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मम्मी के शिकारी पार्ट १ - शादी
#1
म्मी के शिकारी - पार्ट 1 शादी
ये एक काल्पनिक कहानी हे केवल मनोरंजन के लिए पढ़े
मेरी मम्मी का नाम रचना है उन की उम्र 34 वर्ष हे वो बहुत ही खूबसूरत ओर भरे भरे बदन की महिला है, पांच फुट सात इंच की हाइट , 34 के बूब्स, 32 कमर ओर 36 के हिप्स किसी को भी पागल करने के लिए काफी हे उन का रंग गोरा हे ओर प्लम्पी त्वचा हे, मम्मी ज्यादातर साड़ी ब्लाऊज ही पहनती हे उस में कसे उन के गोल गोल सख्त बूब्स ओर कूल्हे देख कर देखने वाले का  मन मचल उठता हे
शादी के कुछ महीने बाद ही  पापा की जॉब दुबई में लग गई , पांच  साल का कॉन्ट्रैक्ट हे जिस में साल में एक बार पंद्रह दिन के लिए वो घर आ सकते हैं इस वजह से मम्मी बहुत अकेलापन महसूस करती हे इस लिए उन्होंने एक  क्लब ज्वाइन कर लिया हे जहां वो रोज शाम को चली जाती हे इस तरह से उन का मन भी लग जाता है ओर उन की दोस्ती शिल्पा नाम की महिला से हो गई जो उन की हमउम्र हे ओर बहुत अच्छे स्वभाव की हे, धीरे धीरे दोनों अच्छी सहेली बन गई और आपस में एक दूसरे के घर आना जाना भी शुरू हो गया, शिल्पा जी एक बहुत ही अमीर महिला हे जिन के पति सिद्धार्थ एक बिजनेस मैन हे ओर वो लोग एक बहुत ही बड़ी कोठी में रहते हे जब की मम्मी साधारण महिला हे इस लिए वो उन के घर जाने में सकुचाती हे लेकिन शिल्पा ओर सिद्धार्थ जी का स्वभाव बहुत ही अच्छा हे वह कभी मम्मी को हीन  भावना महसूस नहीं होने देते,
सिद्धार्थ और शिल्पा एक बहुत ही खुले विचारों वाले कपल थे जो अपने सर्किल में स्वैप पार्टी भी रखते थे , शिल्पा ओर सिद्धार्थ आपस में बहुत प्यार करते थे लेकिन शिल्पा मां नहीं बन सकती थी इस लिए कभी कभी उदास हो जाती थी लेकिन उन को महसूस नहीं होने देते थे कि कोई कमी है मम्मी को देखते ही शिल्पा ने निश्चय कर लिया था कि उन से ओर सिद्धार्थ के मिलन से बच्चा हो सकता हे जिसे वो बाद में गोद ले सकते हैं
सिद्धार्थ 6 फुट 2 इंच के बहुत ही मजबूत जिस्म के  हैंडसम इंसान थे कोई भी महिला उन्हें देखकर आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकती थी  शिल्पा जी ने मम्मी के भोलेपन का फायदा उठाकर उन्हें धीरे-धीरे उत्तेजित करना शुरू कर दिया था क्योंकि उन्हें पता था पापा नहीं होने के कारण मम्मी बहुत समय से सेक्स से वंचित थी, शिल्पा जी सिद्धार्थ की मर्दानगी की तारीफ उनके आगे करती रहती थी की कैसे वह बिस्तर पर उन्हें असली जवानी का सुख देते हैं मम्मी यह सुनकर शर्मा जाती थी लेकिन उनके अंदर भी एक आनंद की लहर उठनी शुरू हो गई थी सिद्धार्थ भी मम्मी की तारीफ करने का कोई मौका नहीं चूकते थे 
सिद्धार्थ - शिल्पा रचना को देख कर दुख होता हे  इतनी भोली और समझदार महिला है  लेकिन उन की गदराई हुई जवानी यू ही बेकार जा रही है , कोई भी मर्द इस को पा कर अपने को धन्य समझेगा 
