28-01-2026, 02:45 PM
अब आगे.....
गतान्क से आगे।।।।।।।।।।।।।।।।
मेनका की आँखें खुली तो उसने अपने को हॉस्पिटल के कमरे मे पाया।डॉक्टर।लता उसके बगल मे चेर पे बैठी थी।
"हाउ आर यू फीलिंग नाउ?",उन्होने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए पूचछा।
मेनका अब पूरी तरह होश मे आई और उसका हाथ अपने पेट पर चला गया।
"सॉरी,बेटा।",डॉक्टर लता इतना ही कह पाई।मेनका की आँखों से आँसू बहने लगे तो डॉक्टर।लता ने प्यार से उसे गले लगा लिया।थोड़ी देर मे जब वो चुप हुई तो डॉक्टर।लता बोली,"मैं राजासाहब को भेजती हू,कल रात से वो एक मिनिट भी नही सोए हैं।तुम्हारे होश मे आने का इंतेज़र कर रहे थे।"कह के वो बाहर चली गयी।
मेनका को याद आया,कल रात राजासाहब ने ही उसे बचाया था। उस वक़्त वो पूरी नंगी थी। तो क्या राजासाहब ने उसे वैसे देखा।शर्म से उसकी आँखें बंद हो गयी। उसका पति ऐसा दरिन्दा बन जाएगा,उसको तो अभी भी यकीन नही आ रहा था।आँखें खोल कर उसने कमरे मे नज़र घुमाई तो एक तरफ एक डस्टबिन मे उसे अपनी एक नाइटी नज़र आई।।"यानी राजासाहब ने उसके कपड़े बदले।" मैत्री की पेशकश.
तभी दरवाज़ा खुला और राजा यशवीर दाखिल हुए।मेनका ने अपनी नज़ारे नीची कर ली और उसका गला फिर भरने लगा।थोड़ी देर तक कमरे मे खामोशी च्छाई रही।
"हम क्या कहें,दुल्हन और कैसे कहें?हमारा अपना खून हमे अपनी ही नज़रों मे इस कदर गिरा देगा!हम आपसे माफी माँगते हैं।"
मेनका वैसे ही खामोश रही।
"दुल्हन,चुकी आपकी शादी को ज़्यादा वक़्त नही हुआ है तो क़ानून के मुताबिक हॉस्पिटल वालों को पोलीस को खबर करनी पड़ी है कि आपका मिसकॅरियेज हो गया है।"राजासाहब कांपति आवाज़ मे बोले,"हम चाहते हैं कि-।"
"-मैं पोलीस को आपके बेटे की हैवानियत के बारे मे ना बताऊं ना,नही बताऊंगी, प्लीज़ लीव मी अलोन!",मेनका चीखी और फूट- फूट कर रोने लगी। उसका दबा गुस्सा फॅट कर बाहर आ गया था।
राजासाहब भागते हुए उसके पास पहुँचे और उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोले,"नही,दुल्हन, आप हमे ग़लत समझ रही हैं। हम ये कह रहे थे कि आप पोलीस को पूरी सच्चाई बता दें। विश्वा ने महपाप किया है और उसकी सज़ा उसे ज़रूर मिलनी चाहिए।अगर पोलीस नही देगी तो हम देंगे अपने हाथों से।",राजासाहब की आवाज़ा कठोर हो गयी।
मेनका ने चौंक कर अपने ससुर की ओर देखा।वो कितना ग़लत समझ रही थी।राजासाहब का इलाक़े मे इतना प्रभाव था।अगर वो चाहते तो पोलीस को यहा कभी नही आने देते।बल्कि उनकी जगह कोई और होता तो बात महल की दीवारों के बीच ही दब कर रह जाती।
तभी दरवाज़ा खुला और मेनका के माता-पिता अंदर आए।मेनका की मा अपनी बेटी से लिपट गयी,मेनका की रुलाई फिर शुरू हो गयी पर मा की गोद मे उसे बहुत सहारा मिल रहा था।उसके पिता की भी आँखें नम हो चली थी।
थोड़ी देर मे जब सब थोड़े शांत हुए तो मेनका के पिता राजा अर्जन सिंग ने सारे वाकये के बारे मे पूचछा,"आख़िर ये सब हुआ कैसे,राजासाहब?"
