10-02-2026, 02:01 PM
सेशन 4
डॉक्टर: “हेलो,विश्वा”।
विश्वा: “हाई,डॉक्टर।“
डॉक्टर: “कैसा लग रहा है यहा?” मैत्री की लेखनी।
विश्वा:”अच्छी जगह है डॉक्टर,पर जब तलब लगती है तो ये जगह जैल लगने लगती है।“
डॉक्टर: “तुम चाहो तो कल ही यहा से जा सकते हो। तुम्हारी मर्ज़ी के खिलाफ ,अगर तुम्हारे परिवार वाले बोले, तो भी मैं तुम्हे यहा नही रोकुंगा।“
विश्वा(खड़ा होकर खिड़की से बाहर देखते हुए): “नही डॉक्टर,मैं ठीक होना चाहता हू। मैं किसी और चीज़ को अपनी लाइफ कंट्रोल करने नही दे सकता।“
डॉक्टर: “धेट'स ध स्पिरिट! मैं समझता हू,विश्वा, जब तलब लगती है तो बहुत मुश्किल होती है पर मैं जानता हु कि तुम इस से ज़रूर उबर जाओगे।“
डॉक्टर और आगे बढ़ते हैं,एक वीडियो देखना शुरू करते हैं और फास्ट फॉर्वर्ड कर वहा से देखते हैं, जहाँ से विश्वा बोलता है,
विश्वा: “मेरे मा-पिता बहुत अच्छे हैं और हम दोनो भाइयों को कँहि भी बिगड़ने नही दिया और ना ही कभी हमारी कोई जायज़ माँग को ठुकराया । और मेरा भाई तो मेरा दोस्त था। डॉक्टर,हम राजपरिवार के लड़को से कुछ खास उम्मीदें रखी जाती हैं-हमे अपने परिवार की मर्यादा का हर वक़्त ख़याल रखना पड़ता है-हर वक़्त,मुझ से ये सब उतना नही होता था,वैसे भी मेरा भाई भावी राजा था। उसे बिज़नेस संभालना था और परिवार के मान की रखवाली करनी थी।
डॉक्टर: “तो तुम परिवार की इज़्ज़त का ख़याल नही करते?”
विश्वा: “करता हू,पर मैं राजपुरा मे नही रहना चाहता था, मैं तो अमेरिका मे अपने फ्रेंड्स के साथ अप्पर-एंड गॅडजेट्स का बिज़नेस करना चाहता था। मेरे भाई को मेरे प्लान्स के बारे मे पता था और वो हमेशा कहता था कि फॅमिली बिज़नेस और ट्रेडिशन्स की देखभाल के लिए वो है,मैं तो बस वो करू जो मैं चाहता हू। मेरा भाई मेरा बहुत ख़याल रखता था डॉक्टर,पर भगवान ने उसे छीन लिया और मुझे मजबूरन वापस आना पड़ा। पिता जी बिल्कुल अकेले थे और मा भी स्वर्ग सिधर गयी थी। मैं आया था अपना फ़र्ज़ निभाने पर इधर कुछ महीनों से ये फ़र्ज़ मुझे बोझ लगने लगा था।“
डॉक्टर और आगे बढ़ते हैं।
सेशन 8
विश्वा:”मुझे अपने पिता से कोई शिकायत नही डॉकटर, पर शायद हम दोनो के रास्ते अलग हैं,राजपुरा उनकी ज़िंदगी है और मैं अब राजपुरा जाना नही चाहता। मेरा दम घुट ता है अब वहाँ।“
सेशन 15
डॉक्टर: “सेक्स के बारे मे तुम्हारे क्या ख़याल हैं?”
विश्वा; “इंसानी ज़रूरत है जैसे खाना,पानी,हवा।“
डॉक्टर: “और शादी?” मैत्री की पेशकश
विश्वा:”बिल्कुल ज़रूरी नही है, अगर आप बच्चा पालना चाहते हैं तो अलग बात है वरना किसी लड़की के साथ आप शादी के बगैर भी वैसे ही रह सकते हैं।“
डॉक्टर:”तो फिर तुमने शादी क्यू की?”
............................
