31-01-2026, 09:54 AM
(This post was last modified: 31-01-2026, 09:56 AM by nitya.bansal3. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
अब आगे..
शर्ट तो राजू ने पहले ही निकल रखी थी। उसकी चौड़ी छाती पर हाथ फिराते हुए सरिता उठेजाना भर स्वर में बोली..."क्यू राजू आज सुबह सुबह तूने अपना औज़ार खड़ा कर रखा है. पता है इसमें कितना जोखिम है..ऐसा बोल सरिता एक हाथ उसकी छाती पर हाथ फेरने लगी और दूसरा हाथ नीचे लेजा उसका लंड पकड़ लिया.
राजू.."क्या करु मालिकिन। आपसे दूर अब नहीं जाता। ऐसा बोल उसने पीछे से सरिता की गांड को पकड़ लिया और उसके होठों को फिर से चूसने लगा। अगले कुछ पली में ही उसने सरिता को नंगे कर दिया और उसकी चुची को दबा कर चूसने लगा
[b]सरिता[/b]
वैसे तो राजू ने सरिता को पहले भी नंगा देखा था लेकिन उन दोनों की ज्यादातर चुदाई रात को ही होती थी। आज दिन के उजाले में सरिता का नंगा बदन देख राजू एक दम पागल हो गया था। 36 की बड़ी बड़ी सुडोल चुचिया और उसके ऊपर भूरे रंग के तने हुए निपल ... नीचे बल खाती कमर और फिर 38 इंच की चौड़ी गांड..
![[Image: IMG-6199.jpg]](https://i.ibb.co/v4TXHm3g/IMG-6199.jpg)
.
सरिता का ऐसा कामुक रूप देख राजू पागल हो गया। हमसे झट से सरिता को पीठ के बल बिस्तर पर लिटाया और उसकी चिपचिपी बुर पर अपने होंठ रख दिए.
अपनी लंबी जीभ से वो सरिता के छत्ते से बहता हुआ शहद चाटने लगा...सरिता अपनी आंखें बंद किए हुए राजू का सिर पकड़ कर अपनी चूत दबा रही थी और उसके मुंह से उन्माद भारी सिस्कारिया निकल रही थी...
सरिता.."चाट राजू चाट। अपनी मालकिन की चूत का सारा रस पी ले आज..उफ्फ्फ राजू …जितनी अंदर तक तेरी जीभ जा रही है वहां तक तो तेरे सेठ जी का लंड भी नहीं जाता। तू तो किसी भी औरत को अपनी जीभ से ही ठंडा कर सकता है . काश !तेरे लालाजी का लंड भी तेरे जैसा होता”
राजू.."अरे मालिकिन..अगर लालाजी का लंड भी मेरा जैसा होता तो आज आप लाला के नीचे होती और न कि मेरे नीचे...फिर मैं आपकी इस रसीली चूत को कैसे चोद पाता”
सरिता..”हाय राजू इतनी मीठी बातें करना तू कहां से सिखा रे..वैसे क्या तुझे मेरी चूत सच में इतनी पसंद है?”
राजू.. "आपकी चूत तो मैं सारा दिन चाट सकता हूँ"
सरिता..”सुन राजू सिर्फ चूत चाटने से काम नहीं चलेगा मुझे तेरा लंड चाहिए अपनी चूत में... बोल राजू...अपनी मालिकिन को रोज़ ऐसे ही चोदेगा ना?
राजू..हां मालिकिन आप जब कहोगी तभी आपको नंगा करके अपने लौड़े पर बिठा लूँगा और ख़ूब चोदूंगा”
सरिता..” चल अब देर ना कर और घुसा दे अपना लौड़ा मेरी चूत में
राजू..."इतनी भी जल्दी क्या मालिकिन। पहले आप भी तो एक बार मेरा लौड़ा चूस कर इसको अपनी चूत के लिए तैयार करो...बेचारा कब से अप्पके सुर्ख होठों को स्पर्श पाने को तरस रहा है.. इतना बोल राजू ने अपना लौड़ा सरिता के मुँह के पास कर दिया. राजू का लौड़ा पूरा तन गया था।
शर्ट तो राजू ने पहले ही निकल रखी थी। उसकी चौड़ी छाती पर हाथ फिराते हुए सरिता उठेजाना भर स्वर में बोली..."क्यू राजू आज सुबह सुबह तूने अपना औज़ार खड़ा कर रखा है. पता है इसमें कितना जोखिम है..ऐसा बोल सरिता एक हाथ उसकी छाती पर हाथ फेरने लगी और दूसरा हाथ नीचे लेजा उसका लंड पकड़ लिया.
