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Misc. Erotica महीन को अपने रंग में रंग दिया
#38
आर्यन की नजदीकी और दिल का तूफान
पिछले दिनों से माहीन का मन पूरी तरह से बदल चुका था। सहेलियों की स्टोरीज ने उसके दिल में एक तूफान खड़ा कर दिया था — नेहा की आजादी, प्रिया का * धर्म, फातिमा और रिया का सेक्स का मजा... हर बात उसके दिमाग में घूमती रहती। लेकिन अब आर्यन की तरफ ध्यान ज्यादा हो रहा था। ऑफिस में काम करते वक्त भी आर्यन की मुस्कान याद आती, और दिल में एक हल्की सी फीलिंग जागती —

जैसे कोई गर्माहट, लेकिन अभी बस शुरुआत। "आर्यन जी... अच्छे हैं, लेकिन ज्यादा नहीं सोचना। फ...सल, तुम्हारी याद तो है, लेकिन ये अकेलापन... क्यों इतना सताता है?" माहीन सोचती, और सहेलियाँ भी कहतीं, "माहीन, आर्यन से बात करो। वो तुम्हें समझेगा।" एक दिन लंच में नेहा ने कहा, "आर्यन, माहीन को मूवी दिखाओ ना। नई फिल्म आ रही है — रोमांटिक, मजा आएगा। हम सब भी चलेंगे।"

आर्यन ने मुस्कुराकर हाँ कहा, "हाँ, अच्छा आइडिया। माहीन, चलोगी?" माहीन हिचकिचाई, दिल में हल्की सी घबराहट — "मूवी? गैर मर्द के साथ? लेकिन सब साथ हैं... ठीक है।" वो बोली, "हाँ... चलूंगी। लेकिन बस ग्रुप में।" सहेलियाँ एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराईं — जानबूझकर प्लान कर रही थीं। माहीन को लगा कुछ अजीब, लेकिन वो अनदेखा कर गई।

दिल में हल्की सी उत्सुकता — "आर्यन जी के साथ मूवी... बस दोस्ती की तरह। फ...सल, मुझे माफ कर दो।"शुक्रवार शाम को ग्रुप मूवी हॉल पहुंचा। फिल्म थी एक रोमांटिक थ्रिलर — *-,., लव स्टोरी, जो माहीन के मन को और उलझा रही थी। टिकट लेते वक्त आर्यन ने कहा, "माहीन, मैं और तुम एक राउ में बैठेंगे? प्रोजेक्ट की बात भी कर लेंगे।"

सहेलियाँ ने तुरंत हामी भरी — नेहा बोली, "हाँ, हम अलग राउ में बैठेंगे। पॉपकॉर्न ले लो, मजा आएगा!" प्रिया ने आँख मारकर कहा, "हाँ, हम पीछे वाले राउ में। तुम दोनों एंजॉय करो।" माहीन को शक हुआ — "क्यों अलग? लेकिन... ठीक है, ग्रुप ही तो है।" वो सहमत हो गई, लेकिन दिल में हल्की सी घबराहट बढ़ गई। हॉल अंधेरा था, लाइट्स डिम, और स्क्रीन पर प्रीव्यू चल रहा था। आर्यन और माहीन बीच वाले सीट पर बैठे — कंधे लगभग सटे हुए। सहेलियाँ जानबूझकर पीछे चली गईं, और नेहा ने काउंटर से बड़ा पॉपकॉर्न का बैग लिया।

वो माहीन के पास आकर बोली, "ये लो माहीन, आर्यन को भी ऑफर करना। एंजॉय!" और मुस्कुराकर चली गई। माहीन ने बैग लिया, लेकिन सहेलियाँ ने इशारा किया कि वो अलग बैठेंगी — "हम तो पीछे हैं, तुम्हें डिस्टर्ब न करें।"फिल्म शुरू हो गई। स्क्रीन पर रोमांस के सीन — हीरो-हीरोइन का पहला स्पर्श, किस, इंटरफेथ का कॉन्फ्लिक्ट। माहीन का दिल तेज धड़क रहा था — फिल्म जैसे उसके मन की कहानी। आर्यन पास था, उसकी बॉडी की गर्माहट महसूस हो रही। माहीन ने हिम्मत करके कहा, "आर्यन जी... पॉपकॉर्न लो?"

बैग आगे बढ़ाया। लेकिन अंधेरे में हाथ फिसला — कुछ पॉपकॉर्न माहीन की गोद में गिर गए, और थोड़े आर्यन की गोद में। माहीन घबरा गई, "ओह... सॉरी!" वो झुककर साफ करने लगी, लेकिन हाथ आर्यन की जांघ से टच हो गया — हल्का सा, बस एक सेकंड का। आर्यन का हाथ भी माहीन की गोद की तरफ गया, पॉपकॉर्न साफ करते हुए थोड़ा सा टच — माहीन की कमर के पास। वो टच बहुत हल्का था, लेकिन माहीन के बदन में करंट सा दौड़ गया। दिल तेज धड़का, साँसें रुक गईं। "ये क्या... आर्यन जी का हाथ... मेरी कमर पर?" टच इतना हल्का था कि बस महसूस हुआ, लेकिन माहीन की चूत में एक अजीब सी सिहरन हुई — हल्की सी गीलापन महसूस हुआ, जैसे बॉडी रिएक्ट कर रही हो।

