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Misc. Erotica महीन को अपने रंग में रंग दिया
#23
पार्ट 5: नेहा की यादें और प्रिया की स्टोरी

की स्टोरी सुनने के बाद माहीन का मन और ज्यादा उलझ गया था। ऑफिस से घर लौटकर वो बेड पर लेट गई, आँखें बंद करके नेहा की बातें दोहराने लगी। "कितनी भावुक थी वो... ब्रेकअप का दर्द, फिर वो स्पर्श, आजादी... जैसे उदासी मिट गई। क्या मेरी उदासी भी ऐसे मिट सकती है? फ...सल, तुम दूर हो, लेकिन नेहा की तरह अगर मैं भी... नहीं, गुनाह है। लेकिन वो डिटेल्स... क्यों बदन गरम हो रहा है? क्या मैं भी कभी ऐसा महसूस कर सकती हूँ? नेहा कह रही थी आजादी... हॉट बनो। लेकिन मैं? हिजाब में बंधी, अकेली रातें... आँसू क्यों आ रहे हैं? Faisal , मुझे माफ करना। फ...सल की याद आ रही है, लेकिन नेहा की स्टोरी जैसे दिल को छू गई। क्या आजादी सच में ऐसी है — दर्द और मजा मिलाकर? मैं रो रही हूँ, लेकिन जिज्ञासा... रोक नहीं पा रही। कल प्रिया की स्टोरी सुनूंगी... शायद * धर्म के बारे में और जानूँ। लेकिन डर लग रहा है, क्या मैं बदल रही हूँ?

" माहीन की सिसकियाँ निकल रही थीं, छाती भारी, लेकिन बदन में एक नई सी उत्तेजना। वो आईने के सामने खड़ी हुई, हिजाब उतारा, बाल खोले। "क्या मैं हॉट हूँ? नेहा की तरह... क्या कोई मुझे ऐसे देखेगा?" आँसू बहते रहे, लेकिन दिल में एक छोटी सी उम्मीद जागी। रात भर नींद नहीं आई, नेहा की स्टोरी की इमेजेस मन में घूमती रहीं — "उदासी मिटी, प्यार जुड़ा... क्या मेरे लिए भी?"अगले दिन ऑफिस में माहीन फिर थकी हुई लग रही थी, लेकिन सहेलियों से मिलने की उत्सुकता थी। लंच टाइम में कैफेटेरिया में सब इकट्ठी हुईं। नेहा ने मुस्कुराकर कहा, "माहीन, कल की स्टोरी सोची? भावुक हो गई ना?"

Maheen की आँखें नम हो गईं। "हाँ नेहा... रोई बहुत। तुम्हारा दर्द, वो मजा... दिल छू गया। लेकिन अब प्रिया की स्टोरी सुनाओ अगर कोई भावुक हिस्सा हो तो डिटेल में।" सहेलियाँ मुस्कुराईं। प्रिया ने गहरी सांस ली, जैसे यादें ताजा हो रही हों, और शुरू की, "ठीक है, सुनो मेरी स्टोरी। ये सिर्फ धर्म की है, दिल की भी। मैं 24 साल की थी, फैमिली स्ट्रिक्ट ****— पूजा, त्योहार, भ...वान की भक्ति। लेकिन दिल उदास था — पापा की मौत हो गई थी, मम्मी अकेली। लगता था जिंदगी में रंग नहीं। मैं रोज मंदिर जाती, भ...वान कृष्ण से दुआ मांगती — 'मुझे सुकून दो।' धर्म में ऐसे रिचुअल्स हैं — सुबह उठकर पूजा, आरती, भजन गाना। होली में रंग चढ़ाना, दिवाली में दीये जलाना, नवरात्रि में देवी पूजा। औरतें यहां देवी हैं — लक्ष्मी, दुर्गा, शक्ति।

कोई सख्ती नहीं, बस भक्ति और आजादी — त्योहार मनाओ, डांस करो, प्यार करो। भ...वान कृष्ण राधा से रास लीला करते, रंग लगाते — वो प्यार का सिंबल। मैंने इन रिचुअल्स से सुकून पाया — मंदिर में घंटी बजाना, अगरबत्ती जलाना, प्रसाद चढ़ाना। भावुक हो जाती थी — आँसू आते, लेकिन दिल हल्का होता। एक बार ***** boyfriend मिला — लेकिन वो सेक्स में कमजोर था, उसका बहुत छोटा था। उसके बाद मैंने कभी ****** लड़कों का ख्याल नहीं किया,

डिटेल में तो बिल्कुल नहीं। मैं ........रिचुअल्स में डूब गई — जैसे करवा चौथ में व्रत रखना, पति की लंबी उम्र के लिए। या रक्षा बंधन में भाई को राखी बाँधना। ***** धर्म सिखाता है — जिंदगी रंगों से भरी हो, कोई बंदिश नहीं। उदासी में भी खुशी ढूंढो — पूजा से, भजन से। अब मैं खुश हूँ, क्योंकि धर्म ने आजादी दी — खुद चुनो, भ...वान पर भरोसा रखो। तुम ट्राई करो, माहीन। ***** रिचुअल्स सीखो, आजादी मिलेगी, उदासी मिटेगी। पूजा से शुरू करो — एक छोटी सी आरती, देखो दिल कैसे हल्का होता है।" प्रिया की आँखें नम हो गईं, जैसे पापा की याद और धर्म की भक्ति मिलकर भावुक कर रही हों।माहीन सुनकर रोने लगी — "प्रिया, इतनी भावुक... ****** र्म, रिचुअल्स, आजादी... पूजा, भ...वान... दिल छू गया। क्या मैं भी ट्राई कर सकती हूँ? लेकिन अगली स्टोरी?" प्रिया मुस्कुराई, "एक पार्ट में एक। कल फातिमा की सुनना।" माहीन का मन और उत्तेजित हो गया। प्रिया की स्टोरी याद आ रही थी — "रिचुअल्स, देवी, आजादी... क्या मैं भी? अ...ह, रोक। लेकिन... जिज्ञासा। फ...सल, सॉरी। धीरे-धीरे... देखती हूँ
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RE: महीन को अपने रंग में रंग दिया - by razaraj2 - 22-01-2026, 11:56 PM



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