शिल्पा - हा सिद्दार्थ उसे पति का सुख भी नहीं मिल पाता मेरी इच्छा  हे आप इस से बच्चा पैदा करो ,  बहुत ही धार्मिक और पतिव्रता स्त्री हे सीधे सीधे नहीं मानेगी कोशिश करती हु कि आप की टांगों के नीचे आ जाए उस को प्यार से समझना पड़ेगा किसी तरह  तुम्हारी पत्नी बनने को राजी हो गई तो फिर जीवन भर के लिए तुम्हारी हो जाएगी तुम भी उसे प्यार से मनाने कि कोशिश करो में उसी अपनी सौतन बनाने की कोशिश करती हूं 
अब शिल्पा आंटी मम्मी को पूरी तरह से फुसलाने में लग गई एक संडे क्लब के बाद रात को वो मम्मी को अपने घर ले गई, खाना खाने के बाद दोनों सहेली आपस में हंसी मजाक कर रही थी फिर मम्मी बोली यार बहुत देर हो गई अब घर चलती हु तो आंटी बोली आज यही सो जा यार घर पर कौन से तेरे पति इंतजार कर रहे हे, मम्मी मान गई, रात के दस बज रहे थे तभी सिद्धार्थ जी आ गए उन्होंने मम्मी का अभिवादन किया और बोले  आप बहुत सुंदर  हो रचना जी, आप ने खुद को कुंवारी कन्या की तरह मेनटेन कर रखा हे मम्मी शर्मा गई उन की निगाई झुक गई, शिल्पा आंटी शरारत से मुस्कुरा कर बोली नजर मत लगाओ मेरे सहेली को तो सिद्धार्थ बोले अपनो की नजर नहीं लगती, शिल्पा बोली यार इन के पति बाहर  रहते हे ये कुंवारी जैसी ही हैं मम्मी शर्म से लाल हो रही थी, सिद्धार्थ कुछ नहीं बोले और अंदर चले गए,
दोनों सहेली अब गेस्ट रूम में आ गई ओर सोने की तैयारी करने लगी, शिल्पा आंटी धीरे धीरे मम्मी को उत्तेजित करने की कोशिश करने लगी,
शिल्पा - सच में तुम बहुत ख़ुसूरत हो यार सिद्धार्थ की बात का बुरा न मानना कोई भी मर्द तुम्हारी जवानी ओर मर मिटे, धीरे से उन्होंने मम्मी के ब्लाउज में कसे स्तनों ओर हाथ फेर दिया मम्मी चिहुंक पड़ी
मम्मी - क्या कर रही हो यार कुछ कुछ होता हे बहुत दिन हो गए सेक्स किए हुए
शिल्पा - मेरी बन्नो में तो तेरी जवानी की आग शांत नहीं कर सकती लेकिन तू कहे तो सिद्धार्थ को राजी कर सकती हु कसम से बहुत कड़क मर्द है बिस्तर पर मुझे ऐसी कलाबाजी खिलाते हे कि आनंद ही आ जाता हे
मम्मी - धत्त पगली में शादी शुदा हूं और किसी गैर मर्द के बारे में सोचना भी पाप है ऐसी बातें मत करो
शिल्पा - एक बात बता तेरे पति दुबई रहते है क्या सोचती हे वो बिना सेक्स के रहते होंगे हो ही नहीं सकता मर्द को एक बार औरत के शरीर की आदत लग जाए तो वो रह नहीं सकता, पक्का वो वही पर मजे कर लेते होंगे तुझे क्या लगता कोई मर्द पत्नी व्रता होता है क्या , ये सब तो औरतों के लिए हैं
बात करते हुए वो मम्मी के साड़ी में कसे हिप्स पर भी हाथ फेर रही थी
मम्मी - पता नहीं मुझे पर ये सब गलत लगता है कि पति के अलावा कोई पराया मर्द मुझे छुए
शिल्पा - शरारत से हंसते हुए बोली तो मेरी बन्नो ऐसा कर मेरी सौतन बन जा, तेरी शादी सिद्धार्थ से करवा देती हु तेरे पति को क्या पता चलेगा पंद्रह दिन के लिए ही तो आता है, वैसे भी जो एक बार विदेश चले जाते हैं वहीं का हो कर रह जाते हैं, क्यों अपनी जिंदगी होम कर रही हैं उन्हें तुझे साथ के जाना होता तो छोड़ कर क्यों जाते तुझे साथ ही ले जाते न उस में क्या दिक्कत थी 
