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Adultery मेरी खूबसूरत पत्नी खुशबू भोला भाला बुद्धू सा में और बहुत सारे ,., मर्द
असलम और खुशबू की हालत मदहोशी की चरम सीमा पर थी


वाइन की तीखी गर्माहट उनके रक्त में उबाल ला रही थी,


सिर हल्का-हल्का चकरा रहा था,



लेकिन बॉडी में वो जंगली भूख और तीव्र हो रही थी।


असलम का हाथ खुशबू की कमर पर था, सिल्क ड्रेस पर सरकता हुआ,


और खुशबू उसके कंधे पर सिर टिकाए,


हँसी की वो मीठी,

उन्मादी ध्वनि हवा में गूँज रही थी।


बाहर में और जय खड़े थे

मेरा का चेहरा उदास लेकिन रोमांच से भरा


, जय का बीयर कैन हाथ में,


आँखें चमक रही।


असलम ने उन्हें देखा,

मुस्कुराया

उस मुस्कान में वो पावर था,

जैसे कह रहा हो,


‘देखा… हमारा मजा…’


लेकिन खुशबू ने तुरंत असलम का कान पकड़ा, फुसफुसाई,


“असलम जी… अब ऊपर चलें… रात का असली मजा बाकी है…”





दोनों रुके, लेकिन असलम ने जानबूझकर आवाज़ ऊँची की


जैसे पति-पत्नी की निजी बातें हों,


लेकिन अमित और जय को सुनाने के लिए।




“जान… हाँ… ऊपर… लेकिन कंडोम… लेना पड़ेगा… रिसोर्ट के स्टोर से…

कौन सा फ्लेवर ले? स्ट्रॉबेरी? या चॉकलेट?


तुझे चॉकलेट पसंद है ना… मीठा… जैसे तेरी चीखें…”




असलम बोला, आवाज़ गहरी, लेकिन हँसते हुए, हाथ खुशबू की कमर पर और कसते हुए।

खुशबू ने हँसकर, नशे में डूबी आवाज़ में जवाब दिया,


“हाँ… चॉकलेट… लेकिन साइज… तुम्हारा वाला वो तगड़ा… XL लेना… छोटा न हो… और क्वांटिटी… कम से कम 6… रात भर तो चलेगी… सुबह तक… तू तो जानता है… तेरी स्टैमिना…”


वो चीख़ी, हँसकर, और असलम ने गांड पर हल्का थप्पड़ मारा


चटाक की आवाज़ हवा में गूँजी।


“हाँ जान… 6… और लुब्रिकेंटेड… ताकि रगड़ में मजा आए… तू तो गीली हो जाती है… लेकिन एक्स्ट्रा…”


असलम गरजा, और खुशबू ने उसके होंठ चूमे,



“हाँ… एक्स्ट्रा… तू तो जानवर है… हमारी रात… हॉट होगी…”


वो जानबूझकर ऊँची आवाज़ में बोली, अमित और जय को सुनाने के लिए

मेरा का चेहरा लाल हो गया, लेकिन नीचे उत्तेजना बढ़ गई।

लेकिन मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया कि यह डिस्को से बाहर निकलते ही खुशबू और असलम यह सारी किस तरह की बातें कर रहे हैं


वह भी इतने ओपन ली


और वह भी मुझे सुनाई दे उसे तरह से


यह क्या बात है

खुशबू भला कंडोम क्यों मंगवा रही है


वह पीछे वह भी डबल एक्सेल साइज के


कन्फ्यूजन की स्थिति से मेरा दिमाग भरा पड़ा था




कंडोम की डिटेल्स फिक्स हो गईं



फ्लेवर चॉकलेट, साइज XL, क्वांटिटी 6, लुब्रिकेंटेड।



खुशबू ने असलम का हाथ पकड़ा, लेकिन डोमिनेंट टोन में बोली,


“असलम जी… आप जाकर ले आए … मैं इंतज़ार करूँगी… जय भाई… तू भी असलम जी के साथ चल… हेल्प कर… रिसोर्ट स्टोर बंद न हो जाए…”



असलम ने सिर हिलाया,



“हाँ जान… आता हूँ… 5 मिनट में…” और जय के साथ बाहर की तरफ़ चले गए


Mai अकेला खड़ा रहा, मन में उत्तेजना और खालीपन मिश्रित।



मुझे बड़ा अच्छे से पता था कि इस तरह की बात और मेरे सवाल सुनकर शायद खुशबू का इतना रंगीन मूड पूरा ऑफ हो जाएगा


लेकिन बात और मुद्दा ही ऐसा था कि मुझे उसका जवाब चाहिए ही था





मैंने हल्के से पूछ ही बैठा, आवाज़ काँपते हुए,


“खुशबू जी… XL… इतनी बड़ी… क्यों?” 6'6 क्यों bhala!???और ये सब किस लिए...!???