राजासाहब के बोलने से पहले मेनका बोली,"हमारे पैर कार्पेट मे फँस गया और हम गिर गये जिसकी वजह से हम ऐसे गिरे की हमारा-।"
"-दुल्हन हमे शर्मिंदा होने से बचाना चाहती हैं और इसीलिए झूठ बोल रही हैं।",राजासाहब उसकी बात बीच मे ही काटते हुए बोले और फिर उन्होने सारी बात राजा अर्जन और उनकी पत्नी को बता दी।
दोनो गुस्से से उबाल पड़े,"हम अपनी बेटी को यहा एक पल भी नही रहने देंगे।ठीक होती है मेनका वापस जाएगी हुमारे साथ।और आपके बेटे-।"
"बस डॅडी, मैं कोई गाय-बकरी हूँ जब जी चाहा शादी कर दी ,जब चाहा वापस ले जाएँगे।",फिर वो अपनी माँ की तरफ घूमी,"मा,आपने कहा था कि हम राजघराने वालों के यहा शादी बस एक बार होती है और हम स्त्रियाँ अपनी ससुराल अर्थी पर ही छोड़ती हैं।"
"पर बेटी,यहा इन हालत मे कैसे छोड़ दे तुम्हे?"
"डॅडी,मैं इतनी भी कमज़ोर नही हू।"
ये बहस चल रही थी कि दरवाज़े पे किसी ने नॉक किया।डॉक्टर सिन्हा और उनकी वाइफ डॉक्टर लता आए थे,"राजासाहब हम आप सबसे कुछ ज़रूरी बात करना चाहते हैं।",डॉक्टर सिन्हा राजा अर्जन और उनकी पत्नी को नमस्कार करते हुए राजा यशवीर से मुखातिब होकर बोले।
"जी,ज़रूर डॉक्टरसाब बैठिए।"
"राजासाहब।आपके कहे मुताबिक कल से कुंवर हमारे हॉस्पिटल मे हैं।हमने उनका पूरे चेक-अप करलिया है।वो अडिक्षन के शिकार हैं।"
"क्या?"
"जी वो ड्रगअडिक्ट हो गये हैं और कल रात की उनकी हरकत ड्रग्स ना मिलने पर उनका रिक्षन था।उनका अपने उपर कोई कंट्रोल नही रह गया है।"
"राजासाहब,हम ये कहने आए हैं कि जल्द से जल्द उन्हे रीहॅबिलिटेशन सेंटर मे भरती करवा दे।बस यही एक रास्ता है।
"डॉक्टर लता अपने पति की बात पूरी करते हुए बोली।
राजासाहब के माथे पे चिंता की लकीरें और गहरा गयी,
अभी लिख रही हूँ बने रहिये
। जय भारत ।
गतान्क से आगे।।।।।।।।।।।।।।।।
मेनका की आँखें खुली तो उसने अपने को हॉस्पिटल के कमरे मे पाया।डॉक्टर।लता उसके बगल मे चेर पे बैठी थी।
"हाउ आर यू फीलिंग नाउ?",उन्होने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए पूचछा।
मेनका अब पूरी तरह होश मे आई और उसका हाथ अपने पेट पर चला गया।
"सॉरी,बेटा।",डॉक्टर लता इतना ही कह पाई।मेनका की आँखों से आँसू बहने लगे तो डॉक्टर।लता ने प्यार से उसे गले लगा लिया।थोड़ी देर मे जब वो चुप हुई तो डॉक्टर।लता बोली,"मैं राजासाहब को भेजती हू,कल रात से वो एक मिनिट भी नही सोए हैं।तुम्हारे होश मे आने का इंतेज़र कर रहे थे।"कह के वो बाहर चली गयी।
मेनका को याद आया,कल रात राजासाहब ने ही उसे बचाया था। उस वक़्त वो पूरी नंगी थी। तो क्या राजासाहब ने उसे वैसे देखा।शर्म से उसकी आँखें बंद हो गयी। उसका पति ऐसा दरिन्दा बन जाएगा,उसको तो अभी भी यकीन नही आ रहा था।आँखें खोल कर उसने कमरे मे नज़र घुमाई तो एक तरफ एक डस्टबिन मे उसे अपनी एक नाइटी नज़र आई।।"यानी राजासाहब ने उसके कपड़े बदले।" मैत्री की पेशकश.
