यही बोलते है इसीलिए मेरे मुँह से निकल गया आप मुझसे नाराज़ हो क्या
मम्मी- नहीं बेटा नाराज नहीं हु ......जो बातें हमारे बीच कल राज हुई थी उसके बाद हमारे बीच रह ही क्या गया है .....
मैं- मम्मी आप सच में नाराज़ नहीं हो न ....
मम्मी- नहीं बेटा नाराज़ नहीं हु ...बस ऐसे बातें थोड़ा अजीब लगती है
मैं- मम्मी ...जैसे मैं खुल के बोलता हु लण्ड को इस बात से आपको कोई ऐतराज़ तो नहीं है न
मम्मी मेरी बातें सुन के चुप हो गई और मैं मम्मी को देख के अपने लण्ड को मसलने लगा .....
मैं- मम्मी आपने जवाब नहीं दिया बताइये न .....आपसे ऐसे खुल के बाते कर सकते हु न जैसे अपने दोस्तों से खुल के बाते करते हु ह्म्मम्म्म्म
मम्मी- बेटा कल रात हमारे बीच जिस तरह की बाते हुई उसके बाद हमारे बीच रह ही क्या गया है ह्म्म्मम्म की अब मुझे शर्म आएगी .......मगर ध्यान रखें इस तरह की बाते अकेले में ही करना जब सिर्फ हम दोनों हो ......किसी के सामने मत बोल देना ह्म्म्मम्म
मैं - अरे माँ मै पागल थोड़ी हु की किसी के सामने ऐसे बातें करूँगा हम्म्म वैसे मम्मी कल रात जब आप मुझे समझा रहे थे और आपने मुझे अपनी पैंटी दी उससे लगा की सच में आप मेरी दोस्त हो ह्म्मम्म्म्म मम्मी कल रात पहली बार आपसे बात करने में डर नहीं लगा वरना थप्पड़ खा के तो मेरी हालत ही ख़राब हो गई थी .....
मम्मी- बेटा मैं तुम्हारी माँ हु ......तेरी परेशानी मैं नहीं समझूंगी तो कौन समझेगा ह्म्मम्म्म्म और वो थप्पड़ तो मैंने गुस्से में मार दिया था अब मुझे पता नहीं था की तुम्हारे अंदर ये सब चल रहा है ह्म्म्मम्म
मैं - मैं समझता हु मम्मी आप ने मुझे पहले कभी वो सब करते नहीं देखा था और आपकी जगह कोई और होता तो ऐसे ही करता मगर मैं क्या करू माँ मेरा लण्ड हमेशा खड़ा हो जाता है ......और जब तक पानी न निकालू तब तक ऐसे ही टाइट रहता है ......कल रात मैंने दो बार पानी निकाला तब जाके सो पाया ....और सुबह फिर से खड़ा हो गया ......
मम्मी- मैं समझ सकती हु बेटा ......लेकिन बार बार ऐसे करना ठीक नहीं है इससे सेहत पे असर पड़ता है हम्म्म्म
मैं - लेकिन माँ जब मैं अपना पानी नहीं निकलता तो ये रात को अपने आप ही निकल जाता था .....आपको याद है मैं सुबह उठते ही नहा लेता था क्युकी मेरा अंडरवियर मेरे पानी से गीला हो जाता था इसी लिए मैं नहा लेता था
मम्मी मेरी बात बड़े ध्यान से सुन रही थी और मैं मम्मी को देख के अपने लण्ड को मसल रहा था और मम्मी की नज़र मेरे खड़े लण्ड पे ही थी जिसे बड़े गौर से देखे जा रही थी जो की लोअर से बाहर आने को बेताब था ........
मैं - अब आप ही बताओ मैं ऐसा न करू तो क्या करू .....देखो न ये कैसे खड़ा हुआ है अभी भी हम्म्म्म
मम्मी से ये बात बोलते हुए मैं अपना लोअर थोड़ा नीचे किया जिससे मेरे लण्ड बाहर आके उछल गया .....और मेरे लण्ड को देखते ही मम्मी चौंक गई और इधर उधर देखने लगी .....