मुझे बच्चा नहीं होता यार सिद्धार्थ को एक वारिस मिल जाएगा और तेरा जीवन संवर जाएगा नहीं तो यू ही अपनी जवानी बर्बाद कर देगी सिद्धार्थ से तुझे पैसा, नाम ओर धनी लोगो कि सोसाइटी में सम्मान मिलेगा
मम्मी यह सोच कर सिहर गई कि शिल्पा सच कह रही हैं ऐसे तो जीवन कैसे कटेगा, शिल्पा उन्हें बहुत देर तक समझाती रही
शिल्पा - देख रचना तुम भी सुंदर हो और सिद्धार्थ कितने हैंडसम हैं जोड़ी खूब जमेगी, क्या मिल रहा है तुम्हारे पति से तुम को बस हर महीने कुछ पैसे भेज देते हे, किराए के मकान में रहती हो, सिद्धार्थ एक बड़े बिजनेस मैन हैं पैसे की कोई कमी नहीं तुम्हारे इस सुंदर शरीर को महंगे कपड़ों ओर गहनों से लाद देंगे साथ ही एक जवान मर्द का शारीरिक सुख मिलेगा जो तुम्हे नहीं मिलता, किसी को क्या पता चलेगा सिंदूर तो अपने पति का लगाती ही हो तुम्हारा किराए का मकान भी खरीद लेंगे मालकिन हो जाओगी
तभी बेडरूम के दरवाजे से सिद्दार्थ बाहर आए जो कि गेस्ट रूम के बगल में था
सिद्धार्थ - आओ न शिल्पा मुझे रोज तुम से खेले बिना नींद नहीं आती 
शिल्पा - आती हु जानेमन मेहमान का तो ख्याल करो, फिर वो मम्मी से बोली
रचना तुम सो जाओ यार ये मुझे अभी सोने नहीं देंगे और वो सिद्धार्थ के साथ चली गई 
मम्मी अंदर तक हिल चुकी थी उन की सोच को शिल्पा ने हिला दिया था अब सही में वो उन की बात पर सोच रही थी वैसे भी सिद्धार्थ उन्हें बहुत अच्छे लगते थे मम्मी चोर नजरों से उन को देख लेती थी ओर स्वभाव भी सिद्दार्थ का बहुत ही अच्छे थे सदा तमीज से बात करते थे और उन्हें बहुत इज्जत देते थे किसी भी स्त्री के लिए ऐसा पति होना सौभाग्य की बात होगी, शरीर की अतृप्ति ओर पैसे की चमक मम्मी की विचारों को हिला रही थी, उधर बेडरूम में शिल्पा की चीखने, कराहने, चूड़ियां खनकने ओर  जोर जोर से ठप ठप की आवाजें आ रही थीं सिद्धार्थ शिल्पा को जम कर चोद रहे थे और शिल्पा उत्तेजना में जोर जोर से चिल्ला रही थी जानू जरा आराम से करो मर जाऊंगी में, मम्मी उन की आवाजें सुन कर अंदर तक हिल चुकी थी ,पूरी रात अंदर से आवाजें आती रही ओर मम्मी एक मिनट भी न सो सकी उन की कल्पना में सिद्धार्थ का निर्वस्त्र कठोर शरीर घूम रहा था जो शिल्पा को रौंद रहा था
सुबह तक यही चलता रहा लगभग छह बजे शिल्पा बाहर आई वो गाउन पहने हुए थी माथे की बिंदी और सिंदूर फैला हुआ था होठों पर से लिपस्टिक गायब थी बाल बिखरे हुए थे और गालों पर हल्के हल्के दांतों की निशान थे , उन्हें देख कर मम्मी का मन कैसा कैसा हो गया, शिल्पा मुस्कुराते हुए बोले मेरी जान आनंद आ गया रात को चलो चाय पीते हे फिर ड्राइवर से कह कर तुम्हे घर छुड़वा दूंगी शाम को क्लब में मिलते हैं 
घर पहुंच कर मम्मी फ्रेश होने में लग लगी लेकिन उन के मन से शिल्पा की बाते ओर सिद्धार्थ का सुंदर चेहरा ओर बलिष्ठ शरीर घूम रहा था, आज पहली बार उन्होंने अपना शरीर गौर से देखा, उस को एक योग्य सम्मान की जरूरत थी जो पैसा ओर मर्द पूरी कर सकता था लेकिन अभी तक दोनों से वंचित थी, आज उन की क्लब जाने की भी इच्छा नहीं हुई ओर वो शिल्पा की बातों के बारे में सोचती रही, रात नो बजे शिल्पा का फोन आया 