तभी दरवाज़ा खुला और राजा यशवीर दाखिल हुए।मेनका ने अपनी नज़ारे नीची कर ली और उसका गला फिर भरने लगा।थोड़ी देर तक कमरे मे खामोशी च्छाई रही।
"हम क्या कहें,दुल्हन और कैसे कहें?हमारा अपना खून हमे अपनी ही नज़रों मे इस कदर गिरा देगा!हम आपसे माफी माँगते हैं।"
मेनका वैसे ही खामोश रही।
"दुल्हन,चुकी आपकी शादी को ज़्यादा वक़्त नही हुआ है तो क़ानून के मुताबिक हॉस्पिटल वालों को पोलीस को खबर करनी पड़ी है कि आपका मिसकॅरियेज हो गया है।"राजासाहब कांपति आवाज़ मे बोले,"हम चाहते हैं कि-।"
"-मैं पोलीस को आपके बेटे की हैवानियत के बारे मे ना बताऊं ना,नही बताऊंगी, प्लीज़ लीव मी अलोन!",मेनका चीखी और फूट- फूट कर रोने लगी। उसका दबा गुस्सा फॅट कर बाहर आ गया था।
राजासाहब भागते हुए उसके पास पहुँचे और उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोले,"नही,दुल्हन, आप हमे ग़लत समझ रही हैं। हम ये कह रहे थे कि आप पोलीस को पूरी सच्चाई बता दें। विश्वा ने महपाप किया है और उसकी सज़ा उसे ज़रूर मिलनी चाहिए।अगर पोलीस नही देगी तो हम देंगे अपने हाथों से।",राजासाहब की आवाज़ा कठोर हो गयी।
मेनका ने चौंक कर अपने ससुर की ओर देखा।वो कितना ग़लत समझ रही थी।राजासाहब का इलाक़े मे इतना प्रभाव था।अगर वो चाहते तो पोलीस को यहा कभी नही आने देते।बल्कि उनकी जगह कोई और होता तो बात महल की दीवारों के बीच ही दब कर रह जाती।
तभी दरवाज़ा खुला और मेनका के माता-पिता अंदर आए।मेनका की मा अपनी बेटी से लिपट गयी,मेनका की रुलाई फिर शुरू हो गयी पर मा की गोद मे उसे बहुत सहारा मिल रहा था।उसके पिता की भी आँखें नम हो चली थी।
थोड़ी देर मे जब सब थोड़े शांत हुए तो मेनका के पिता राजा अर्जन सिंग ने सारे वाकये के बारे मे पूचछा,"आख़िर ये सब हुआ कैसे,राजासाहब?"
राजासाहब के बोलने से पहले मेनका बोली,"हमारे पैर कार्पेट मे फँस गया और हम गिर गये जिसकी वजह से हम ऐसे गिरे की हमारा-।"
"-दुल्हन हमे शर्मिंदा होने से बचाना चाहती हैं और इसीलिए झूठ बोल रही हैं।",राजासाहब उसकी बात बीच मे ही काटते हुए बोले और फिर उन्होने सारी बात राजा अर्जन और उनकी पत्नी को बता दी।
दोनो गुस्से से उबाल पड़े,"हम अपनी बेटी को यहा एक पल भी नही रहने देंगे।ठीक होती है मेनका वापस जाएगी हुमारे साथ।और आपके बेटे-।"
"बस डॅडी, मैं कोई गाय-बकरी हूँ जब जी चाहा शादी कर दी ,जब चाहा वापस ले जाएँगे।",फिर वो अपनी माँ की तरफ घूमी,"मा,आपने कहा था कि हम राजघराने वालों के यहा शादी बस एक बार होती है और हम स्त्रियाँ अपनी ससुराल अर्थी पर ही छोड़ती हैं।"
"पर बेटी,यहा इन हालत मे कैसे छोड़ दे तुम्हे?"
"डॅडी,मैं इतनी भी कमज़ोर नही हू।"
ये बहस चल रही थी कि दरवाज़े पे किसी ने नॉक किया।डॉक्टर सिन्हा और उनकी वाइफ डॉक्टर लता आए थे,"राजासाहब हम आप सबसे कुछ ज़रूरी बात करना चाहते हैं।",डॉक्टर सिन्हा राजा अर्जन और उनकी पत्नी को नमस्कार करते हुए राजा यशवीर से मुखातिब होकर बोले।
"जी,ज़रूर डॉक्टरसाब बैठिए।"
"राजासाहब।आपके कहे मुताबिक कल से कुंवर हमारे हॉस्पिटल मे हैं।हमने उनका पूरे चेक-अप करलिया है।वो अडिक्षन के शिकार हैं।"
"क्या?"
"जी वो ड्रगअडिक्ट हो गये हैं और कल रात की उनकी हरकत ड्रग्स ना मिलने पर उनका रिक्षन था।उनका अपने उपर कोई कंट्रोल नही रह गया है।"
"राजासाहब,हम ये कहने आए हैं कि जल्द से जल्द उन्हे रीहॅबिलिटेशन सेंटर मे भरती करवा दे।बस यही एक रास्ता है।
"डॉक्टर लता अपने पति की बात पूरी करते हुए बोली।
राजासाहब के माथे पे चिंता की लकीरें और गहरा गयी,
अभी लिख रही हूँ बने रहिये
। जय भारत ।


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