Thread Rating:
  • 6 Vote(s) - 1.17 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Incest MAA KO PAANE KI CHAAHAT
#2
[Image: ajq3sf.gif]ऊऊफफफफफफ फिर वो मुझे अपने से दूर कर देती थी क्यों की शायद उन्हें मेरे लण्ड का एहसास होने लगता था ....फिर जब माँ सुबह मुझे जगाने आती थी तो मेरा खड़ा लण्ड देखने लगती फिर मुझे जगा के नीचे चली जाती थी .[Image: momsurprised001.gif]....माँ को मेरी चढ़ती जवानी दिखने लगी तो माँ ने मेरे लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया लेकिन कही बात नहीं बन रही थी ........कई महीनो तक मैं माँ के करीब आने की कोशिश करता रहा लेकिन बात आगे नहीं बढ़ रही थी ........
मेरी खूबसरत माँ का गदराया बदन मेरी दिल दिमाग में बैठ गया था मैंने सोच लिया था की मैं माँ को चोद के ही रहूँगा लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा था की उनको कैसे मनाऊ फिर मेरे दिमाग में कुछ आईडिया घूमने लगा और फिर अगली सुबह जब माँ मुझे जगाने आई तो मेरा लण्ड एकदम खड़ा था [Image: (m=ldpwiqacxtE_Ai)(mh=uV4JJpGiyl9xgor8)3...VVuoFVY%3D]जिसपे माँ की नज़र पड़ी लेकिन वो कुछ बोली नहीं बस देख रही थी फिर वो मुझे जगा के नीचे चली गई फिर मैं रोज़ अपना खड़ा लण्ड माँ को दिखाने लगा जिसे माँ थोड़ी देर देखती थी फिर मुझे जगा के नीचे चली जाती थी ......कई दिनों तक ऐसा चलता रहा लेकिन मुझे पता नहीं चल पा रहा था की इसका असर माँ पे हो रहा है की नहीं ........फिर मैं नीचे आजाता और माँ भी नाहा धो कर किचन में नास्ता बना रही थी और पापा भी काम पे चले गए थे ....फिर मैं भी फ्रेश होक नसता किया और धीरे से बाथरूम में जाके माँ की पैंटी अपने कमरे में छुपा आया और नीचे आगया माँ अपने कपडे हमेशा दोपहर में ही धोती है .......इसीलिए मैं जानता था की पैंटी वही पड़ी होगी ह्म्म्मम्म ......फिर माँ ने मुझे मार्किट जाने को कहा .......

माँ- अरे बेटा जरा मार्किट जाना तो मेरे लिए मैक्सी लेते आना ....
मैं - अच्छा ठीक है माँ मैक्सी कई तरह की आती है कौन सी लानी है आज कल ट्रांसपेरेंट मैक्सी भी आती है 
माँ - मेरी पीठ पे हाथ मारते हुए बोली .....बहोत बाते आने लगी है तुझे ह्म्मम्म्म्म नार्मल मैक्सी कॉटन की लानी है समझा ह्म्म्मम्म [Image: ajqbqr.gif]
मैं - हां हां माँ समझ गया लेते आऊंगा हम्म्म्म 

फिर मैं मार्किट चला गया और दो घंटे बाद जब घर आया तो माँ ने दरवाज़ा खोला तो मुझे ही देख रही रही थी ....शायद वो अपनी पैंटी ढूंढ रही थी जो उन्हें मिल नहीं रही थी लेकिन माँ मुझसे सामने से कुछ पूछ नहीं रही थी ....फिर हमने खाना खाया और मैं माँ के बेड पे बैठ के टीवी देखने लगा फिर माँ भी मेरे बगल में आके बैठ गई[Image: ajqbvx.gif] .......मेरी नज़र माँ के सेक्सी चूचियों पे थे जिसे देख के मन तो कर रहा था की दबा दू लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी ......फिर मैं माँ से बोला........

मैं - माँ मैं अपने रूम में लेटने जा रहा हु मुझे एक घंटे बाद जगा देना 
माँ- तू ऊपर क्यों जा रहा है यही लेट जा न ......वैसे भी तू यही आराम करता है .....
मैं- नहीं माँ मैं ऊपर जा रहा हु बस आप कुछ देर में मुझे जगा देना हम्म्म्म 

ये बोल के मै ऊपर आगया ......वैसे दोपहर में मैं माँ के पास ही सोता हु .......और कभी कभी तो माँ की पैंटी भी देखने को मिल जाती है लेकिन मेरे दिमाग में कुछ और ही चल रहा था .......मेरा लण्ड आज कुछ ज्यादा ही हार्ड हो गया था ......मैं अपने बेड पे लेट गया और माँ के आने का इंतज़ार करने लगा .......फिर एक घंटे बाद माँ ने मुझे नीचे से आवाज़ लगाई ....

माँ- उठ जा बेटा चार बजने वाला है .....

