09-02-2026, 06:13 PM
"बिल्कुल नही,चलिए हमारे साथ।",मेनका ने उनका हाथ पकड़ा और खींचते हुए लिफ्ट मे ले गयी। मैत्री की रचना।
दोनो वैसे ही एक दूसरे का हाथ थामे मेन'स सेक्षन मे दाखिल हुए।,"अरे,दुल्हन हमे कुछ नही चाहिए?",मेनका का मक़सद समझते हुए राजासाहब हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगे।
"बिल्कुल चुप।",मेनका ने और मज़बूती से अपने ससुर का हाथ पकड़ते हुए कहा।
"हाउ मे आइ हेल्प यू?",एक सेलेज़्गर्ल उनके पास आई।
मेनका उसके साथ राजासाहब के लिए कपड़े सेलेक्ट करने लगी।राजासाहब का हाथ अभी भी उसकी पकड़ मे था।वो उपर से तो मना कर रहे थे पर मन ही मन,उन्हे ये सब बहुत अच्छा लग रहा था।इस तरह तो उनकी परवाह आज तक किसी औरत ने नही की थी।उनकी पत्नी उनका बहुत ख़याल रखती थी पर उस ख़याल मे अपनेपन से ज़्यादा ड्यूटी पूरी करने का एहसास था।और ऐसे सर्प्राइज़ देकर अचानक शॉपिंग करवाना।ये तो उन्होने सोचा भी नही था।दिल कर रहा था कि बस इसी तरह सारी उम्र उसका हाथ थामे खड़े रहें"।लीजिए ये सारे कपड़े ट्राइ करिए,जाइए"
जब राजासाहब ट्रायल रूम से बाहर निकले तो सेलेज़्गर्ल ने उनके हाथों से सारे कपड़े ले लिए,"युवर वाइफ लव्स यू ए लॉट सर और वॉट गुड टेस्ट हॅज़ शी गॉट!",राजासाहब एक पल को चौंक गये पर फिर तुरत उन्हे बात समझ मे आ गयी।।।ये मेनका को उनकी पत्नी समझ रही है।उन्होने बस हल्के से सर हिला दिया,वो लड़की भी कपड़े लेकर दूसरी ओर चली गयी।मेनका थोड़ी दूरी पर खड़ी कुछ कपड़े देख रही थी।"लगता है उसने ये बात नही सुनी।"
सारी शॉपिंग के बाद दोनो पेमेंट काउंटर पे पहुँचे।राजासाहब जेब से अपना वॉलेट निकालने लगे तो मेनका ने उन्हे रोक दिया,"नही।आप नही मैं पेमेंट करूँगी।ये आपको गिफ्ट है मेरी तरफ से।"
"पर दुल्हन।" मैत्री की पेशकश।
"श्ह,",उसने अपने होठों पे उंगली रखकर उन्हे चुप रहने का इशारा किया और अपने हॅंडबॅग से कार्ड निकाल कर काउंटर पे बैठे आदमी की तरफ बढ़ाया।
-------------------------------------------------------------------------------
आज के लिए बस यही तक।
फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ, तब तक के लिए मैत्री की ओर से ।। जय भारत ।।
दोनो वैसे ही एक दूसरे का हाथ थामे मेन'स सेक्षन मे दाखिल हुए।,"अरे,दुल्हन हमे कुछ नही चाहिए?",मेनका का मक़सद समझते हुए राजासाहब हाथ छुड़ाने की कोशिश करने लगे।
"बिल्कुल चुप।",मेनका ने और मज़बूती से अपने ससुर का हाथ पकड़ते हुए कहा।
"हाउ मे आइ हेल्प यू?",एक सेलेज़्गर्ल उनके पास आई।
मेनका उसके साथ राजासाहब के लिए कपड़े सेलेक्ट करने लगी।राजासाहब का हाथ अभी भी उसकी पकड़ मे था।वो उपर से तो मना कर रहे थे पर मन ही मन,उन्हे ये सब बहुत अच्छा लग रहा था।इस तरह तो उनकी परवाह आज तक किसी औरत ने नही की थी।उनकी पत्नी उनका बहुत ख़याल रखती थी पर उस ख़याल मे अपनेपन से ज़्यादा ड्यूटी पूरी करने का एहसास था।और ऐसे सर्प्राइज़ देकर अचानक शॉपिंग करवाना।ये तो उन्होने सोचा भी नही था।दिल कर रहा था कि बस इसी तरह सारी उम्र उसका हाथ थामे खड़े रहें"।लीजिए ये सारे कपड़े ट्राइ करिए,जाइए"
जब राजासाहब ट्रायल रूम से बाहर निकले तो सेलेज़्गर्ल ने उनके हाथों से सारे कपड़े ले लिए,"युवर वाइफ लव्स यू ए लॉट सर और वॉट गुड टेस्ट हॅज़ शी गॉट!",राजासाहब एक पल को चौंक गये पर फिर तुरत उन्हे बात समझ मे आ गयी।।।ये मेनका को उनकी पत्नी समझ रही है।उन्होने बस हल्के से सर हिला दिया,वो लड़की भी कपड़े लेकर दूसरी ओर चली गयी।मेनका थोड़ी दूरी पर खड़ी कुछ कपड़े देख रही थी।"लगता है उसने ये बात नही सुनी।"
सारी शॉपिंग के बाद दोनो पेमेंट काउंटर पे पहुँचे।राजासाहब जेब से अपना वॉलेट निकालने लगे तो मेनका ने उन्हे रोक दिया,"नही।आप नही मैं पेमेंट करूँगी।ये आपको गिफ्ट है मेरी तरफ से।"
"पर दुल्हन।" मैत्री की पेशकश।
"श्ह,",उसने अपने होठों पे उंगली रखकर उन्हे चुप रहने का इशारा किया और अपने हॅंडबॅग से कार्ड निकाल कर काउंटर पे बैठे आदमी की तरफ बढ़ाया।
-------------------------------------------------------------------------------
आज के लिए बस यही तक।
फिर मिलेंगे एक नए अपडेट के साथ, तब तक के लिए मैत्री की ओर से ।। जय भारत ।।


![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)