शिल्पा - क्या हुआ मेरी सौतन आज आई नहीं क्लब में यार तेरे बिना मन भी नहीं लगा तू मेरी पक्की सहेली हे , सच में बन जा मेरी सौतन में सिद्धार्थ को मना लेती हु, बहुत ही प्यारी जोड़ी लगेगी तुम दोनों की ओर तुम तो जानती हो वो बहुत शौकीन हैं परी की तरह सजा कर रखेंगे तुम को
मम्मी ने जवाब नहीं दिया वो मानसिक रूप से तैयार हो चुकी थी, 
मम्मी - सिद्दार्थ मान जाएंगे क्या, मैं एक औसत परिवार की नारी हु और आप लोग बहुत अमीर खानदान से ताल्लुक रखते हो
शिल्पा - ( मन ही मन खुश होते हुए ) चिंता क्यों करती ही मेरी सौतन तुम्हे पता नहीं कितना बड़ा खजाना छुपा है तुम्हारे अंदर सिद्धार्थ की चिंता मत करो में मना लूंगी यार चलो सुबह बात करती हु तुम से 
रात भर मम्मी को नींद नहीं आई उन के मन में सोच सोच कर ही रोमांच हो रहा था, तभी सुबह पांच बजे ही शिल्पा का फोन आया 
शिल्पा - मेरी सौतन सिद्धार्थ मान गए है , मेरे पास दो दिन हैं 16 फरवरी की शाम को मैं किट्टी  पार्टी वाली सहेलियों के साथ 20 दिन के लिए यूरोप घूमने जा रही हु तुम्हारी शादी 16 फरवरी की सुबह करवा कर दोपहर में चली जाऊंगी आज 14 तारीख हे तुम सुबह तैयार रहना 11 बजे शॉपिंग पर चलेंगे तुम्हारे लिए कपड़े ओर जेवर लेने हैं
मम्मी तो सुन कर सिहर गई कि वाकई वो सिद्धार्थ की दुल्हन बनने जा रही हे, 
14 फरवरी
मम्मी खूब अच्छी तरह से अपने शरीर को साफ कर नहाई, बालों में शैम्पू किया, आईने में खुद का दमकता हुस्न देख कर शर्मा गई
11बजे बाहर हॉर्न बजा मम्मी तैयार ही थी वो घर लॉक कर कार के पास गई तो शिल्पा नीचे उतर के मम्मी को बैठने की बोली मम्मी जैसे ही बैठी शिल्पा ने सिद्धार्थ से कहा आप अपनी होनी वाली दुल्हन के साथ पीछे बैठिए कार में चलाऊंगी , सिद्धार्थ पीछे मम्मी के पास बैठ गए और बोले हैलो रचना जी कैसी है आप, आज तो कयामत लग रही है, नए जीवन की बधाई हो, मम्मी नजर नीची कर धीमी आवाज में बोली आप का शुक्रिया जी, उस के बाद खामोशी छा गई कोई कुछ नहीं बोल रहा था, मम्मी की साड़ी में कसी जांघें सिद्धार्थ की जांघों से रगड़ रही थी उन का शरीर रह रह कर रोमांच से कांप रहा था सिद्धार्थ ने धीरे से अपना हाथ उन की जांघों पर रख दिया, सिद्धार्थ के पहले स्पर्श से मम्मी की सांसे तेज चलने लगी उन्होंने धीरे से सिद्धार्थ के कठोर हाथ पर अपना नाजुक ओर नर्म हाथ रख दिया, वो अपनी सांसों  में अजीब से खुशबू महसूस कर रही थी , सिद्धार्थ को अपने हाथों पर मम्मी की कसी हुई जांघ का स्पर्श आनंदित कर रहा था एक खूबसूरत ओर गदराए हुए हुस्न की मलिका उन की पत्नी बनने जा रही थी जिस के साड़ी में कसे बूब्स ओर हिप्स उन्हें सदा उत्तेजित करते थे अब उन से ज्यादा इंतजार नहीं हो रहा था और वो जल्द से जल्द इस गदराए हुस्न को भोगना चाहते थे इसी लिए मम्मी की सहमति मिलते ही वो तैयारी में जुट गए और उन को अपने पसंद के हिसाब से कपड़े ओर सिंगार का सामान दिलाने जा रहे थे
