10-02-2026, 01:51 PM
"श्ह,",उसने अपने होठों पे उंगली रखकर उन्हे चुप रहने का इशारा किया और अपने हॅंडबॅग से कार्ड निकाल कर काउंटर पे बैठे आदमी की तरफ बढ़ाया।
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अब आगे..................
मोल से होटेल जाते वक़्त कार मे बैठे-बैठे राजा साहेब ने अपने मोबाइल से फ़ोन मिलाया,"डॉक्टर पुरन्दरे, हम, यशवीरसिंग बोल रहे हैं।"
मेनका खिड़की से बाहर देखने लगी,उसके ससुर उसके पति का हाल पूच्छ रहे थे।इतने दीनो मे उसने एक बार भी विश्वा के बारे मे नही सोचा था।अगर मन मे ख़याल आता भी तो जल्दी से अपना ध्यान दूसरी ओर कर उस ख़याल को दिमाग़ से निकाल फेंकती थी।"कैसा आदमी था उसका 'सो-कॉल्ड पति'।जब वो हॉस्पिटल मे थी तो एक बार भी उसे देखने नही आया। ना कभी उस से माफी माँगने की कोशिश की और क्यू करता वो तो उसके लिए बस एक खिलोना थी। हवस मिटाने की चीज़,उसने उसे कभी पत्नी थोड़े ही समझा था।",मेनका सोच रही थी,"जब वो ठीक होकर वापस आ जाएगा तो वो कैसे करेगी उसका सामना। फिर से उस हैवान के साथ रहना पड़ेगा।",उसने अपने सर को झटका,जब आएगा तब सोचेंगे। आज तो इतनी खुशी का दिन है। डील फाइनल हो गयी है। आज कोई बुरा ख़याल मन मे नही लाऊंगी",अपने ससुर की तरफ देखा तो वो मोबाइल बंद करके जेब मे डाल रहे थे। वो उसे कभी भी विश्वा के बारे मे नही बताते थे। शायद जानते थे कि उसका ज़िक्र उसे फिर से वो दर्द याद दिला देगा।वो उनकी ओर देख कर मुस्कुराइ और फिर खिड़की से बाहर देखने लगी।
आइए अब हम बॅंगलुर चलते हैं,डॉक्टर पुरन्दारे के रिहेब सेंटर मे,विश्वा को देखने। वो देखिए बाकी पेशेंट्स के साथ बैठ कर खा रहा है,और डॉक्टर पुरन्दारे कहाँ है? हाँ,वहाँ अपने चेंबर मे कंप्यूटर पर कुछ देख रहे हैं। क्या देख रहें है आख़िर? अच्छा, विश्वा के थेरपी सेशन्स के टेप हैं। डॉक्टरसाहब अपने सारे पेशेंट्स से जो भी बात करते हैं उसे वीडियो रेकॉर्ड कर लेते हैं,इस से उन्हे बाद मे मरीज़ को अनल्ये करने मे आसानी होती है।चलिए,हम भी उनके साथ ये वीडियोस देखते हैं।
पेशेंट नंबर.45681,विश्वजीत सिंग
सेशन एक
डॉक्टर: हेलो,विश्वजीत।
विश्वा बस सिर हिलाता है।
डॉक्टर "देखो,विश्वा-आइ कॅन कॉल यू विश्वा। ओके,देखो,मेरा मानना है कि हर आदमी जो किसी बुरी लत का शिकार है खुद अपने को सुधार सकता है अगर वो खुद के अंदर झाँक कर अपने आप को समझने की कोशिश करे। मैं चाहता हू कि तुम भी यही करो।
विश्वा एक तरफ सर घुमा कर दीवार की ओर देख रहा है।पता नही डॉक्टर की बातों पर ध्यान दे भी रहा है या नही। मैत्री की पेशकश
डॉक्टर: इंसान नशे का सहारा लेता है किसी चीज़ से भागने के लिए और ये नही सोचता कि कुछ समय बाद वो उस नशे का गुलाम हो जाता है। उस के हाथ की कठपुतली बन कर रह जाता है बस। मेरी बात के बारे मे सोचना। यू मे गो नाउ।
डॉक्टर कुछ फाइल्स स्किप कर आगे बढ़ते हैं।
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अब आगे..................