![[Image: 38906231.gif?validfrom=1762923600&validt...DQS%2Bs%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/38906231.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=UxitWgcflxY2c8KXPQJT78DQS%2Bs%3D)
माँ- बेटा तू पागल हो गया है क्या ......दिन दहाड़े ऐसा कोई करता है क्या कोई घर में आजाये तो .......
फिर मैं मम्मी की बात सुन के लोअर पहन लिया और माँ मुझे गौर से देख रही थी
और मेरा लण्ड पहले से ही खड़ा था और माँ के चूत के महक से और भी पत्थर बन गया......... और मैं मम्मी की चुदाई के बारे में सोचने लगा और सुबह सुबह ही मम्मी के चुदाई के सपने देखने लगा ऐसे ही लेटे लेटे एक घंटा बीत गया और मुझे पता ही नहीं चला ......और फिर 9 बजे माँ चाय लेके मेरे कमरे में आने लगी फिर मम्मी के आने से पहले अपना लण्ड अंडरवियर से थोड़ा बाहर कर दिया और मम्मी की पैंटी की चूत वाली जगह को अपने मुँह लगा के सोने का नाटक करने लगा मम्मी कमरे के बाहर से ही मुझे आवाज़ देने लगी की
माँ- उठ जा बेटा 9 बज गए है
आवाज़ देते हुए वो मेरे कमरे में जैसे ही कमरे के अंदर आई उनकी आवाज़ बंद हो गई और वो मेरे मुँह की तरफ देखने लगी जहा उनकी पैंटी मेरे मुँह पे थी फिर उनकी नज़र मेरे खड़े लण्ड पे गई जो की फुल टाइट मेरे अंडरवियर के बाहर आधा
निकला हुआ था मै नाटक करके सो रहा था दो मिनट तक वो मुझे देख ही रही थी ......उनकी नज़र कभी अपनी पैंटी पे जाती कभी मेरे लण्ड पर ऊऊफफफफफफफ फिर वो मेरे पास आई और चाय टेबल पर रख दी और मेरा कन्धा पकड़ के हिलाने लगी और बोली .......माँ- उठ जा बेटा सुबह हो गई है
फिर मैं तुरंत उठ गया और मै मम्मी को देखने लगा और मम्मी मुझे देख रही थी फिर मम्मी बोली ......
माँ- बेटा ये सब क्या है .....तुम मुँह पे पैंटी लगा के सो रहे हो ......पापा ने देख लिया होता तो क्या होता ह्म्मम्म्म्म चल हटा इसे ....
मम्मी की बात सुन के मैं मुँह से पैंटी हटा दी और बोला.......
मैं- मम्मी आप डरो मत ये सब तो मैंने पापा के ऑफिस जाने के बाद ही कर रहा था मेरी नींद एक घंटे पहले ही खुल गई थी तभी मैंने देखा की पापा ऑफिस के लिए निकल रहे थे तभी मेरी नज़र आपकी पैंटी पे गई और मुझसे रहा नहीं गया और मैं आपकी पैंटी फिर से सूंघने लगा और सो गया पता नहीं क्या जादू है आपके पैंटी में की जब भी इसे सूंघता हु कुछ देर बाद मेरी आँख लग जाती है ........फिर आप मुझे जगाने आई तो मेरी आँख खुली ........ये लीजिये आपकी पैंटी ......
माँ- अच्छा ठीक है बेटा अब चल उठजा फ्रेश होकर नास्ता करले ह्म्मम्म्म्म
मम्मी की बात सुन के मैं बेड से उठ गया और मम्मी के सामने अपने लण्ड को हाथ से पकड़ सेट करने लगा तभी मैंने देखा की मम्मी की नज़र मेरे लण्ड पे ही थी वो उसे देखे जा रही थी फिर मैंने माँ को देखा वो मुझे आखे बड़ी करके देखे जा रही थी फिर मैंने माँ को देख के मुस्कुराया और फिर मम्मी भी मुझे देख के मुस्कुराई और फिर मैं कमरे से बाहर चला गया फिर रुक गया और दरवाजे के कोने से देखने लगा मम्मी अपने पैंटी को ध्यान से देख रही थी जिसको मैं चूत वाले हिस्से को मैं चाट चाट के गीला कर दिया था तभी मैं एकदम से अंदर आगया तो मम्मी ने अपने हाथ में ली हुई पैंटी पीछे छुपा ली और बोली .......