राजू.."क्या करु मालिकिन। आपसे दूर अब नहीं जाता। ऐसा बोल उसने पीछे से सरिता की गांड को पकड़ लिया और उसके होठों को फिर से चूसने लगा। अगले कुछ पली में ही उसने सरिता को नंगे कर दिया और उसकी चुची को दबा कर चूसने लगा
[b]सरिता[/b]
वैसे तो राजू ने सरिता को पहले भी नंगा देखा था लेकिन उन दोनों की ज्यादातर चुदाई रात को ही होती थी। आज दिन के उजाले में सरिता का नंगा बदन देख राजू एक दम पागल हो गया था। 36 की बड़ी बड़ी सुडोल चुचिया और उसके ऊपर भूरे रंग के तने हुए निपल ... नीचे बल खाती कमर और फिर 38 इंच की चौड़ी गांड..
![[Image: IMG-6199.jpg]](https://i.ibb.co/v4TXHm3g/IMG-6199.jpg)
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सरिता का ऐसा कामुक रूप देख राजू पागल हो गया। हमसे झट से सरिता को पीठ के बल बिस्तर पर लिटाया और उसकी चिपचिपी बुर पर अपने होंठ रख दिए.
अपनी लंबी जीभ से वो सरिता के छत्ते से बहता हुआ शहद चाटने लगा...सरिता अपनी आंखें बंद किए हुए राजू का सिर पकड़ कर अपनी चूत दबा रही थी और उसके मुंह से उन्माद भारी सिस्कारिया निकल रही थी...
सरिता.."चाट राजू चाट। अपनी मालकिन की चूत का सारा रस पी ले आज..उफ्फ्फ राजू …जितनी अंदर तक तेरी जीभ जा रही है वहां तक तो तेरे सेठ जी का लंड भी नहीं जाता। तू तो किसी भी औरत को अपनी जीभ से ही ठंडा कर सकता है . काश !तेरे लालाजी का लंड भी तेरे जैसा होता”
राजू.."अरे मालिकिन..अगर लालाजी का लंड भी मेरा जैसा होता तो आज आप लाला के नीचे होती और न कि मेरे नीचे...फिर मैं आपकी इस रसीली चूत को कैसे चोद पाता”
सरिता..”हाय राजू इतनी मीठी बातें करना तू कहां से सिखा रे..वैसे क्या तुझे मेरी चूत सच में इतनी पसंद है?”
राजू.. "आपकी चूत तो मैं सारा दिन चाट सकता हूँ"
सरिता..”सुन राजू सिर्फ चूत चाटने से काम नहीं चलेगा मुझे तेरा लंड चाहिए अपनी चूत में... बोल राजू...अपनी मालिकिन को रोज़ ऐसे ही चोदेगा ना?
राजू..हां मालिकिन आप जब कहोगी तभी आपको नंगा करके अपने लौड़े पर बिठा लूँगा और ख़ूब चोदूंगा”
सरिता..” चल अब देर ना कर और घुसा दे अपना लौड़ा मेरी चूत में
राजू..."इतनी भी जल्दी क्या मालिकिन। पहले आप भी तो एक बार मेरा लौड़ा चूस कर इसको अपनी चूत के लिए तैयार करो...बेचारा कब से अप्पके सुर्ख होठों को स्पर्श पाने को तरस रहा है.. इतना बोल राजू ने अपना लौड़ा सरिता के मुँह के पास कर दिया. राजू का लौड़ा पूरा तन गया था।


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