लेकिन खुशबू अल्कोहल के नशे में थी, सिर हल्का, चेहरा लाल, आँखें चमक रही—वो हँसकर, शरारती मुस्कान के साथ बोली,




“अरे जान… सरप्राइज है तुम्हारे लिए … बाद में पता चलेगा…

अभी तुम ऊपर चलो!!!!




उसके शब्दों में वो मैनिपुलेशन था—शक को हँसी में उड़ा दिया,

मैं चुप हो गया, मन में रोमांच बढ़ गया,


‘सरप्राइज… बाद में…’


लेकिन कहीं अंदर चुभन बाकी।










उधर असलम जय के साथ रिसोर्ट स्टोर की तरफ़ चला गया



जय उसके पीछे-पीछे चल रहा था, बीयर का कैन अभी भी हाथ में,

लेकिन आँखें चमक रही थीं


चापलूसी का मौका था।



“साहब… वाह… मैडम तो आग हैं रे… डांस में वो thirkan… सिल्क रगड़ रही… और आप… कितने किंग हैं… मैडम को संभाल रहे… मैं तो बस देखता रह गया… साहब, आपका लक… ऐसी बीवी…”




जय बोला, आवाज़ में वो चापलूसी थी, जैसे कोई कुत्ता मालिक को खुश करने को ललव कर रहा हो। असलम हँसा,



“हाँ  जय… खुशबू… उफ्फ… फिगर वाइज तो बॉम्ब है… 36-28-36…

गोरी त्वचा…

सिल्क में लिपटी…

डांस में चिपकी…

लेकिन बिस्तर पर…

जानवर है रे… चीखती है…


‘जोर से…’

‘फाड़ दो…’


लेकिन मैं… XL… फाड़ता हूँ… हा हा…


तू देखना… रात को कमरे से चीखें सुनाई देंगी…”



असलम बिंदास बोल रहा था, नशे में, एक निचले नौकर जय के साथ,


जैसे अमित की पत्नी पर कोई हक हो।



जय हँसा,



“साहब… सही कहा… मैडम की गांड… छाती… बिस्तर पर… उफ्फ… अगर कभी मौका मिले… छोटी ब्रा-पैंटी में देख लूँ… बस…”



जय ने चापलूसी की, ताकि असलम खुश होकर मौका दे।


असलम हँसा,


“देखना पड़ेगा भाई… लेकिन पहले कंडोम ले… XL… चॉकलेट… रात लंबी है…”









खुशबू ने असलम को जाने दिया, लेकिन उसके मन में एक शरारती योजना थी—




अमित को थोड़ा खुश करना,


ताकि उसका इंटरेस्ट इस हनीमून में बना रहे।


‘बेचारा अमित… बाहर खड़ा… जल रहा होगा… लेकिन मैं इसे थोड़ा मजा दूँगी… ताकि वो मेरे कंट्रोल में रहे… और असलम को आने में 2-5 मिनट लगेंगे… अमित तो इतनी ही देर में खत्म हो जाएगा… कितना पागल है ये मेरे फिगर का…’



वो सोच रही थी, नशे की हल्की गर्माहट अभी भी बॉडी में बाकी थी,


सिल्क ड्रेस पर पसीने की चमक, साँसें तेज़। वो अमित की तरफ़ मुड़ी, मुस्कुराई



उसकी आँखों में वो मीठी, लेकिन डोमिनेंट चमक।


“अमित… तुम आओ ना… ऊपर चलो… असलम जी कंडोम लेने गए हैं… थोड़ी देर है… मैंने वादा किया था ना… तुम्हें हिला दूँगी… चलो… अकेले में… मजा आएगा…”



उसकी आवाज़ शरारती थी, लेकिन कमांडिंग—जैसे कोई मालकिन अपने पालतू को इनाम दे रही हो।



अमित का चेहरा लाल हो गया, रोमांच की लहर दौड़ गई—




‘हाँ… ऊपर… अकेले…’ वो सोचकर, बिना सवाल, उसके पीछे-पीछे चला गया।

सूट के कमरे में पहुँचते ही,


दरवाज़ा बंद हुआ


खुशबू ने अमित को सोफे पर बिठाया,


उसके बगल में बैठ गई


उसकी जाँघ अमित की जाँघ से रगड़ गई,

सिल्क का नरम स्पर्श महसूस हुआ।



“तुम्हें पता है अमित… मैं तुम्हें खुश देखना चाहती हूँ… ये हनीमून तुम्हारा भी है… लेकिन असलम जी आ रहे हैं… तो जल्दी… नंगा हो जाओ… मैं तुम्हें हिला दूँगी… वादा निभाऊँगी…”