माँ - क्या हुआ बेटा ......
मैं- कुछ नहीं मम्मी बस अपने मोबाइल को चार्जर पे लगाने आया था .....
माँ- चल बेटा मुँह हाथ धोले ह्म्म्मम्म ......
मम्मी के कहने पर मै फ्रेश होने चला गया फ्रेश होक आया तो मम्मी नहाने चली गई फिर मैं तुरंत बाथरूम के पास चला गया और माँ को देखने लगा माँ ऊपर से पूरी नंगी थी और बैठ के नहा रही थी कुछ देर बाद जब मम्मी खड़ी हुई तो उनके चूतर पे उनका गीला पेटीकोट चिपका हुआ था जिसे देख कर मेरी हालत ख़राब हो रही थी ....फिर मम्मी पलट गई तो मेरे सामने माँ की सेक्सी दोनों चूचियां थी जिस पर पानी की बूंदे चमक रही थी ह्म्म्मम्म्म्म और पानी की बूंदे माँ के नाभि से होते हुए माँ के पेटीकोट में चूत की तरफ जा रही थी जिसे देख में मेरा हाथ मेरे लण्ड पे चला गया और मसलने लगा ऊऊफफफफफफ फिर माँ नया पेटीकोट पहनने लगी तो उनकी सेक्सी गांड मुझे दिखाई दी ......फिर वो बाहर निकलने वाली थी उससे पहले मै उनके कमरे में जाके बैठ गया .......और मुझे पता था की बाकी कपडे वो रूम में आके पहनती है .....फिर मैं मम्मी के आने का इंतज़ार करने लगा और फिर माँ जैसे ही कमरे में आई तो मैंने देखा की ब्लाउज़ और पेटीकोट पहन कर कमरे में आई है ऐसा पहली बार हुआ है .....कमरे में आके मम्मी मुझे देखने लगी मैं समझ गया की कल रात वाली बात से माँ ने ऐसा किया है क्युकी उससे पहले माँ कमरे में ही ब्रा और ब्लाउज़ पहनती थी ......वो साड़ी छोड़ के बाकी कपडे पहन कर आई थी फिर कपडे पहन कर बोली ....
माँ- बेटा मैं पूजा कर लू फिर नास्ता देती हु हम्म्म्म
मैं - ठीक है मम्मी .....
फिर माँ पूजा करने लगी और फिर उन्होंने मुझे नास्ता दिया और नास्ता करके मैं कालेज निकल गया और फिर माँ अपने काम में लग गई फिर मैं दोपहर में घर आया तो मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और मैं सोफे पे अपना लण्ड पकड़ के बैठ गया .....तो माँ ने मुझे देखा ...और बोली .
माँ- क्या हुआ बेटा ऐसे क्यों बैठा है पेट में दर्द है क्या ..ह्म्म्मम्म
मैं - नहीं माँ पेट में नहीं उसमे दर्द है आअह्ह्ह
मेरी बात सुन के मम्मी की नज़र मेरे लण्ड पे गई जिसे मैं दबा रहा था ......तो माँ बोली ....
माँ- अरे बेटा तुझे दिन में भी चैन नहीं है ह्म्मम्म्म्म
माँ - क्या करू माँ मेरा लण्ड मेरे बस में ही नहीं है जब देखो खड़ा हो जाता है अह्ह्ह्हह
मेरे मुँह से लण्ड शब्द सुनकर माँ मुझे घूर के देखने लगी फिर मैं बोला ....
मैं- मम्मी आप मुझे ऐसे क्यों देख रही हैं...लण्ड बोल दिया इसीलिए ....
मम्मी मेरी बात सुन के कोई जवाब नहीं दी ....बस मुझे देखे जा रही थी ...
मैं- मम्मी आज कल सभी लोग ऐसे ही बोलते है .......मेरे दोस्त भी इसको यही बोलते है इसीलिए मेरे मुँह से निकल गया आप मुझसे नाराज़ हो क्या
मम्मी- नहीं बेटा नाराज नहीं हु ......जो बातें हमारे बीच कल राज हुई थी उसके बाद हमारे बीच रह ही क्या गया है .....
मैं- मम्मी आप सच में नाराज़ नहीं हो न ....