आज के लिए बस यही तक कल फिर एक नए अपडेट के साथ मिलेंगे।
तब तक के लिए मैत्री की तरफ से जय भारत।
डॉक्टर: “हेलो,विश्वा”।
विश्वा: “हाई,डॉक्टर।“
डॉक्टर: “कैसा लग रहा है यहा?” मैत्री की लेखनी।
विश्वा:”अच्छी जगह है डॉक्टर,पर जब तलब लगती है तो ये जगह जैल लगने लगती है।“
डॉक्टर: “तुम चाहो तो कल ही यहा से जा सकते हो। तुम्हारी मर्ज़ी के खिलाफ ,अगर तुम्हारे परिवार वाले बोले, तो भी मैं तुम्हे यहा नही रोकुंगा।“
विश्वा(खड़ा होकर खिड़की से बाहर देखते हुए): “नही डॉक्टर,मैं ठीक होना चाहता हू। मैं किसी और चीज़ को अपनी लाइफ कंट्रोल करने नही दे सकता।“
डॉक्टर: “धेट'स ध स्पिरिट! मैं समझता हू,विश्वा, जब तलब लगती है तो बहुत मुश्किल होती है पर मैं जानता हु कि तुम इस से ज़रूर उबर जाओगे।“
डॉक्टर और आगे बढ़ते हैं,एक वीडियो देखना शुरू करते हैं और फास्ट फॉर्वर्ड कर वहा से देखते हैं, जहाँ से विश्वा बोलता है,
विश्वा: “मेरे मा-पिता बहुत अच्छे हैं और हम दोनो भाइयों को कँहि भी बिगड़ने नही दिया और ना ही कभी हमारी कोई जायज़ माँग को ठुकराया । और मेरा भाई तो मेरा दोस्त था। डॉक्टर,हम राजपरिवार के लड़को से कुछ खास उम्मीदें रखी जाती हैं-हमे अपने परिवार की मर्यादा का हर वक़्त ख़याल रखना पड़ता है-हर वक़्त,मुझ से ये सब उतना नही होता था,वैसे भी मेरा भाई भावी राजा था। उसे बिज़नेस संभालना था और परिवार के मान की रखवाली करनी थी।
डॉक्टर: “तो तुम परिवार की इज़्ज़त का ख़याल नही करते?”
विश्वा: “करता हू,पर मैं राजपुरा मे नही रहना चाहता था, मैं तो अमेरिका मे अपने फ्रेंड्स के साथ अप्पर-एंड गॅडजेट्स का बिज़नेस करना चाहता था। मेरे भाई को मेरे प्लान्स के बारे मे पता था और वो हमेशा कहता था कि फॅमिली बिज़नेस और ट्रेडिशन्स की देखभाल के लिए वो है,मैं तो बस वो करू जो मैं चाहता हू। मेरा भाई मेरा बहुत ख़याल रखता था डॉक्टर,पर भगवान ने उसे छीन लिया और मुझे मजबूरन वापस आना पड़ा। पिता जी बिल्कुल अकेले थे और मा भी स्वर्ग सिधर गयी थी। मैं आया था अपना फ़र्ज़ निभाने पर इधर कुछ महीनों से ये फ़र्ज़ मुझे बोझ लगने लगा था।“
डॉक्टर और आगे बढ़ते हैं।
सेशन 8
विश्वा:”मुझे अपने पिता से कोई शिकायत नही डॉकटर, पर शायद हम दोनो के रास्ते अलग हैं,राजपुरा उनकी ज़िंदगी है और मैं अब राजपुरा जाना नही चाहता। मेरा दम घुट ता है अब वहाँ।“
सेशन 15
डॉक्टर: “सेक्स के बारे मे तुम्हारे क्या ख़याल हैं?”
विश्वा; “इंसानी ज़रूरत है जैसे खाना,पानी,हवा।“
डॉक्टर: “और शादी?” मैत्री की पेशकश
विश्वा:”बिल्कुल ज़रूरी नही है, अगर आप बच्चा पालना चाहते हैं तो अलग बात है वरना किसी लड़की के साथ आप शादी के बगैर भी वैसे ही रह सकते हैं।“
डॉक्टर:”तो फिर तुमने शादी क्यू की?”
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आज के लिए बस यही तक कल फिर एक नए अपडेट के साथ मिलेंगे।
तब तक के लिए मैत्री की तरफ से जय भारत।


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