वो शरारत से बोली, हाथ अमित के कंधे पर रखकर सहलाया—



उँगलियाँ नरम, लेकिन दबाव वाला, जैसे कोई मालकिन अपने पालतू को सहला रही हो।



मेरा का दिल धक-धक करने लगा, चेहरा लाल, नीचे लंड टाइट हो गया


‘हनीमून पर… पहली बार… हाथ से…’ वो सोचकर, काँपते हाथों से शर्ट उतारी,


पैंट खोली—नंगा हो गया,


छोटा लंड तना हुआ।



“खुशबू जी… तुम… इतनी अच्छी हो…”



अमित फुसफुसाया, शर्म से आँखें नीचे।

खुशबू हँसी, नशे की हल्की चमक आँखों में



“अच्छी? हाँ… तुम्हारे लिए ही तो… लेकिन देखो… कितना पागल हो गया तू…


मेरा फिगर देखकर…


मेरी बॉडी… गांड… बिकिनी… सबका दीवाना…”



वो शरारत से बोली, और अमित पर चढ़ गई




उसकी जाँघें अमित की कमर के दोनों तरफ़ फैल गईं,


सिल्क ड्रेस अमित की त्वचा पर रगड़ रही थी, गर्माहट महसूस हो रही।



अमित का लंड उसके स्लिट से रगड़ गया, एक सिहरन दौड़ गई


। “खुशबू जी… आह…”


अमित सिसका। खुशबू ने हाथ नीचे किया, छोटा लंड पकड़ा


नरम लेकिन टाइट, गर्म मन ही मन सोचने लगी


“देखो… कितना छोटा… लेकिन कितना तड़प रहा… मेरी गांड की याद में?


बीच पर बिकिनी में…

थिरक रही थी ना?


असलम जी के साथ…


तू बाहर देख रहा था…

लेकिन अब… मैं हिला रही हूँ…”





वो हिलाने लगी, धीरे-धीरे, उँगलियाँ ऊपर-नीचे, अमित की सिसकारियाँ कमरे में गूँजने लगीं


“हाँ… खुशबू जी… तुम्हारी गांड… बिकिनी… उफ्फ…”



अमित कराहा, आनंद में डूबा।

खुशबू के मन में विचारों का तूफान था


‘बेचारा… कितना पागल… मेरा फिगर… लेकिन असलम के साथ तो असली मजा… ये छोटा… 2 मिनट में खत्म… लेकिन इसे खुश रखना है… कंट्रोल में…’




वो बेइंतहा एंजॉय कर रही थी,


पावर का नशा



‘मैं दोनों को कंट्रोल कर रही हूँ… अमित को ये… असलम को वो… कितना मजा…’


हिलाते हुए, वो बीच-बीच में नीचा दिखाती



“तुम तो कितने क्यूट हो… छोटा लंड… लेकिन मेरी बॉडी का दीवाना…  लेकिन तू मेरा प्यारा… हिला रही हूँ ना… चीखो…”



अमित स्वर्ग में था



‘पत्नी… हाथ से… हनीमून पर… पहली बार…’ आनंद की लहरें दौड़ रही थीं,



2 मिनट में झड़ गया—“आह… खुशबू जी…” वो सिसका, संतुष्ट।






अमित का निकल जाना एक झटके-सा था


दो-तीन बूंदें सिल्क चादर पर गिर गईं, कमरे की डिम लाइट्स में चमक उठीं, हवा में एक हल्की-हल्की नमकीन महक फैल गई।




उसका बॉडी काँप रहा था, साँसें तेज़ और उखड़ी हुईं, सीने पर एक मीठी थकान की लहर दौड़ रही थी


जैसे कोई लंबा इंतज़ार खत्म हो गया हो।


‘हनीमून पर… पहली बार… हाथ से… खुशबू ने…



’ मन में ये विचार घूम रहा था, आनंद की एक लहर में डूबा हुआ,


लेकिन साथ ही गिल्ट की हल्की चुभन



‘असलम आने वाला है…’


वो धीरे-धीरे स्वस्थ हुआ, साँसें सामान्य होने लगीं, बॉडी की वो कंपकंपी शांत हो रही थी।