वो शरम से लाल हो गई, लेकिन अंधेरे में छिप गई। आर्यन ने भी महसूस किया — उसका लंड हल्का सा खड़ा हो गया, पैंट में उभार आया, लेकिन वो भी चुप रहा, बस मुस्कुराया। "सॉरी माहीन... अंधेरा है।" माहीन ने फुसफुसाया, "हाँ... कोई बात नहीं।" लेकिन दिल में तूफान — "ये टच... क्यों अच्छा लगा? चूत गीली हो गई... अ...ह, गुनाह है। लेकिन हल्का सा... बस इत्तफाक।"फिल्म आगे चली। फिर एक इंसिडेंट — हीरो-हीरोइन का इंटीमेट सीन आया, और हॉल में कोई आवाज आई। माहीन घबरा गई, हाथ कसकर पकड़ लिया — आर्यन का हाथ। बस एक सेकंड का, लेकिन फिर टच हुआ। आर्यन ने हल्का सा दबाया, जैसे कंसोल करने के लिए, लेकिन तुरंत छोड़ दिया। माहीन की साँसें तेज हो गईं, चूत और गीली महसूस हुई, बदन में गर्मी।

आर्यन का लंड पूरी तरह खड़ा हो गया, लेकिन वो हिला नहीं। माहीन सोच रही थी, "ये क्या हो रहा है? आर्यन जी का हाथ... मजा आ रहा है? नहीं, रोक। फ...सल..." फिल्म के बीच में एक और छोटा इंसिडेंट — एसी की हवा से माहीन का दुपट्टा हल्का सा सरका, कंधा दिखा। आर्यन ने नोटिस किया, लेकिन कुछ नहीं कहा, बस हल्का सा कंधा छुआ — जैसे दुपट्टा ठीक करने के लिए। टच फिर हल्का, लेकिन माहीन के दिल में लहर — "उसका स्पर्श... क्यों बॉडी रिएक्ट कर रही? चूत गीली... लंड का उभार महसूस हो रहा? नहीं, कल्पना है।

" फिल्म खत्म हुई, लाइट्स ऑन हुईं। सहेलियाँ आईं, नेहा ने आँख मारकर कहा, "कैसी लगी फिल्म? एंजॉय किया?" माहीन शरमाकर बोली, "हाँ... अच्छी थी।" लेकिन मन में उथल-पुथल।घर लौटकर माहीन का दिल भारी हो गया। दरवाजा बंद किया, लाइट बंद की, और बेड पर गिर पड़ी। आँसू बहने लगे — "ये क्या कर दिया मैंने? आर्यन जी के साथ मूवी, वो टच... पॉपकॉर्न गिरा, हाथ लगे, कंधा छुआ... चूत गीली हो गई, वो फीलिंग... **** मुझे माफ करना! फ...सल, मैंने गुनाह कर दिया।

एक गैर मर्द के साथ इतना करीब... कैसे कर सकती हूँ मैं? मैं शादीशुदा हूँ, तुम्हारी अमानत... लेकिन क्यों बॉडी ने रिएक्ट किया? वो स्पर्श... हल्का सा था, लेकिन मजा आया? नहीं, गुनाह है! सहेलियाँ जानबूझकर अकेला छोड़ दिया, पॉपकॉर्न का बहाना... मैं क्यों नहीं रुकी? दिल धड़का, चूत गीली... क्या मैं रंडी बन रही हूँ? फ...सल, अगर तुम्हें पता चला तो क्या सोचोगे? मैं रो रही हूँ, लेकिन अफसोस... कितना गहरा। Faisal, तौबा करता हूँ! कभी नहीं होगा ऐसा फिर। पढ़ूंगी, Fast रखूंगी, सब भूल जाऊंगी। लेकिन ये गिल्ट... छाती फाड़ रहा है।

क्यों अच्छा लगा वो टच? आर्यन जी का लंड का उभार महसूस हुआ... नहीं, सोचना भी गुनाह। फ...सल, सॉरी... मैं कमजोर हूँ, अकेलापन ने तोड़ दिया। लेकिन तौबा... Faisal, मुझे माफ कर।" माहीन जोर-जोर से रोई, तकिए में मुँह छिपाकर सिसकियाँ लीं। घंटों रोती रही, अफसोस की लहरें आती रहीं — "कैसे कर सकती हूँ? गैर मर्द... स्पर्श... गीलापन... तौबा, तौबा!" दिल टूटा हुआ, लेकिन कहीं गहराई में वो हल्की फीलिंग बाकी थी। रात भर जागी, लेकिन नींद नहीं आई। गिल्ट इतना भारी कि सुबह तक रोती रही।

"फ...सल, कभी मत जानना। मैं बदलूंगी... लेकिन ये यादें... क्यों मिट नहीं रही?"
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RE: महीन को अपने रंग में रंग दिया - by razaraj2 - 04-02-2026, 10:49 PM



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