मम्मी- नहीं बेटा नाराज़ नहीं हु ...बस ऐसे बातें थोड़ा अजीब लगती है
मैं- मम्मी ...जैसे मैं खुल के बोलता हु लण्ड को इस बात से आपको कोई ऐतराज़ तो नहीं है न
मम्मी मेरी बातें सुन के चुप हो गई और मैं मम्मी को देख के अपने लण्ड को मसलने लगा .....
मैं- मम्मी आपने जवाब नहीं दिया बताइये न .....आपसे ऐसे खुल के बाते कर सकते हु न जैसे अपने दोस्तों से खुल के बाते करते हु ह्म्मम्म्म्म
मम्मी- बेटा कल रात हमारे बीच जिस तरह की बाते हुई उसके बाद हमारे बीच रह ही क्या गया है ह्म्म्मम्म की अब मुझे शर्म आएगी .......मगर ध्यान रखें इस तरह की बाते अकेले में ही करना जब सिर्फ हम दोनों हो ......किसी के सामने मत बोल देना ह्म्म्मम्म
मैं - अरे माँ मै पागल थोड़ी हु की किसी के सामने ऐसे बातें करूँगा हम्म्म वैसे मम्मी कल रात जब आप मुझे समझा रहे थे और आपने मुझे अपनी पैंटी दी उससे लगा की सच में आप मेरी दोस्त हो ह्म्मम्म्म्म मम्मी कल रात पहली बार आपसे बात करने में डर नहीं लगा वरना थप्पड़ खा के तो मेरी हालत ही ख़राब हो गई थी .....
मम्मी- बेटा मैं तुम्हारी माँ हु ......तेरी परेशानी मैं नहीं समझूंगी तो कौन समझेगा ह्म्मम्म्म्म और वो थप्पड़ तो मैंने गुस्से में मार दिया था अब मुझे पता नहीं था की तुम्हारे अंदर ये सब चल रहा है ह्म्म्मम्म
मैं - मैं समझता हु मम्मी आप ने मुझे पहले कभी वो सब करते नहीं देखा था और आपकी जगह कोई और होता तो ऐसे ही करता मगर मैं क्या करू माँ मेरा लण्ड हमेशा खड़ा हो जाता है ......और जब तक पानी न निकालू तब तक ऐसे ही टाइट रहता है ......कल रात मैंने दो बार पानी निकाला तब जाके सो पाया ....और सुबह फिर से खड़ा हो गया ......
मम्मी- मैं समझ सकती हु बेटा ......लेकिन बार बार ऐसे करना ठीक नहीं है इससे सेहत पे असर पड़ता है हम्म्म्म
मैं - लेकिन माँ जब मैं अपना पानी नहीं निकलता तो ये रात को अपने आप ही निकल जाता था .....आपको याद है मैं सुबह उठते ही नहा लेता था क्युकी मेरा अंडरवियर मेरे पानी से गीला हो जाता था इसी लिए मैं नहा लेता था
मम्मी मेरी बात बड़े ध्यान से सुन रही थी और मैं मम्मी को देख के अपने लण्ड को मसल रहा था और मम्मी की नज़र मेरे खड़े लण्ड पे ही थी जिसे बड़े गौर से देखे जा रही थी जो की लोअर से बाहर आने को बेताब था ........
मैं - अब आप ही बताओ मैं ऐसा न करू तो क्या करू .....देखो न ये कैसे खड़ा हुआ है अभी भी हम्म्म्म
मम्मी से ये बात बोलते हुए मैं अपना लोअर थोड़ा नीचे किया जिससे मेरे लण्ड बाहर आके उछल गया .....और मेरे लण्ड को देखते ही मम्मी चौंक गई और इधर उधर देखने लगी .....
![[Image: 38906231.gif?validfrom=1762923600&validt...DQS%2Bs%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/38906231.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=UxitWgcflxY2c8KXPQJT78DQS%2Bs%3D)
माँ- बेटा तू पागल हो गया है क्या ......दिन दहाड़े ऐसा कोई करता है क्या कोई घर में आजाये तो .......
फिर मैं मम्मी की बात सुन के लोअर पहन लिया और माँ मुझे गौर से देख रही थी


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