बहुत ही महंगे शोरुम पर रुक कर उन्होंने मम्मी के लिए साड़ी ब्लाऊज पेटीकोट खरीदे साड़ी सोने की जरी के काम वाली थी जिस की कीमत डेढ़ लाख के लगभग थी जो मम्मी पापा सोच भी नहीं सकते थे, सिद्धार्थ ने अपने पसंद के महरून रंग की साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट, ब्रा ओर पेंटी  शादी के दिन के लिए पसंद की, उसी की मैचिंग नेलपॉलिश, लिपस्टिक ओर सैंडल खरीदे, इसी तरह क्रीम, नारंगी और ब्लैक कलर के भी सेट खरीदे, इस के अलावा कई तरह की ब्रा ओर पेंटी, बिकनी, नाइटी खरीदी करीब 25 से 30 लाख की खरीददारी मम्मी के लिए की जिसे वो बाद में मम्मी के जिस्म से सूद सहित वसूलने वाली थे और मम्मी उन के व्यापार को बढ़ाने में स्तेमाल होने वाली थी, लेकिन एक बात थी कि वो मम्मी को पसंद भी करते थे और उन्हें अपनी दुल्हन बनाने के लिए जल्द से जल्द उत्साहित थे
इस का बाद उन्होंने मम्मी के लिए जेवर खरीदे, मंगल सूत्र ओर अंगूठी जिस में हीरा जड़ा था, सोने का हार, कंगन, माथे का टीका, नाक की नथनी, पायल खरीदी इस के बाद मम्मी के लिए कंगन ओर चूड़ियां खरीदी गई, उन को दुल्हन बनाने की पूरी तैयारी के बाद वो लोग वापिस आ गए
शिल्पा - रचना मेरी सौतन तुम्हे अब कुछ करने की जरूरत नहीं सब सिद्धार्थ की जिम्मेदारी हे बस तुमको उन्हें खुश रखना हे कल  सुबह ब्यूटीपार्लर ओर स्पा कंपनी की एक वेन तुम्हारे घर आएगी जो तुम्हारी शरीर को सुहाग सेज के लिए तैयार करेगी तुम्हे बस जो वो कहे करना हे
मम्मी - शर्माते हुए बस इतना ही बोली जी ठीक हे जैसा उन को (सिद्धार्थ को) पसंद हो
तब शिल्पा बोली सिद्धार्थ को तुम्हे अच्छी तरह संवारने सजाने की बहुत इच्छा हे तुम हो ही इतनी सुंदर ओर कामुक मेरी जान, जितनी सजोगी उतना ही बजोगी मेरी बन्नो
धत्त , मम्मी का चेहरा शर्म से लाल हो गया और वो सुहाग रात की कल्पना से सिहर उठी
15 फरवरी
दस बजे एक वेन घर के बाहर आ कर रुकी 6 लड़कियों ओर बाथटब, मसाज का समान ओर ब्यूटी प्रोडक्ट से सुसज्जित वैन को सिद्धार्थ ने भेजा था
लड़कियों ने मम्मी का अभिवादन किया और अपने काम में लग गई, सब से पहले मम्मी के हाथ पैरों की पेडी क्योर, मेडी क्योर करना शुरू किया आधे घंटे बाद उन्होंने मम्मी को एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल दे कर कहा मेम इसे पी कर आप लेट जाइए, मम्मी ने पी लिया उन्हें नींद आने लगी और वो सो गई तब लड़कियों ने उन को निर्वस्त्र कर दिया के उन की चूत ओर बगल के बाल साफ किए उस के बाद पूरे शरीर पर सुगंधित क्रीम लगा कर इलेक्ट्रिक मशीन से उन के पूरे शरीर की मसाज की मम्मी की कसी हुई चूत और गांड़ में भी क्रीम लगा कर उसे उंगली डाल कर चिकना किया करीब आधे घंटे बाद उन्हें सुगंधित पानी से भरे बाथटब में अच्छी तरह से नहलाया और उन के रेशमी काले घने और कमर तक लंबे बालों को शैम्पू और कंडीशनर से चमका दिया तोलिए से साफ कर उन्हें ब्रा पेंटी पहना दी अब मम्मी भी नींद से जागने लगी थी, लड़कियों ने मम्मी के पैरों ओर हाथों में मेंहदी लगाई और कहा मैडम इसे शाम तक सूखने दीजिए फिर साफ कर लेना हम सुबह आ जाएंगी