माँ की आवाज़ सुनते ही मैं अपना अंडरवियर नीचे करदिया और एक हाथ से अपना लण्ड सहलाने लगा और एक हाथसे माँ की पैंटी को नाक पे लगा के सूंघने लगा .....फिर मुझे माँ के ऊपर आने की आवाज़ सुनाई दी और फिर मैं अपना लण्ड हिलाने लगा और माँ ने दरवाज़ा खोलते हुए बोली ....[Image: (m=ldpwiqacxtE_Ai)(mh=B-9ppB9yI8KRjFr0)3...EKsPG3E%3D]

माँ- उठ जा बेटा मैं कब से आवाज़ लगा रही हु ...

फिर माँ की नज़र मुझे पर पड़ी और फिर वो खड़े लण्ड को देखने लगी और और एकदम शांत हो गई ....मैं भी चौंकने का ड्रामा करने लगा मेरी नाक पे पैंटी पड़ी हुई थी जिसे मैं धीरे से नीचे गिरा दिया और उनके सामने अपना अंडरवियर ऊपर करने लगा ....मैंने देखा की माँ की नज़र मेरे खड़े लण्ड पे थी फिर जैसे ही मैंने अपना अंडरवियर ऊपर किया ....फिर माँ ने नीचे पड़ी अपनी पैंटी उठाई और मुझे गुस्से से देखने लगी मैं उनसे नज़ारे चुराने लगा फिर वो मेरे पास आई और मुझे जोर से थप्पड़ मारा .......माँ का थप्पड़ खाके अपना एक हाथ अपने गाल पे रख के माँ को देखने लगा .....माँ गुस्से भरी आखो से देखते हुए बोली ......

माँ- ये क्या कर रहे हो तुम हां .......यही सब सीख रहे हो तुम ह्म्मम्म्म्म 

इससे पहले माँ मुझे और कुछ बोलती ....फिर मैं भी गुस्से होते हुए बोला .....

मैं - और मारो मुझे माँ एक थप्पड़ से कुछ नहीं होगा मार मार के खाल निकाल दो मेरा ह्म्मम्म्म्म 

मम्मी मेरी बात सुन के मुझे देखने लगी क्युकी गुस्सा तो उन्हें होना चाहिए था लेकिन गुस्सा मैं हो रहा हु 

मैं- एक थप्पड़ से कुछ नहीं होगा एक काम करो मुझे जान से मार दो वैसे भी मेरे जैसा इंसान का कुछ नहीं होना है ...

माँ- ये क्या बोल रहे हो तुम ......क्या हो गया है तुम्हे ....एक तो गलती करते हो ऊपर से गुस्सा दिखा रहे हो ह्म्म्मम्म्म्म 

मैं- हां माँ सारी गलती मेरी है जो इस दुनिया में पैदा हो गया हु पता नहीं क्यों मैं इस दुनिया में आया इससे अच्छा तो मैं पैदा ही न हुआ होता ......

मेरे इसी बात पे माँ ने मुझे एक और थप्पड़ मारा ..और मैं माँ को देखने लगा .और वो मुझे देखने लगी .....फिर मैं अपने कपडे पहनने लगा और नीचे जाने लगा 

माँ- रुक कहा जा रहा है मुझे तुझसे कुछ बात करनी है 

मैं- लेकिन मुझे आपसे कोई बात नहीं करनी है .....और मारना है तो लो मार लो ....

फिर माँ मुझे रोकने लगी लेकिन मैं नहीं रुका .....और दरवाजा जोर से बंद करके मैं बाहर चला गया ........मुझे यकीन नहीं हो रहा था की मैंने ये सब किया था ......लेकिन सोच के अच्छा लग रहा था .....लेकिन मुझे डर था की कही पापा को ये सब बात न बतादे .....फिर मैं रात के 9  बजे तक बाहर रहा और फिर घर पे दरवाज़ा खटखटाया माँ ने दरवाज़ा खोला और वो मुझे देख रही थी मैं भी उन्हें देख रहा था फिर मैं अंदर आके अपने रूम में कपडे निकाल के सिर्फ अंडरवियर में ही लेट गया ....पापा पहले ही खाना खा के सो गए थे इसका मतलब माँ ने पापा को कुछ नहीं बताया ह्म्मम्म्म्म वर्ण घर आते ही मेरी पिटाई शुरू हो जाती .........वैसे भी पापा और माँ की ज्यादा बनती नहीं ....वो अक्सर दारु पीके आते है और खा पी के सो जाते है और माँ मेरे आने के बाद ही मेरे साथ  खाना खाती है ....मगर आज की हरकत से माँ ने मुझसे कोई बात नहीं की ........लेकिन मुझे यकीन था की माँ मेरे पास आएगी .....और मैं बेड पे लेटे हुए मोबाइल चलाने लगा ...

और बड़े बड़े दूध और गांड वाली आंटी की रील्स देख रहा था करीब आधे घंटे बाद माँ के आने आवाज़ सुनाई दी मैं समझ गया की माँ ही मेरे पास आ रही है मेरा लण्ड अंडरवियर के अंदर तम्बू बना हुआ था जिसे मैं अपने हाथो से मसल रहा था तभी माँ ने मेरे कमरे का दरवाज़ा खोला और उनकी नज़र मेरे खड़े लण्ड पे ही थी जो अंडर वियर में उठा हुआ था ....मेरी नज़र माँ पे थी वो मैक्सी पहन के आई थी रात को माँ मैक्सी ही पहन लेती है अक्सर ......जिसमे माँ की चूचियां लटक रही थी माँ रात को ब्रा निकाल देती है .....माँ के हाथ में थाली थी .......फिर मैं बेड से उठ के खड़ा होगया जिससे मेरा लण्ड अंडर वियर में आगे से  उठ गया फिर माँ मुझे देखते हुए बोली ......