मोल से होटेल जाते वक़्त कार मे बैठे-बैठे राजा साहेब ने अपने मोबाइल से फ़ोन मिलाया,"डॉक्टर पुरन्दरे, हम, यशवीरसिंग बोल रहे हैं।"
मेनका खिड़की से बाहर देखने लगी,उसके ससुर उसके पति का हाल पूच्छ रहे थे।इतने दीनो मे उसने एक बार भी विश्वा के बारे मे नही सोचा था।अगर मन मे ख़याल आता भी तो जल्दी से अपना ध्यान दूसरी ओर कर उस ख़याल को दिमाग़ से निकाल फेंकती थी।"कैसा आदमी था उसका 'सो-कॉल्ड पति'।जब वो हॉस्पिटल मे थी तो एक बार भी उसे देखने नही आया। ना कभी उस से माफी माँगने की कोशिश की और क्यू करता वो तो उसके लिए बस एक खिलोना थी। हवस मिटाने की चीज़,उसने उसे कभी पत्नी थोड़े ही समझा था।",मेनका सोच रही थी,"जब वो ठीक होकर वापस आ जाएगा तो वो कैसे करेगी उसका सामना। फिर से उस हैवान के साथ रहना पड़ेगा।",उसने अपने सर को झटका,जब आएगा तब सोचेंगे। आज तो इतनी खुशी का दिन है। डील फाइनल हो गयी है। आज कोई बुरा ख़याल मन मे नही लाऊंगी",अपने ससुर की तरफ देखा तो वो मोबाइल बंद करके जेब मे डाल रहे थे। वो उसे कभी भी विश्वा के बारे मे नही बताते थे। शायद जानते थे कि उसका ज़िक्र उसे फिर से वो दर्द याद दिला देगा।वो उनकी ओर देख कर मुस्कुराइ और फिर खिड़की से बाहर देखने लगी।
आइए अब हम बॅंगलुर चलते हैं,डॉक्टर पुरन्दारे के रिहेब सेंटर मे,विश्वा को देखने। वो देखिए बाकी पेशेंट्स के साथ बैठ कर खा रहा है,और डॉक्टर पुरन्दारे कहाँ है? हाँ,वहाँ अपने चेंबर मे कंप्यूटर पर कुछ देख रहे हैं। क्या देख रहें है आख़िर? अच्छा, विश्वा के थेरपी सेशन्स के टेप हैं। डॉक्टरसाहब अपने सारे पेशेंट्स से जो भी बात करते हैं उसे वीडियो रेकॉर्ड कर लेते हैं,इस से उन्हे बाद मे मरीज़ को अनल्ये करने मे आसानी होती है।चलिए,हम भी उनके साथ ये वीडियोस देखते हैं।
पेशेंट नंबर.45681,विश्वजीत सिंग
सेशन एक
डॉक्टर: हेलो,विश्वजीत।
विश्वा बस सिर हिलाता है।
डॉक्टर "देखो,विश्वा-आइ कॅन कॉल यू विश्वा। ओके,देखो,मेरा मानना है कि हर आदमी जो किसी बुरी लत का शिकार है खुद अपने को सुधार सकता है अगर वो खुद के अंदर झाँक कर अपने आप को समझने की कोशिश करे। मैं चाहता हू कि तुम भी यही करो।
विश्वा एक तरफ सर घुमा कर दीवार की ओर देख रहा है।पता नही डॉक्टर की बातों पर ध्यान दे भी रहा है या नही। मैत्री की पेशकश
डॉक्टर: इंसान नशे का सहारा लेता है किसी चीज़ से भागने के लिए और ये नही सोचता कि कुछ समय बाद वो उस नशे का गुलाम हो जाता है। उस के हाथ की कठपुतली बन कर रह जाता है बस। मेरी बात के बारे मे सोचना। यू मे गो नाउ।
डॉक्टर कुछ फाइल्स स्किप कर आगे बढ़ते हैं।


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