16 फरवरी
आज मम्मी की शादी सिद्धार्थ के साथ होनी थी और आज ही के दिन पापा से ही उन की शादी भी हुई थी उन की ऐनवरसरी भी थी, पापा को क्या पता था कि आज उन की पतिव्रता पत्नी किसी ओर की पत्नी बन कर उस की सुहाग सेज का समान बनने वाली थी जिसे रात भर दूसरा मर्द भोगेगा
सुबह आठ बजे शिल्पा जी आ गई वो अपने साथ नाश्ता लाई थी, जिसे उन्होंने ओर मम्मी ने मिल कर खा लिया 
शिल्पा - रचना 12 बजे मुहूर्त के हिसाब से तुम्हारी शादी होनी हे अतः जल्दी से तैयार हो जाओ ये शैंपू ओर बॉडी लोशन लो ओर अच्छी तरह से नहा कर आओ
मम्मी - ठीक हे बहन लेकिन आज मेरी संजू से शादी की सालगिरह है उन का फोन कभी भी आ सकता हे
शिल्पा - फोन बंद कर मुझे से दो यार बाद में देखेंगे उन को 
मम्मी ने वही किया ओर नहाने चली गई नहाने के बाद लड़कियों ने मम्मी को सजाना शुरू किया लाल कलर की ब्रा, पेंटी, पेटीकोट, ब्लाउज ओर साड़ी पहना कर इन के नाखून पर इसी कलर की नेल पॉलिश लगाई, मम्मी के बालों का अच्छा सा जुड़ा बना कर हल्का सा मेकअप किया क्यों कि वो सादगी में ज्यादा सुंदर लगती थी, उन को जेवर पहनाए गए, कानों में बाली, माथे पर लाल बिंदी के ऊपर मांग का टीका नाक की नाथ, हार, पेरो में पाजेब ओर बिछुए, हाथ में लाल चूड़ियां और कंगन
दुल्हन के लिबास में मम्मी बला की खूबसूरत लग रही थी, अब उन के अंतर वस्त्रों ओर ब्लाउज पर खुशबूदार लेडिस परफ्यूम छिड़क कर उन को नई लाल कलर की सेंडिल पहना दी गई , अब मम्मी तैयार थी शिल्पा जी ने उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाया और अपने बंगले पर ले गई, उधर सिद्धार्थ भी दूल्हे के लिबास में किसी राजा से कम नहीं लग रहे थे वैसे ही बहुत खूबसूरत थे , साढ़े ग्यारह बजे शिल्पा मम्मी को ले कर बंगले पर पहुंच गई जहां सिद्धार्थ के पंद्रह दोस्त अपनी पत्नियों के साथ मौजूद थे, घर के मंदिर में एक वेदी पर पंडित भी विराजमान थे, जैसे ही शिल्पा मम्मी को ले कर पहुंची सिद्धार्थ उन की खूबसूरती देखते रह गए सभी दोस्तों की तो लार टपकाने लगी क्यों को सभी स्वैप पार्टनर थे, निकट भविष्य में ऐसे हुस्न को भोगने की कल्पना से ही वो रोमांचित हो रहे थे और उन की पत्नियां ईर्ष्या कर रही थी, शिल्पा ने मम्मी को ओर सिद्धार्थ को वरमाला दी जिसे पहले सिद्धार्थ ने फिर मम्मी ने पहना दिया उस के बाद पंडित ने मंत्रोच्चार के साथ सिद्धार्थ से मम्मी की मांग भरने की कहा, रोमांच से मम्मी की आँखें बंद हो गई, अब सिद्धार्थ  ने मम्मी का हाथ पकड़ कर अग्नि के साथ फेरे लिए और उन के गले में मंगलसूत्र पहना दिया इसी की साथ विवाह सम्पन्न हुआ और मम्मी सिद्धार्थ की ब्याहता बन गई, सिद्धार्थ ने मम्मी को फरारी कार की चाभी दी 