काँपते हाथों से पैंट पहनी, शर्ट स्ट्रेट की—त्वचा पर अभी भी खुशबू के स्पर्श की गर्माहट बाकी थी, सिल्क ड्रेस की वो चिकनी रगड़ की याद में नीचे हल्की हलचल बाकी।



“खुशबू जी… थैंक यू… तुम… कितनी अच्छी हो…” अमित फुसफुसाया, चेहरा लाल, आँखें नीचे, लेकिन मुस्कान के साथ—संतुष्टि का एहसास, जैसे स्वर्ग का एक टुकड़ा मिल गया हो।




खुशबू ने हँसकर उसके बाल सहलाए,




“अच्छा लड़का… तुम्हें मजा आया ना?

अब जाओ… रेस्ट कर लो… असलम जी आ रहे होंगे…”


लेकिन तभी दरवाज़े पर नॉक हुआ


असलम का आगमन। दरवाज़ा खुला, असलम अंदर आया


कंडोम का पैकेट जेब में, चेहरा नशे से लाल, आँखें चमक रही,


हवा में वाइन की तीखी महक उसके साथ आई।



“जान… ले आया… XL… 6… चॉकलेट… अब रात का मजा…”



असलम गरजा, खुशबू को गले लगा लिया, होंठों पर गहरा किस


जीभें लिपटती हुईं, कमरे में एक कामुक सिसकारी गूँजी।


अमित खड़ा हो गया, शर्म से लाल, लेकिन रोल में खोया—




“असलम भाई… मैं… जाता हूँ…”




अमित को इस वक्त खुशबू के साथ कमरे में रहते हुए जैसा यह महसूस हो रहा था कि वह अपनी बीवी को नहीं बल्कि असलम की बीवी के साथ करीबी बना रहा था


उसे अब कहीं ना कहीं सच में ऐसा लगने लगा था जैसे वह अपनी पत्नी से करीब आकर कुछ ऐसा कर रहा है जो उसे नहीं करना चाहिए था

उसे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे वह सच में असलम की बीवी हो



खुशबू ने असलम के किस को तोड़ा, लेकिन अमित को देखा


उसकी आँखों में वो शातिर चमक।



“हाँ अमित… तुम जाओ… गुड नाइट… रेस्ट कर लो… कल सुबह मिलते हैं…”



वो बोली, मीठे लेकिन इनडायरेक्ट लहजे में, जैसे कोई मालकिन अपने नौकर को विदा कर रही हो।



लेकिन जाते-जाते, वो अमित के कान में फुसफुसाई



“लेकिन याद रखना… देर शाम को जब मैं मैसेज करूँगी… तुम अपने नीचे वाले दोस्तों को ऊपर लेकर आ जाना… कमरे के बाहर… तुम्हें और उन्हें बड़ा मजा आएगा… सरप्राइज रहेगा… बस इतना ही… कुछ मत सोचना…”



उसके शब्दों में वो शरारत थी, लेकिन डोमिनेंट कमांड—अमित का मन कन्फ्यूजन से भर गया,



‘नीचे वाले दोस्तों… जय, कमल… ऊपर… कमरे के बाहर? मजा? क्या सरप्राइज?’


लेकिन गिल्ट और रोल ने दबा दिया



“हाँ… हाँ खुशबू जी… मैसेज का इंतज़ार करूँगा…” अमित बोला, और कमरे से बाहर निकल गया—दरवाज़ा बंद होते ही, अंदर असलम और खुशबू की हँसी गूँजी।










मैं सीढ़ियाँ उतरते हुए कन्फ्यूजन में डूबा था—मन में विचारों का तूफान।


‘खुशबू ने ऊपर आने के लिए क्यों कहा… बाकी नौकरों के साथ?

कमरे के बाहर… मजा?

क्या सरप्राइज?

और इतने कंडोम… 6… XL… सरप्राइज… क्या मतलब?’


सीने में एक हल्की चुभन थी, शक की एक लहर उठ रही थी, लेकिन गिल्ट ने दबा दिया


नहीं… वो मेरे लिए ही तो… सरप्राइज… मजा आएगा… अपना रोल निभाना है…’


नीचे पहुँचते-पहुँचते, कन्फ्यूजन गहरा हो गया, लेकिन रोमांच का ट्विस्ट भी था—‘कल… सरप्राइज…’ वो सोचकर लेट गया, नींद नहीं आ रही।
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RE: मेरी खूबसूरत पत्नी खुशबू भोला भाला बुद्धू सा में और बहुत सारे ,., मर्द - by Namard pati - 07-01-2026, 11:58 AM



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