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Adultery हवस और नादानियां ~ (आप-बीती)
#51
(18-01-2026, 08:49 PM)rajeev13 Wrote: राजू और अनीता का बॉन्ड अब पहले से ज्यादा गहरा हो रहा है, कल तक झगड़ते थे, और अब इतना प्यार-मोहब्बत वाला हो गया है। वो कुएं पर नहाने वाला सीन बहुत क्यूट और इनोसेंट लगा। राजू का अनीता के गाल चूमना वाला मोमेंट थोड़ा सरप्राइजिंग था, लेकिन ये उनके रिश्ते में आ रहे बदलाव को अच्छे से दिखाता है। शायद श्यामू काका की बातों का असर, या कुछ और... इंटरेस्टिंग है ये ट्विस्ट!

मंजू काकी और बापू वाला साइड प्लॉट भी काफी ग्रिपिंग है। काकी का राजू से बात करना, वो गिल्ट और डर, ये सब बहुत रियल लगता है। गांव की रीति-रिवाज, जैसे घूंघट और जेठ-भाभी के रूल्स, को अच्छे से वीव किया गया है, जो कहानी को ऑथेंटिक बनाता है। डायलॉग्स नैचुरल लगे, जैसे "हाय दय्या बापू आ गए राजू", ये गांव की भाषा की फील देता है। गेहूं की गहाई, खेतों का काम, नदी नहाना, सब कुछ इतना विस्तार से लिखा है कि मैं खुद को वहां इमेजिन कर पाया।

बस एक बात, कहानी में थोड़ा सस्पेंस और तेज पेसिंग हो सकती थी। जैसे काकी का अफेयर वाला पार्ट अच्छा है, लेकिन राजू के मन में क्या चल रहा है, उस पर और डीप इंसाइट मिलती तो बेहतर लगता। और अनीता के साथ राजू का बदलता बिहेवियर, क्या ये सिर्फ भाई-बहन का प्यार है या कुछ और? ये क्यूरियोसिटी बनाए रखती है, जो अच्छी बात है। अगले भाग की उत्सुकता से प्रतीक्षा है... ?
This story is completely rooted in the village and it will showcase every aspect of the rural landscape.
The atmosphere, customs, language and lifestyle are all village-like. My goal is to make every scene and every aspect of this story reflect the way villegers lived and lived in ancient times.

Anyway.... कहानी के बारे में आपने जिन सुंदर शब्दों के द्वारा अपनी प्रतिक्रिया दी है और जिस तरह से मेरा उत्साह बढ़ाया है उससे मुझे बेहद खुशी हुई है। यूं समझिए कि मैं आपके इस रिव्यू से charge हो गया हूं। इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका।

आपकी बातों से पूरी तरह सहमत हूं कि कहानी में थोड़ा सस्पेंस और पेसिंग हो सकती थी पर ऐसा इस लिए नहीं है कि राजू अभी कुछ मामलों में अनाड़ी है। जैसे जैसे उसे ऐसी चीजों की समझ आएगी या ये कहें कि मैच्योर होगा उससे उसका किरदार या बर्ताव भी बदलता जाएगा। और इसी के साथ उसके डीप इनसाइट में क्या चल रहा है पता चलेगा। आशा है आप सहमत होंगे और समझ भी गए होंगे।

राजू का अपनी बहन के साथ जो रिलेशन डेवलप हो रहा है उसके बारे में अभी उन्हें खुद पूरा पता नहीं है। हम उमर होने के कारण और अपोजिट जेंडर होने के कारण आकर्षण होना स्वाभाविक है। अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताऊंगा क्योंकि उत्सुकता कम हो जाएगी। यही कहूंगा कि इंतजार कीजिए। 

आखिर में फिर से आपके इस रिव्यू के लिए धन्यवाद मित्र। उम्मीद है आप कहानी के हर भाग में ऐसी ही सुंदर प्रतिक्रिया दे कर मेरी हौसला अफजाई करते रहेंगे और मुझे ऊर्जा मिलती रहेगी।

अगला भाग बस थोड़ी ही देर में आ जाएगा।

Thank you
Read my story 

हवस और नादानियां ~ (आप-बीती)


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RE: हवस और नादानियां ~ (आप-बीती) - by Rajan Raghuwanshi - 19-01-2026, 08:38 AM



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