सिद्धार्थ - लो मेरी जान ये कार मेरी तरफ से तुम्हे तुम्हारे नए जीवन के लिए तोहफा जल्दी ही वो घर भी जिस में तुम रहती हो तुम्हारे नाम हो जाएगा
मम्मी तो ये सब सुन कर अचंभित हो गई उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि जिंदगी ऐसा मोड भी ले सकती हे वो सिद्धार्थ को प्यार भरी आंखों से देख रही थी
लंच के बाद सभी चले गए शिल्पा बोली रचना अब मेरे प्लेन का समय हो रहा है निकलती हूँ सभी नौकरी को आज छुट्टी दे दी हे खाना पानी। ओर दूध किचन में रखा हे तुम घर की मालकिन हो ,तुम्हारा बेडरूम सुहागरात के लीजिए सजा दिया हे  सिद्धार्थ मुझे एयरपोर्ट छोड़ आरामकर अपना काम निबटा कर रात तक आयेंगे दरवाजा लॉक कर जाएंगे  एक चाभी उन के पास है एक तुम रख लो हे तब तक तुम घर जा कर आराम करो  करो रात भर जागना है सिद्धार्थ आयेंगे तो तुम्हे फोन कर देंगे ड्राइवर तुम्हे ले कर आ जाएगा तब तक लड़कियां तुम्हे रात को तुम्हारी सिद्धार्थ के साथ होने वाली सुहागरात  के लिए तैयार कर देंगी और वो शरारत से मुस्कुरा दी मम्मी का चेहरा शर्म से सुर्ख हो गया , दोपहर के दो बज रहे थे सभी चले गई ओर मम्मी भी अपनी नई कार में ड्राइवर के साथ घर आ गई ओर सुहाग सेज पर रात को आने वाले सुखद पलो की कल्पना करते हुए सो गई , सात बजे दरवाजे की घंटी बजी मम्मी की नींद खुल गई, ड्राइवर लड़कियों को ले कर ओर खाना ले कर आया था उस ने कहा मैडम जी आप खाना खा कर तैयार हो जाइये साहब रात नो बजे तक घर आयेंगे में आप को ले जाऊंगा
मम्मी ने खाना खाया फिर लड़कियों ने मम्मी के हाथों ओर पैरों से लाल नेलपॉलिश उतरी और उन को हल्दी ओर चंदन का लेप देते हुए कहा आप अच्छी तरह से इसे अपने बदन पर लगा के नहा लीजिए सर ने कहा हे आप महरूम जोड़ा पहन लीजिए वो रंग साहब को पसंद हे, मम्मी नहा कर आई तो उन का बदन दमक रहा था और चंदन की खुशबू से महक रहा था फिर लड़कियों ने उन के मेहंदी रचे हाथ पैरों के नाखून पर मेहरून कलर की नेलपॉलिश लगा दी ओर मम्मी को उसी कलर की ब्रा, पेंटी, पेटीकोट, ब्लाउज ओर साड़ी पहना दी उन के हाथों में कंगन के साथ मेहरून रंग की चूड़ियां पहना दी, उसी कलर की बिंदी और हल्की लिपस्टिक लगा कर पैरों में पाजेब और बिछुए, माथे पर मांग का टीका, नाक में नथुनी, कानों में मैचिंग बालियां पहना दी ओर हीरे लगा मंगलसूत्र पहना दिया, मम्मी बला की सुंदर ओर सेक्सी लग रही थी
रात नौ बजे मम्मी के मोबाइल पर सिद्धार्थ का फोन आया
सिद्धार्थ - कैसी हो मेरी जान तैयार हो गई न आ जाओ मैं इंतजार कर रहा हु यार अपनी जान को बाहों में लेने का अब सब्र नहीं हो रहा
मम्मी आने वाले पलो को महसूस कर शर्म से लाल हो रही थी कि एक हैंडसम मर्द जो अब उन का पति हे आज उन की उफनती जवानी को मसलने कुचलने के लिए इंतजार कर रहा हे
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मम्मी के शिकारी पार्ट १ - शादी - by Funeyboy - 26-01-2026, 03:38 PM



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