माँ- मै यहाँ खाना रख रही हु खा लेना .......

मैं - मुझे खाना नहीं खाना आप लेजाओ यहाँ से 

माँ- क्या हुआ ........तू खाना क्यों नहीं खा रहा है ....

मैं - मुझे भूख नहीं है आप लेजाओ यहाँ से ........

ये बात बोल के मैं कमरे से बाहर निकल गया और नीचे आंगन की तरफ देखने लगा ......तभी माँ मेरे पास आई और बोली ...

माँ- क्या हो गया है बेटा तुम्हे ......आज से पहले तुमने ऐसा कभी नहीं किया 
[Image: ajqcad.gif]
माँ की बात सुन के मैं समझ रहा था की वो दोपहर की बात से परेशान है तभी मैं बोला ...

मैं- माँ मुझे शाम वाली बात के लिए माफ़ करदेना .......लेकीन आप नहीं समझोगे की मेरे अंदर क्या चल रहा है .....

माँ मेरी बात सुनकर मेरे सर पे हाथ रखते हुए बोली .....

माँ- बेटा क्या हु .....तू जो ये कर रहा है .......और मुझसे जिस तरह बात कर रहा है .....क्या किसी ने तुझसे कहा है क्या ......

मैं - कौन क्या कहेगा मुझे माँ.....वैसे भी मैं अपने आप से परेशान हो गया हु .....वैसे भी मै आपकी पैंटी लेके वो सब कर रहा था और आपने मुझे देख लिया और उसके बाद भी मैं क्या कहु इससे अच्छा तो मैं मर ही जाता ........

माँ- अरे बेटा मरने की बात तुम क्यों करते हो ......मैं समझती हु की तुझपे हाथ नहीं उठाना चाहिए था ....लेकिन मैं क्या करू मैं तुमको वो सब करते देख ली तो मुझे गुस्सा आगया अगर उस बात के लिए मुझसे ऐसा बोल रहा हो  तो मुझे माफ़ कर दो बेटा ........

मैं - नहीं माँ आप माफ़ी क्यों मांग रही हो .......आप नहीं समझोगे मेरे अंदर की हालत क्या है .......अगर आपका ख्याल न होता तो मैं अपने आप को कुछ कर लेता .......

माँ मेरी बात सुन के मेरा हाथ पकड़ के कमरे में ले आई और हम दोनों बेड पे बैठ है और माँ बोली........

माँ- बेटा ऐसी कौन सी बात है जो तुझे परेशान कर रही है ....जो मैं तेरी माँ होके भी नहीं समझ पा रही हु .....

मैं - माँ .....मै  आप से ऐसी बाते नहीं कर पाऊंगा ......इससे अच्छा है की ये बात यही ख़तम करिये ...मैं ऐसे ही ठीक हु .....

माँ- नहीं बेटा तू ठीक नहीं है ........मैं आज से पहले तुझे कभी ऐसा नहीं देखा ......आज जिस तरह से तुमने मुझे जवाब दिया ......उससे पता चलता है की कुछ तो बात है जो तुम्हे परेशान कर रही है .....तुझे मेरी कसम बताओ मुझे ......वरना .......

मैं - अरे माँ आपने कसम क्यों दी ......

माँ की बात सुन के मैं अपना चेहरा नीचे किया और फिर माँ ने अपने हाथ से मेरा चेहरा ऊपर किया और बोली ......

माँ- बता न मेरे बच्चे क्या बात है जो तुझे परेशान कर रही है ह्म्म्मम्म्म्म और जिसकी वजह से तू ये सब कर रहा है ह्म्म्मम्म 

मैं- ठीक है माँ मै आपको बता रहा हु लेकिन आप ये बात पापा से मत कहना .....

माँ- अरे बेटा तुम्हारे पापा तो दारु पीने से ज्यादा मतलब है और उनको अपने काम से कहा फुर्सत है और वैसे भी हम दोनों की बात ही कितनी होती है .....तुम बताओ बेटा मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी ह्म्म्मम्म्म्म 
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply


Messages In This Thread
MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 01-02-2026, 08:24 PM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 10-02-2026, 09:15 AM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 10-02-2026, 12:33 PM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 10-02-2026, 06:48 PM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 10-02-2026, 06:55 PM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 11-02-2026, 12:16 AM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by Davit - 11-02-2026, 01:27 AM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by Davit - 20-02-2026, 12:09 AM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by rajusethzee - 24-02-2026, 08:01 AM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by Davit - 25-02-2026, 12:54 AM
RE: MAA KO PAANE KI CHAAHAT - by Davit - 27-02-2026, 12:21 AM



Users browsing this thread: 1 Guest(s)